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मुंबई–गुड़गांव के लिए सुनहरा मौका, भागलपुर में 30 अप्रैल को जॉब कैंप से सीधी भर्ती

भागलपुर
भागलपुर में 30 अप्रैल को लगेगा जॉब.

Bhagalpur News : भागलपुर में रोजगार का बड़ा अवसर सामने आया है, जहां 30 अप्रैल को अवर प्रादेशिक नियोजनालय परिसर में एक दिवसीय जॉब कैंप आयोजित किया जाएगा. इस कैंप में निजी कंपनी जोमैटो हाइपरप्योर (ब्लिंकिट) द्वारा सीनियर असिस्टेंट पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी. कुल 30 रिक्त पदों के लिए चयन प्रक्रिया उसी दिन मौके पर पूरी की जाएगी. नियोजनालय की ओर से बताया गया है कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ना है. कार्यक्रम को लेकर अभ्यर्थियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है.

30 अप्रैल को लगेगा विशेष रोजगार शिविर, तैयारियां पूरी

भागलपुर स्थित अवर प्रादेशिक नियोजनालय कार्यालय परिसर में यह एक दिवसीय रोजगार शिविर आयोजित होगा. इस दौरान अभ्यर्थियों को कंपनी प्रतिनिधियों के सामने सीधे इंटरव्यू देने का मौका मिलेगा. यह पूरा आयोजन निःशुल्क रहेगा और इसमें चयन प्रक्रिया मौके पर ही संपन्न की जाएगी.

सीनियर असिस्टेंट के लिए 30 पद, आकर्षक वेतन का प्रावधान

इस भर्ती अभियान के तहत सीनियर असिस्टेंट के 30 पद भरे जाएंगे. चयनित उम्मीदवारों को 14,700 रुपये से 22,500 रुपये प्रतिमाह तक वेतन मिलेगा. नौकरी के लिए मुंबई और गुड़गांव का स्थान तय किया गया है, जहां चयन के बाद उम्मीदवारों को तैनात किया जाएगा.

न्यूनतम योग्यता 10वीं-12वीं, केवल पुरुष उम्मीदवार पात्र

इस जॉब कैंप में भाग लेने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं या 12वीं पास निर्धारित की गई है. इसके साथ ही यह अवसर केवल पुरुष अभ्यर्थियों के लिए ही उपलब्ध है. आवेदन करने वालों की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए. इन शर्तों को पूरा करने वाले उम्मीदवार ही प्रक्रिया में शामिल हो पाएंगे.

पंजीकरण और दस्तावेज अनिवार्य, बिना आवेदन नहीं मिलेगा मौका

रोजगार कैंप में शामिल होने के लिए नियोजनालय में पंजीकरण जरूरी है. पंजीकरण कार्य दिवसों में किया जा सकता है. कैंप के दिन उम्मीदवारों को अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, फोटो, निबंधन कार्ड और बायोडाटा साथ लाना होगा. बिना दस्तावेज किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

पूरी भर्ती प्रक्रिया निशुल्क, युवाओं को मिलेगा सीधा लाभ

नियोजनालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा रोजगार कैंप पूरी तरह मुफ्त है. किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा. इस पहल से युवाओं को बड़े शहरों में रोजगार पाने का अवसर मिलेगा और निजी क्षेत्र में नौकरी के नए रास्ते खुलेंगे.

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बिहार में सरकारी कार्यालय के भीतर गोलियों की बौछार, एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की हत्या

सुल्तानगंज
सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय के बाहर जुटी भीड़, जांच करती पुलिस.

Bihar Crime News : बिहार में सुल्तानगंज (भागलपुर) का नगर परिषद कार्यालय मंगलवार 28 अप्रैल 2026 की दोपहर उस समय दहशत और अफरा तफरी का केंद्र बन गया जब तीन नकाबपोश अपराधियों ने परिसर के भीतर घुसकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी. यह वही कार्यालय है जहां रोजाना प्रशासनिक कामकाज, नीलामी और शहरी विकास से जुड़े निर्णय लिए जाते हैं. लेकिन कुछ ही मिनटों में यह पूरा परिसर गोलियों की गूंज से कांप उठा और एक बड़ी प्रशासनिक त्रासदी में बदल गया. इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण की मौत हो गई जबकि नगर परिषद सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल फैल गया.

नीलामी प्रक्रिया के बाद सामान्य माहौल में छिपा खतरा

घटना से पहले नगर परिषद कार्यालय में विज्ञापन डाक यानी नीलामी की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई थी. इस प्रक्रिया में प्रशासनिक कामकाज सामान्य रूप से चल रहा था और किसी तरह की असामान्यता दिखाई नहीं दे रही थी. नीलामी खत्म होने के बाद अधिकारी अपने चैंबर में दैनिक कार्यों में व्यस्त हो गए थे. इसी दौरान परिसर में कर्मचारी अपने-अपने कार्यों में लगे थे और माहौल पूरी तरह सामान्य प्रतीत हो रहा था. लेकिन इसी सामान्यता के बीच अपराधियों ने हमले की योजना को अंजाम दिया.

बुलेट से आए तीन नकाबपोश, सीधे भीतर दाखिल

दोपहर के समय एक तेज रफ्तार बुलेट मोटरसाइकिल नगर परिषद कार्यालय परिसर में आकर रुकी. उस पर सवार तीनों युवक नकाबपोश थे और उनके हाथों में हथियार थे. बिना किसी रुकावट के वे सीधे भवन के अंदर दाखिल हुए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उनकी चाल और हावभाव से स्पष्ट था कि वे किसी बड़े अपराध को अंजाम देने आए हैं. वे तेजी से सीढ़ियां चढ़ते हुए कार्यपालक पदाधिकारी के चैंबर की ओर बढ़ गए और कुछ ही क्षणों में स्थिति पूरी तरह बदल गई.

चैंबर के भीतर गोलियों की बौछार, मचा हड़कंप

जैसे ही अपराधी चैंबर के अंदर पहुंचे उन्होंने बिना किसी चेतावनी के गोलियां चलानी शुरू कर दी. फायरिंग का निशाना सीधे वहां मौजूद कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण और सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू थे. लगातार चली गोलियों से पूरा चैंबर दहल उठा और कुछ ही सेकंड में अफरा तफरी मच गई. कृष्ण भूषण गंभीर रूप से घायल होकर कुर्सी पर ही गिर पड़े जबकि सभापति भी गोली लगने से वहीं लहूलुहान हो गए. घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को प्रतिक्रिया देने या बचाव का मौका तक नहीं मिला.

कार्यालय परिसर में भगदड़ और खौफ का माहौल

गोलियों की आवाज सुनते ही पूरे कार्यालय में भगदड़ मच गई. कर्मचारी और मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे. कई लोग परिसर से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे. कुछ ही मिनटों में पूरा भवन खाली जैसा हो गया और वहां सिर्फ खून के निशान और दहशत का सन्नाटा रह गया. अपराधी वारदात को अंजाम देने के बाद तेजी से बुलेट पर सवार होकर मौके से फरार हो गए.

अस्पताल में पहुंचते ही ईओ को मृत घोषित किया गया

घायल दोनों अधिकारियों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया. स्थिति गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने कृष्ण भूषण की जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. बताया जा रहा है कि उनके शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों में गोलियां लगी थीं जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हो गया था. वहीं सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है.

जांच की रफ्तार तेज, कई एंगल पर पड़ताल

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर को घेर लिया गया. फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि अपराधियों की पहचान और उनके भागने के मार्ग का पता लगाया जा सके. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस हमले का संबंध नीलामी प्रक्रिया, किसी ठेका विवाद या पुरानी रंजिश से जुड़ा हो सकता है.

प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल

एक सरकारी कार्यालय के भीतर इस तरह दिनदहाड़े हुई हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. जिस जगह पर प्रशासनिक अधिकारी सुरक्षित माने जाते हैं, वहां घुसकर गोली चलाना कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं.

पूरे शहर में तनाव और बंद जैसा माहौल

घटना की खबर फैलते ही सुल्तानगंज में बाजारों की रफ्तार थम गई. कई जगह दुकानें स्वतः बंद हो गईं और लोग इस वारदात को लेकर चर्चा करते नजर आए. नगर परिषद के कर्मचारियों में शोक और भय का माहौल है. अधिकारियों के बीच भी इस घटना को लेकर गंभीर चिंता देखी जा रही है.

वारदात की सूची यानी पूरी टाइमलाइन

  • दोपहर 1.30 बजे: विज्ञापन डाक की नीलामी प्रक्रिया पूरी हुई
  • दोपहर 2.15 बजे: अधिकारी चैंबर में कार्यों में जुटे
  • दोपहर 2.25 बजे: तीन नकाबपोश बुलेट से परिसर में पहुंचे
  • दोपहर 2.28 बजे: चैंबर में घुसकर 6 से 8 राउंड फायरिंग
  • दोपहर 2.35 बजे: दोनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया, ईओ मृत घोषित
  • दोपहर 3.00 बजे: पुलिस ने परिसर कब्जे में लेकर जांच शुरू की

जांच में कई अहम बिंदुओं पर फोकस

पुलिस इस पूरे मामले में कई पहलुओं पर जांच कर रही है. सबसे प्रमुख बिंदु यह है कि क्या यह हमला किसी संगठित गिरोह द्वारा योजनाबद्ध तरीके से किया गया था. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या नीलामी प्रक्रिया में किसी पक्ष को नुकसान हुआ था जिससे यह हिंसक घटना हुई. फिलहाल अपराधियों की तलाश में छापेमारी जारी है और जिले की सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है.

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सिर्फ बिहारी होने की वजह से हत्या, पांडव कुमार केस पर तेजस्वी यादव का हमला, उठाई न्याय की मांग

Bihar
तेजस्वी यादव

Bihar Youth Murder: दिल्ली में खगड़िया जिले के पांडव कुमार की हत्या को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. इस मामले पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि पांडव कुमार की हत्या उसकी पहचान को लेकर की गई, क्योंकि वह बिहार का रहने वाला था. इस घटना में उसका दोस्त कृष्ण गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा है.

दिल्ली में पूरी व्यवस्था बीजेपी के पास, जवाबदेही भी उन्हीं की” — तेजस्वी

तेजस्वी यादव ने कहा कि जिस इलाके में यह घटना हुई, वहां से लेकर प्रशासनिक व्यवस्था तक भारतीय जनता पार्टी का प्रभाव है. उन्होंने दावा किया कि स्थानीय निकाय से लेकर राज्य और केंद्र स्तर तक बीजेपी की सरकार होने के कारण जिम्मेदारी भी उन्हीं की बनती है. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं.

बिहारियों की सुरक्षा और भेदभाव का मुद्दा उठाया

राजद नेता ने कहा कि बिहार के लोगों के साथ दूसरे राज्यों में अक्सर भेदभाव किया जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि मेहनत करने वाले बिहारियों को शक और नफरत की नजर से देखा जाता है, जो बेहद चिंताजनक है. तेजस्वी यादव ने कहा कि यह घटना उसी मानसिकता का नतीजा हो सकती है, जिसे गंभीरता से लेने की जरूरत है.

सरकार से सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग

तेजस्वी यादव ने मांग की कि मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए और न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहारियों के साथ किसी भी तरह का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा और इस मामले में जल्द न्याय मिलना जरूरी है.

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मधुबनी में भीषण अगलगी, 3 मवेशी घर जलकर राख, 2 पशुओं की मौत से मचा कोहराम

मधुबनी
आग की तस्वीर, एआई जेनरेटेड.

Bihar News : मधुबनी जिले के मधवापुर अंचल क्षेत्र के उतरा गांव के वार्ड संख्या 1 स्थित उत्तरवारी टोल में सोमवार देर रात भीषण आग लगने से भारी नुकसान हुआ. इस अगलगी में तीन ग्रामीणों के मवेशी घर पूरी तरह जलकर राख हो गए, जबकि दो मवेशियों की झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई. घटना देर रात करीब 1 बजे की बताई जा रही है, जब अधिकतर ग्रामीण गहरी नींद में थे. अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.

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अलाव की चिंगारी से भड़की आग, देखते ही देखते फैली लपटें

स्थानीय लोगों के अनुसार ठंड से बचाव के लिए जलाए गए अलाव की चिंगारी से यह आग भड़की. थोड़ी ही देर में आग ने आसपास के मवेशी घरों को अपनी चपेट में ले लिया. इस हादसे में विशुनदेव ठाकुर, किशुनदेव ठाकुर और नरेश ठाकुर के मवेशी घर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए. सबसे ज्यादा नुकसान विशुनदेव ठाकुर को हुआ, जिनके दो मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई.

ग्रामीणों ने मिलकर पाया आग पर काबू

आग की लपटें उठते देख आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू किया. चापाकल और बाल्टियों की मदद से ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. उनकी तत्परता से अन्य घरों को जलने से बचा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया.

प्रशासन से मुआवजे की मांग

घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन और अंचल कार्यालय को दे दी गई है. पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है. फिलहाल गांव में इस घटना को लेकर शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है.

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ओडिशा में नियम से परेशान आदिवासी युवक का कदम, बहन के कंकाल के साथ पहुंचा बैंक

ओड़िशा
बहन के कंकाल के साथ पहुंचा बैंक शख्स.

Odisha Tribal Man: ओडिशा के क्योंझर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दियानाली गांव के रहने वाले जीतू मुंडा नामक आदिवासी व्यक्ति अपनी मृत बहन के बैंक खाते से 20 हजार रुपये निकालने के लिए बैंक पहुंचा था. मामला 27 अप्रैल का बताया जा रहा है. बैंक में आवश्यक दस्तावेज न होने के कारण वह पैसे नहीं निकाल सका और इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई. इस घटना ने बैंकिंग प्रक्रिया और ग्रामीण क्षेत्रों में दस्तावेजी जानकारी की कमी को लेकर बहस छेड़ दी है.

बैंक में दस्तावेज नहीं होने से नहीं मिला पैसा

जानकारी के अनुसार, जीतू मुंडा अपनी मृत बहन के खाते से 20 हजार रुपये निकालने बैंक पहुंचा था. बैंक कर्मचारियों ने उससे मृत्यु प्रमाण पत्र और कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र मांगा, जो उसके पास मौजूद नहीं था. दस्तावेजों के अभाव में बैंक ने लेनदेन की अनुमति नहीं दी, जिससे वह परेशान हो गया और लगातार बैंक के चक्कर लगाता रहा.

3 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचा बैंक, मचा हड़कंप

बताया जाता है कि जीतू मुंडा अपनी बहन के कंकाल को कपड़े में लपेटकर करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंचा. बैंक परिसर में जैसे ही उसने कपड़ा खोला, वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई. बैंक कर्मचारियों ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा रहा. बाद में स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को बुलाया गया.

प्रशासन ने दी प्रतिक्रिया, प्रक्रिया तेज करने का आश्वासन

क्योंझर के सब-कलेक्टर उमा शंकर दलाई ने बताया कि आदिवासी व्यक्ति को बैंक प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं थी, जिसके कारण वह हताश हो गया. उन्होंने कहा कि मामला दस्तावेजों की कमी से जुड़ा है और प्रशासन आवश्यक प्रक्रिया को तेज करने में मदद कर रहा है. साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र और कानूनी वारिस प्रमाण पत्र की प्रक्रिया में तेजी लाकर बैंक से संबंधित राशि को वैध उत्तराधिकारी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.

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इस्तांबुल में गिरफ्तार दाऊद का गुर्गा सलीम डोला भारत लाया, एजेंसियों ने शुरू की पूछताछ

सलीम डोला
दाऊद का गुर्गा सलीम डोला भारत लाया गया.

Salim Dola Deported India: भारत की खुफिया एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से चलाए गए एक संयुक्त अभियान के तहत कुख्यात ड्रग तस्कर सलीम डोला को तुर्की के इस्तांबुल से भारत लाया गया है. डोला को दिल्ली पहुंचने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी हिरासत में ले लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. वह लंबे समय से इंटरपोल के रेड नोटिस के तहत वांछित था और भारत में कई गंभीर मामलों में उसकी तलाश की जा रही थी. इस कार्रवाई को एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है.

खुफिया ऑपरेशन के बाद तुर्की में हुई गिरफ्तारी

जानकारी के अनुसार सलीम डोला को तुर्की के बेयलिकडुजू इलाके में एक घर में छिपे होने के दौरान गिरफ्तार किया गया. उसे पकड़ने के लिए तकनीकी और फिजिकल सर्विलांस का इस्तेमाल किया गया, जिसके जरिए उसके सटीक ठिकाने की पहचान की गई. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एक समन्वित अभियान चलाकर उसे हिरासत में लिया. इससे पहले CNN तुर्किये ने भी रिपोर्ट दी थी कि इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर उसकी गिरफ्तारी की गई थी.

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दाऊद नेटवर्क से जुड़ा बताया जाता है डोला

सलीम डोला को दाऊद इब्राहिम के कथित नेटवर्क से जुड़ा एक प्रमुख ड्रग सरगना माना जाता है. भारत लाए जाने के बाद एजेंसियां उससे उसके नेटवर्क, तस्करी रूट और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को लेकर गहन पूछताछ कर रही हैं. सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को संगठित अपराध और ड्रग तस्करी के बड़े नेटवर्क से जोड़कर देख रही हैं.

NDPS एक्ट के तहत गंभीर आरोप

डोला पर भारत में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत गंभीर आरोप दर्ज हैं. यह कानून देश में नशीले पदार्थों के उत्पादन, बिक्री, खरीद, कब्जे और तस्करी को नियंत्रित करता है. इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर कम से कम 10 साल तक की सजा का प्रावधान है, जो अपराध की गंभीरता के आधार पर और भी बढ़ सकती है.

एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी

सलीम डोला की भारत वापसी को सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय और लंबे ऑपरेशन का परिणाम है. इससे ड्रग तस्करी नेटवर्क के कई अहम पहलुओं के उजागर होने की संभावना जताई जा रही है।

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सिक्किम के 50वें स्थापना दिवस पर पीएम मोदी की सौगात, 4000 करोड़ की योजनाओं से होगा विकास तेज

सिक्किम
सिक्किम में पीएम मोदी.

Sikkim 50th Year: सिक्किम के राज्य गठन के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 4000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की. ये परियोजनाएं राज्य के बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, पर्यावरण, पर्यटन और कृषि जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई हैं.

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि सिक्किम ने 50 वर्षों में विकास की ऐसी यात्रा तय की है, जो देश के लिए प्रेरणादायक है और यहां विकास के साथ प्रकृति संरक्षण का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है.

बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी पर बड़ा फोकस

इन परियोजनाओं के तहत सड़क, परिवहन और कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है. राज्य के दूरदराज क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं. इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अस्पतालों और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की योजना शामिल है. शिक्षा क्षेत्र में नए संस्थानों और सुविधाओं के विकास से युवाओं को बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है. बिजली व्यवस्था को मजबूत करने और शहरी विकास को गति देने के लिए भी कई योजनाएं लागू की गई हैं.

पर्यटन, कृषि और पर्यावरण पर विशेष जोर

प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई परियोजनाओं में पर्यटन को बढ़ावा देने और सिक्किम की प्राकृतिक सुंदरता को संरक्षित रखते हुए विकास को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है. पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की गई हैं ताकि विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहे. कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और संसाधनों के उपयोग से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं. इन सभी योजनाओं से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

सिक्किम की स्वच्छता और संस्कृति की सराहना

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सिक्किम की स्वच्छता व्यवस्था की खुलकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि रोडशो के दौरान उन्होंने जिस तरह की साफ-सफाई देखी, वह पूरे देश के लिए उदाहरण है. सड़कों और वातावरण में दिखाई देने वाली स्वच्छता राज्य के लोगों की जागरूकता को दर्शाती है. उन्होंने सिक्किम के लोगों को प्रकृति का सच्चा संरक्षक बताया और कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में देश के लिए मिसाल पेश कर रहे हैं.

‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करता सिक्किम

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सिक्किम ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और एकता के संदेश के माध्यम से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और मजबूत किया है. उन्होंने कहा कि जब देश में विभाजनकारी सोच को बढ़ावा देने की कोशिशें हो रही हैं, ऐसे समय में सिक्किम की एकता और सांस्कृतिक विविधता देश को जोड़ने का काम करती है. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक मजबूत करते हैं.

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भागलपुर में 34 हाटों की खुली नीलामी, 29 अप्रैल को तय होगा किसके हाथ लगा पूरा बाजार

भागलपुर
भागलपुर में 30 अप्रैल को लगेगा जॉब.

Bhagalpur News : भागलपुर जिले में जिला परिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 34 हाटों की बंदोबस्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह पूरी प्रक्रिया जिला परिषद कार्यालय में चरणबद्ध तरीके से की जा रही है, जहां पारदर्शी बोली प्रणाली के तहत योग्य बोलीदाताओं का चयन किया जाएगा. प्रशासन का लक्ष्य है कि पूरी प्रक्रिया 29 अप्रैल तक पूरी कर ली जाए, जिसके बाद अंतिम निर्णय घोषित किया जाएगा. शर्तों के अनुसार सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को हाट का अधिकार मिलेगा, जबकि किसी भी नियम के उल्लंघन पर बंदोबस्ती और लीज रद्द की जा सकती है. इस बार पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया गया है ताकि किसी तरह की अनियमितता की संभावना न रहे.

बंदोबस्ती प्रक्रिया और प्रशासनिक तैयारी

जिला परिषद ने स्पष्ट किया है कि हाटों की बंदोबस्ती चरणबद्ध तरीके से की जा रही है. बोली प्रक्रिया को अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जा रहा है ताकि चयन पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो सके. हाटों के साथ-साथ फलकर और अन्य राजस्व स्रोतों की भी बंदोबस्ती की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि इस प्रक्रिया में सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा.

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यहां देखें हाटों की सूची

  • नाथनगर अंचल: कजरैली हाट, सजौर हाटा
  • शाहकुंड अंचल: दासपुर हाटा, रामपुरडीह हाट, पचरूखी हाट
  • सबौर अंचल: बगडेर फलकर
  • जगदीशपुर अंचल: शाहजंगी मवेशी हाट
  • कहलगांव अंचल: कहलगांव तीनटंगा आढ़त खुंटा गडाई, नंदलालपुर हाट, एकडारा हाट
  • सन्हौला अंचल: साहूपाड़ा मवेशी हाट, सनोखर अड़गड़ा, बैसा पोठिया नाव घाट, गुदड़ी हाट
  • पीरपैंती अंचल: पीरपैंती हाट बाजार, श्रीरामपुर हाट गोविंदपुर
  • नवगछिया अंचल: बट्टी बाजार, आढ़त रसलपुर, मक्खातकिया, पुनामा प्रतापनगर घाट, सुकचा नगरह गुढड़घाट
  • खरीक अंचल: राजस्व हाट खरीक, महादेवपुर जहाज घाट, सलेमपुर अलालपुर, दादपुर लोकमानपुर घाट
  • बिहपुर अंचल: बभनगामा हाट, बिहपुर हाट, झंडापुर हाट, एनएच 31 क्षेत्र सहित विभिन्न राजस्व मार्ग
  • नारायणपुर अंचल: गनौल नारायणपुर से बिहपुर भाग एनएच 31 बीरबन्ना चौक तक का क्षेत्र
  • रंगरा चौक अंचल: पथरघट्टा घाट
  • सुलतानगंज अंचल: अबजूगंज राजस्व घाट

तीनटंगा कहलगांव घाट फेरी सेवा पर भी बोली

जिला परिषद ने तीनटंगा कहलगांव घाट फेरी सेवा की भी बंदोबस्ती करने का निर्णय लिया है. इसके लिए 5 लाख 63 हजार 500 रुपये की सुरक्षित जमा राशि निर्धारित की गई है. यह बंदोबस्ती तीन वर्ष के लिए होगी. चयनित बोलीदाता को सभी शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा और किसी भी नियम के उल्लंघन पर अनुबंध रद्द किया जा सकता है.

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बिहार के इस शहर में बंपर भर्ती, 1.5 लाख तक सैलरी, 9 मई तक मौका

भागलपुर शहर
भागलपुर शहर में बंपर भर्ती

Bhagalpur Smart City : भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों को गति देने के लिए लंबे समय से रिक्त पड़े महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है. कंपनी ने चीफ जनरल मैनेजर, चीफ फाइनेंस ऑफिसर और अकाउंटेंट के पदों पर योग्य और अनुभवी अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं. इन पदों के खाली रहने से कई काम प्रभावित हो रहे थे, जिसे देखते हुए अब चयन प्रक्रिया को तेज किया गया है. जारी सूचना के अनुसार आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना होगा. चयन अनुभव, योग्यता और आयु सीमा के आधार पर किया जाएगा.

भर्ती प्रक्रिया शुरू

स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने आधिकारिक सूचना जारी करते हुए तीन महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है. इनमें चीफ जनरल मैनेजर, चीफ फाइनेंस ऑफिसर और अकाउंटेंट शामिल हैं. इन पदों पर लंबे समय से नियुक्ति नहीं होने के कारण प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज प्रभावित हो रहा था. हाल ही में अनियमितता के आरोप में चीफ जनरल मैनेजर को पद से हटाए जाने के बाद यह प्रक्रिया और तेज कर दी गई है. योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे गए हैं और चयन पूरी तरह अनुभव तथा योग्यता के आधार पर किया जाएगा.

आयु सीमा और योग्यता के आधार पर होगा सलेक्शन

इन पदों के लिए अलग-अलग आयु सीमा तय की गई है. चीफ जनरल मैनेजर और चीफ फाइनेंस ऑफिसर के लिए अधिकतम आयु 55 वर्ष रखी गई है, जबकि अकाउंटेंट पद के लिए यह सीमा 40 वर्ष निर्धारित की गई है. भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों के अनुभव और कार्यक्षमता को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि संस्थान को अनुभवी और सक्षम अधिकारी मिल सकें.

35 हजार से 1.50 लाख तक सैलरी

स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने इन पदों के लिए आकर्षक वेतनमान निर्धारित किया है. चीफ जनरल मैनेजर को प्रति माह 1.50 लाख रुपये, चीफ फाइनेंस ऑफिसर को 1.25 लाख रुपये और अकाउंटेंट को 35 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा. वेतन निर्धारण पद की जिम्मेदारी और अनुभव को ध्यान में रखकर किया गया है.

आवेदन की अंतिम तिथि 09 मई

इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है. इच्छुक अभ्यर्थी 09 मई तक आवेदन कर सकते हैं. निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा. चयन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी की जा रही है.

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वैशाली में STF की बड़ी कार्रवाई, 7 हेरोइन तस्कर गिरफ्तार, 166 ग्राम ड्रग्स बरामद

वैशाली में STF की बड़ी कार्रवाई
एआई जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर.

Bihar Crime News : वैशाली जिले के सदर क्षेत्र में बिहार एसटीएफ ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सात हेरोइन तस्करों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से 166 ग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 33.20 लाख रुपये बताई जा रही है. इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है.

बिदुपुर के रहने वाले हैं सभी आरोपी

पकड़े गये सभी आरोपी वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं. गिरफ्तार तस्करों की पहचान नवीन कुमार, प्रकाश कुमार, आंशु कुमार, सचिन कुमार, राहुल कुमार, शिवम कुमार और विकास कुमार के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार इनके नेटवर्क का विस्तार कई जिलों तक फैला हुआ था.

पटना सहित कई जिलों में होती थी सप्लाई

पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि यह गिरोह बिहार के कई जिलों में हेरोइन की सप्लाई करता था, जिसमें पटना, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी और बेतिया शामिल हैं. यह गैंग असम के सिलचर से हेरोइन की खेप लाकर बिहार में अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई करता था.

नेटवर्क की जांच में जुटी STF

तस्करों के पास से पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए गये हैं, जिन्हें जांच के लिए खंगाला जा रहा है. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का नेटवर्क बिहार के अलावा असम सहित कई राज्यों में फैला हुआ है. पुलिस ने इस मामले में चार अन्य संदिग्धों की पहचान की है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है. सभी गिरफ्तार आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए वैशाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है.

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