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Friday, August 29, 2025
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देश के इस राज्य में BEd नामांकन प्रक्रिया ठप! कॉलेजों में सन्नाटा, छात्रों का भविष्य संकट में

BEd नामांकन प्रक्रिया ठप!
BEd नामांकन प्रक्रिया ठप!

Ranchi University BEd Admission: रांची विश्वविद्यालय से संबद्ध बीएड कॉलेजों की हालत चिंताजनक हो गई है. रांची वीमेंस कॉलेज, डोरंडा कॉलेज और गुमला का केओ कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थानों में इस समय बीएड की कक्षाओं में एक भी छात्र मौजूद नहीं है. इसका असर शिक्षकों पर भी पड़ रहा है—करीब 45 शिक्षक बिना पढ़ाए ही वेतन लेने को मजबूर हैं.

28 कॉलेज प्रभावित

जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय से जुड़े 28 बीएड कॉलेजों में यही स्थिति बनी हुई है. हर शिक्षक को लगभग 50 हजार रुपये प्रतिमाह का वेतन मिलता है, लेकिन विद्यार्थियों की अनुपस्थिति के कारण शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह बंद हैं.

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परीक्षा के बाद छात्रों की गैरहाजिरी

बीएड द्वितीय वर्ष (सत्र 2023–25) की फाइनल परीक्षा अगस्त 2025 से प्रस्तावित है. परीक्षा कार्यक्रम जारी होते ही छात्रों ने कॉलेज आना छोड़ दिया. वहीं बीएड प्रथम वर्ष (सत्र 2024–26) के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया चल रही है. सितंबर में परीक्षा तय है, लेकिन इन छात्रों की उपस्थिति भी अब नगण्य रह गई है.

नया सत्र शुरू होने से पहले ही संकट

सबसे गंभीर स्थिति बीएड सत्र 2025–27 की है. यह नया सत्र एक अगस्त से शुरू होना था, लेकिन नामांकन प्रक्रिया अटक गई है. झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (JCECEB) ने चार जुलाई को रिजल्ट जारी करने के बाद सात जुलाई को अचानक परिणाम और काउंसलिंग दोनों रद्द कर दिए.

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अभ्यर्थियों का भविष्य अंधेरे में

रिजल्ट रद्द हुए डेढ़ महीने से अधिक समय गुजर चुका है, लेकिन न तो नया परिणाम जारी हुआ और न ही कॉलेजों या छात्रों को कोई अपडेट मिला. इस वजह से नए सत्र में प्रवेश लेने वाले सैकड़ों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते परिणाम घोषित नहीं किया गया तो नामांकन महीनों तक टल सकता है और पूरा शैक्षणिक कैलेंडर अस्त-व्यस्त हो जाएगा.

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Weather New Update: झारखंड में मौसम का कहर, रहें सतर्क; 30 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी

भारी वर्षा की चेतावनी, येलो अलर्ट जारी
भारी वर्षा की चेतावनी, येलो अलर्ट जारी

Jharkhand Weather: बंगाल की खाड़ी में लगातार बन रहे लो-प्रेशर सिस्टम का असर झारखंड पर साफ दिख रहा है. 30 अगस्त तक प्रदेश में बारिश और वज्रपात का दौर जारी रहने का अनुमान है. शुक्रवार को सुबह से ही कई जिलों में बारिश देखने को मिली. चाइबासा में सबसे ज्यादा 93 मिमी वर्षा हुई, वहीं रांची में 15 मिमी, मेदिनीनगर में 3 मिमी और जमशेदपुर में 11 मिमी बारिश दर्ज की गई.

गढ़वा, पलामू और लातेहार में भारी बारिश की संभावना

मौसम केंद्र रांची के निदेशक अभिषेक आनंद के मुताबिक, 23 अगस्त को गढ़वा, पलामू और लातेहार जिले में तेज वर्षा की आशंका है. यहां ऑरेंज अलर्ट दिया गया है. इसके साथ ही लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिम सिंहभूम, गिरिडीह, देवघर, धनबाद, जामताड़ा और दुमका जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है. इन जगहों के लिए येलो अलर्ट लागू किया गया है.

रांची समेत कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश

24 अगस्त को रांची सहित गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, चतरा, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो और धनबाद में आंधी-तूफान के साथ बारिश होने का अनुमान है.

25 अगस्त को कई जिलों में फिर बरसेगा पानी

25 अगस्त को गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पश्चिम सिंहभूम और खूंटी में आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है. इन जिलों को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है.

बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया सिस्टम

25 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में एक और निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है. इसके चलते शनिवार को गढ़वा, पलामू और लातेहार में ऑरेंज अलर्ट जबकि 10 जिलों में येलो अलर्ट रहेगा. रविवार को रांची समेत करीब 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.

चतरा जिले में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

इधर, चतरा जिले में शुक्रवार को बारिश ने भारी तबाही मचाई. गिद्धौर में सियारी पार नदी उफान पर आने से एक दंपती की मौत हो गई. वहीं पत्थलगड़ा के नोनगांव गांव में तेज बहाव में बह जाने से 70 वर्षीय परमेश्वर साव की जान चली गई.

बांध टूटे, सड़कें डूबीं, गांव जलमग्न

लगातार बारिश से चतरा जिले के कई बांध टूट गए और सड़कों पर पानी भर गया. इटखोरी, कान्हाचट्टी और गिद्धौर में हालात सबसे खराब हैं. कई घर जलमग्न हो गए हैं और गिद्धौर प्रखंड कार्यालय तक पानी भर गया है.

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Watch Video: उत्तराखंड के चमोली में बादल फटा, थराली क्षेत्र में तबाही का मंजर, रेस्क्यू जारी

थराली क्षेत्र में तबाही का मंजर
थराली क्षेत्र में तबाही का मंजर

Cloudburst Video : उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार आधी रात बाद बादल फटने की घटना ने हालात बिगाड़ दिए. थराली कस्बे और आसपास के गांवों में भारी बारिश और मलबे के चलते तबाही मच गई. अचानक आए पानी के सैलाब ने कई घरों, दुकानों और सड़कों को बहा दिया.

SDRF और प्रशासन जुटा राहत कार्य में

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और SDRF की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं. प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश जारी है.

बाजार में मलबा, एक व्यक्ति लापता

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चेपड़ों बाजार में कई दुकानों को भारी नुकसान हुआ है. स्थानीय लोगों के मुताबिक एक व्यक्ति लापता है, जिसकी तलाश जारी है. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर शरण ले रहे हैं.

सामने आया भयावह वीडियो

बादल फटने के बाद का भयावह वीडियो भी सामने आया है. इसमें चारों ओर मलबा, तबाही और घबराहट का मंजर साफ देखा जा सकता है.

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ऑनलाइन गेमिंग पर कड़ा कानून: कमाई पर तीन साल की जेल; 1 करोड़ का जुर्माना, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

ऑनलाइन गेमिंग पर कड़ा कानून
ऑनलाइन गेमिंग पर कड़ा कानून

Online Gaming Ban: भारत में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर अब पूरी तरह रोक लग गई है. संसद से पारित ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन एंड रेगुलेशन बिल 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलते ही यह विधेयक कानून बन गया है. इसके तहत मनी गेमिंग सेवाएं उपलब्ध कराने वालों को तीन साल तक की सजा और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ेगा. वहीं, विज्ञापन या प्रचार करने वालों पर दो साल की जेल और 50 लाख रुपये तक का दंड लगाया जाएगा.

प्रचार पर भी सख्त कार्रवाई

सरकार ने साफ कर दिया है कि केवल गेमिंग प्लेटफॉर्म चलाना ही नहीं, बल्कि उसका प्रचार भी अपराध माना जाएगा. इस कदम का उद्देश्य समाज में फैल रही इस लत पर पूरी तरह लगाम लगाना है.

रिकॉर्ड समय में पास हुआ बिल

इस बिल को पारित करने में संसद ने अभूतपूर्व तेजी दिखाई. राज्यसभा ने 26 मिनट और लोकसभा ने केवल 7 मिनट में इसे मंजूरी दे दी. राजनीतिक दलों में इस मुद्दे पर सहमति बनी रही और इसे समाजहित में जरूरी माना गया.

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मंत्री ने बताया “समाजिक बुराई”

आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ऑनलाइन मनी गेमिंग गंभीर सामाजिक बुराई बन चुकी है. कई लोग अपनी जीवनभर की बचत इसमें गंवा चुके हैं. उन्होंने जोर दिया कि संसद और सरकार का कर्तव्य है कि ऐसी प्रवृत्तियों पर रोक लगाए.

प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस कानून का समर्थन करते हुए कहा था कि यह कदम ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देगा और उन गेम्स को रोकेगा, जो लोगों की मानसिक और आर्थिक स्थिति को नुकसान पहुंचा रहे हैं.

कंपनियों पर तुरंत असर

कानून लागू होने के तुरंत बाद ड्रीम11, विंजो जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स ने भारत में अपना परिचालन बंद करने की घोषणा कर दी. कंपनियों ने कहा कि इस सख्त कानून के बाद अब वे यहां अपनी सेवाएं जारी नहीं रख सकते.

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सरकार करेगी समीक्षा

आईटी सचिव एस कृष्णन ने कहा कि कानून के प्रावधानों की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संशोधन भी संभव है.

परिवारों को राहत की उम्मीद

सरकार का मानना है कि इस फैसले से लाखों परिवारों को राहत मिलेगी, जो ऑनलाइन गेमिंग की वजह से आर्थिक संकट और मानसिक तनाव झेल रहे थे. यह कानून न सिर्फ डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि भारत को गेमिंग की खतरनाक प्रवृत्तियों से भी बचाने का प्रयास है.

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Bihar News: भागलपुर में सब रजिस्ट्रार के घर ईओयू की छापेमारी, करोड़ों की संदिग्ध कमाई का खुलासा

भागलपुर में सब रजिस्ट्रार के घर ईओयू की छापेमारी
भागलपुर में सब रजिस्ट्रार के घर ईओयू की छापेमारी

Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर शहर में शुक्रवार सुबह इओयू टीम की धमक से खलबली मच गई. ईओयू की टीम ने अभिनव इन्क्लेव अपार्टमेंट में सब रजिस्ट्रार के आवास पर छापेमारी की. छापेमारी के दौरान बरारी थाने की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही. अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी आय से लगभग 188 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है.

पटना, पूर्णिया और रोहतास में भी कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, भागलपुर के अलावा पटना, पूर्णिया और रोहतास में भी सब रजिस्ट्रार के ठिकानों पर अलग-अलग टीमों ने रेड की. इनके पैतृक आवास सेनुआर (थाना शिवसागर, रोहतास) और पूर्णिया के पैनोरमा सिटी स्थित निवास पर भी ईओयू की टीमें पहुंची.

मामला 21 अगस्त को दर्ज

सब रजिस्ट्रार विनय कुमार सौरभ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 21 अगस्त को मामला दर्ज किया गया था. इसके बाद 22 अगस्त को उनके ठिकानों पर ईओयू की टीमें रेड के लिए रवाना हुईं.

निबंधन कार्यालय में हड़कंप

सब रजिस्ट्रार सौरभ करीब डेढ़ साल से भागलपुर में तैनात हैं. छापेमारी की सूचना मिलते ही निबंधन कार्यालय में हड़कंप मच गया. अधिकारियों का कहना है कि सौरभ पर 188.23 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. ईओयू की टीम को इस दौरान क्या-क्या दस्तावेज और संपत्ति मिली, इसकी जांच जारी है.

राज्य में लगातार जांच एजेंसियों की सक्रियता

बिहार में जांच एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं. इससे पहले 21 अगस्त को मोतिहारी के गोबिंदगंज थाना क्षेत्र में NIA की टीम ने कुख्यात अपराधी और भू-माफिया राहुल मुखिया के ठिकानों पर रेड की थी. साथ ही थरबिटिया में पूर्व मुखिया छेदी सिंह के घर भी कार्रवाई हुई. इन रेड्स में एके-47 और अन्य अपराधों से जुड़े मामले भी शामिल थे.

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PM मोदी ने गयाजी में महागठबंधन पर बोला हमला, बिहार को दी 13 हजार करोड़ की सौगात

PM मोदी ने महागठबंधन पर बोला हमला
PM मोदी ने महागठबंधन पर बोला हमला

PM Modi in Gayaji : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गयाजी में आयोजित कार्यक्रम में राज्य के विकास के लिए लगभग 13 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. उन्होंने गयाजी-नई दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस और वैशाली-कोडरमा बुद्धिस्ट सर्किट ट्रेन को वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

महागठबंधन पर जमकर हमला

अपने भाषण की शुरुआत मोदी ने मगही भाषा में अभिवादन से की. इसके बाद उन्होंने महागठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में जब लालटेन वाली सरकार थी तो पूरे राज्य को अंधेरे में रखा गया और भ्रष्टाचार चरम पर था. राजद ने आम जनता को वोट बैंक में बदल रखा था. पीएम मोदी ने लालू यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राजद का भ्रष्टाचार बिहार का बच्चा-बच्चा जानता है.

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कांग्रेस पर भी किया कटाक्ष

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर भी कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बड़े नेता बिहार और बिहारियों से कोई मतलब नहीं रखते. उन्होंने बताया कि कांग्रेस के एक मुख्यमंत्री ने तो जनसभा में धमकी दी थी कि वह अपने राज्य में बिहारियों को घुसने नहीं देगा.

भलाई के लिए किए जा रहे कामों को किया उजागर

प्रधानमंत्री ने विकास योजनाओं और राज्य के लोगों की भलाई के लिए किए जा रहे कामों को भी उजागर किया. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से बिहार के लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा और राज्य तेजी से तरक्की करेगा.

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अंबानी परिवार के वरिष्ठ सदस्य की तबीयत अचानक बिगड़ी, हवाई मार्ग से अस्पताल में भर्ती

अंबानी परिवार के वरिष्ठ सदस्य की तबीयत अचानक बिगड़ी
अंबानी परिवार के वरिष्ठ सदस्य की तबीयत अचानक बिगड़ी

Kokilaben Ambani Hospitalised: उद्योगपति मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी की मां, 91 वर्षीय कोकिलाबेन अंबानी, शुक्रवार सुबह हवाई मार्ग से मुंबई के एचएन रिलायंस अस्पताल में भर्ती हुईं. वह रिलायंस संस्थापक धीरूभाई अंबानी की पत्नी और परिवार की मुखिया हैं और भारत के सबसे बड़े कारोबारी परिवार की मुखिया मानी जाती हैं. सामने आए एक वीडियो में अंबानी परिवार की कारों का काफिला साउथ मुंबई के रिलायंस अस्पताल पहुंचते दिख रहा है.

अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें अंबानी परिवार का काफिला अस्पताल पहुंचता दिखाई दे रहा है. इससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है. हालांकि, कोकिलाबेन की स्वास्थ्य समस्या की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन उनकी उम्र को देखते हुए स्थिति की गंभीरता पर नजर रखी जा रही है.

कोकिलाबेन अंबानी की कितनी है उम्र (Kokilaben Ambani Age)

91 साल की कोकिलाबेन अंबानी मुकेश अंबानी (रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन) और अनिल अंबानी (रिलायंस एडीए ग्रुप के चेयरमैन) की मां हैं. वह भारत के सबसे बड़े और अमीर अंबानी परिवार की मुखिया हैं. खबरों के मुताबिक, उन्हें मुंबई के एचएन रिलायंस अस्पताल में भर्ती कराया गया. 2002 में धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद मुकेश और अनिल के बीच मतभेद बढ़े. पारिवारिक विवाद सामने आया, तब कोकिलाबेन ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई. उन्होंने रिलायंस संपत्तियों का बंटवारा कराया और परिवार में शांति बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

मुश्किल घड़ी में भी परिवार को संभाला 

साल 2002 में धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद उनके दोनों बेटों मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के रास्ते अलग हो गए. बिना वसीयत छोड़े धीरूभाई अंबानी दुनिया से चल बसे, तो दोनों भाइयों के रिश्ते में खटास आ गई. जबकि कभी ये दोनों एक-दूसरे जान छिड़कते थे. उस दौरान भी कोकिलाबेन ने स्थिति को संभाला और समाधान निकालते हुए कारोबार का बंटवारा किया. फिर बाद में चलकर दोनों भाइयों के रिश्ते फिर पटरी पर आने लगे.

दुनिया के टॉप अमीरों की लिस्ट में हैं

बंटवारे में मुकेश अंबानी के हिस्‍से में पेट्रोकेमिकल्‍स सहित तेल और गैस, रिफाइनिंग और टेक्‍सटाइल्‍स आए. जबकि अनिल अंबानी को फाइनेंशियल सर्विसेज, पावर, एंटरटेनमेंट और टेलीकॉम का कारोबार संभालने के लिए दिया गया. एक तरफ जहां 2020 में अनिल अंबानी ने ऐलान किया उनका नेटवर्थ जीरो हो चुका है. वहीं, मुकेश अपनी सूझबूझ से कारोबार आगे बढ़ाते गए और अब आलम यह है कि वह दुनिया के टॉप अमीरों की लिस्ट में बने हुए हैं. हालांकि, अब नए-नए कॉन्ट्रैक्ट्स और प्रोजेक्ट मिलने के चलते अनिल अंबानी की कंपनियों के भी शेयरों में उछाल आ रहा है, जिससे उनकी भी वित्तीय स्थिति सुधर रही है. 

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Voter Adhikar Yatra: मुंगेर में राहुल-तेजस्वी का रोड शो, मस्जिद में फैसल रहमानी से मुलाकात

मुंगेर में राहुल-तेजस्वी का रोड शो
मुंगेर में राहुल-तेजस्वी का रोड शो

Voter Adhikar Yatra: मुंगेर शहर में वोटर अधिकार यात्रा के छठे दिन राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का रोड शो जारी रहा. सड़कों पर बड़ी संख्या में युवा और पार्टी कार्यकर्ता उनका स्वागत करते दिखाई दिए. उनके काफिले के पीछे लोग दौड़ते नजर आए और बच्चों सहित स्थानीय लोग सड़क किनारे खड़े होकर नेताओं को देखते रहे. आरजेडी नेता और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मुकेश यादव घोड़े पर सवार होकर स्वागत के लिए पहुंचे.

फैसल रहमानी से की मुलाकात

रोड शो के दौरान राहुल गांधी और तेजस्वी यादव खानकाह रहमानी मस्जिद भी पहुंचे, जहां उन्होंने फैसल रहमानी से भेंट की. इसके बाद उनका काफिला बरियारपुर होते हुए अगले जिले की ओर बढ़ गया.

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भागलपुर में 52 किलोमीटर की यात्रा

आज वोटर अधिकार यात्रा का मुख्य आकर्षण भागलपुर में 52 किलोमीटर लंबी यात्रा होगी. राहुल और तेजस्वी के साथ वीआईपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी भी मौजूद हैं. मुंगेर से काफिला सुल्तानगंज और अकबरनगर होते हुए भागलपुर की ओर बढ़ेगा, जहां वे कुछ समय रुककर लोगों से मिलेंगे.

मौसम का असर संभव

मौसम विभाग ने गयाजी और मुंगेर समेत 13 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. गयाजी समेत पांच जिलों में अति भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट है, जिससे आज के कार्यक्रमों पर असर पड़ सकता है.

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इंटर्न डॉक्टरों का ‘ब्लैक रिबन डे’ प्रदर्शन, स्टाइपेंड दोगुना करने की मांग

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आवारा कुत्तों के लिए बड़ा फैसला, नहीं भेजा जायेगा शेल्टर हाउस, नसबंदी के बाद लौटेंगे

आवारा कुत्ते नसबंदी के बाद लौटेंगे
आवारा कुत्ते नसबंदी के बाद लौटेंगे

Supreme Court on Stray Dog: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में ऐतिहासिक निर्णय लिया. अब कुत्तों को शेल्टर होम में नहीं भेजा जाएगा. सभी राज्यों को इसके पालन का निर्देश दिया गया है. पहले शेल्टर में भेजे गए कुत्तों को उनके इलाके में ही छोड़ दिया जाएगा.

नसबंदी और टीकाकरण के बाद ही कुत्ते लौटेंगे

कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों को उनके मूल क्षेत्र में ही छोड़ा जाएगा. इसके पहले उनकी नसबंदी और आवश्यक टीकाकरण करना अनिवार्य होगा. केवल वही कुत्ते शेल्टर में रहेंगे जो आक्रामक व्यवहार प्रदर्शित करते हैं या रेबीज जैसी गंभीर बीमारी से प्रभावित हैं.

खुले में खाना खिलाने पर रोक

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सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर खाना नहीं दिया जाएगा. इसके लिए विशेष स्थानों पर भोजन की व्यवस्था की जाएगी. कोर्ट ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि खुले में भोजन देने से कई दुर्घटनाएं और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम सामने आए हैं.

पिछला विवाद और सुनवाई

11 अगस्त को दिल्ली NCR में आवारा कुत्तों को शेल्टर भेजने का आदेश आया था. इसके खिलाफ याचिकाएं और विरोध प्रदर्शन हुए. 14 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए पुराने आदेश को सुरक्षित रखते हुए इसे संशोधित किया.

मानव और जानवर दोनों की सुरक्षा

सुप्रीम कोर्ट का उद्देश्य स्पष्ट है कि आवारा कुत्तों और लोगों की सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जाए. अब कुत्तों को उनके प्राकृतिक परिवेश में ही सुरक्षित रखा जाएगा और अनावश्यक शेल्टरिंग से बचा जाएगा.

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Bhagalpur : इंटर्न डॉक्टरों का ‘ब्लैक रिबन डे’ प्रदर्शन, स्टाइपेंड दोगुना करने की मांग

इंटर्न डॉक्टरों का 'ब्लैक रिबन डे' प्रदर्शन
इंटर्न डॉक्टरों का 'ब्लैक रिबन डे' प्रदर्शन

Bhagalpur News: भागलपुर. स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर भागलपुर के मायागंज अस्पताल सहित राज्य के कई मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टरों ने आज ‘ब्लैक रिबन डे’ मनाकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया. डॉक्टरों ने 20 हजार रुपये के अपने मौजूदा स्टाइपेंड को बढ़ाकर 40 हजार रुपये करने की मांग की है.

काम के घंटों के हिसाब से वेतन नहीं

जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें हर दिन 15 से 16 घंटे काम करना पड़ता है. इसमें नाइट ड्यूटी के बाद भी ओपीडी और इमरजेंसी में लगातार ड्यूटी करनी पड़ती है. इसके बावजूद, उन्हें मेहनताने के रूप में सिर्फ 666 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं, जो उनके काम के मुकाबले बहुत कम है.

सरकार ने नहीं निभाया वादा

डॉक्टरों ने बताया कि बिहार सरकार ने 2021 में एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें हर तीन साल पर स्टाइपेंड में संशोधन करने की बात कही गई थी. उस समय स्टाइपेंड को 15 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया गया था. हालांकि, चार साल बीत जाने के बाद भी इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है.

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे. बिहार रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (BRDA) के अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि स्टाइपेंड हर तीन साल पर बढ़ाया जाएगा, लेकिन चार साल बीतने के बाद भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है.

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उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों में जूनियर डॉक्टरों को 40 से 50 हजार रुपये तक का स्टाइपेंड मिलता है, जबकि बिहार में यह बहुत कम है. उन्होंने कहा कि अपनी पढ़ाई और परिवार का खर्च चलाने के लिए इतनी कम राशि काफी नहीं है.

डॉक्टरों ने अपनी मांगें पूरी होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प लिया है. उनका कहना है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती तो वे काम बंद भी कर सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है.

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