कोरोना के जख्म भरे नहीं, अब हंटावायरस ने बढ़ाई टेंशन, 3 की मौत, चूहों से फैलता है इंफेक्शन

हंटावायरस
हंटावायरस ने बढ़ाई टेंशन.

Hantavirus: नीदरलैंड के झंडे वाले एमवी हॉनडियस क्रूज जहाज पर हंटावायरस संक्रमण के मामलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है. जहाज पर संक्रमण फैलने के बाद अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों में संक्रमण की आशंका जतायी जा रही है. इस बीच बिना पूरी संपर्क ट्रेसिंग के कई यात्री जहाज छोड़कर अलग-अलग देशों के लिये रवाना हो गये, जिससे स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता और बढ़ गयी है.

जानकारी के अनुसार अप्रैल महीने में जहाज पर पहला मामला सामने आया था. एक डच नागरिक की मौत के बाद उसका शव सेंट हेलेना द्वीप पर उतारा गया था. बाद में उसकी पत्नी भी जहाज से दक्षिण अफ्रीका गयी, जहां उसकी भी मौत हो गयी. इसके बाद संक्रमण को लेकर जहाज पर निगरानी बढ़ा दी गयी.

कई देशों में यात्रियों की तलाश

जहाज संचालित करने वाली कंपनी ने स्वीकार किया है कि कई यात्री बीच यात्रा में ही जहाज छोड़कर चले गये थे. इनमें अलग-अलग देशों के नागरिक शामिल हैं. अब दक्षिण अफ्रीका और यूरोप के कई देश उन यात्रियों की पहचान और ट्रैकिंग में जुटे हुए हैं, ताकि संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके.

यूरोप भेजे गये संक्रमित यात्री

स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक जहाज पर मौजूद कुछ यात्रियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है. एक यात्री को स्विट्जरलैंड में संक्रमित पाया गया, जबकि कुछ अन्य लोगों को इलाज के लिये दक्षिण अफ्रीका और यूरोप भेजा गया है. जहाज पर मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स की लगातार निगरानी की जा रही है.

डब्ल्यूएचओ ने जतायी चिंता

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कई पुष्ट मामलों की जानकारी दी है और संदिग्ध मरीजों की जांच जारी रहने की बात कही है. संगठन के अनुसार जहाज पर अभी भी कुछ लोग निगरानी में हैं. संक्रमण के स्रोत और संभावित संपर्कों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है.

क्या है हंटावायरस

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हंटावायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क से फैलता है. वायरस के कण सांस के जरिये शरीर में प्रवेश कर सकते हैं. हालांकि व्यक्ति से व्यक्ति में इसका संक्रमण बेहद दुर्लभ माना जाता है. विशेषज्ञों ने लोगों से सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है.

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बंगाल में राजनीतिक भूचाल; विधानसभा भंग, ममता बनर्जी समेत सभी मंत्रियों की कुर्सी गयी

ममता बनर्जी
ममता बनर्जी समेत पूरा मंत्रिमंडल बर्खास्त.

West Bengal Assembly Dissolved: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. राज्यपाल रवि नारायण ने गुरुवार को संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए राज्य विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी कर दिया. इसके साथ ही मौजूदा मंत्रिपरिषद को भी समाप्त कर दिया गया है. इस फैसले के बाद अब राज्य में नयी सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गयी है.

राजभवन सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 174(2)(बी) के तहत की गयी है. आदेश जारी होने के साथ ही पश्चिम बंगाल की 17वीं विधानसभा का कार्यकाल औपचारिक रूप से समाप्त हो गया. प्रशासनिक स्तर पर भी इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.

दो दिनों तक राज्यपाल संभालेंगे जिम्मेदारी

विधानसभा भंग होने के बाद अगले दो दिनों तक राज्यपाल प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे. इसके बाद नयी सरकार के गठन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जायेगी. राजनीतिक हलकों में इस फैसले को राज्य की सत्ता परिवर्तन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है.

ममता बनर्जी ने जतायी नाराजगी

विधानसभा भंग होने से पहले निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं हारी है, बल्कि सीटों का नुकसान हुआ है. उन्होंने इस्तीफे को लेकर भी नाराजगी जाहिर की थी. उनके बयान के बाद राज्य की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया था.

ब्रिगेड मैदान में होगा शपथ ग्रहण

जानकारी के अनुसार रवींद्र जयंती के अवसर पर कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में नयी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जायेगा. समारोह में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और भाजपा शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसपीजी, कोलकाता पुलिस और केंद्रीय बलों को जिम्मेदारी सौंपी गयी है.

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Bhagalpur : टीएमबीयू में दाखिले की रफ्तार तेज, 250 से ज्यादा छात्रों ने किया आवेदन

टीएमबीयू
टीएमबीयू की फाइल फोटो.

Bhagalpur News : तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में स्नातक सत्र 2026-30 के सेमेस्टर वन में एडमिशन को लेकर छात्रों के बीच उत्साह बढ़ता जा रहा है. विश्वविद्यालय की ओर से समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया लगातार जारी है. दूसरे दिन तक विभिन्न संकायों और विषयों में 250 से ज्यादा आवेदन दर्ज किये जा चुके हैं.

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 19 मई निर्धारित की गयी है. इसके बाद 23 मई को पहली मेधा सूची प्रकाशित की जायेगी. इसी सूची के आधार पर 25 मई से विभिन्न कॉलेजों में नामांकन शुरू कराया जायेगा.

सभी कॉलेजों को भेजा गया शेड्यूल

डीएसडब्ल्यू प्रो अर्चना साह ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया से जुड़ा पूरा कार्यक्रम विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी कॉलेजों को उपलब्ध करा दिया गया है. इस बार विश्वविद्यालय के पुराने अंगीभूत कॉलेजों के साथ नये डिग्री कॉलेजों और संबद्ध संस्थानों में भी नामांकन लिया जायेगा.

उन्होंने कहा कि केवल वही छात्र-छात्राएं नामांकन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने समर्थ पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया है. बिना आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया जायेगा.

नये कॉलेजों में सीमित विषयों में दाखिला

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नये शुरू किये गये 10 डिग्री कॉलेजों में फिलहाल सीमित विषयों में ही एडमिशन होगा. इनमें हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र विषय शामिल हैं. छात्रों को आवेदन के दौरान विषय चयन में सावधानी बरतने की सलाह दी गयी है.

30 जून तक पूरी होगी प्रक्रिया

टीएमबीयू प्रशासन ने लक्ष्य रखा है कि 30 जून तक नामांकन प्रक्रिया पूरी कर ली जाये. इसके बाद 1 जुलाई से नये सत्र की कक्षाएं नियमित रूप से शुरू कर दी जायेंगी.

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विक्रमशिला सेतु की होगी हाईटेक जांच, मशीन स्कैनिंग से पता चलेगी अंदरूनी कमजोरी

विक्रमशिला सेतु
विक्रमशिला सेतु की होगी हाईटेक जांच.

Bhagalpur News : विक्रमशिला सेतु हादसे के बाद अब पुल की संरचनात्मक स्थिति की गहराई से जांच कराने की तैयारी शुरू कर दी गयी है. शुरुआती निरीक्षण में केवल बाहरी हिस्सों का आकलन हो सका था, लेकिन अब अंदरूनी संरचना की वास्तविक स्थिति जानने के लिये अत्याधुनिक मशीनों से स्कैनिंग करायी जायेगी. इसके लिये आईआईटी पटना की विशेषज्ञ टीम को जिम्मेदारी सौंपी गयी है.

पिछले कुछ दिनों में हुई प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि पुल के कई हिस्सों में दबाव और क्षति के संकेत मिले हैं. हालांकि तकनीकी टीम पुल के अंदरूनी भागों तक प्रत्यक्ष रूप से नहीं पहुंच सकी, जिसके कारण विस्तृत वैज्ञानिक जांच की जरूरत महसूस की गयी. इसी के बाद मशीन आधारित स्कैनिंग कराने का फैसला लिया गया.

आईआईटी पटना की सलाह पर बनी योजना

आईआईटी पटना की विशेषज्ञ टीम ने सेतु की स्थिति का सटीक आकलन करने के लिये आधुनिक तकनीक से स्कैनिंग कराने की सिफारिश की थी. इस सुझाव को मंजूरी दे दी गयी है और अब आईआईटी की तकनीकी विंग पूरे पुल की मशीनरी जांच करेगी. अधिकारियों का मानना है कि इससे पुल की वास्तविक स्थिति स्पष्ट रूप से सामने आ सकेगी.

तीन दिनों में पहुंचेगी तकनीकी टीम

जानकारी के अनुसार अगले तीन दिनों के भीतर विशेषज्ञ टीम अत्याधुनिक उपकरणों के साथ विक्रमशिला सेतु पहुंचेगी. मशीनों के जरिये पुल के प्रत्येक हिस्से का बारीकी से परीक्षण किया जायेगा. जांच में यह पता लगाया जायेगा कि किस स्लैब या संरचनात्मक हिस्से में दरार, कमजोरी या अन्य तकनीकी समस्या मौजूद है.

रिपोर्ट के बाद बनेगी मरम्मत रणनीति

तकनीकी परीक्षण पूरा होने के बाद आईआईटी पटना की टीम विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी. इसी रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत, मजबूतीकरण और आगे की तकनीकी कार्रवाई तय की जायेगी. विभाग का कहना है कि जिन हिस्सों में ज्यादा कमजोरी पायी जायेगी, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य शुरू कराया जायेगा.

मरम्मत जिम्मेदारी पर भी होगा फैसला

वर्तमान में विक्रमशिला सेतु के रखरखाव की जिम्मेदारी एनएच विभाग के पास है. हादसे के बाद नियमित निगरानी और मरम्मत में लापरवाही के आरोप में संबंधित कार्यपालक अभियंता को निलंबित किया जा चुका है. अब उच्च स्तर पर यह तय करने की प्रक्रिया चल रही है कि भविष्य में सेतु की मरम्मत और निगरानी का जिम्मा किस एजेंसी को दिया जायेगा.

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विक्रमशिला सेतु; राउरकेला से आयेगी बेली ब्रिज की सामग्री, सप्ताह में शुरू होगा निर्माण कार्य

विक्रमशिला सेतु
विक्रमशिला सेतु की होगी हाईटेक जांच.

Bhagalpur News : विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर आवागमन दोबारा शुरू कराने की कवायद तेज हो गयी है. विभाग ने तत्काल राहत व्यवस्था के तहत अस्थायी बेली ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके लिये बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) को जिम्मेदारी सौंपी गयी है. बीआरओ की तकनीकी टीम सेतु का निरीक्षण कर चुकी है और प्रभावित हिस्से की लंबाई-चौड़ाई का आकलन भी पूरा कर लिया गया है.

अधिकारियों के अनुसार बेली ब्रिज निर्माण के लिये जरूरी सामग्री राउरकेला स्थित हेडक्वार्टर से मंगायी जायेगी. मटेरियल आने में करीब सात दिनों का समय लग सकता है. सामग्री पहुंचते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जायेगा. विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि यदि मौसम और तकनीकी परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो करीब 15 दिनों में हल्के वाहनों की आवाजाही बहाल हो सकती है.

दो मोर्चों पर चलेगी कार्रवाई

विभाग ने इस पूरे मामले में तत्काल और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर तैयारी शुरू की है. हेडक्वार्टर की ओर से दो अलग-अलग प्रस्ताव तैयार किये जा रहे हैं. पहला प्रस्ताव बीआरओ को अस्थायी बेली ब्रिज निर्माण के लिये भेजा जायेगा, जबकि दूसरा स्थायी मरम्मत योजना से संबंधित होगा. उद्देश्य यह है कि फिलहाल यातायात बहाल किया जाये और साथ ही स्थायी समाधान की प्रक्रिया भी जारी रहे.

मंत्रालय को भेजा जायेगा प्रस्ताव

एनएच साउथ विंग, बिहार के मुख्य अभियंता संजय भारती ने बताया कि प्रस्ताव लगभग तैयार कर लिया गया है. इसे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नयी दिल्ली को भेजा जायेगा. इसकी प्रति बीआरओ को भी उपलब्ध करायी जायेगी, ताकि निर्माण प्रक्रिया में देरी न हो. विभाग ने स्पष्ट किया है कि बेली ब्रिज के माध्यम से तत्काल रिस्टोरेशन का निर्णय लिया जा चुका है.

उच्चस्तरीय बैठक में बनी सहमति

पथ निर्माण विभाग, पटना में हुई उच्चस्तरीय बैठक में प्रभावित हिस्से पर अस्थायी बेली ब्रिज बनाने को मंजूरी दी गयी. बैठक में आईआईटी पटना और बीआरओ की तकनीकी रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा हुई. विशेषज्ञों ने बताया कि क्षतिग्रस्त स्पैन पर तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था जरूरी है, ताकि लोगों को राहत मिल सके और यातायात आंशिक रूप से बहाल किया जा सके.

बीआरओ की तकनीकी विशेषज्ञता पर भरोसा

विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में तेजी से पुल निर्माण करने का अनुभव बीआरओ के पास है. इसी कारण एजेंसी को इस कार्य में शामिल किया गया है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि निर्माण से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जायें.

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विक्रमशिला सेतु पर बनेगा टू लेन बेली ब्रिज, पैदल आवाजाही के लिये अलग कॉरिडोर

Vikramshila Bridge
विक्रमशिला सेतु पर बनेगा टू लेन बेली ब्रिज.

Bhagalpur News : विक्रमशिला सेतु पर यातायात बहाल करने की दिशा में पथ निर्माण विभाग ने तेज तैयारी शुरू कर दी है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार क्षतिग्रस्त हिस्से पर अस्थायी राहत के तौर पर टू लेन बेली ब्रिज तैयार किया जायेगा, ताकि सीमित स्तर पर वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो सके. इसके साथ ही पैदल यात्रियों के लिये अलग रास्ता भी विकसित किया जायेगा.

गुरुवार को पथ निर्माण विभाग के सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सेतु की वर्तमान स्थिति, वैकल्पिक यातायात व्यवस्था और मरम्मत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गयी. बैठक में विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यातायात बहाली से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए.

दो महीने में कार्य पूरा करने का लक्ष्य

विभाग ने बेली ब्रिज के साथ-साथ ट्रस ब्रिज निर्माण कार्य भी समानांतर रूप से शुरू करने की योजना बनायी है. अधिकारियों के मुताबिक दोनों परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिये विशेष निगरानी रखी जा रही है. लक्ष्य रखा गया है कि दो महीने के भीतर वैकल्पिक यातायात व्यवस्था तैयार कर ली जाये.

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आईआईटी पटना कर रही सेफ्टी जांच

विक्रमशिला सेतु की संरचनात्मक स्थिति का आकलन करने के लिये आईआईटी पटना की विशेषज्ञ टीम सेफ्टी ऑडिट में जुटी हुई है. टीम पूरे पुल का तकनीकी निरीक्षण कर रही है और तीन सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपे जाने की संभावना है. इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की मरम्मत और सेतु को मजबूत बनाने की रणनीति तय की जायेगी.

अधिकारियों को स्थल पर कैंप करने का निर्देश

बैठक में सचिव ने मुख्य अभियंता और संबंधित तकनीकी टीमों को कार्यस्थल पर लगातार मौजूद रहने का निर्देश दिया. समीक्षा के दौरान क्षतिग्रस्त हिस्से के मेंटेनेंस, डिजाइन, निर्माण प्रक्रिया और यातायात बहाली की टाइमलाइन पर विस्तार से चर्चा की गयी. बैठक में तकनीकी विशेषज्ञों, बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन और आईआईटी पटना के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया.

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Bhagalpur: लंबित ट्रैफिक चालान पर मिलेगी छूट; 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत

भागलपुर
लंबित ट्रैफिक चालान पर मिलेगी छूट.

Bhagalpur News : भागलपुर जिले में लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिये 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जायेगी. यह आयोजन बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से किया जा रहा है. लोक अदालत का आयोजन व्यवहार न्यायालय भागलपुर के साथ-साथ नवगछिया और कहलगांव न्यायालय परिसर में भी होगा. प्रक्रिया सुबह 10:30 बजे से शुरू की जायेगी.

इस दौरान विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों की सुनवाई सरल और आपसी सहमति के आधार पर की जायेगी, ताकि लोगों को जल्दी राहत मिल सके. अधिकारियों ने संबंधित पक्षों से समय पर उपस्थित होकर आवश्यक कागजात साथ लाने की अपील की है.

ट्रैफिक चालान में 50 फीसदी तक राहत

राष्ट्रीय लोक अदालत के साथ वन टाइम ट्रैफिक चालान सेटलमेंट कार्यक्रम भी आयोजित किया जायेगा. इसके लिये जिला स्कूल, भागलपुर परिसर में विशेष कैंप लगाया जायेगा, जहां सुबह 10 बजे से प्रक्रिया शुरू होगी. इस योजना के तहत 31 दिसंबर 2025 तक के लंबित ट्रैफिक चालानों का निपटारा किया जायेगा.

प्रशासन की ओर से बताया गया है कि चालान मामलों के समाधान पर पेनल्टी में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जायेगी. इसके अलावा विलंब शुल्क और अतिरिक्त अर्थदंड में भी राहत का प्रावधान रखा गया है. वाहन मालिकों को अपने वाहन से जुड़े अद्यतन दस्तावेज साथ लेकर आने को कहा गया है.

नगद भुगतान की भी सुविधा

सेटलमेंट प्रक्रिया को आसान बनाने के लिये नगद भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी. अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से पुराने लंबित मामलों का बोझ कम होगा और लोगों को कानूनी प्रक्रिया से जल्दी राहत मिल सकेगी.

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विक्रमशिला सेतु पर बनेगा बेली ब्रिज, एक-एक तरफ से छोड़े जायेंगे वाहन

Vikramshila Bridge
विक्रमशिला सेतु पर बनेगा बेली ब्रिज.

Bhagalpur News : विक्रमशिला सेतु पर यातायात प्रभावित होने के बाद जिला प्रशासन अब वैकल्पिक व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित करने में जुट गया है. इसी कड़ी में गुरुवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव की मौजूदगी में समीक्षा बैठक हुई, जिसमें भागलपुर और नवगछिया के बीच आवाजाही को सुगम बनाने के लिये कई अहम निर्णय लिये गये.

बैठक में बताया गया कि सेतु पर जल्द ही करीब तीन से साढ़े तीन मीटर चौड़ा अस्थायी स्कैफोल्डिंग ब्रिज तैयार किया जायेगा. इस ब्रिज से वाहनों का परिचालन नियंत्रित तरीके से कराया जायेगा. एक दिशा से वाहन गुजरने के दौरान दूसरी ओर की गाड़ियों को रोका जायेगा, ताकि आवागमन सुरक्षित ढंग से हो सके. प्रशासन ने अधिकारियों को इसके लिये पूरी तैयारी रखने का निर्देश दिया है.

घाटों तक पहुंच मार्ग दुरुस्त करने का निर्देश

समानांतर पुल निर्माण कार्य में लगी एजेंसी को बरारी और महादेवपुर घाट तक जाने वाले रास्तों को समतल और सुगम बनाने को कहा गया है. प्रशासन का मानना है कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में लोग इसी वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करेंगे, इसलिए सड़क और घाट दोनों की व्यवस्था बेहतर रहनी जरूरी है.

यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष फोकस

बैठक में घाटों पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने पर भी जोर दिया गया. डीएम ने निर्देश दिया कि मोटर बोट के ऊपरी हिस्से पर यात्रियों को बैठने की अनुमति नहीं होगी. वहां केवल चालक और क्रू मेंबर ही रहेंगे. एसडीआरएफ की टीमों को लगातार जलमार्ग में गश्ती करने को कहा गया है. वहीं घाटों पर तैनात दंडाधिकारी और पुलिस कर्मियों को बैज लगाकर ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया.

भीड़ नियंत्रण और सफाई व्यवस्था पर जोर

क्रूज और नाव से यात्रियों के उतरने के समय अतिरिक्त पुलिस बल और आपदा मित्रों की तैनाती की जायेगी. नगर निगम को घाटों पर रोजाना तीन बार सफाई कराने तथा दुकानदारों को डस्टबिन रखने का निर्देश दिया गया है. महादेवपुर घाट पर अतिरिक्त टेंट लगाने की तैयारी भी की जा रही है.

ट्रक परिचालन के लिये अलग जलमार्ग की तैयारी

प्रशासन ने कहलगांव से तीनटंगा गोपालपुर जलमार्ग के जरिये ट्रक और छोटी व्यावसायिक गाड़ियों के परिचालन की योजना भी तैयार की है. संबंधित अधिकारियों को वैकल्पिक सड़कों का निरीक्षण कर जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है. जरूरत पड़ने पर सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य भी कराया जायेगा.

ऑटो और टोटो किराया होगा तय

जिलाधिकारी ने महादेवपुर घाट से जाह्नवी चौक और बरारी घाट से शहर के विभिन्न हिस्सों तक चलने वाले ऑटो और टोटो का किराया तय करने का निर्देश भी दिया है, ताकि यात्रियों से मनमाना किराया नहीं वसूला जा सके.

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विक्रमशिला सेतु पर असर के बाद जलमार्ग बना सहारा, गंगा घाटों पर बढ़ायी गयी सुरक्षा व्यवस्था

Bhagalpur
गंगा घाटों पर बढ़ायी गयी सुरक्षा व्यवस्था.

Bhagalpur News : विक्रमशिला सेतु मार्ग प्रभावित होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच जलमार्ग से यात्रा करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने बरारी और महादेवपुर घाट पर अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध करानी शुरू कर दी हैं, ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.

प्रशासन की ओर से दोनों घाटों पर पेयजल, शौचालय और नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था की गयी है. यात्रियों की सुविधा और निगरानी के लिये अधिकारियों को भी सक्रिय रखा गया है. घाट परिसर में साफ-सफाई और भीड़ प्रबंधन को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है.

सुरक्षा व्यवस्था की गयी मजबूत

जलमार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है. घाटों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गयी है, ताकि रात के समय भी आवागमन सुरक्षित तरीके से हो सके. इसके अलावा बड़ी संख्या में आपदा मित्रों की तैनाती की गयी है, जो किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मदद करेंगे.

नावों और स्टीमर पर निगरानी

यात्रियों को सुरक्षित तरीके से नाव और स्टीमर पर चढ़ाने-उतारने के लिये प्रशासनिक निगरानी बढ़ा दी गयी है. बड़े स्टीमर पर भी आपदा मित्रों की मौजूदगी सुनिश्चित की गयी है. अधिकारियों का कहना है कि जलमार्ग पर लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुविधा दोनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

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भागलपुर
लंबित ट्रैफिक चालान पर मिलेगी छूट.

Bhagalpur News : ग्रामीण इलाकों में सफाई व्यवस्था को लेकर चल रहे अभियान की हालत जिले में चिंताजनक पायी गयी है. स्वच्छता मित्र ऐप के जरिये हुई निगरानी में खुलासा हुआ है कि पंचायतों में कचरा संग्रहण के लिये उपलब्ध कराये गये बड़ी संख्या में ई-रिक्शा खराब पड़े हैं. इसके कारण कई क्षेत्रों में नियमित कचरा उठाव प्रभावित हो रहा है. गुरुवार को समीक्षा के दौरान डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया.

जिले में कुल 237 कचरा वाहन उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें 130 वाहन फिलहाल संचालन से बाहर हैं. अधिकतर गाड़ियां बैटरी खराब होने, रखरखाव की कमी और मरम्मत लंबित रहने के कारण उपयोग में नहीं आ रही हैं. कई पंचायतों में महीनों से वाहन खड़े रहने की बात भी सामने आयी है. रिपोर्ट में जगदीशपुर और शाहकुंड प्रखंड की स्थिति सबसे कमजोर बतायी गयी, जहां सफाई कार्य पर सीधा असर देखा गया. कुछ स्थानों पर पुराने पेडल रिक्शा भी निष्क्रिय हालत में मिले हैं.

सात दिनों में सुधार का निर्देश

समीक्षा बैठक में डीडीसी ने साफ कहा कि खराब वाहनों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था कमजोर हो रही है. उन्होंने संबंधित प्रखंडों और एजेंसियों को सात दिनों के भीतर सभी बंद पड़े वाहनों की मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा. साथ ही नियमित मॉनिटरिंग कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया.

बिहपुर रहा सबसे बेहतर

जहां कई प्रखंडों में सफाई वाहनों की स्थिति खराब मिली, वहीं बिहपुर प्रखंड का प्रदर्शन बेहतर पाया गया. यहां अधिकांश ई-रिक्शा चालू हालत में मिले और कचरा उठाव कार्य नियमित रूप से संचालित होने की जानकारी दी गयी. अधिकारियों ने बिहपुर की व्यवस्था को अन्य क्षेत्रों के लिये उदाहरण बताया है.

मानदेय भुगतान और नई यूनिट पर जोर

बैठक में बंद पड़ी वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट्स को जल्द चालू कराने पर भी चर्चा हुई. प्रशासन ने शाहकुंड के दरियापुर और जगदीशपुर के चांदपुर में नई प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने का फैसला लिया है. इसके अलावा स्वच्छता कर्मियों के लंबित मानदेय का भुगतान पंचायती राज फंड से कराने और इसकी अद्यतन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश भी अधिकारियों को दिया गया.

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