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भागलपुर निगम की नई पहल: DPR के लिए बनायेगा कंसल्टेंट पैनल, आर्किटेक्ट बहाली की झंझट खत्म

भागलपुर
DPR के लिए बनायेगा कंसल्टेंट पैनल.

Bhagalpur News : शहर के विकास कार्यों को व्यवस्थित और तेज करने के लिए नगर निगम ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है. अब अलग-अलग परियोजनाओं के लिए बार-बार आर्किटेक्ट नियुक्त करने की प्रक्रिया से राहत मिलने वाली है. निगम प्रशासन अनुभवी कंसल्टेंट्स का एक पैनल बनाने जा रहा है, जो विभिन्न योजनाओं के लिए तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा. इस कदम को विकास योजनाओं में तेजी और गुणवत्ता सुधार की दिशा में अहम माना जा रहा है.

एक ही पैनल से मिलेगी तकनीकी मदद

निगम द्वारा प्रस्तावित इस व्यवस्था में चयनित कंसल्टेंट्स शहर की अलग-अलग परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेंगे. इसके साथ ही वे योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी भी करेंगे. इससे न केवल काम की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने में भी आसानी होगी. पहले हर प्रोजेक्ट के लिए अलग से आर्किटेक्ट या एजेंसी नियुक्त करनी पड़ती थी, जिससे प्रक्रिया लंबी हो जाती थी.

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ऑनलाइन टेंडर के जरिए होगा चयन

कंसल्टेंट पैनल के गठन के लिए निगम ने एजेंसियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं. पूरी चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए टू-बिड सिस्टम अपनाया गया है. इसमें पहले तकनीकी बिड और उसके बाद वित्तीय बिड के आधार पर एजेंसियों का चयन किया जाएगा. इच्छुक एजेंसियों को निर्धारित शर्तों और मानकों का पालन करते हुए आवेदन करना होगा.

तय समय-सीमा में पूरी होगी प्रक्रिया

नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया का पूरा शेड्यूल भी जारी कर दिया है. एक मई से 12 मई तक टेंडर अपलोड किए जाएंगे. इसके बाद 5 मई को प्री-बिड बैठक नगर निगम कार्यालय में आयोजित की जाएगी, जिसमें एजेंसियों के सवालों का समाधान किया जाएगा. तकनीकी बिड 12 मई को खोली जाएगी. इसके बाद आगे की प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी.

निगम प्रशासन को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से शहर की विकास योजनाओं को बेहतर तकनीकी समर्थन मिलेगा. साथ ही परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में भी सहूलियत होगी, जिससे शहरी विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी और योजनाओं का लाभ लोगों तक जल्द पहुंचेगा.

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वट सावित्री पर नई दुल्हन का खास स्टाइल: इन रंगों की साड़ी से मिलेगा परफेक्ट ट्रेडिशनल लुक

साड़ियों का कॉम्बिनेशन (image: AI generated)

Vat Savitri: वट सावित्री का पर्व विवाहित महिलाओं के लिए आस्था, परंपरा और भावनाओं से जुड़ा होता है. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना करती हैं, इसलिए उनके पहनावे में भी इसकी झलक साफ दिखती है. खासकर नई दुल्हन के लिए यह पहला व्रत और पहला बड़ा पारंपरिक अवसर हो सकता है, ऐसे में उनका लुक सभी का ध्यान खींचता है. साड़ी का चयन यहां सबसे अहम भूमिका निभाता है, क्योंकि यही परंपरा और सुंदरता दोनों को एक साथ सामने लाता है.

सही रंगों और उनके संतुलित मेल से न केवल व्यक्तित्व निखरता है, बल्कि त्योहार की पवित्रता भी झलकती है. अगर आप इस बार वट सावित्री पर कुछ अलग और खास दिखना चाहती हैं, तो इन साड़ी कलर कॉम्बिनेशन को ध्यान में रख सकती हैं.

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लाल और सुनहरा, पारंपरिक शान का प्रतीक

लाल रंग भारतीय विवाह और सुहाग से गहराई से जुड़ा होता है, इसलिए यह नई दुल्हन के लिए सबसे स्वाभाविक पसंद माना जाता है. जब इस रंग के साथ सुनहरे डिजाइन, बॉर्डर या जरी का काम जुड़ता है, तो साड़ी का लुक और अधिक आकर्षक बन जाता है. यह कॉम्बिनेशन हर उम्र और हर तरह की दुल्हन पर जंचता है. खास बात यह है कि इस रंग संयोजन में एक अलग ही गरिमा नजर आती है, जो इस पवित्र अवसर के लिए पूरी तरह उपयुक्त है.

हरा और पीला, सादगी में ताजगी का एहसास

अगर आप कुछ हल्का और फ्रेश लुक चाहती हैं, तो हरे और पीले रंग का मेल अच्छा विकल्प हो सकता है. हरा रंग खुशहाली और समृद्धि का संकेत देता है, जबकि पीला रंग उजाले और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा होता है. यह कॉम्बिनेशन दिन के समय पूजा या व्रत के दौरान बेहद आकर्षक लगता है. इसमें सादगी के साथ एक अलग तरह की चमक होती है, जो ज्यादा भारी लुक से बचाते हुए भी खास बनाती है.

मरून और क्रीम, क्लासिक और संतुलित लुक

मरून रंग हमेशा से रॉयल और गहरा माना जाता है, जो व्यक्तित्व को एक अलग पहचान देता है. इसके साथ क्रीम रंग का मेल इसे संतुलित और सौम्य बनाता है. यह कॉम्बिनेशन उन दुल्हनों के लिए उपयुक्त है, जो ज्यादा चमक-धमक से दूर रहकर भी एक शालीन और आकर्षक लुक चाहती हैं. मरून की गहराई और क्रीम की सादगी मिलकर एक क्लासिक स्टाइल तैयार करती है.

गुलाबी और सिल्वर, सॉफ्ट और मॉडर्न अंदाज

गुलाबी रंग कोमलता, प्रेम और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. जब इसमें सिल्वर टोन जुड़ता है, तो लुक में हल्की आधुनिकता भी आ जाती है. यह कॉम्बिनेशन उन दुल्हनों के लिए बेहतर है, जो पारंपरिकता के साथ थोड़ा ट्रेंडी टच चाहती हैं. हल्के गहनों के साथ यह रंग संयोजन बेहद एलिगेंट नजर आता है और दिन के समय खास तौर पर अच्छा लगता है.

ऑरेंज और रेड, उत्सव की चमक से भरपूर

ऑरेंज और रेड दोनों ही रंग ऊर्जा, उत्साह और उत्सव की भावना को दर्शाते हैं. इनका मेल काफी बोल्ड और आकर्षक होता है, जो दूर से ही ध्यान खींचता है. यह कॉम्बिनेशन उन दुल्हनों के लिए परफेक्ट है, जो अपने लुक में जोश और पारंपरिक रंगों की चमक दोनों चाहती हैं. इस रंग संयोजन में त्योहार की पूरी झलक दिखाई देती है, जिससे लुक और भी खास बन जाता है.

साड़ी चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान

नई दुल्हन के लिए सिर्फ रंग ही नहीं, बल्कि फैब्रिक और डिजाइन भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं. मौसम के अनुसार हल्के या भारी कपड़े का चयन करना चाहिए, ताकि पूरे दिन आराम बना रहे. साथ ही बॉर्डर, जरी वर्क या प्रिंट का चुनाव ऐसा हो, जो आपके व्यक्तित्व के साथ मेल खाए. सही गहनों और सिंपल मेकअप के साथ साड़ी का पूरा लुक और निखर कर सामने आता है.

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भागलपुर में बड़ा एनकाउंटर: सरकारी अधिकारी की हत्या का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

Encounter
सरकारी अधिकारी की हत्या का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

Encounter In Bihar: भागलपुर के सुल्तानगंज में नगर परिषद कार्यालय में हुई सनसनीखेज फायरिंग के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रामधनी यादव को मुठभेड़ में मार गिराया. पुलिस के अनुसार आरोपी को घटना में इस्तेमाल हथियारों की बरामदगी के लिए ले जाया जा रहा था, तभी हालात अचानक बदल गए और गोलीबारी शुरू हो गई. जवाबी कार्रवाई में आरोपी गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे बाद में अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया.

मुठभेड़ के दौरान चली गोलियां, तीन पुलिसकर्मी घायल

पुलिस टीम जब आरोपी को लेकर आगे बढ़ रही थी, उसी दौरान उसने अपने अज्ञात साथियों के साथ मिलकर पुलिस पर फायरिंग कर दी. स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी गोलीबारी की. इस दौरान रामधनी यादव को गोली लगी और वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया. इस मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

घटना के बाद सभी घायलों को मायागंज स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया. यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद रामधनी यादव को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी है.

अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा

मामले की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव और एसडीएम विकास कुमार अस्पताल पहुंचे. अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और घायल पुलिसकर्मियों के इलाज की स्थिति का जायजा लिया. पुलिस फिलहाल इस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.

जनिए पूरी कार्रवाई

वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के अनुसार मुख्य आरोपी को घटना से जुड़े हथियारों की बरामदगी के लिए ले जाया जा रहा था. इसी दौरान आरोपी और उसके साथियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया. जवाब में पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी, जिसमें आरोपी घायल हो गया. बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई. उन्होंने बताया कि तीन पुलिसकर्मी घायल हैं और उनका इलाज जारी है.

मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में हुई थी वारदात

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर सुल्तानगंज स्थित नगर परिषद कार्यालय में घुसकर अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार और सभापति राजकुमार गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

घटना के बाद दोनों को पहले सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर मायागंज अस्पताल रेफर किया गया. रास्ते में ही कृष्ण भूषण कुमार की मौत हो गई, जबकि राजकुमार गुड्डू का इलाज जारी है.

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भागलपुर में शूटआउट का CCTV फुटेज आया सामने, दफ्तर में घुसकर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर को मारी गोली

Bihar Crime
भागलपुर में शूटआउट का CCTV फुटेज आया सामने.

Bihar Crime News: बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में मंगलवार दोपहर नगर परिषद कार्यालय के भीतर हुई अंधाधुंध फायरिंग से जुड़ा CCTV फुटेज सामने आया है. सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि हमलावर मजदूर के भेष में दफ्तर के अंदर दाखिल होते हैं और झोले में छिपाकर लाए हथियार निकालकर अचानक फायरिंग शुरू कर देते हैं. बाइक सवार बदमाशों ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं. इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार और सभापति राजकुमार गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए.

इलाज के दौरान ईओ की मौत

घटना के बाद दोनों घायलों को सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया. हालांकि, रास्ते में ही कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की मौत हो गई. वहीं सभापति राजकुमार गुड्डू का इलाज मायागंज अस्पताल में जारी है. डॉक्टरों के अनुसार उनके सिर में गोली लगी है और हालत नाजुक बनी हुई है.

सभापति को मारी गई कई गोलियां

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों ने सभापति को निशाना बनाते हुए लगातार फायरिंग की. बताया जा रहा है कि उन्हें करीब पांच गोलियां लगी हैं. नगर परिषद कार्यालय परिसर से आठ से अधिक राउंड फायरिंग के साक्ष्य मिले हैं, जिससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.

बुलेट से आए तीन नकाबपोश, सीधे भीतर दाखिल

दोपहर के समय एक तेज रफ्तार बुलेट मोटरसाइकिल नगर परिषद कार्यालय परिसर में आकर रुकी. उस पर सवार तीनों युवक नकाबपोश थे और उनके हाथों में हथियार थे. बिना किसी रुकावट के वे सीधे भवन के अंदर दाखिल हुए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उनकी चाल और हावभाव से स्पष्ट था कि वे किसी बड़े अपराध को अंजाम देने आए हैं. वे तेजी से सीढ़ियां चढ़ते हुए कार्यपालक पदाधिकारी के चैंबर की ओर बढ़ गए और कुछ ही क्षणों में स्थिति पूरी तरह बदल गई.

CCTV के आधार पर जांच तेज

घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. सामने आए CCTV फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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चंपानगर के पावरलूम कारीगरों की पुकार: महंगा धागा, सस्ता दाम… कैसे चलेगा काम?

भागलपुर
DPR के लिए बनायेगा कंसल्टेंट पैनल.

Bhagalpur News : भागलपुर के चंपानगर के मुर्गियाचक इलाके में पावरलूम से जुड़े कारीगरों की समस्याएं सामने आई हैं, जहां सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था दृष्टि बिहार के सचिव दिलीप कुमार सिंह ने 28 अप्रैल 2026 को पहुंचकर कारीगरों से सीधा संवाद किया. वीरेंद्र प्रसाद दास के नेतृत्व में हुई इस मुलाकात में कारीगरों ने अपनी आर्थिक और कार्य संबंधी परेशानियों को विस्तार से रखा. उन्होंने धागे की कमी, बिजली बिल में राहत की जरूरत, सस्ती दर पर मुद्रा लोन और तैयार उत्पाद के उचित मूल्य की मांग की.

कारीगरों का कहना है कि बाजार की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें अपने उत्पाद बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि बढ़ती लागत और सीमित आमदनी के बीच काम करना मुश्किल होता जा रहा है, फिर भी परिवार के भरण-पोषण के लिए काम जारी रखना उनकी मजबूरी है.

दिलीप कुमार सिंह ने कारीगरों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए केंद्र सरकार से इस दिशा में ठोस पहल करने की मांग की. उन्होंने कहा कि स्थानीय कारीगरों को सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जाने की जरूरत है, ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें.

उन्होंने जानकारी दी कि 30 अप्रैल को चंपानगर के मस्कंध बरारीपुरा स्थित राम जानकी ठाकुरबाड़ी में हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट से जुड़े कारीगरों के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कारीगर एकत्रित होकर अपनी समस्याओं और संभावनाओं पर चर्चा करेंगे.

मुलाकात के दौरान राजेश नाथमल, मंजू देवी, प्रतिमा देवी, सुलेखा, ईदू, पिंकी, शोभा समेत कई लोग उपस्थित रहे.

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मुंबई–गुड़गांव के लिए सुनहरा मौका, भागलपुर में 30 अप्रैल को जॉब कैंप से सीधी भर्ती

भागलपुर
DPR के लिए बनायेगा कंसल्टेंट पैनल.

Bhagalpur News : भागलपुर में रोजगार का बड़ा अवसर सामने आया है, जहां 30 अप्रैल को अवर प्रादेशिक नियोजनालय परिसर में एक दिवसीय जॉब कैंप आयोजित किया जाएगा. इस कैंप में निजी कंपनी जोमैटो हाइपरप्योर (ब्लिंकिट) द्वारा सीनियर असिस्टेंट पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी. कुल 30 रिक्त पदों के लिए चयन प्रक्रिया उसी दिन मौके पर पूरी की जाएगी. नियोजनालय की ओर से बताया गया है कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ना है. कार्यक्रम को लेकर अभ्यर्थियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है.

30 अप्रैल को लगेगा विशेष रोजगार शिविर, तैयारियां पूरी

भागलपुर स्थित अवर प्रादेशिक नियोजनालय कार्यालय परिसर में यह एक दिवसीय रोजगार शिविर आयोजित होगा. इस दौरान अभ्यर्थियों को कंपनी प्रतिनिधियों के सामने सीधे इंटरव्यू देने का मौका मिलेगा. यह पूरा आयोजन निःशुल्क रहेगा और इसमें चयन प्रक्रिया मौके पर ही संपन्न की जाएगी.

सीनियर असिस्टेंट के लिए 30 पद, आकर्षक वेतन का प्रावधान

इस भर्ती अभियान के तहत सीनियर असिस्टेंट के 30 पद भरे जाएंगे. चयनित उम्मीदवारों को 14,700 रुपये से 22,500 रुपये प्रतिमाह तक वेतन मिलेगा. नौकरी के लिए मुंबई और गुड़गांव का स्थान तय किया गया है, जहां चयन के बाद उम्मीदवारों को तैनात किया जाएगा.

न्यूनतम योग्यता 10वीं-12वीं, केवल पुरुष उम्मीदवार पात्र

इस जॉब कैंप में भाग लेने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं या 12वीं पास निर्धारित की गई है. इसके साथ ही यह अवसर केवल पुरुष अभ्यर्थियों के लिए ही उपलब्ध है. आवेदन करने वालों की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए. इन शर्तों को पूरा करने वाले उम्मीदवार ही प्रक्रिया में शामिल हो पाएंगे.

पंजीकरण और दस्तावेज अनिवार्य, बिना आवेदन नहीं मिलेगा मौका

रोजगार कैंप में शामिल होने के लिए नियोजनालय में पंजीकरण जरूरी है. पंजीकरण कार्य दिवसों में किया जा सकता है. कैंप के दिन उम्मीदवारों को अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, फोटो, निबंधन कार्ड और बायोडाटा साथ लाना होगा. बिना दस्तावेज किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

पूरी भर्ती प्रक्रिया निशुल्क, युवाओं को मिलेगा सीधा लाभ

नियोजनालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा रोजगार कैंप पूरी तरह मुफ्त है. किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा. इस पहल से युवाओं को बड़े शहरों में रोजगार पाने का अवसर मिलेगा और निजी क्षेत्र में नौकरी के नए रास्ते खुलेंगे.

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बिहार में सरकारी कार्यालय के भीतर गोलियों की बौछार, एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की हत्या

सुल्तानगंज
सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय के बाहर जुटी भीड़, जांच करती पुलिस.

Bihar Crime News : बिहार में सुल्तानगंज (भागलपुर) का नगर परिषद कार्यालय मंगलवार 28 अप्रैल 2026 की दोपहर उस समय दहशत और अफरा तफरी का केंद्र बन गया जब तीन नकाबपोश अपराधियों ने परिसर के भीतर घुसकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी. यह वही कार्यालय है जहां रोजाना प्रशासनिक कामकाज, नीलामी और शहरी विकास से जुड़े निर्णय लिए जाते हैं. लेकिन कुछ ही मिनटों में यह पूरा परिसर गोलियों की गूंज से कांप उठा और एक बड़ी प्रशासनिक त्रासदी में बदल गया. इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण की मौत हो गई जबकि नगर परिषद सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल फैल गया.

नीलामी प्रक्रिया के बाद सामान्य माहौल में छिपा खतरा

घटना से पहले नगर परिषद कार्यालय में विज्ञापन डाक यानी नीलामी की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई थी. इस प्रक्रिया में प्रशासनिक कामकाज सामान्य रूप से चल रहा था और किसी तरह की असामान्यता दिखाई नहीं दे रही थी. नीलामी खत्म होने के बाद अधिकारी अपने चैंबर में दैनिक कार्यों में व्यस्त हो गए थे. इसी दौरान परिसर में कर्मचारी अपने-अपने कार्यों में लगे थे और माहौल पूरी तरह सामान्य प्रतीत हो रहा था. लेकिन इसी सामान्यता के बीच अपराधियों ने हमले की योजना को अंजाम दिया.

बुलेट से आए तीन नकाबपोश, सीधे भीतर दाखिल

दोपहर के समय एक तेज रफ्तार बुलेट मोटरसाइकिल नगर परिषद कार्यालय परिसर में आकर रुकी. उस पर सवार तीनों युवक नकाबपोश थे और उनके हाथों में हथियार थे. बिना किसी रुकावट के वे सीधे भवन के अंदर दाखिल हुए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उनकी चाल और हावभाव से स्पष्ट था कि वे किसी बड़े अपराध को अंजाम देने आए हैं. वे तेजी से सीढ़ियां चढ़ते हुए कार्यपालक पदाधिकारी के चैंबर की ओर बढ़ गए और कुछ ही क्षणों में स्थिति पूरी तरह बदल गई.

चैंबर के भीतर गोलियों की बौछार, मचा हड़कंप

जैसे ही अपराधी चैंबर के अंदर पहुंचे उन्होंने बिना किसी चेतावनी के गोलियां चलानी शुरू कर दी. फायरिंग का निशाना सीधे वहां मौजूद कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण और सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू थे. लगातार चली गोलियों से पूरा चैंबर दहल उठा और कुछ ही सेकंड में अफरा तफरी मच गई. कृष्ण भूषण गंभीर रूप से घायल होकर कुर्सी पर ही गिर पड़े जबकि सभापति भी गोली लगने से वहीं लहूलुहान हो गए. घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को प्रतिक्रिया देने या बचाव का मौका तक नहीं मिला.

कार्यालय परिसर में भगदड़ और खौफ का माहौल

गोलियों की आवाज सुनते ही पूरे कार्यालय में भगदड़ मच गई. कर्मचारी और मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे. कई लोग परिसर से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे. कुछ ही मिनटों में पूरा भवन खाली जैसा हो गया और वहां सिर्फ खून के निशान और दहशत का सन्नाटा रह गया. अपराधी वारदात को अंजाम देने के बाद तेजी से बुलेट पर सवार होकर मौके से फरार हो गए.

अस्पताल में पहुंचते ही ईओ को मृत घोषित किया गया

घायल दोनों अधिकारियों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया. स्थिति गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने कृष्ण भूषण की जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. बताया जा रहा है कि उनके शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों में गोलियां लगी थीं जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हो गया था. वहीं सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है.

जांच की रफ्तार तेज, कई एंगल पर पड़ताल

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर को घेर लिया गया. फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि अपराधियों की पहचान और उनके भागने के मार्ग का पता लगाया जा सके. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस हमले का संबंध नीलामी प्रक्रिया, किसी ठेका विवाद या पुरानी रंजिश से जुड़ा हो सकता है.

प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल

एक सरकारी कार्यालय के भीतर इस तरह दिनदहाड़े हुई हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. जिस जगह पर प्रशासनिक अधिकारी सुरक्षित माने जाते हैं, वहां घुसकर गोली चलाना कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं.

पूरे शहर में तनाव और बंद जैसा माहौल

घटना की खबर फैलते ही सुल्तानगंज में बाजारों की रफ्तार थम गई. कई जगह दुकानें स्वतः बंद हो गईं और लोग इस वारदात को लेकर चर्चा करते नजर आए. नगर परिषद के कर्मचारियों में शोक और भय का माहौल है. अधिकारियों के बीच भी इस घटना को लेकर गंभीर चिंता देखी जा रही है.

वारदात की सूची यानी पूरी टाइमलाइन

  • दोपहर 1.30 बजे: विज्ञापन डाक की नीलामी प्रक्रिया पूरी हुई
  • दोपहर 2.15 बजे: अधिकारी चैंबर में कार्यों में जुटे
  • दोपहर 2.25 बजे: तीन नकाबपोश बुलेट से परिसर में पहुंचे
  • दोपहर 2.28 बजे: चैंबर में घुसकर 6 से 8 राउंड फायरिंग
  • दोपहर 2.35 बजे: दोनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया, ईओ मृत घोषित
  • दोपहर 3.00 बजे: पुलिस ने परिसर कब्जे में लेकर जांच शुरू की

जांच में कई अहम बिंदुओं पर फोकस

पुलिस इस पूरे मामले में कई पहलुओं पर जांच कर रही है. सबसे प्रमुख बिंदु यह है कि क्या यह हमला किसी संगठित गिरोह द्वारा योजनाबद्ध तरीके से किया गया था. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या नीलामी प्रक्रिया में किसी पक्ष को नुकसान हुआ था जिससे यह हिंसक घटना हुई. फिलहाल अपराधियों की तलाश में छापेमारी जारी है और जिले की सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है.

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सिर्फ बिहारी होने की वजह से हत्या, पांडव कुमार केस पर तेजस्वी यादव का हमला, उठाई न्याय की मांग

Bihar
तेजस्वी यादव

Bihar Youth Murder: दिल्ली में खगड़िया जिले के पांडव कुमार की हत्या को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. इस मामले पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि पांडव कुमार की हत्या उसकी पहचान को लेकर की गई, क्योंकि वह बिहार का रहने वाला था. इस घटना में उसका दोस्त कृष्ण गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा है.

दिल्ली में पूरी व्यवस्था बीजेपी के पास, जवाबदेही भी उन्हीं की” — तेजस्वी

तेजस्वी यादव ने कहा कि जिस इलाके में यह घटना हुई, वहां से लेकर प्रशासनिक व्यवस्था तक भारतीय जनता पार्टी का प्रभाव है. उन्होंने दावा किया कि स्थानीय निकाय से लेकर राज्य और केंद्र स्तर तक बीजेपी की सरकार होने के कारण जिम्मेदारी भी उन्हीं की बनती है. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं.

बिहारियों की सुरक्षा और भेदभाव का मुद्दा उठाया

राजद नेता ने कहा कि बिहार के लोगों के साथ दूसरे राज्यों में अक्सर भेदभाव किया जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि मेहनत करने वाले बिहारियों को शक और नफरत की नजर से देखा जाता है, जो बेहद चिंताजनक है. तेजस्वी यादव ने कहा कि यह घटना उसी मानसिकता का नतीजा हो सकती है, जिसे गंभीरता से लेने की जरूरत है.

सरकार से सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग

तेजस्वी यादव ने मांग की कि मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए और न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहारियों के साथ किसी भी तरह का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा और इस मामले में जल्द न्याय मिलना जरूरी है.

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मधुबनी में भीषण अगलगी, 3 मवेशी घर जलकर राख, 2 पशुओं की मौत से मचा कोहराम

मधुबनी
आग की तस्वीर, एआई जेनरेटेड.

Bihar News : मधुबनी जिले के मधवापुर अंचल क्षेत्र के उतरा गांव के वार्ड संख्या 1 स्थित उत्तरवारी टोल में सोमवार देर रात भीषण आग लगने से भारी नुकसान हुआ. इस अगलगी में तीन ग्रामीणों के मवेशी घर पूरी तरह जलकर राख हो गए, जबकि दो मवेशियों की झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई. घटना देर रात करीब 1 बजे की बताई जा रही है, जब अधिकतर ग्रामीण गहरी नींद में थे. अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.

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अलाव की चिंगारी से भड़की आग, देखते ही देखते फैली लपटें

स्थानीय लोगों के अनुसार ठंड से बचाव के लिए जलाए गए अलाव की चिंगारी से यह आग भड़की. थोड़ी ही देर में आग ने आसपास के मवेशी घरों को अपनी चपेट में ले लिया. इस हादसे में विशुनदेव ठाकुर, किशुनदेव ठाकुर और नरेश ठाकुर के मवेशी घर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए. सबसे ज्यादा नुकसान विशुनदेव ठाकुर को हुआ, जिनके दो मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई.

ग्रामीणों ने मिलकर पाया आग पर काबू

आग की लपटें उठते देख आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू किया. चापाकल और बाल्टियों की मदद से ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. उनकी तत्परता से अन्य घरों को जलने से बचा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया.

प्रशासन से मुआवजे की मांग

घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन और अंचल कार्यालय को दे दी गई है. पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है. फिलहाल गांव में इस घटना को लेकर शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है.

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ओडिशा में नियम से परेशान आदिवासी युवक का कदम, बहन के कंकाल के साथ पहुंचा बैंक

ओड़िशा
बहन के कंकाल के साथ पहुंचा बैंक शख्स.

Odisha Tribal Man: ओडिशा के क्योंझर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दियानाली गांव के रहने वाले जीतू मुंडा नामक आदिवासी व्यक्ति अपनी मृत बहन के बैंक खाते से 20 हजार रुपये निकालने के लिए बैंक पहुंचा था. मामला 27 अप्रैल का बताया जा रहा है. बैंक में आवश्यक दस्तावेज न होने के कारण वह पैसे नहीं निकाल सका और इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई. इस घटना ने बैंकिंग प्रक्रिया और ग्रामीण क्षेत्रों में दस्तावेजी जानकारी की कमी को लेकर बहस छेड़ दी है.

बैंक में दस्तावेज नहीं होने से नहीं मिला पैसा

जानकारी के अनुसार, जीतू मुंडा अपनी मृत बहन के खाते से 20 हजार रुपये निकालने बैंक पहुंचा था. बैंक कर्मचारियों ने उससे मृत्यु प्रमाण पत्र और कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र मांगा, जो उसके पास मौजूद नहीं था. दस्तावेजों के अभाव में बैंक ने लेनदेन की अनुमति नहीं दी, जिससे वह परेशान हो गया और लगातार बैंक के चक्कर लगाता रहा.

3 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचा बैंक, मचा हड़कंप

बताया जाता है कि जीतू मुंडा अपनी बहन के कंकाल को कपड़े में लपेटकर करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंचा. बैंक परिसर में जैसे ही उसने कपड़ा खोला, वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई. बैंक कर्मचारियों ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा रहा. बाद में स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को बुलाया गया.

प्रशासन ने दी प्रतिक्रिया, प्रक्रिया तेज करने का आश्वासन

क्योंझर के सब-कलेक्टर उमा शंकर दलाई ने बताया कि आदिवासी व्यक्ति को बैंक प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं थी, जिसके कारण वह हताश हो गया. उन्होंने कहा कि मामला दस्तावेजों की कमी से जुड़ा है और प्रशासन आवश्यक प्रक्रिया को तेज करने में मदद कर रहा है. साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र और कानूनी वारिस प्रमाण पत्र की प्रक्रिया में तेजी लाकर बैंक से संबंधित राशि को वैध उत्तराधिकारी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.

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