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धनबाद वाशरी त्रासदी: मौत बनकर गिरा मलबा, चार मजदूरों की गई जान

धनबाद
धनबाद वाशरी त्रासदी.

Dhanbad News : धनबाद के मुनीडीह इलाके में स्थित बीसीसीएल की कोल वाशरी में शनिवार शाम एक गंभीर औद्योगिक हादसा हो गया, जब स्लरी (वाश कोल डस्ट) की लोडिंग के दौरान अचानक ऊपर से भारी मलबा गिर पड़ा. इस घटना में चार दिहाड़ी मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई. हादसा करीब शाम सवा पांच बजे हुआ, जब मजदूर ट्रकों में स्लरी भरने के काम में जुटे थे. मृतकों की पहचान गोपीनाथडीह निवासी माणिक बाउरी (45) और दिनेश बाउरी (52), समशिखरा के दीपक बाउरी (50) तथा रुदी कपूरिया के मोड़ा गोप (59) के रूप में हुई है. वहीं गोपीनाथडीह की सुनीता देवी इस दुर्घटना में मलबे के नीचे दबने से बच गईं और सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहीं.

एक साथ काम कर रहे थे कई मजदूर, अचानक टूटी आफत

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय लोडिंग प्वाइंट पर लगभग 7 से 10 मजदूर मौजूद थे. सभी मजदूर मैन्युअल तरीके से स्लरी को ट्रकों में लोड कर रहे थे. इसी दौरान अचानक ऊपर से मलबा भरभराकर नीचे आ गिरा, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए. हादसे के तुरंत बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया. आसपास मौजूद अन्य मजदूरों ने अपने साथियों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन चार लोगों को नहीं बचाया जा सका. घटना की सूचना मिलते ही मुनीडीह और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए. मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया और माहौल बेहद गमगीन हो गया. वाशरी प्रबंधन ने एहतियातन पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है. बताया जाता है कि मुनीडीह कोल वाशरी की स्थापना वर्ष 1983 में हुई थी और इसकी उत्पादन क्षमता करीब 1.6 मिलियन टन प्रतिवर्ष है.

सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर उठे गंभीर सवाल

इस हादसे के बाद वाशरी में लागू सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. स्लरी लोडिंग जैसे जोखिमपूर्ण कार्य के दौरान मलबा गिरने की घटना ने प्रबंधन की तैयारियों पर संदेह पैदा किया है. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मौके पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और निगरानी का अभाव दिखा. सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और सीआइएसएफ की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया. मुनीडीह ओपी के साथ-साथ पुटकी और भागाबांध थाना के पुलिसकर्मी भी वहां विधि-व्यवस्था संभालने में जुटे रहे.

पहले भी सामने आ चुकी हैं इस तरह की घटनाएं

मुनीडीह कोल वाशरी में दुर्घटनाओं का यह पहला मामला नहीं है.
करीब पांच वर्ष पहले वेस्टर्न वाशरी जोन के अंतर्गत यहां मेंटेनेंस कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ था. उस समय मजदूर गियर बॉक्स और ड्रम बदल रहे थे, तभी अचानक चेन टूट गई और 704 बेल्ट का चौथा तल गिर गया, जिससे कई ठेका मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए थे.
सितंबर 2025 में बीसीसीएल के ब्लॉक-2 क्षेत्र की न्यू मधुबन वाशरी में लगभग 100 फीट ऊंचा साइलो प्लांट ढह गया था. इस घटना में करीब 5,000 टन कोयले का मलबा नीचे गिरा था और एक मजदूर धर्मेंद्र ठाकुर उसमें फंस गया था, जिसे करीब 12 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया.
अब 2 मई को मुनीडीह वाशरी में स्लरी लोडिंग के दौरान मलबा गिरने से चार मजदूरों की मौत ने एक बार फिर सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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बंगाल में फालता सीट पर चुनाव रद्द, 285 बूथों पर फिर से मतदान का आदेश, आयोग का बड़ा एक्शन

West Bengal
बंगाल में फालता सीट पर चुनाव रद्द.

Falta Assembly Election Cancelled: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में एक बड़ा और असाधारण फैसला सामने आया है, जहां मतगणना से ठीक पहले निर्वाचन आयोग ने दक्षिण 24 परगना की 144-फालता विधानसभा सीट पर हुए मतदान को पूरी तरह निरस्त कर दिया है. 29 अप्रैल को संपन्न हुई पूरी चुनावी प्रक्रिया को अमान्य घोषित करते हुए आयोग ने इस सीट पर फिर से मतदान कराने का निर्णय लिया है. इस फैसले ने न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ा दी है, बल्कि सियासी माहौल भी अचानक गर्म हो गया है.

भारी अनियमितता और चुनावी अपराध का आरोप

निर्वाचन आयोग की जांच में यह सामने आया कि फालता विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दौरान व्यापक स्तर पर गड़बड़ियां हुईं. रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने माना कि चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने की गंभीर कोशिशें की गईं. इसी कारण पूरे क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों पर हुए वोटिंग को निरस्त कर दिया गया है. आयोग ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ गंभीर हस्तक्षेप करार दिया है.

नई तारीखों के साथ जारी हुआ संशोधित कार्यक्रम

आयोग ने फालता सीट के लिए नया चुनावी कार्यक्रम भी घोषित कर दिया है. अब 21 मई 2026 को सभी 285 पोलिंग स्टेशनों, जिनमें सहायक बूथ भी शामिल हैं, पर पुनर्मतदान कराया जाएगा. मतदान सुबह 07:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक चलेगा. इसके बाद 24 मई 2026 को मतगणना की जाएगी.

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश

पुनर्मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती की जाएगी. आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार किसी भी प्रकार के दबाव, धमकी या अवैध गतिविधि को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सख्ती से कार्रवाई होगी.

राजनीतिक हलचल तेज, उम्मीदवारों के सामने नई चुनौती

इस फैसले के बाद राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के बीच हलचल तेज हो गई है. दोबारा चुनाव होने से उम्मीदवारों को एक बार फिर से पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरना होगा. वहीं, स्थानीय मतदाताओं के बीच भी यह चर्चा जोरों पर है कि आखिर किन गंभीर परिस्थितियों में पूरे निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव रद्द करना पड़ा.

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Muzaffarpur News : सड़क हादसे के बाद बवाल, भीड़ ने पुलिस से छुड़ाया चालक

बिहार पुलिस
सड़क हादसे के बाद बवाल.

Muzaffarpur News : मुजफ्पुरपुर में बरियारपुर थाना क्षेत्र के बरियारपुर बाजार के पास शुक्रवार को एक सड़क दुर्घटना के बाद हालात अचानक बिगड़ गए. बाइक और स्कॉर्पियो की टक्कर के बाद शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा और इलाके में अफरा-तफरी मच गई.

टक्कर के बाद बढ़ा तनाव

बताया गया कि दुर्घटना में बाइक क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मुआवजे को लेकर बहस शुरू हो गई. कुछ ही देर में यह विवाद बढ़कर सड़क जाम तक पहुंच गया और आसपास लोगों की भीड़ जुट गई.

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पुलिस की कार्रवाई पर भड़की भीड़

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने के लिए स्कॉर्पियो चालक को हिरासत में ले लिया. हालांकि, इस कार्रवाई से स्थानीय लोग नाराज हो गए और चालक को निर्दोष बताते हुए पुलिस के खिलाफ विरोध करने लगे.

पथराव कर पुलिस को खदेड़ा

विवाद बढ़ने पर भीड़ और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई. इस दौरान आक्रोशित लोगों ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे हालात और बिगड़ गए. स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस को पीछे हटना पड़ा और भीड़ ने चालक को हिरासत से छुड़ा लिया.

अतिरिक्त बल के साथ पहुंची पुलिस

घटना के बाद पुलिस टीम अतिरिक्त बल के साथ दोबारा मौके पर पहुंची और स्कॉर्पियो को जब्त कर थाने ले गई. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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Bhagalpur : परीक्षा में मोबाइल नकल पर लगेगी लगाम, प्रशासन ने कसी कमर

भागलपुर
परीक्षा में मोबाइल नकल पर लगेगी लगाम.

Bhagalpur News : मारवाड़ी कॉलेज प्रशासन ने आगामी परीक्षाओं को कदाचार मुक्त बनाने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है. मोबाइल और अन्य माध्यमों से नकल की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए कॉलेज ने इस पर पूरी तरह रोक लगाने की तैयारी शुरू कर दी है. इस संबंध में वरीय पुलिस अधीक्षक, सदर एसडीओ और स्थानीय थाना को पत्र भेजकर परीक्षा के दौरान दंडाधिकारी व पुलिस बल की तैनाती की मांग की गई है.

प्रवेश से पहले होगी सघन जांच

कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में शामिल होने से पहले सभी छात्र-छात्राओं को अपने बैग निर्धारित स्थान पर जमा करने होंगे. इसके बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा. प्रवेश से पहले मोबाइल फोन की विशेष जांच की जाएगी और यदि किसी के पास मोबाइल या नकल सामग्री पाई जाती है, तो उसे परीक्षा से निष्कासित किया जा सकता है.

नियमों के तहत होगी परीक्षा

प्राचार्य प्रो संजय कुमार झा ने कहा कि परीक्षा पूरी तरह नियमों के अनुसार संचालित होगी. उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी छात्र को नकल करते पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. कॉलेज प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है.

हॉस्टल सुधार और नए निर्माण की योजना

इसी बीच कॉलेज प्रबंधन ने छात्रावास की स्थिति सुधारने की दिशा में भी पहल तेज की है. प्राचार्य ने बताया कि 200 बेड वाले नए हॉस्टल के निर्माण के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा. शनिवार को प्राचार्य ने शिक्षकों के साथ भैरवा तालाब स्थित मारवाड़ी हॉस्टल का निरीक्षण किया, जहां जर्जर भवन की मरम्मत कार्य जारी है.

निरीक्षण के दौरान कॉमन रूम और अन्य कमरों का जायजा लिया गया तथा छत से मलबा गिरने वाले कमरों को तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही हॉस्टल में नए शौचालय के निर्माण की तैयारी भी शुरू कर दी गई है.

छात्रों की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई

छात्रों ने परिसर में रोशनी की कमी की समस्या उठाई, जिस पर प्राचार्य ने तुरंत चार हैलोजन लाइट लगाने का निर्देश दिया. कॉलेज प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुधार कार्य लगातार किए जाएंगे.

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भागलपुर में DTO जनार्दन कुमार सेवानिवृत्त, जिला परिवहन पदाधिकारी का पद हुआ रिक्त

भागलपुर
परीक्षा में मोबाइल नकल पर लगेगी लगाम.

Bhagalpur News : भागलपुर में जिला परिवहन पदाधिकारी जनार्दन कुमार सेवानिवृत्त हो गए हैं. उनके रिटायरमेंट के बाद डीटीओ का पद फिलहाल रिक्त हो गया है, जिससे विभागीय कामकाज अस्थायी रूप से प्रभावित होने की स्थिति बन गई है. वे पिछले लगभग तीन वर्षों से भागलपुर में जिला परिवहन पदाधिकारी के रूप में कार्यरत थे.

पदोन्नति के बाद भी भागलपुर में जारी रहा कार्यकाल

जानकारी के अनुसार, लगभग एक माह पूर्व बिहार सरकार ने जनार्दन कुमार की कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें विशेष सचिव के पद पर पदोन्नति दी थी. हालांकि नई पदस्थापना की अधिसूचना जारी नहीं होने के कारण वे सेवानिवृत्ति तक भागलपुर में डीटीओ के पद पर ही कार्यरत रहे. इसी वजह से उनका कार्यकाल पुराने पद पर ही पूरा हुआ.

डीटीओ पद फिलहाल रिक्त

सेवानिवृत्ति के बाद भागलपुर में जिला परिवहन पदाधिकारी का पद फिलहाल खाली हो गया है. मुख्यालय स्तर से अभी तक किसी नए अधिकारी की तैनाती को लेकर आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है. ऐसे में विभागीय कामकाज के संचालन को लेकर अस्थायी स्थिति बनी हुई है.

नई नियुक्ति की संभावना जल्द

परिवहन विभाग के एक एमवीआई अधिकारी के अनुसार, मुख्यालय इस मामले पर विचार कर रहा है और जल्द ही नए डीटीओ की नियुक्ति का आदेश जारी किया जा सकता है. फिलहाल विभागीय कार्यों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत चलाया जा रहा है ताकि रूटीन काम प्रभावित न हो.

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Bhagalpur News : प्रवीण सिंह का पार्थिव शरीर रात आठ बजे पहुंचेगा भागलपुर

प्रवीण सिंह कुशवाहा
प्रवीण सिंह की फाइल फोटो

Bhagalpur News : भागलपुर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण सिंह के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर के आगमन और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गई हैं. शनिवार की रात करीब आठ बजे उनका शव भागलपुर पहुंचेगा. इससे पहले दिन में पटना स्थित सदाकत आश्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी जाएगी. इसके बाद शव को सड़क मार्ग से भागलपुर लाया जाएगा, जहां पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक अंतिम दर्शन करेंगे.

भागलपुर कांग्रेस भवन में होगा अंतिम दर्शन

सूचना के अनुसार शनिवार रात प्रवीण सिंह का पार्थिव शरीर दीपनगर स्थित कांग्रेस भवन में रखा जाएगा, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देंगे. इसके बाद शव को पटल बाबू रोड स्थित उनके आवास पर ले जाया जाएगा, ताकि परिजन और स्थानीय लोग अंतिम दर्शन कर सकें.

पैतृक गांव में अंतिम संस्कार की तैयारी

रात में उनका शव पैतृक गांव जिछो ले जाया जाएगा, जहां पूरी रात अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. रविवार को दोपहर में उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और बरारी घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा.

समर्थकों में शोक की लहर

प्रवीण सिंह के निधन की खबर से उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं में गहरा शोक है. पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे केवल एक नेता नहीं बल्कि सभी के मार्गदर्शक और बड़े भाई जैसे थे. उनके जाने से पार्टी को बड़ी क्षति हुई है और इस रिक्त स्थान को भरना आसान नहीं होगा. कार्यकर्ताओं ने उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में याद किया जो हमेशा लोगों को आगे बढ़ाने और सहयोग करने के लिए तत्पर रहते थे.

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नवगछिया में रेलवे ट्रैक पार करते समय हादसा, ट्रेन की चपेट में आकर व्यक्ति की मौत

भागलपुर
परीक्षा में मोबाइल नकल पर लगेगी लगाम.

Bhagalpur News : नवगछिया में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें ट्रेन की चपेट में आने से एक 50 वर्षीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई. यह घटना मदन अहिल्या महिला कॉलेज के पास स्थित बंद समपार फाटक के समीप हुई. मृतक की पहचान प्रोफेसर कॉलोनी निवासी पवन शर्मा के रूप में की गई है. बताया जा रहा है कि वे साइकिल से बिजली बिल जमा करने के बाद घर लौट रहे थे और इसी दौरान बंद फाटक पार करने की कोशिश में यह हादसा हो गया.

बंद फाटक पार करने के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार पवन शर्मा नवगछिया बिजली कार्यालय में बिल जमा करने के बाद घर लौट रहे थे. रास्ते में मदन अहिल्या महिला कॉलेज के पास बंद समपार फाटक पर उन्होंने पटरी पार करने का प्रयास किया. इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही ट्रेन की चपेट में वे आ गए. हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई. स्थानीय लोगों के अनुसार, ओवरब्रिज बनने के बाद यह फाटक बंद कर दिया गया है, लेकिन लोग अब भी यहां से आवागमन करते हैं.

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घटना के बाद मौके पर भीड़, पुलिस पहुंची

हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए. सूचना मिलते ही नवगछिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर अनुमंडल अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई.

इलाके में शोक, सुरक्षा व्यवस्था की मांग

इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बंद समपार फाटक के पास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और लोगों को जागरूक करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

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भागलपुर
परीक्षा में मोबाइल नकल पर लगेगी लगाम.

Bhagalpur News : भागलपुर में गंगा नदी के बढ़ते कटाव को देखते हुए माणिक सरकार मोहल्ला क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. फ्लड कंट्रोल डिविजन ने कटाव रोकने के लिए एजेंसी का चयन कर कार्यादेश जारी कर दिया है. यह जिम्मेदारी मुजफ्फरपुर की जेके बिल्डर्स को सौंपी गई है, जो गंगा किनारे सुरक्षा कार्य करेगी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्य को तय समयसीमा में तेजी से पूरा करना होगा ताकि बरसात और जलस्तर बढ़ने से पहले तटवर्ती इलाकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. साइट पर एजेंसी ने शुरुआती तैयारियां भी शुरू कर दी हैं.

तटवर्ती इलाकों की सुरक्षा के लिए एजेंसी तैनात

फ्लड कंट्रोल डिविजन, भागलपुर द्वारा चयनित एजेंसी को उन संवेदनशील इलाकों में काम करने की जिम्मेदारी दी गई है जहां लगातार कटाव की समस्या बनी हुई है. विभाग ने कहा है कि कार्य तय मानकों के अनुसार किया जाएगा ताकि माणिक सरकार मोहल्ला और आसपास के क्षेत्र सुरक्षित रह सकें. प्रशासन की प्राथमिकता नदी के तेज बहाव से होने वाले नुकसान को रोकना है.

15 मई तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य

विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी कटाव निरोधक कार्य 15 मई तक हर हाल में पूरे किए जाएं. इसका कारण यह है कि इसके बाद गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगता है, जिससे निर्माण कार्य में बाधा आ सकती है. समयसीमा को ध्यान में रखते हुए कार्य को तेजी से पूरा करने की योजना बनाई गई है.

6 करोड़ की लागत से होगा सुरक्षा कार्य

गंगा कटाव रोकने के लिए लगभग 6 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है. इसके तहत नदी किनारे जियो बैग और अन्य तकनीकी उपायों से तट को मजबूत किया जाएगा. आवश्यकता पड़ने पर बोल्डर पीचिंग का काम भी किया जाएगा ताकि बहाव से तटवर्ती इलाकों को सुरक्षित रखा जा सके.

नगर निगम की योजना फिलहाल स्थगित

इधर नगर निगम ने माणिक सरकार घाट क्षेत्र में प्रस्तावित सड़क और रिटेनिंग वॉल निर्माण योजना को फिलहाल रोक दिया है. मिट्टी जांच से जुड़ी प्रक्रिया भी स्थगित कर दी गई है और इसके लिए दी गई अग्रिम राशि वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. निगम का कहना है कि जब बाढ़ नियंत्रण विभाग का कार्य चल रहा है, तो इस समय अलग से निर्माण कार्य की आवश्यकता नहीं है.

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धनबाद में 2 पत्नियों के बीच विवाद के बाद भाजपा नेता का शव मिला, इलाके में हड़कंप

Dhanbad
घर के बाहर जुटी भीड़ और रोते हुए परिजन.

Dhanbad News: धनबाद जिले के गोविंदपुर क्षेत्र में शुक्रवार को एक पूर्व भाजपा नेता की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया. भाजपा एससी मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष अमृत दास का शव गोविंदपुर थाना क्षेत्र के उपर बाजार स्थित उनके घर के अंदर पाया गया. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. प्रारंभिक तौर पर मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है.

घर के अंदर मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घर की जांच की और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की. अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मौत के कारणों को स्पष्ट रूप से नहीं बताया जा सकता और जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी.

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मृतक के परिजनों ने इस मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार का कहना है कि अमृत दास की शादी दो सगी बहनों से हुई थी और दोनों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती थी. परिजनों ने आरोप लगाया है कि दोनों पत्नियों की भूमिका संदिग्ध हो सकती है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

घटना से पहले विवाद की चर्चा

स्थानीय लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि घटना से एक दिन पहले घर में विवाद की स्थिति बनी थी. बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर परिवार के अंदर तनाव था. इसके बाद अचानक मौत की सूचना ने पूरे इलाके को चौंका दिया और लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज

गोविंदपुर थाना प्रभारी विष्णु प्रसाद रावत ने बताया कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा. फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच में जुटी है.

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Bengal Re-Polling LIVE : बंपर वोटिंग, दोपहर तीन बजे तक 72.43% हुआ मतदान

West Bengal
West Bengal Re-Polling LIVE

West Bengal Re-Polling LIVE : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में चल रहे पुनर्मतदान के दौरान मतदान में उत्साह देखने को मिल रहा है और यह प्रक्रिया लगातार जारी है. दक्षिण 24 परगना जिले में चल रहे पुनर्मतदान में दोपहर 3 बजे तक मतदान का रुझान मजबूत बना रहा. मगरहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में लगभग 72.50 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जबकि डायमंड हार्बर में यह आंकड़ा लगभग 72.36 प्रतिशत रहा. दोनों सीटों के संयुक्त आंकड़ों के अनुसार कुल औसत मतदान 72.43 प्रतिशत तक पहुंच गया. सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ देखी गई और दिन चढ़ने के साथ वोटिंग की गति लगातार बनी रही.

West Bengal Re-Polling LIVE : दोपहर 11 बजे तक मतदान प्रतिशत में तेज उछाल दर्ज

पश्चिम बंगाल में पुनर्मतदान की प्रक्रिया के दौरान मतदान की रफ्तार लगातार बढ़ती नजर आ रही है. दो विधानसभा क्षेत्रों के 15 बूथों पर सुबह से ही वोटिंग जारी है और दोपहर 11 बजे तक मतदान प्रतिशत में तेज उछाल दर्ज किया गया है. मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में इस समय तक 38.02 प्रतिशत मतदान हुआ है, जबकि डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र में 35.92 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है. दोनों क्षेत्रों को मिलाकर औसत मतदान 36.99 प्रतिशत तक पहुंच गया है. मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है और लोग कतारों में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं.

West Bengal Re-Polling LIVE : बूथों पर लंबी कतारें, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

मतदान प्रक्रिया के दौरान बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. मगराहाट पश्चिम के 11 बूथों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं. प्रत्येक बूथ पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और पूरे क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है. प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं.

West Bengal Re-Polling LIVE : शुरुआती घंटों में भी रही मजबूत वोटिंग

इससे पहले सुबह 9 बजे तक दोनों सीटों पर मतदान की गति अच्छी रही थी. मगराहाट पश्चिम में 16.68 प्रतिशत और डायमंड हार्बर में 15.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था. शुरुआती समय से ही मतदाता बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे थे.

West Bengal Re-Polling LIVE : शुभेंदु अधिकारी का बयान सामने आया

इसी बीच भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने पुनर्मतदान को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने मगराहाट पश्चिम में हो रहे पुनर्मतदान का समर्थन किया, लेकिन कहा कि यह प्रक्रिया और अधिक क्षेत्रों में होनी चाहिए थी. उनके अनुसार डायमंड हार्बर और फलता क्षेत्र के कई बूथों पर भी पुनर्मतदान जरूरी था, क्योंकि वहां अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं.

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