Bhagalpur News : विक्रमशिला सेतु में हाल में सामने आयी तकनीकी खामियों के बाद पुल की व्यापक जांच शुरू कर दी गयी है. प्रारंभिक निरीक्षण में जिन स्लैबों को कमजोर या दबा हुआ पाया गया है, उन्हें हटाकर नये स्लैब लगाने की तैयारी चल रही है. इसके लिए पुराने और क्षतिग्रस्त हिस्सों को तोड़कर वहां नये स्लैब की लांचिंग की जायेगी.
सेतु के सभी स्पैन में लगे बॉल-बियरिंग भी बदले जाने की योजना है. इसके तहत संबंधित स्पैन को जैक की सहायता से ऊपर उठाकर मरम्मत और रिप्लेसमेंट का कार्य कराया जायेगा. अधिकारियों के अनुसार पूरी प्रक्रिया तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में चरणबद्ध तरीके से होगी, ताकि पुल की संरचनात्मक मजबूती बनी रहे.
2018 में दरार वाले स्पैन की फिर होगी जांच
वर्ष 2018 में सेतु के एक स्पैन में दरार आने के बाद कार्बन प्लेट लगाकर उसकी मरम्मत की गयी थी. अब हालिया घटनाक्रम के बाद उसी हिस्से की स्थिति को लेकर फिर से समीक्षा शुरू हो गयी है. विभागीय अधिकारियों का मानना है कि केमिकल बॉन्डिंग से लगी कार्बन प्लेट की भी सीमित आयु होती है और समय के साथ उसकी पकड़ कमजोर पड़ सकती है.
इसी कारण उस स्पैन की गहन तकनीकी जांच कराने की तैयारी है. यदि जांच में कार्बन प्लेट कमजोर पायी गयी, तो केवल मरम्मत के बजाय पूरे स्पैन को बदलने पर भी विचार किया जा सकता है. इस संबंध में कार्बन प्लेट लगाने वाली मुंबई की एजेंसी ‘रोहरा रिबिल्ड’ से भी संपर्क किया जा रहा है.
2017 की मरम्मत के दौरान मिली थी दरार
जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में विक्रमशिला सेतु की मरम्मत शुरू होने के दौरान मुंबई की एजेंसी ने एक स्पैन में दरार की पहचान की थी. बाद में मुख्यालय के निर्देश पर उसी एजेंसी को दरार की मरम्मत का काम सौंपा गया था. उस समय कार्बन प्लेट चिपकाकर स्पैन को उपयोग योग्य बनाया गया था. अब हालिया हादसे के बाद उस हिस्से की स्थायित्व क्षमता पर फिर सवाल उठने लगे हैं.
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