इस खबर में क्या है?
Jharkhand Clerk Transfer Rules: झारखंड सरकार ने सरकारी कार्यालयों में वर्षों से एक ही सीट पर जमे लिपिकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है. अब निम्न वर्गीय लिपिक (LDC), उच्च वर्गीय लिपिक (UDC), प्रधान लिपिक (Head Clerk) और कंप्यूटर ऑपरेटरों को किसी एक स्थान पर तीन साल से अधिक तैनात नहीं रखा जाएगा. तीन वर्ष पूरा होते ही उनका स्थानांतरण अनिवार्य होगा. अब तक इस संवर्ग के कई कर्मचारी 10-10 साल से भी अधिक समय से एक ही विभाग और एक ही सीट पर कार्यरत थे. नए नियम लागू होने के बाद ऐसी व्यवस्था समाप्त हो जाएगी.
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इतना ही नहीं, सरकार ने प्रोन्नति (Promotion) की प्रक्रिया को भी नई नियमावली के जरिए स्पष्ट कर दिया है. अब प्रमोशन का फैसला नियुक्ति प्राधिकार की ओर से गठित पांच सदस्यीय समिति करेगी. समिति कर्मचारियों की वरीयता (Seniority) के आधार पर प्रोन्नति की अनुशंसा करेगी.
ऐसे तय होगी कर्मचारियों की सीनियरिटी
नई नियमावली में वरिष्ठता तय करने के मानकों का भी उल्लेख किया गया है. इसके अनुसार सीधी भर्ती (Direct Recruitment) से नियुक्त कर्मचारी, सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से नियुक्त कर्मियों से वरीय माने जाएंगे. वहीं कर्मचारी चयन आयोग की मेधा सूची (Merit List) के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को अनुकंपा (Compassionate Appointment) के आधार पर नियुक्त कर्मचारियों से वरिष्ठता सूची में ऊपर रखा जाएगा. प्रोन्नति के समय इसी क्रम का पालन किया जाएगा.
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नए नियुक्त कर्मियों के लिए सख्त हुई सेवा शर्तें
सरकार ने नए नियुक्त होने वाले लिपिकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए सेवा शर्तों में भी बदलाव किया है. अब प्रत्येक कर्मचारी को नियुक्ति के बाद दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि (Probation Period) पूरी करनी होगी. इसके साथ ही शुरुआती तीन महीने का प्रशिक्षण लेना भी अनिवार्य रहेगा.
प्रशिक्षण और परिवीक्षा पूरी होने पर ही मिलेगी पुष्टि
नियमों के मुताबिक तीन महीने का अनिवार्य प्रशिक्षण और दो साल की परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद ही कर्मचारी की सेवा की पुष्टि की जाएगी. इसके बाद ही संबंधित कर्मी भविष्य में प्रोन्नति के लिए पात्र माना जाएगा.


