बैटरी टेक्नोलॉजी में Motorola का बड़ा दांव, फोल्डेबल फोन में मिलेगा ज्यादा बैकअप

Motorola Razr Ultra 2026
Motorola Razr Ultra 2026

Motorola Razr Ultra 2026 : मोबाइल कंपनियां लगातार ऐसे स्मार्टफोन बनाने की कोशिश कर रही हैं जो देखने में पतले हों, लेकिन बैटरी बैकअप में कोई समझौता न करना पड़े. इसी दिशा में Motorola ने अपनी नई Razr सीरीज के जरिए अलग रणनीति अपनायी है. कंपनी ने अपने कुछ नए फोल्डेबल मॉडल्स में Silicon-Carbon आधारित बैटरी सिस्टम शामिल किया है, जिसे पारंपरिक स्मार्टफोन बैटरियों से ज्यादा एडवांस माना जा रहा है.

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक कम जगह में अधिक ऊर्जा स्टोर करने की क्षमता रखती है. फोल्डेबल डिवाइस में जहां अंदरूनी स्पेस सीमित होता है, वहां इस तरह की बैटरी को महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है. Motorola का दावा है कि नई बैटरी तकनीक की मदद से फोन को भारी बनाये बिना बैकअप बढ़ाया जा सकता है.

बैटरी डिजाइन में बदलाव की कोशिश

अब तक स्मार्टफोन कंपनियां बैटरी क्षमता बढ़ाने के लिए फोन के आकार और मोटाई में बदलाव करती रही हैं. लेकिन नई तकनीक का मकसद कम स्पेस में ज्यादा पावर उपलब्ध कराना है. Motorola ने अपनी प्रीमियम Razr सीरीज में इसी फॉर्मूले को अपनाया है.

कंपनी ने संकेत दिया है कि उसके नए मॉडल्स में बैटरी क्षमता पहले की तुलना में अधिक होगी, जबकि डिजाइन को ज्यादा मोटा नहीं किया गया है. खासतौर पर फोल्डेबल स्मार्टफोन में यह बदलाव इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि वहां हर मिलीमीटर जगह मायने रखती है.

फास्ट चार्जिंग को भी बनाया बड़ा फीचर

नई बैटरी के साथ Motorola ने चार्जिंग स्पीड पर भी फोकस बढ़ाया है. कंपनी ने अपने फ्लैगशिप मॉडल्स में तेज Wired और Wireless Charging सपोर्ट देने की बात कही है. इससे यूजर्स को लंबे समय तक बैकअप के साथ कम समय में चार्जिंग का फायदा मिल सकेगा.

हालांकि छोटे डिवाइस चार्ज करने वाले Reverse Charging फीचर में ज्यादा बदलाव नहीं किये गये हैं. कंपनी का ध्यान इस बार मुख्य रूप से बैटरी क्षमता और चार्जिंग प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर रहा है.

फोल्डेबल बाजार में बढ़ सकती है प्रतिस्पर्धा

फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में अभी Samsung जैसी कंपनियों का मजबूत प्रभाव माना जाता है. वहीं Google भी इस सेगमेंट में लगातार नए मॉडल ला रहा है. ऐसे में Motorola की नई रणनीति इस प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकती है.

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कंपनियां सिर्फ कैमरा और डिजाइन के आधार पर नहीं, बल्कि बैटरी बैकअप और चार्जिंग तकनीक के दम पर भी बाजार में अपनी पहचान बनाने की कोशिश करेंगी. Motorola ने फिलहाल इसी क्षेत्र में अलग पहचान बनाने का प्रयास किया है.

दूसरे मॉडल्स में भी बदलाव

कंपनी ने अपनी Razr सीरीज के अन्य मॉडल्स में भी बैटरी क्षमता और हार्डवेयर में सुधार किये हैं. कुछ डिवाइस में नए प्रोसेसर और अपडेटेड कैमरा फीचर्स दिये गये हैं. हालांकि स्टोरेज क्षमता में किये गये बदलाव को लेकर टेक यूजर्स के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

नई तकनीक और प्रीमियम फीचर्स के कारण कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. कंपनी ने इन डिवाइसों को हाई-एंड स्मार्टफोन बाजार को ध्यान में रखकर पेश किया है.

इंडस्ट्री के लिए क्यों अहम है यह तकनीक

मोबाइल इंडस्ट्री में बैटरी हमेशा सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल रही है. एआई फीचर्स, हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले और मल्टीटास्किंग के बढ़ते इस्तेमाल के कारण बैटरी पर दबाव लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में नई बैटरी तकनीक आने वाले वर्षों में स्मार्टफोन डिजाइन का तरीका बदल सकती है.

अगर Silicon-Carbon बैटरी बड़े स्तर पर सफल रहती है, तो आने वाले समय में अन्य कंपनियां भी इसी दिशा में काम तेज कर सकती हैं. फिलहाल Motorola ने इस तकनीक के जरिए फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में अपनी अलग मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश की है.

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लोक अदालत में चालान जमा करने उमड़ी भीड़, व्यवस्था संभालने पहुंचे DM और SSP

लोक अदालत
लोक अदालत में व्यवस्था का जायजा लेते डीएम.

Bhagalpur News : राष्ट्रीय लोक अदालत में पुराने ट्रैफिक चालानों पर राहत मिलने के बाद शुक्रवार को जिला स्कूल परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गयी. सुबह होते ही वाहन मालिक चालान जमा करने पहुंचने लगे और देखते ही देखते लंबी कतारें लग गयीं. भीड़ इतनी बढ़ गयी कि कई लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा. परिसर के अंदर और बाहर लोगों की लगातार आवाजाही बनी रही, जिससे व्यवस्था संभालना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया.

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को सक्रिय होना पड़ा. डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव खुद मौके पर पहुंचे और व्यवस्था का जायजा लिया. दोनों अधिकारियों ने कई घंटे तक परिसर में मौजूद रहकर भीड़ नियंत्रण और चालान जमा प्रक्रिया की निगरानी की.

बढ़ती भीड़ के बीच बदली गयी व्यवस्था

शुरुआत में चालान जमा करने के लिए खुले मैदान में काउंटर बनाये गये थे, लेकिन भीड़ बढ़ने के कारण वहां अव्यवस्था की स्थिति बनने लगी. लोगों को धूप और धक्का-मुक्की दोनों का सामना करना पड़ रहा था. इसके बाद अधिकारियों ने काउंटरों को बरामदे की ओर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया, ताकि लोगों को थोड़ी राहत मिल सके और लाइन व्यवस्थित की जा सके.

काउंटर बदलने के बाद कुछ हद तक व्यवस्था सुधरी, लेकिन भीड़ कम नहीं हुई. पुलिसकर्मी लगातार लोगों को लाइन में रहने और जल्दबाजी नहीं करने की सलाह देते रहे. परिसर में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गयी थी ताकि किसी तरह की परेशानी न हो.

छूट की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

चालान जमा करने आये लोगों का कहना था कि पुराने चालानों में 50 प्रतिशत तक राहत मिलने की सूचना के बाद वे सुबह से ही पहुंच गये थे. कई लोग अपने परिवार के साथ पहुंचे, जबकि कुछ लोग दस्तावेजों की जांच और भुगतान प्रक्रिया को लेकर इधर-उधर भटकते भी नजर आये.

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दिन चढ़ने के साथ भीड़ और बढ़ती गयी. परिसर के बाहर सड़क तक लोगों की लाइन दिखाई देने लगी. कई लोगों ने कहा कि लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन छूट मिलने की वजह से वे चालान का निपटारा कराना चाहते थे.

प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने की अपील की

अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को समझाया कि जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है. प्रशासन की ओर से कहा गया कि आगे भी लोक अदालत में लोगों को चालान निपटाने का अवसर मिलेगा. लोगों से व्यवस्था बनाये रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गयी.

प्रशासनिक अधिकारियों ने कर्मियों को निर्देश दिया कि चालान जमा प्रक्रिया को तेज किया जाये ताकि लोगों को कम परेशानी हो. वहीं, भीड़ को देखते हुए पूरे दिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार सक्रिय बने रहे.

पुराने चालानों के निपटारे को लेकर बढ़ी दिलचस्पी

31 दिसंबर 2025 तक के चालानों पर राहत मिलने के कारण लोगों में पुराने मामलों को खत्म कराने की उत्सुकता दिखी. बड़ी संख्या में वाहन मालिकों ने इसका लाभ उठाने की कोशिश की. प्रशासन का मानना है कि लोक अदालत के जरिए लंबित मामलों की संख्या कम करने में मदद मिलेगी.

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बिहार-बेंगलुरु के बीच सुखद होगी रेलयात्रा, सहरसा-यशवंतपुर स्पेशल ट्रेन जुलाई तक चलेगी

सहरसा-यशवंतपुर स्पेशल ट्रेन जुलाई तक चलेगी
सांकेतिक तस्वीर

Bihar Summer Special Train: गर्मी की छुट्टियों के दौरान दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ी राहत दी है. सहरसा और यशवंतपुर के बीच चल रही साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की सेवा को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है. अब यह विशेष ट्रेन जुलाई 2026 तक संचालित होगी. रेलवे के इस निर्णय से बिहार से कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी.

समस्तीपुर मंडल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, गर्मी के मौसम में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए ट्रेन के परिचालन की अवधि बढ़ायी गयी है. खासकर नौकरी, पढ़ाई और पारिवारिक कारणों से बेंगलुरु जाने वाले लोगों को इससे काफी फायदा होने की उम्मीद है.

सहरसा से सप्ताह में एक दिन चलेगी स्पेशल ट्रेन

रेलवे के मुताबिक, ट्रेन संख्या 05551 सहरसा-यशवंतपुर स्पेशल प्रत्येक गुरुवार को सहरसा जंक्शन से रवाना होगी. यह ट्रेन बिहार से निकलकर झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक होते हुए यशवंतपुर पहुंचेगी. यात्रा के दौरान ट्रेन कई बड़े और व्यस्त स्टेशनों से होकर गुजरेगी, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों के यात्रियों को कनेक्टिविटी मिलेगी.

रेलवे ने बताया कि इस स्पेशल ट्रेन का परिचालन 14 मई 2026 से 12 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा. ट्रेन के समय और रूट को लेकर पहले से तय व्यवस्था ही लागू रहेगी.

कई महत्वपूर्ण स्टेशनों को मिलेगा सीधा कनेक्शन

यह ट्रेन मार्ग में बिहार और अन्य राज्यों के कई अहम स्टेशनों पर ठहरेगी. इससे सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल क्षेत्र के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा. ट्रेन जिन प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी उनमें मानसी, खगड़िया, बरौनी, किउल, झाझा, जसीडीह, आसनसोल, खड़गपुर, कटक, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा जैसे स्टेशन शामिल हैं.

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन स्टेशनों पर रुकने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और उन्हें दूसरी ट्रेनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.

वापसी यात्रा के लिए भी तय हुआ शेड्यूल

यशवंतपुर से सहरसा लौटने वाली ट्रेन संख्या 05552 प्रत्येक रविवार को चलेगी. यह ट्रेन निर्धारित समय पर यशवंतपुर से रवाना होकर तीसरे दिन बिहार पहुंचेगी. वापसी के दौरान भी ट्रेन उन्हीं प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी जहां जाते समय ठहराव तय किया गया है.

गर्मी की छुट्टियों में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे लगातार अतिरिक्त और विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहा है. इस फैसले से खासकर छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है.

यात्रा से पहले स्टेटस जांचने की सलाह

रेलवे ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन की स्थिति और समय की जानकारी जरूर लेने की अपील की है. इसके लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप और हेल्पलाइन नंबर 139 का इस्तेमाल किया जा सकता है. रेलवे का कहना है कि गर्मी के मौसम में ट्रेनों में यात्रियों की संख्या अधिक रहती है, इसलिए समय पर जानकारी लेना जरूरी है.

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लक्ष्मीपुर में निकली भव्य कलश यात्रा शोभायात्रा, अखंड रामधुन से भक्तिमय हुआ इलाका

कलश शोभायात्रा
कलश शोभायात्रा.

Haveli Kharagpur : मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर प्रखंड अंतर्गत बढौना पंचायत के लक्ष्मीपुर गांव में शनिवार को धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला. मां दुलहरी स्थान परिसर में आयोजित 48 घंटे के अखंड रामधुन संकीर्तन को लेकर विशाल कलश यात्रा निकाली गयी. इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और कन्याओं ने सिर पर कलश रखकर शोभायात्रा में भाग लिया. पूरे रास्ते श्रद्धालु भगवान राम के जयकारे लगाते रहे, जिससे गांव का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा.

वैदिक विधि से शुरू हुआ धार्मिक अनुष्ठान

धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ हुई. पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं ने पवित्र जल लेकर कलश भरा और शोभायात्रा में शामिल हुए. यात्रा मां दुलहरी स्थान से निकलकर गांव के विभिन्न धार्मिक स्थलों से होकर गुजरी. रास्ते भर ग्रामीण श्रद्धालुओं का स्वागत करते नजर आये.

यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों और रामधुन पर झूमते रहे. कई स्थानों पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का अभिनंदन किया. वापस मंदिर परिसर पहुंचने के बाद विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की गयी और अखंड संकीर्तन शुरू हुआ.

भीषण गर्मी में श्रद्धालुओं के लिए की गयी विशेष व्यवस्था

तेज धूप और गर्म मौसम को देखते हुए ग्रामीणों और आयोजन समिति की ओर से जगह-जगह शीतल पेयजल और नींबू शरबत की व्यवस्था की गयी थी. यात्रा मार्ग में कई सेवा शिविर लगाये गये थे, जहां श्रद्धालुओं को पानी और अन्य राहत सामग्री दी जा रही थी.

ग्रामीणों ने बताया कि आयोजन में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में कार्यक्रम को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया. महिलाओं की टोली पारंपरिक वेशभूषा में भक्ति गीत गाते हुए आगे बढ़ रही थी.

देवी-देवताओं की प्रतिमाएं बनीं आकर्षण का केंद्र

अखंड रामधुन संकीर्तन स्थल को विशेष रूप से सजाया गया है. परिसर में विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की गयी हैं, जिनके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. शाम होते ही पूरा परिसर रोशनी और भक्ति संगीत से जगमगा उठा.

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि 48 घंटे तक लगातार रामधुन और कीर्तन का आयोजन किया जाएगा. समापन के बाद श्रद्धालुओं के लिए सामूहिक भंडारे की भी व्यवस्था की गयी है. धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने मिलकर तैयारी की है.

ग्रामीणों के सहयोग से सफल हो रहा आयोजन

कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में गांव के कई लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभायी. आयोजन समिति के सदस्यों के अनुसार, हर वर्ष इस तरह के धार्मिक आयोजन से गांव में सामाजिक एकता और धार्मिक माहौल मजबूत होता है.

कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया. देर शाम तक श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में पहुंचना जारी रहा और पूरा इलाका भक्ति रस में डूबा नजर आया.

आयोजन की प्रमुख बातें

  • समापन के बाद सामूहिक भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा.
  • लक्ष्मीपुर गांव में 48 घंटे के अखंड रामधुन संकीर्तन का आयोजन.
  • बड़ी संख्या में महिलाओं और कन्याओं ने कलश यात्रा में लिया हिस्सा.
  • वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा और कलश स्थापना संपन्न.
  • श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह शीतल पेयजल और शरबत की व्यवस्था.
  • देवी-देवताओं की आकर्षक प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनीं.

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बंगाल के शपथ समारोह में भावुक पल, पीएम मोदी ने माखनलाल सरकार से पैर छूकर लिया आशीर्वाद

पीएम मोदी
पीएम मोदी ने माखनलाल सरकार से पैर छूकर लिया आशीर्वाद.

PM Modi Touches Makhanlal Sarkar Feet: पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले शुभेंदु अधिकारी के समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन संघ से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया. यह पल कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बना रहा.

जन संघ दौर से जुड़े रहे माखनलाल सरकार

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने बताया कि माखनलाल सरकार लंबे समय तक जन संघ की विचारधारा से जुड़े रहे और उन्हें डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के करीबी साथियों में गिना जाता है. भाजपा नेताओं के अनुसार, उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभायी थी.

शमिक भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि एक समय राष्ट्रभक्ति गीत गाने के कारण उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. उस दौरान अदालत में उनसे माफी मांगने को कहा गया, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया. उन्होंने अदालत से कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया, बल्कि केवल देशभक्ति से जुड़ा गीत गाया था.

अदालत में गीत सुनाने की घटना का किया गया जिक्र

भाजपा नेताओं के मुताबिक, अदालत में सुनवाई के दौरान जज ने उनसे वही गीत सुनाने को कहा था. माखनलाल सरकार ने कोर्ट में गीत गाकर सुनाया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें सम्मान के साथ घर भेजने का आदेश दिया. पार्टी नेताओं ने इस घटना को उनके आत्मसम्मान और विचारों के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया.

शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद कई नेताओं ने माखनलाल सरकार से मुलाकात की. कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का उनके प्रति सम्मान जताने का तरीका भाजपा समर्थकों के बीच चर्चा में रहा.

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों का भी हुआ उल्लेख

समारोह में भाजपा नेताओं ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को भी याद किया. नेताओं ने कहा कि कोलकाता में जन्मे श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी अलग पहचान बनायी थी. जन संघ की स्थापना से लेकर कश्मीर मुद्दे पर उनके रुख का जिक्र भी कार्यक्रम में किया गया.

भाजपा नेताओं ने कहा कि पार्टी उन्हीं विचारों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का दावा करती है. इस दौरान मंच से कई बार पार्टी कार्यकर्ताओं और पुराने सहयोगियों के योगदान का भी उल्लेख किया गया.

पहली बार बंगाल में भाजपा सरकार का गठन

ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ पांच मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली. भाजपा ने इस आयोजन को बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में प्रस्तुत किया.

पार्टी नेताओं ने विधानसभा चुनाव में मिली जीत को ऐतिहासिक बताया. भाजपा के अनुसार, जनता ने पहली बार राज्य में पार्टी को स्पष्ट बहुमत देकर सरकार बनाने का मौका दिया है. समारोह में बड़ी संख्या में समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे.

कार्यक्रम की प्रमुख बातें

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माखनलाल सरकार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया.
  • माखनलाल सरकार को जन संघ दौर का वरिष्ठ कार्यकर्ता बताया गया.
  • भाजपा नेताओं ने अदालत में गीत गाने वाली घटना का जिक्र किया.
  • ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पहली बार खुले मैदान में शपथ समारोह आयोजित हुआ.
  • शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
  • समारोह में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और समर्थक मौजूद रहे.

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बंगाल में सत्ता परिवर्तन का भव्य प्रदर्शन, खुले मैदान में हुआ नयी सरकार का शपथ समारोह

शुभेंदु अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी

Suvendu Adhikari Oath Ceremony Brigade : पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन बड़े बदलाव और शक्ति प्रदर्शन के तौर पर दर्ज हुआ. रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के दिन कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल समारोह में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली. पहली बार राज्य की सत्ता संभालने वाली सरकार का शपथ ग्रहण किसी बंद सरकारी परिसर के बजाय खुले मैदान में कराया गया. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह सहित एनडीए के कई बड़े चेहरे मौजूद रहे. सुबह से ही बंगाल के अलग-अलग जिलों से लोग मैदान पहुंचने लगे थे और पूरे इलाके में राजनीतिक उत्सव जैसा माहौल दिखाई दे रहा था.

परंपरा से अलग अंदाज में आयोजित हुआ कार्यक्रम

अब तक पश्चिम बंगाल में सरकार गठन के सभी बड़े कार्यक्रम राजभवन या सरकारी परिसरों तक सीमित रहते थे, लेकिन इस बार आयोजन को सार्वजनिक स्वरूप दिया गया. विशाल मंच, बड़ी एलईडी स्क्रीन और हजारों समर्थकों की मौजूदगी ने समारोह को चुनावी रैली जैसा रूप दे दिया. राज्यपाल आरएन रवि ने शुभेंदु अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी. उनके साथ भाजपा के पांच नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली.

समारोह के दौरान मंच पर मौजूद नेताओं ने इसे बंगाल की राजनीति में नये दौर की शुरुआत बताया. भाजपा समर्थक पार्टी के झंडे और बैनर लेकर मैदान में मौजूद रहे. कई लोग सुबह से ही अपनी जगह सुरक्षित करने के लिए पहुंच गये थे. मैदान के चारों ओर सुरक्षा घेरा और विशेष प्रवेश द्वार बनाये गये थे.

प्रधानमंत्री मोदी के पहुंचते ही गूंजा पूरा मैदान

कार्यक्रम शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शुभेंदु अधिकारी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य खुली जीप में मैदान के भीतर पहुंचे. इस दौरान हजारों लोग मोबाइल फोन से वीडियो बनाते और नारे लगाते दिखाई दिये. प्रधानमंत्री लगातार लोगों का अभिवादन करते रहे, जबकि शुभेंदु अधिकारी समर्थकों की ओर हाथ उठाकर प्रतिक्रिया देते नजर आये.

जीप से उतरने के बाद भी नेताओं ने पैदल चलते हुए मंच तक का रास्ता तय किया. मंच तक पहुंचने के दौरान कई बार नेताओं ने लोगों की ओर हाथ जोड़कर अभिवादन किया. पूरे मैदान में भाजपा समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद थी और लगातार जयकारे लग रहे थे.

शहीद कार्यकर्ताओं के परिवारों को दी गयी विशेष जगह

भाजपा ने कार्यक्रम में उन परिवारों को भी बुलाया था, जिनके सदस्य राजनीतिक हिंसा में मारे गये थे. उनके लिए मंच के पास अलग से बैठने की व्यवस्था की गयी थी. कार्यक्रम के दौरान कई नेताओं ने इन परिवारों का उल्लेख करते हुए उन्हें संघर्ष का प्रतीक बताया.

समारोह स्थल पर बंगाल की स्थानीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिली. मैदान में अलग-अलग जगह पारंपरिक खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाये गये थे. लोगों के बीच झालमुड़ी और मिठाइयों की काफी मांग दिखाई दी. आयोजन स्थल के आसपास भाजपा के पोस्टर, झंडे और स्वागत बैनर लगे थे.

पूरे इलाके को बनाया गया हाई सिक्योरिटी जोन

शपथ ग्रहण समारोह को लेकर कोलकाता पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट रहीं. मैदान और आसपास के इलाकों में हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गयी थी. निगरानी के लिए बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया.

वीवीआईपी मेहमानों की आवाजाही के लिए अलग रूट बनाये गये थे. कार्यक्रम स्थल के पास अस्थायी हेलीपैड भी तैयार किया गया था. मैदान में मौजूद भीड़ तक मंच की गतिविधियां पहुंचाने के लिए कई बड़ी स्क्रीन लगायी गयी थीं. ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए शहर के कई इलाकों में विशेष व्यवस्था लागू रही.

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई बड़ी हस्तियां रहीं मौजूद

समारोह में भाजपा सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों के अलावा उद्योग जगत, धार्मिक संगठनों और फिल्म जगत से जुड़े लोग भी पहुंचे थे. भाजपा ने इस आयोजन को केवल संवैधानिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे अपने राजनीतिक प्रभाव के प्रदर्शन के तौर पर भी पेश किया.

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि खुले मैदान में आयोजित यह कार्यक्रम राज्य में भाजपा की नयी राजनीतिक रणनीति का संकेत माना जा रहा है. पार्टी ने इस आयोजन के जरिये यह संदेश देने की कोशिश की कि बंगाल में उसकी मौजूदगी अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो चुकी है.

ब्रिगेड परेड ग्राउंड क्यों माना जाता है खास

कोलकाता का ब्रिगेड परेड ग्राउंड लंबे समय से बड़े राजनीतिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र रहा है. शहर के बीचोंबीच स्थित यह मैदान ऐतिहासिक और राजनीतिक दोनों कारणों से चर्चित माना जाता है.

ब्रिगेड परेड ग्राउंड की प्रमुख विशेषताएं :

  • यह मैदान कोलकाता के सबसे बड़े खुले सार्वजनिक स्थलों में गिना जाता है.
  • इसका रखरखाव भारतीय सेना की पूर्वी कमान के अधीन होता है.
  • यहां वर्षों से बड़ी राजनीतिक रैलियां और जनसभाएं आयोजित होती रही हैं.
  • बंगाल की लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियां यहां शक्ति प्रदर्शन कर चुकी हैं.
  • लाखों लोगों की भीड़ समाने की क्षमता के कारण इसे बड़े आयोजनों के लिए अहम स्थल माना जाता है.
  • ऐतिहासिक रूप से भी इस मैदान का शहर की पहचान से गहरा जुड़ाव रहा है.

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Bhagalpur : रेलवे मंजूरी के इंतजार में अटका भोलानाथ आरओबी, गार्डर लांचिंग नहीं होने से बढ़ी देरी

भोलानाथ आरओबी
भोलानाथ आरओबी : गार्डर लांचिंग नहीं होने से बढ़ी देरी.

Bhagalpur News : शहर के बहुप्रतीक्षित भोलानाथ आरओबी निर्माण में एक बार फिर रेलवे हिस्सा बाधा बन गया है. पुल निर्माण निगम द्वारा गार्डर लांचिंग की पूरी स्कीम तैयार कर मालदा रेलवे डिविजन को भेज दी गयी है, लेकिन अब तक अनुमति नहीं मिलने से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है. इससे परियोजना की रफ्तार धीमी पड़ गयी है और निर्माण एजेंसी की चिंता बढ़ गयी है.

भोलानाथ अंडरपास और बौंसी रेल पुल के बीच गार्डर लांचिंग का कार्य होना है. इस हिस्से में फाउंडेशन का निर्माण पूरा कर लिया गया है. यहीं से रेलवे की दो महत्वपूर्ण रेल लाइन गुजरती हैं, जिसके ऊपर आरओबी का ढांचा तैयार किया जाना है.

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मंजूरी के लिए सात दिनों से रेलवे कार्यालय के चक्कर

पुल निर्माण निगम के अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से निगम का कर्मी मालदा रेलवे डिविजन कार्यालय जाकर लगातार मंजूरी के लिए प्रयास कर रहा है. शुरुआत में रेलवे अधिकारियों ने पत्र नहीं मिलने की बात कही. बाद में पत्र की जानकारी देने पर जांच और खोजबीन का हवाला देकर मामला लंबित रखा गया.

स्थिति तब और उलझ गयी, जब निगम कर्मी खुद आवश्यक पत्र लेकर कार्यालय पहुंचा. इसके बाद मामला डिविजन और जोनल स्तर के बीच लंबित बताया जाने लगा. मंजूरी नहीं मिलने के कारण गार्डर लांचिंग शुरू नहीं हो पा रही है.

निगम और रेलवे अधिकारियों के बीच बढ़ा विवाद

सूत्रों की मानें तो इस मामले को लेकर पुल निर्माण निगम और रेलवे इंजीनियरों के बीच टेलीफोन पर तीखी बहस तक हो गयी. निगम की ओर से यहां तक कहा गया कि यदि रेलवे खुद गार्डर लांचिंग कराना चाहता है तो अपनी टीम भेज दे, निगम पूरा खर्च वहन करेगा. बावजूद इसके रेलवे की ओर से कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.

इधर, रेलवे हिस्से में निर्माण एजेंसी अपनी तैयारी पूरी होने का दावा कर रही है. अब केवल रेलवे की हरी झंडी मिलने का इंतजार किया जा रहा है.

तय समय से पीछे चल रही परियोजना

भोलानाथ आरओबी परियोजना पहले ही अपनी निर्धारित समयसीमा से करीब एक साल पीछे चल रही है. अप्रैल में तय दूसरी डेडलाइन भी पूरी नहीं हो सकी. लगातार देरी से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और लोग जल्द निर्माण पूरा होने की मांग कर रहे हैं.

भोलानाथ आरओबी : अब तक का कार्य

लागत : 86.17 करोड़ रुपये
फाउंडेशन : 96 प्रतिशत
सब स्ट्रक्चर : 76 प्रतिशत
सुपर स्ट्रक्चर : 55 प्रतिशत
अप्रोच रोड निर्माण : शून्य
अब तक भुगतान : 35.54 करोड़ रुपये

जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया अंतिम चरण में

आरओबी निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी लगभग पूरी कर ली गयी है. प्रशासन ने चिह्नित रैयतों के मुआवजे की राशि तय कर उन्हें नोटिस भेज दिया है. आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुआवजा भुगतान किया जायेगा. अधिकारियों को उम्मीद है कि जमीन संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य में और तेजी आयेगी.

वरीय परियोजना अभियंता ने क्या कहा

पुल निर्माण निगम कार्य प्रमंडल, भागलपुर के वरीय परियोजना अभियंता ज्ञानचंद्र दास ने बताया कि रेलवे हिस्से में गार्डर लांचिंग की स्कीम भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि मंजूरी नहीं मिलने से काम प्रभावित हो रहा है और लगातार रेलवे अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है. रेलवे की अनुमति मिलते ही गार्डर लांचिंग शुरू कर दी जायेगी.

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Bhagalpur : ट्रैफिक चालान से लेकर पारिवारिक विवाद तक, राष्ट्रीय लोक अदालत में सुनवाई शुरू

राष्ट्रीय लोक अदालत
राष्ट्रीय लोक अदालत में सुनवाई जारी

Bhagalpur News : भागलपुर समेत नवगछिया और कहलगांव में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर आयोजित इस लोक अदालत में ट्रैफिक चालान के लंबित मामलों के निष्पादन को लेकर विशेष तैयारी की गई है. बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ को देखते हुए अलग से विशेष बेंच बनाये गये हैं.

दीप प्रज्वलित कर हुआ राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन

व्यवहार न्यायालय भागलपुर परिसर में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष दीपंकर पांडेय, जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव समेत अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.

इस दौरान अधिकारियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत को त्वरित और सुलभ न्याय का माध्यम बताते हुए लोगों से इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की. अधिकारियों ने कहा कि आपसी समझौते से मामलों का निपटारा होने से समय और खर्च दोनों की बचत होती है.

ट्रैफिक चालान मामलों के लिए जिला स्कूल में विशेष व्यवस्था

इस बार तीन लाख से अधिक लंबित ट्रैफिक चालान मामलों के निष्पादन को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है. जिला स्कूल परिसर में ट्रैफिक चालान मामलों की सुनवाई के लिए पांच विशेष बेंच स्थापित की गई हैं. यहां ट्रैफिक विभाग और परिवहन विभाग के अधिकारियों की भी तैनाती की गई है, ताकि मौके पर ही अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन किया जा सके.

जानकारी के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक लंबित ट्रैफिक चालान मामलों को ही इस लोक अदालत में शामिल किया गया है. इन मामलों में 50 प्रतिशत तक की छूट के साथ सेटलमेंट का प्रावधान रखा गया है.

अलग-अलग मामलों के लिए गठित की गईं कुल 31 बेंच

राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान भागलपुर में कुल 22 बेंचों का गठन किया गया है. वहीं नवगछिया में सात और कहलगांव में दो बेंच बनाये गये हैं. इन बेंचों पर बैंक ऋण, बिजली बिल, पारिवारिक विवाद समेत अन्य समझौता योग्य मामलों की सुनवाई की जा रही है.

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तमिलनाडु में TVK के लिए बहुमत का रास्ता खुला, कांग्रेस के बाद वाम दलों ने दिया समर्थन

टीवीके
टीवीके सुप्रीमो थलपति विजय, फोटो-X

TVK Government Formation: तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) को कांग्रेस के बाद अब वामपंथी दलों का भी समर्थन मिल गया है, जिससे राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल गए हैं. सीपीआई और सीपीएम ने शुक्रवार को बैठक के बाद TVK को बिना शर्त समर्थन देने का फैसला किया है. पार्टी की ओर से औपचारिक समर्थन पत्र भी सौंप दिया गया है. इसके साथ ही वीसीके के समर्थन ने भी TVK के बहुमत के दावे को और मजबूत कर दिया है. अब राज्य में सरकार गठन को लेकर सभी दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं और राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है.

वाम दलों के समर्थन से TVK के पक्ष में बदला समीकरण

टीवीके नेता कामराज ने जानकारी दी है कि पार्टी को अब सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का समर्थन मिल चुका है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी के पास बहुमत से अधिक संख्या हो गई है और जल्द ही थलपति विजय राज्यपाल से मिलकर सरकार गठन का दावा पेश करेंगे. कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन के बाद TVK का आधार और मजबूत हुआ है. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वाम दलों के जुड़ने से TVK की स्थिति निर्णायक बन गई है और सरकार गठन की प्रक्रिया लगभग तय दिशा में आगे बढ़ रही है.

बहुमत के आंकड़े में TVK ने हासिल की बढ़त

वर्तमान समीकरणों के अनुसार TVK के पास 108 विधायक हैं. कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन के बाद यह संख्या 113 तक पहुंच जाती है. सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है. सीपीआई के दो, सीपीएम के दो और वीसीके के दो विधायकों के जुड़ने के बाद कुल समर्थन 119 तक पहुंच गया है, जो बहुमत के आंकड़े से अधिक है. इस बदलाव ने तमिलनाडु की राजनीति में नए गठबंधन की संभावनाओं को मजबूती दी है.

विपक्ष और गठबंधन राजनीति में नई हलचल

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पहले ही सीपीआई महासचिव डी राजा से बातचीत कर धर्मनिरपेक्ष सरकार के गठन में सहयोग की अपील की थी. इसके बाद वाम दलों ने TVK के समर्थन में निर्णय लिया. चुनाव परिणामों में TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि DMK को 59 और AIADMK को 47 सीटें मिलीं थीं. अन्य दलों में कांग्रेस, पीएमके, वीसीके, भाकपा और माकपा ने भी सीमित लेकिन महत्वपूर्ण सीटें हासिल की थीं. इस नए गठबंधन से तमिलनाडु में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं.

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मायागंज अस्पताल में नशे में कर्मी का हंगामा, सुरक्षा गार्ड से भिड़ंत के बाद फरार

भागलपुर
मायागंज अस्पताल में हंगामा.

Bhagalpur News : भागलपुर के मायागंज स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक कर्मचारी पर नशे की हालत में हंगामा करने का आरोप लगा. बताया जा रहा है कि अस्पताल परिसर में वह अलग-अलग जगहों पर जाकर शोर-शराबा कर रहा था, जिससे मरीजों और परिजनों को परेशानी होने लगी. स्थिति बिगड़ती देख सुरक्षा गार्डों ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद मामला और बढ़ गया और विवाद की स्थिति बन गई. इसके बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा.

अलग-अलग वार्डों में हंगामा

सूचना के अनुसार संबंधित कर्मचारी पहले ईएनटी विभाग पहुंचा और वहां हंगामा करने लगा. वहां से हटाए जाने के बाद वह इमरजेंसी वार्ड की ओर चला गया और वहां भी इसी तरह का व्यवहार करने लगा. लगातार शिकायत मिलने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की.

गार्ड और कर्मचारी के बीच विवाद

इमरजेंसी गेट के पास जब सुरक्षा गार्ड ने उसे नियंत्रित करने का प्रयास किया तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई. स्थिति बिगड़ने पर गार्ड ने उसे पकड़ लिया, लेकिन इसी दौरान वह मौके से निकलने में सफल रहा. इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी.

पुलिस की मौजूदगी में भी भागा आरोपी

सूचना पर बरारी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और कर्मचारी की तलाश शुरू की. पुलिस ने कुछ दूरी तक पीछा भी किया, लेकिन वह अस्पताल परिसर से बाहर निकलकर फरार हो गया. घटना के बाद पूरे परिसर में कुछ देर तक हलचल बनी रही.

कार्रवाई की मांग

घटना को लेकर अस्पताल में मौजूद लोगों और स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि अस्पताल का माहौल प्रभावित न हो और मरीजों को परेशानी न झेलनी पड़े.

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