Bihar News: बिहार पुलिस की विशेष कार्य बल (STF) ने रविवार को मुंबई में छापेमारी कर रणवीर सेना के कुख्यात एरिया कमांडर बूटन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया. लंबे समय से फरार चल रहे बूटन पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था. उसकी गिरफ्तारी की खबर मिलते ही भोजपुर जिले के बेलाउर पंचायत और आसपास के इलाकों में हलचल मच गई.
पुलिस रिकॉर्ड में बूटन के खिलाफ हत्या, गोलीबारी और अवैध हथियार रखने समेत पांच से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं. भोजपुर एसपी ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि इस कार्रवाई से इलाके में अपराध पर नकेल कसने में मदद मिलेगी.
हथियारों से ताकत दिखाने का आदी था बूटन
ग्रामीणों का कहना है कि बूटन चौधरी पंचायत चुनाव से लेकर छोटे-छोटे विवादों तक में अक्सर हथियारों के बल पर दबदबा बनाने की कोशिश करता था. वह आधुनिक हथियारों, खासकर AK-47 का शौकीन माना जाता था. 2016 में भी आरा पुलिस ने उसे अवैध हथियारों के जखीरे के साथ पकड़ा था.
उस मामले में अदालत ने बूटन को सात साल और उसके भाई उपेंद्र को तीन साल की सजा सुनाई थी. तीन महीने पहले ही वह बीडीसी सदस्य दीपक साह की हत्या के केस से जमानत पर बाहर आया था.
STF ने मुंबई से पकड़ा, घर से बरामद हुए हथियार
बूटन की गिरफ्तारी STF की गुप्त सूचना पर की गई. टीम ने मुंबई में दबिश देकर उसे दबोच लिया. वहीं, भोजपुर पुलिस ने बेलाउर गांव स्थित उसके घर पर छापेमारी की, जहां से हथियारों का जखीरा बरामद हुआ. बूटन और उसके भाई उपेंद्र पर हत्या, रंगदारी और अवैध हथियार रखने जैसी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद बेलाउर और उसके आसपास के इलाके में “खौफ और बंदूक की राजनीति” पर विराम लगेगा.
Bihar Monsoon Alert: बिहार में मानसून ने कुछ जिलों में अभी भी राहत नहीं दी है. राज्य के 22 जिलों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है, जिससे सूखे का खतरा बरकरार है. वहीं कुछ जिलों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं, जहां फसलों और ग्रामीण जीवन पर असर पड़ सकता है.
राज्य मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, सीतामढ़ी, सुपौल और सहरसा में सामान्य बारिश के मुकाबले करीब आधी कमी दर्ज की गई है. भोजपुर, सारण और मुंगेर जैसे जिले भी इस कमी से प्रभावित हैं. हालांकि, राज्य के अन्य हिस्सों में बारिश सामान्य स्तर पर रही है, जिससे कुल मिलाकर बिहार में अब तक 493 एमएम बारिश हुई है, जो सामान्य से 25 प्रतिशत कम है.
सूखे का खतरा अभी भी बरकरार
अगस्त में बिहार के कई जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है. सीतामढ़ी में 325 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से 56 प्रतिशत कम है. सुपौल (340 एमएम) और सहरसा (332 एमएम) में भी बारिश सामान्य से लगभग आधी रही. गोपालगंज (325 एमएम), मुजफ्फरपुर (331 एमएम) और पश्चिमी चंपारण (430 एमएम) में भी बारिश की कमी दर्ज की गई.
अन्य प्रभावित जिले
मधुबनी (353 एमएम) और पूर्णिया (506 एमएम) में सामान्य से 47 प्रतिशत कम, अररिया (550.5 एमएम), भोजपुर (328 एमएम) और सारण (542 एमएम) में 42 प्रतिशत कम बारिश हुई. किशनगंज, भागलपुर, दरभंगा, जहानाबाद, कटिहार, मुंगेर, समस्तीपुर, शिवहर और सिवान में 21 से 35 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई. बाकी 15 जिले सामान्य बारिश के स्तर पर रहे और एक जिले में सामान्य से अधिक बारिश हुई.
21 अगस्त से मानसून एक्टिव होने की संभावना
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार में 21 अगस्त से मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है. ट्रफ सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर स्थित रहेगी और गंगीय पश्चिम बंगाल के आसपास चक्रवाती परिसंचरण विकसित होने की संभावना है. इससे राज्य में वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई गई है.
IMD ने चेतावनी दी है कि 18 से 20 अगस्त के बीच बिहार के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ गरज और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी. 27 अगस्त तक मानसून सक्रिय रहने से कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
Hockey Asia Cup 2025 in Bihar: बिहार अगले महीने खेल प्रेमियों के लिए बड़ा आकर्षण बनेगा. 29 अगस्त से 7 सितंबर तक नालंदा जिले के राजगीर हॉकी स्टेडियम में पुरुष एशिया कप 2025 का 12वां संस्करण आयोजित होगा. रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस टूर्नामेंट की ट्रॉफी और आधिकारिक शुभंकर ‘चांद’ का अनावरण कर बिहारवासियों को उत्साहित कर दिया. इस प्रतियोगिता में महाद्वीप की शीर्ष हॉकी टीमें खिताब के लिए आमने-सामने होंगी.
हॉकी एशिया कप 2025 में भारत के अलावा चीन, जापान, चीनी ताइपे, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, ओमान और बांग्लादेश की टीमें भी भाग लेंगी. विजेता टीम सीधे 2026 में बेल्जियम और नीदरलैंड्स में होने वाले एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप के लिए क्वालीफाई करेगी, जिससे मुकाबलों की रोमांचक संभावनाएँ बढ़ जाती हैं.
बिहार में पहली बार हीरो एशिया कप 2025 का आयोजन राज्य खेल अकादमी-सह-बिहार खेल विश्वविद्यालय, राजगीर के परिसर में 29 अगस्त से 7 सितंबर तक किया जाएगा। इस पुरुष हॉकी टूर्नामेंट में भारत के साथ-साथ चीन, जापान, चीनी ताइपे, मलेशिया, कोरिया, ओमान एवं बांग्लादेश की शीर्ष टीमें भाग लेंगी।… pic.twitter.com/47bsosfYry
राजगीर हॉकी स्टेडियम में यह टूर्नामेंट पिछले साल आयोजित महिला एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की सफलता को आगे बढ़ाएगा. 2024 में इसी मैदान पर भारत ने महिला खिताब अपने नाम किया था. इस वर्ष का टूर्नामेंट राष्ट्रीय खेल दिवस और मेजर ध्यानचंद की जयंती के दिन शुरू होगा, जो भारतीय हॉकी और महान खिलाड़ियों को श्रद्धांजलि देने का प्रतीक भी है.
Hockey Asia Cup 2025 in Bihar
मुख्यमंत्री ने किया शुभंकर और ट्रॉफी का अनावरण
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि पहली बार बिहार में राज्य खेल अकादमी-कम-बिहार स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, राजगीर में हीरो एशिया कप 2025 आयोजित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि “आज ‘संकल्प’, अणे मार्ग में मैस्कॉट ‘चांद’ और ट्रॉफी का अनावरण किया गया. ऐसे आयोजनों से बिहार में खेल संस्कृति मजबूत होगी और युवा खिलाड़ी प्रोत्साहित होंगे.”
शुभंकर ‘चांद’ को साहस, फुर्ती और कौशल का प्रतीक माना गया है. इसे भारत के राष्ट्रीय पशु बाघ के रूप में दर्शाया गया है. लाल टोपी ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक है, जबकि जादूगरनुमा टोपी हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को समर्पित है. यह बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के बाघ से प्रेरित है और आत्मविश्वास, ताकत और चपलता का प्रतीक है. हाथ में हॉकी स्टिक और लक्ष्य पर टिकी नजर इसे अनुशासन, समर्पण और जीत की जिजीविषा का प्रतीक बनाती हैं.
इस तरह, शुभंकर ‘चांद’ केवल टूर्नामेंट का प्रतीक नहीं है, बल्कि हॉकी की असली भावना, बिहार की शान और खेल की एकता का संदेश भी देता है.
CP Radhakrishnan-Draupadi Murmu: भाजपा और एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है. पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने झारखंड के पूर्व राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को एनडीए का आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है. अगर वे यह चुनाव जीत जाते हैं, तो देश में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों झारखंड के पूर्व राज्यपाल होंगे, जो राज्य के लिए गौरव की बात मानी जाएगी.
सीपी राधाकृष्णन ने 18 फरवरी 2023 से 30 जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल के रूप में सेवाएं दीं. उनके साथ अब यह इतिहास बन सकता है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति दोनों झारखंड से आए हों.
द्रौपदी मुर्मू की झारखंड यात्रा और राष्ट्रपति बनने तक की कहानी
द्रौपदी मुर्मू मूल रूप से ओडिशा के मयूरभंज की रहने वाली हैं. उन्होंने 18 मई 2015 से 13 जुलाई 2021 तक झारखंड की राज्यपाल के रूप में कार्य किया. उनके छह साल से अधिक के कार्यकाल ने उन्हें राज्य की सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाली राज्यपाल बनाया. इसके बाद भाजपा और सहयोगी दलों ने उन्हें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया.
विपक्ष ने उनके खिलाफ यशवंत सिन्हा को मैदान में उतारा, लेकिन द्रौपदी मुर्मू ने सहजता से चुनाव जीतकर देश की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति बनने का गौरव हासिल किया.
झारखंड से निकलकर भारत की 15वीं राष्ट्रपति
20 जून 1958 को जन्मी द्रौपदी मुर्मू 2022 में भारत की 15वीं राष्ट्रपति बनीं. प्रतिभा पाटील के बाद वह देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं और आदिवासी समाज से आने वाली पहली राष्ट्रपति हैं. उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय और रामादेवी वीमेंस यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की.
इस तरह, अगर सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति बनते हैं, तो झारखंड राज्य के लिए यह गौरवपूर्ण पल होगा, जब देश के सर्वोच्च दोनों पदों पर झारखंड की छाप होगी.
#WATCH | Delhi: BJP national president and Union Minister JP Nadda says, "We will talk to the opposition as well. We should also get their support so that together we can ensure an unopposed election for the post of Vice President. As we said earlier, we have been in touch with… https://t.co/OLpIsl8dHapic.twitter.com/JCnkTY4fH5
CP Radhakrishnan: एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद के लिए चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. यह फैसला संसदीय बोर्ड की एक बैठक में लिया गया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद थे. सीपी राधाकृष्णन वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं और उनका मूल राज्य तमिलनाडु है. वह 31 जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं.
इससे पहले उन्होंने फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल का पद संभाला था. साथ ही, मार्च 2024 से जुलाई 2024 के बीच उनके पास तेलंगाना और पुडुचेरी के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी था. सीपी राधाकृष्णन कोयंबटूर से दो बार लोकसभा के लिए चुने गए और वह तमिलनाडु में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
सीपी राधाकृष्णन ने केवल 16 साल की उम्र में ही राजनीति में प्रवेश कर लिया था. वह सबसे पहले आरएसएस और जनसंघ जैसे संगठनों से जुड़े. उन्होंने 1998 और 1999 के आम चुनावों में भाजपा की ओर से चुनाव लड़ा और दोनों बार भारी मतों से जीत दर्ज की. वह 2004 से 2007 तक तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे.
इस दौरान उन्होंने 93 दिनों की एक रथ यात्रा का नेतृत्व किया, जिसमें भारतीय नदियों को जोड़ने, छुआछूत को खत्म करने और आतंकवाद के विरुद्ध अभियान जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई.
सीपी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में हुआ था. वह एक कृषक होने के साथ-साथ भारतीय राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं. उन्होंने कई राज्यों में राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं, और इस समय भी वह महाराष्ट्र के गवर्नर के पद पर हैं.
Vice Presidential Election: भारत के अगले उपराष्ट्रपति के लिए एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. यह घोषणा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद की. वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल के पद पर कार्यरत राधाकृष्णन, पहले झारखंड और तेलंगाना के राज्यपाल के रूप में भी सेवा दे चुके हैं.
प्रमुख नेताओं ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीपी राधाकृष्णन को बधाई देते हुए उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और सामुदायिक सेवा के प्रति उनके समर्पण की सराहना की. पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने जमीनी स्तर पर व्यापक काम किया है. इसी तरह, गृह मंत्री अमित शाह ने भी उनके अनुभव और ज्ञान पर भरोसा जताते हुए कहा कि वे उच्च सदन की प्रतिष्ठा बढ़ाएंगे.
#WATCH | Delhi: BJP national president and Union Minister JP Nadda says, "We will talk to the opposition as well. We should also get their support so that together we can ensure an unopposed election for the post of Vice President. As we said earlier, we have been in touch with… https://t.co/OLpIsl8dHapic.twitter.com/JCnkTY4fH5
जेपी नड्डा ने कहा कि एनडीए इस चुनाव को निर्विरोध बनाने के लिए विपक्ष से भी समर्थन मांगेगा. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी दल मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि चुनाव सर्वसम्मति से हो.
सीपी राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है. उन्होंने 16 साल की उम्र में आरएसएस और जनसंघ से अपने जीवन की शुरुआत की. वे दो बार लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं और 2003 से 2006 तक तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे.
चुनाव प्रक्रिया और गणित
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है. यदि विपक्ष अपना उम्मीदवार उतारता है, तो चुनाव 9 सितंबर को होगा. इस चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सांसद वोट करते हैं. एनडीए के पास दोनों सदनों में पूर्ण बहुमत है, जिससे उनके उम्मीदवार की जीत लगभग तय है.
यह चुनाव जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों से अचानक इस्तीफा देने के बाद कराया जा रहा है.
Bhagalpur News: विषहरी पूजा को लेकर भागलपुर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं. रविवार को निगम की ओर से विसर्जन मार्गों पर पेड़ों की टहनियों की छंटाई करायी गयी, वहीं तालाबों और घाटों की सफाई का काम भी पूरा कर लिया गया. हाल ही में हुई केंद्रीय पूजा समिति की बैठक में उठाई गई मांगों पर निगम ने त्वरित कार्रवाई शुरू की है.
सफाई और रोशनी पर रहेगा खास ध्यान
समिति के अनुरोध पर पूजा स्थलों पर विशेष सुविधाएं मुहैया करायी जाएंगी. विषहरी स्थान चौक पर पानी का टैंकर लगाया जाएगा. चंपानगर, नाथनगर और अन्य पूजा स्थलों पर खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत होगी. प्रतिमा स्थल और मेले के मैदान की समुचित सफाई के साथ चूना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी किया जाएगा.
घाटों की बैरिकेडिंग और जलकुंभी हटाने का काम शुरू
चंपानगर विसर्जन घाट की सफाई और बैरिकेडिंग का कार्य निगम ने शुरू कर दिया है. तालाब और घाटों से जलकुंभी हटाई जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो.
मुख्य मार्गों पर मरम्मत और समतलीकरण
नगर निगम ने भोलानाथ पुल होकर जाने वाले विसर्जन मार्ग पर विशेष ध्यान देना शुरू किया है. मिरजानहाट चौक से बौंसी पुल तक और गुमटी नंबर-2 के आसपास की सड़कों को समतल किया जा रहा है.
जलजमाव से निपटने की तैयारी
इशाकचक विषहरी स्थान के पास नाले की उड़ाही कर मेले के लिए जमीन समतल करायी जा रही है. वहीं हुसैनाबाद, अंबाबाग और आजादनगर इलाके में जलजमाव की समस्या को दूर करने की व्यवस्था की जा रही है. भोलानाथ पुल अंडरपास से पानी निकालने के लिए भी निगम ने टैंकरों की तैनाती की योजना बनाई है.
Bhagalpur News: भागलपुर में रविवार को राष्ट्रीय जनता दल की जिला स्तरीय बैठक आयोजित हुई जिसमें आगामी मताधिकार अधिकार यात्रा को लेकर रूपरेखा तय की गयी. बैठक स्टेशन चौक स्थित एक होटल में हुई जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ने की. इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और संयोजक जयप्रकाश नारायण यादव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे. बैठक में धोरैया विधायक भूदेव चौधरी, नाथनगर विधायक अशरफ सिद्दीकी, पूर्व मंत्री डॉ चक्रपाणि हिमांशु, पूर्व विधायक फणीन्द्र चौधरी और रामविलास पासवान समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयप्रकाश नारायण यादव ने कहा कि मताधिकार अधिकार यात्रा ऐतिहासिक होगी और जनता में इसे लेकर व्यापक उत्साह है. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर महंगाई, भ्रष्टाचार, विकास योजनाओं में गड़बड़ी, बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा न मिलने और कटाव प्रभावितों की अनदेखी जैसे मुद्दों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से आम जनता त्रस्त है.
भ्रष्टाचार और अपराध पर जताई चिंता
बैठक में धोरैया विधायक भूदेव चौधरी ने जिले में बढ़ते भ्रष्टाचार और अपराध पर चिंता जतायी. उन्होंने कहा कि आम लोग रोजाना परेशानियों का सामना कर रहे हैं. वहीं नाथनगर विधायक अशरफ सिद्दीकी ने कहा कि देश निजीकरण की ओर बढ़ रहा है और संविधान के मूल ढांचे से छेड़छाड़ की कोशिश की जा रही है.
कार्यकर्ताओं की रही सक्रिय भागीदारी
बैठक में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद रहे. इनमें डॉ तिरुपतिनाथ यादव, अरुण यादव, नितेश कुमार, रानी देवी, विक्रम मंडल, नटविहारी मंडल, अरविंद यादव, मो शहाबुद्दीन, संजय रजक, कन्हैया सिंह, कैलाश यादव, विवेक यादव, गौतम बनर्जी, अशोक यादव और नेहा कुमारी समेत कई कार्यकर्ताओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी दी.
Bhagalpur News: विधानसभा चुनाव को लेकर मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने एक विशेष पहल शुरू की है. अब भागलपुर जिले के लोग सीधे ईवीएम और वीवीपैट का व्यवहारिक प्रदर्शन देख सकेंगे. इसके लिए 18 अगस्त से मोबाइल प्रदर्शन रथ की शुरुआत होगी, जो गांव-गांव और शहर के मोहल्लों तक पहुंचकर लोगों को मतदान की पूरी प्रक्रिया समझाएगा.
चरणबद्ध तरीके से कार्यक्रम
पहले चरण में 15 जुलाई से अनुमंडल स्तर पर डेमो सेंटर खोले जा चुके हैं, जहां इच्छुक मतदाता मशीनों का प्रयोग समझ पा रहे हैं. अब दूसरे चरण में चलंत रथ की तैनाती होगी. यह रथ विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करते हुए हर मतदान केंद्र तक पहुंचेगा और आम मतदाता को ईवीएम व वीवीपैट का प्रयोग करना सिखाएगा.
सबौर : 29 अगस्त–3 सितंबर (यहां दो रथ तैनात रहेंगे)
भागलपुर शहरी क्षेत्र
18–28 अगस्त और फिर 29 अगस्त से 7 नवंबर तक लगातार परिचालन
सुलतानगंज क्षेत्र
सुलतानगंज : 18 अगस्त–3 नवंबर
शाहकुंड : 4–15 नवंबर
नाथनगर क्षेत्र
नाथनगर : 18–25 अगस्त
जगदीशपुर : 26 अगस्त–5 नवंबर
सबौर : 6–13 नवंबर
1292 मतदान केंद्र होंगे कवर
जिले के सभी 1292 मतदान केंद्रों तक यह रथ पहुंचाया जाएगा. हर प्रखंड के लिए नोडल अधिकारी भी नामित किए गए हैं, ताकि मतदाता सहज माहौल में ईवीएम और वीवीपैट का अभ्यास कर सकें और मतदान के दिन किसी प्रकार की दिक्कत न हो.
NCR Expressway : दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर सफर करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (17 अगस्त) को अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) और द्वारका एक्सप्रेसवे के दिल्ली हिस्से का उद्घाटन किया. इससे दिल्ली से गुरुग्राम और हरियाणा की कनेक्टिविटी तेज हो गई है. अब एयरपोर्ट से सिंघु बॉर्डर तक की दूरी महज 40 मिनट में पूरी हो सकेगी, जबकि पहले यही यात्रा दो घंटे लेती थी.
दिल्ली और हरियाणा के बीच आवाजाही को सुगम बनाने वाले इन हाई-स्पीड कॉरिडोर्स पर करीब 11,000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. इनके शुरू होने से न केवल एनसीआर, बल्कि अन्य राज्यों से राजधानी आने-जाने का सफर भी आरामदायक और तेज हो जाएगा. लोकार्पण के मौके पर प्रधानमंत्री के साथ केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मौजूद रहे.
नई राहों से बदल जाएगी NCR की तस्वीर
प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन समारोह में कहा कि यह परियोजनाएं दिल्ली-एनसीआर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदल देंगी. द्वारका एक्सप्रेसवे शुरू होने से दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव लगभग 25 फीसदी कम हो गया है. अब एयरपोर्ट पहुंचने में लगने वाला समय बहुत घट गया है.
सीएम रेखा गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व देश को नई दिशा दे रहा है. उन्होंने कहा, “दिल्ली की मुख्यमंत्री के तौर पर मैं यह अनुभव कर सकती हूं कि पीएम मोदी दूरदर्शी सोच रखते हैं. उनकी नीतियां सुनिश्चित करती हैं कि हर राज्य समान भागीदार बने और हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे. वे राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हैं.”
NCR Expressway
चार हिस्सों में बंटा द्वारका एक्सप्रेसवे
द्वारका एक्सप्रेसवे को चार पैकेजों में बांटकर तैयार किया गया है. गुरुग्राम क्षेत्र के दो पैकेजों का निर्माण एलएंडटी कंपनी ने किया, जबकि दिल्ली के दो पैकेज जय कुमार इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड ने पूरे किए.
पहला पैकेज खेड़कीदौला टोल प्लाजा से बसई-धनकोट तक 8.76 किलोमीटर लंबा है.
दूसरा पैकेज बसई-धनकोट से गुरुग्राम-दिल्ली सीमा तक 10.2 किलोमीटर का है.
दिल्ली हिस्से में पहला पैकेज गुरुग्राम सीमा से बिजवासन तक 4.20 किलोमीटर का है.
दूसरा पैकेज बिजवासन से महिपालपुर स्थित शिवमूर्ति तक 5.90 किलोमीटर का है.
कुल 18.9 किलोमीटर हिस्सा गुरुग्राम में और 10.1 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली में पड़ता है. लगभग 23 किलोमीटर लंबा भाग एलिवेटेड है और करीब 4 किलोमीटर भूमिगत सुरंग के रूप में बनाया गया है. पालम एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए 3.6 किलोमीटर लंबी टनल बनाई गई है, जिससे यातायात काफी सहज हो जाएगा.
दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक से निर्माण
Hon’ble PM Shri Narendra Modi Ji reviews Urban Extension Road II in Delhi https://t.co/kktkEM6hOp
द्वारका एक्सप्रेसवे देश का पहला अर्बन एक्सप्रेसवे है. इसका एलिवेटेड हिस्सा सिंगल पिलर टेक्नोलॉजी से बनाया गया है. निर्माण में दो लाख एमटी स्टील लगाया गया है, जो एफिल टावर की तुलना में 30 गुना अधिक है. इसके अलावा, 20 लाख सीयूएम कंक्रीट का इस्तेमाल हुआ है, जो बुर्ज खलीफा में प्रयुक्त कंक्रीट से छह गुना अधिक है.
इस परियोजना के दौरान 12 हजार से अधिक पेड़ों का ट्रांसप्लांटेशन किया गया. उद्देश्य साफ है—दिल्ली-गुरुग्राम मार्ग पर दबाव कम करना और यात्रियों को सुरक्षित, तेज और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा का अनुभव देना.
यूईआर-दो के बारे में ये भी जानिए
NCR Expressway
वर्ष 2000 में दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के तहत दिल्ली के तीसरे रिंग रोड के रूप में डिजाइन किया गया था.
यह 27 फ्लाईओवर, 26 छोटे पुल और 17 सबवे से सुसज्जित एक्सप्रेसवे है.
यह एक एक्सेस-कंट्रोल एक्सप्रेसवे है, जिसमें चौराहों पर ऊंचे फ्लाईओवर और स्थानीय यातायात के लिए अलग सर्विस लेन हैं.
इसे ग्रीन रोड के रूप में भी विकसित किया गया है। इसमें गाजीपुर लैंडफिल से 20 लाख टन कचरे का उपयोग किया गया है.
यह ई-हाईवे बनने वाले पहले राष्ट्रीय राजमार्गों में से एक है। इसके ऊपर ई-बसों, ई-ट्रालियों और ई-कारों को चलाने की योजना है.
UER-II: दिल्ली का तीसरा रिंग रोड
अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) 75.71 किलोमीटर लंबा 6-लेन का एक्सप्रेसवे है. इसे दिल्ली का तीसरा रिंग रोड भी कहा जा रहा है. यह बवाना, नरेला, कंझावला, मुंडका, द्वारका, सोनीपत, रोहतक, जींद और बहादुरगढ़ जैसे कई अहम इलाकों को जोड़ता है. साथ ही इसे द्वारका एक्सप्रेसवे और दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे से भी कनेक्ट किया गया है.
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की ट्रैफिक समस्या को कम करना और विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है. इनर रिंग रोड और आउटर रिंग रोड को जोड़ते हुए यह नया रिंग रोड एनसीआर की रीढ़ की हड्डी बनने जा रहा है.
लॉजिस्टिक हब बनने की ओर NCR
UER-II से जुड़े इलाकों में आने वाले वर्षों में बड़ा लॉजिस्टिक हब विकसित होने की संभावना है. वर्ष 2000 के दिल्ली मास्टर प्लान 2021 में इसे तीसरे रिंग रोड के रूप में डिजाइन किया गया था. इस हाईवे पर 27 फ्लाईओवर, 26 छोटे पुल और 17 सबवे बनाए गए हैं.
ग्रीन रोड और ई-हाईवे की ओर कदम
UER-II को ‘ग्रीन रोड’ की अवधारणा के साथ विकसित किया गया है. गाजीपुर लैंडफिल से 20 लाख टन कचरे का उपयोग निर्माण कार्य में किया गया है. इसे देश के पहले ई-हाईवे के रूप में भी विकसित किया जा रहा है, जहां ई-बस, ई-ट्रॉली और ई-कारें दौड़ेंगी.
NCR के लिए ऐतिहासिक दिन
NCR Expressway
दोनों परियोजनाओं के शुरू होने से दिल्ली और हरियाणा के बीच कनेक्टिविटी की नई राह खुली है. खासकर एयरपोर्ट, गुरुग्राम और दिल्ली के बीच यात्रा का समय अब आधा से भी कम हो गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे एनसीआर का आर्थिक और सामाजिक विकास और तेज होगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर का ये नया दौर देश को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने का प्रतीक है. उन्होंने भरोसा जताया कि ये सड़कें सिर्फ रास्ते नहीं, बल्कि विकास की रफ्तार को नई ऊंचाई तक ले जाएंगी.