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Muzaffarpur : बाइक सवार को बचाने में पलटी कार, घायल मनोज की इलाज के दौरान मौत

Muzaffarpur
बाइक सवार को बचाने में पलटी कार.

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र के प्रेमनगर भलुरा गांव निवासी 44 वर्षीय मनोज झा की सड़क हादसे में घायल होने के बाद इलाज के दौरान सोमवार सुबह मौत हो गई. घटना के बाद परिवार में शोक की लहर है.

बाइक सवार को बचाने में हुआ हादसा

परिजनों के मुताबिक, 23 अप्रैल की शाम मनोज झा अपनी कार से कटरा के जजुआर की ओर रिश्तेदार के घर जा रहे थे. इसी दौरान एक बाइक सवार को बचाने के प्रयास में उनकी कार असंतुलित होकर पलट गई. हादसे में वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए.

पुलिस ने कराया था प्राथमिक इलाज

घटना के बाद कटरा पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें तुरंत स्थानीय पीएचसी में भर्ती कराया गया. हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें एसकेएमसीएच रेफर कर दिया.

इलाज के दौरान हुई मौत

एसकेएमसीएच में इलाज के दौरान सोमवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया. मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया.

परिवार में मचा मातम

मृतक अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं. शव गांव लाए जाने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया.

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Muzaffarpur
बाइक सवार को बचाने में पलटी कार.

Muzaffarpur News : मुजफ्फरपुर में गायघाट थाना क्षेत्र के बेरुआ कट स्थित मैठी टोल प्लाजा पर सोमवार दोपहर अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया. वाहन चालकों और टोल कर्मियों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया. इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे टोल महाप्रबंधक अनूप सिंह भी घायल हो गए. घटना के बाद कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया.

जांच के दौरान बढ़ा विवाद

टोल प्रबंधन के अनुसार, बाहरी वाहनों द्वारा खुद को स्थानीय बताकर टोल से बचने की शिकायत मिल रही थी. इसे रोकने के लिए जांच अभियान चलाया जा रहा था. इसी दौरान एक वाहन को बेरुआ कट के पास रोका गया, जिसने पहले खुद को स्थानीय बताकर आगे बढ़ने की कोशिश की थी. रोकने पर वाहन सवार लोगों ने विरोध शुरू कर दिया.

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कर्मियों के साथ मारपीट, बैरियर तोड़कर फरार

आरोप है कि वाहन में मौजूद तीन-चार लोगों ने टोल कर्मियों के साथ मारपीट की और हंगामा खड़ा कर दिया. स्थिति बिगड़ती देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपित बैरियर हटाकर वाहन समेत दरभंगा की ओर निकल गए.

स्थानीय रास्ते को लेकर पहले से विवाद

बेरुआ कट से निकलने वाली पीडब्ल्यूडी सड़क के कारण यहां लंबे समय से विवाद बना हुआ है. यह सड़क एनएच पार कर पुरानी सड़क से जुड़ते हुए मुजफ्फरपुर तक जाती है, जिससे कई गांवों के लोग रोजाना गुजरते हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर बैरिकेडिंग कर आवागमन में बाधा डाली जाती है और निजी वाहनों से भी मासिक पास लेने का दबाव बनाया जाता है.

पहले भी हो चुका है आंदोलन

बताया जाता है कि इसी मुद्दे को लेकर पहले भी आंदोलन हो चुका है, जिसके बाद पुरानी कंपनी ने बैरिकेडिंग हटा दी थी. लेकिन नई कंपनी के आने के बाद फिर से अवरोध लगाए जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ गई है और आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है.

प्रबंधन ने नियमों का दिया हवाला

टोल प्रबंधन का कहना है कि स्थानीय वाहनों के लिए मासिक पास जरूरी है, जबकि बाहरी वाहनों को टोल देकर ही गुजरना होगा. नियमों के पालन को लेकर सख्ती बरती जा रही है.

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Muzaffarpur : आंध्र प्रदेश में ब्लास्टिंग के दौरान मजदूर की मौत, सकरा के मड़वन गांव में मातम

Muzaffarpur
आंध्र प्रदेश में ब्लास्टिंग के दौरान मजदूर की मौत.

Muzaffarpur News :सकरा प्रखंड के मड़वन गांव के रहने वाले 40 वर्षीय मजदूर सुरेंद्र ठाकुर की सोमवार को आंध्र प्रदेश में काम के दौरान मौत हो गई. पहाड़ तोड़ने के दौरान हुए हादसे में वह मलबे की चपेट में आ गए. घटना की सूचना पुलिस के जरिए जैसे ही गांव पहुंची, परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई.

ब्लास्टिंग के दौरान हुआ हादसा

बताया गया कि सुरेंद्र ठाकुर पिछले करीब दस वर्षों से आंध्र प्रदेश में पत्थर तोड़ने का काम कर रहे थे. सोमवार को भी वह पहाड़ पर ब्लास्टिंग के लिए गए थे. इसी दौरान विस्फोट के बाद गिरे पत्थरों के नीचे दबने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

शव लाने के लिए रवाना हुए परिजन

घटना की जानकारी बरियारपुर थाना के माध्यम से परिजनों तक पहुंचाई गई. खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया. परिजन मृतक का शव लाने के लिए आंध्र प्रदेश के लिए रवाना हो गए हैं.

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

सुरेंद्र ठाकुर अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं, जो गांव में ही रहते हैं. अचानक हुई इस घटना से परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है.

जनप्रतिनिधि ने जताई संवेदना

घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय मुखिया अवधेश प्रसाद सिंह ने पीड़ित परिवार से मिलकर ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया.

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Bhagalpur : पीरपैंती में फोरलेन के पास हाईवा-बाइक टक्कर, 3 युवक रेफर

Accident
सांकेतिक तस्वीर.

Bhagalpur News :पीरपैंती प्रखंड क्षेत्र में सोमवार सुबह एक सड़क हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए. अंडरपास के पास फोरलेन सड़क पर हाईवा और बाइक की सीधी टक्कर हो गई, जिससे बाइक सवार बुरी तरह जख्मी हो गए. स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद करते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाया.

टक्कर इतनी जोरदार कि उछलकर गिरे युवक

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा काफी तेज रफ्तार में हुआ. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग तुरंत सहायता के लिए पहुंच गए.

स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल

घायलों की पहचान रिफातपुर निवासी लव दास, कुश दास और आसिम के रूप में हुई है. तीनों को आनन-फानन में पीरपैंती रेफरल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज शुरू किया.

हालत नाजुक, मायागंज किया गया रेफर

डॉ गणेश खंडेलिया ने बताया कि तीनों की स्थिति गंभीर थी, इसलिए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मायागंज स्थित अस्पताल रेफर कर दिया गया.

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Bhagalpur News: भामाशाह जयंती 9 मई को टाउन हॉल में, बड़े आयोजन की तैयारी शुरू

भागलपुर
भामाशाह जयंती 9 मई को टाउन हॉल में.

Bhagalpur News: दानवीर भामाशाह विचार मंच की ओर से जयंती समारोह को लेकर सोमवार को पटल बाबू रोड स्थित एक निजी आवास पर बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता जदयू जिलाध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता ने की. इसमें सर्वसम्मति से तय किया गया कि 9 मई को टाउन हॉल में भामाशाह जयंती को बड़े स्तर पर मनाया जाएगा. कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया और जिम्मेदारियां तय की गईं.

आयोजन के लिए बनी अलग-अलग समितियां

कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के साथ ही एक उपसमिति बनाई गई, जिसमें डॉ बिहारी लाल को संयोजक और विशाल आनंद, विश्वेश आर्या व गोविंद अग्रवाल को सह संयोजक की जिम्मेदारी दी गई. वैश्य समाज के विभिन्न उपसमूहों के प्रतिनिधियों को भी इसमें शामिल किया गया है. वहीं मीडिया और प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी राकेश रंजन केसरी को सौंपी गई है, जबकि कोष की देखरेख कुणाल साह और सिद्धार्थ साह करेंगे.

सलाहकार और महिला मोर्चा की भूमिका तय

बैठक में एक सलाहकार समिति का भी गठन किया गया, जिसमें समाज के कई वरिष्ठ लोगों को शामिल किया गया है. इसके अलावा महिला मोर्चा में अंजना प्रकाश, रेखा साह, रूपा रानी साह और कामेश्वरी प्रसाद को जिम्मेदारी दी गई है, जो आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाएंगी.

जनसंपर्क अभियान तेज करने पर जोर

कार्यक्रम को व्यापक बनाने के लिए जनसंपर्क समिति भी बनाई गई है. इसमें शामिल सदस्यों को अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाने का दायित्व दिया गया है. संयोजक ने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने स्तर पर लोगों को जोड़ें और कार्यक्रम को सफल बनाएं.

मंत्रियों को भेजे जा रहे निमंत्रण

आयोजन में बड़े स्तर पर भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य और केंद्र स्तर के कई नेताओं को आमंत्रण भेजा जा रहा है. आयोजकों ने बताया कि प्रमुख राजनीतिक हस्तियों को भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित करने की पहल की जा रही है.

बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ

बैठक के अंत में अध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया और आयोजन को सफल बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की.

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Bhagalpur : 30 लाख की किताब खरीद पर फिर बवाल, रिपोर्ट छुपाने के आरोप से घिरा टीएमबीयू

टीएमबीयू
30 लाख की किताब खरीद पर फिर बवाल.

Bhagalpur News: टीएमबीयू के MBA विभाग में लाखों रुपये की किताबों की खरीद को लेकर पुराना विवाद फिर सामने आ गया है. इस बार विभाग के एक पूर्व छात्र ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि खरीद में तय नियमों का पालन नहीं किया गया. उनका कहना है कि न टेंडर निकाला गया और न ही जरूरी प्रशासनिक अनुमोदन की औपचारिकताएं पूरी की गईं. मामले को लेकर विश्वविद्यालय की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.

आश्वासन के बाद भी नहीं खुली रिपोर्ट

शिकायत करने वाले पूर्व छात्र संतोष कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, उन्होंने पहले इस मामले को लोक शिकायत में उठाया था. विश्वविद्यालय की ओर से निष्पक्ष जांच का भरोसा मिलने पर उन्होंने अपना आवेदन वापस ले लिया था. अब आरोप है कि जांच पूरी होने के बावजूद उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे संदेह और गहरा गया है.

खरीद प्रक्रिया पर उठे नए सवाल

पूर्व छात्र का दावा है कि उनके पास उपलब्ध दस्तावेजों में टेंडर से जुड़ी कोई प्रक्रिया दर्ज नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि शुरू में सीमित संख्या में पुस्तकों की स्वीकृति ली गई थी, लेकिन बाद में उससे कहीं अधिक किताबें खरीदी गईं. साथ ही यह आरोप भी लगाया गया कि खरीदी गई कई पुस्तकें उपयोग में नहीं हैं और पाठ्यक्रम से मेल नहीं खातीं.

रिपोर्ट जारी नहीं हुई तो कोर्ट का रास्ता

शिकायतकर्ता ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 10 दिनों का समय देते हुए कहा है कि यदि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, तो वह फिर से न्यायालय का रुख करेंगे. इस संबंध में कुलाधिपति, कुलपति और रजिस्ट्रार को भी दोबारा आवेदन दिया गया है.

विश्वविद्यालय ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

दूसरी ओर, जांच समिति पहले ही इस मामले में किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार कर चुकी है. समिति का कहना है कि पुस्तक खरीद निर्धारित नियमों के अनुसार हुई है और सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की गई हैं. विभाग की निदेशक डॉ निर्मला कुमारी ने भी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि खरीद प्रक्रिया विश्वविद्यालय की अनुमति से ही पूरी की गई थी.

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Bhagalpur News: कुप्पाघाट आश्रम में 30 अप्रैल को महर्षि मेंहीं परमहंस की 142वीं जयंती

भागलपुर
भामाशाह जयंती 9 मई को टाउन हॉल में.

Bhagalpur News: भागलपुर के कुप्पाघाट स्थित महर्षि मेंहीं आश्रम में 30 अप्रैल, गुरुवार को अखिल भारतीय संतमत सत्संग महासभा की ओर से महर्षि मेंहीं परमहंस की 142वीं जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी. आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं. देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन, ठहरने, पेयजल, रोशनी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की जा रही है.

सुबह प्रभातफेरी और भव्य शोभायात्रा

महासभा के महामंत्री दिव्य प्रकाश ने बताया कि जयंती समारोह की शुरुआत सुबह 5 बजे प्रभातफेरी से होगी. इस दौरान सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस की तस्वीर को सुसज्जित रथ पर स्थापित कर शहर के प्रमुख मार्गों से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो पुनः आश्रम परिसर लौटेगी. यात्रा में बैंड-बाजे, चार पहिया और दो पहिया वाहन, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों समेत बड़ी संख्या में सत्संग प्रेमी शामिल होंगे.

आरती, पुष्पांजलि और प्रसाद वितरण

सुबह 6 बजे से स्तुति-विनती, ग्रंथ पाठ और आरती का कार्यक्रम होगा. इसके बाद सद्गुरु की तस्वीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए जाएंगे. पुष्पांजलि के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा. दिन में 11 बजे से सामूहिक भंडारे की शुरुआत होगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे.

दोपहर में भजन-कीर्तन और प्रवचन

दोपहर 2 बजे से भजन-कीर्तन, स्तुति-विनती और आध्यात्मिक प्रवचन का आयोजन होगा. इस दौरान संतमत के विद्वान महर्षि मेंहीं परमहंस के जीवन, साधना और उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे. कार्यक्रम में गुरुसेवी स्वामी भगीरथ दास जी महाराज, स्वामी प्रमोद बाबा, विवेकानंद बाबा, निर्मला बाबा, स्वामी सत्यप्रकाश बाबा और स्वामी परमानंद बाबा प्रवचन देंगे.

कुप्पाघाट आश्रम की विशेष पहचान

स्वामी सत्यप्रकाश बाबा ने बताया कि महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज ने 101 वर्ष से अधिक समय तक मानव शरीर में रहकर आध्यात्मिक साधना और समाज को मार्गदर्शन दिया. भागलपुर के गंगा तट पर स्थित कुप्पाघाट आश्रम उनकी तपोभूमि के रूप में विशेष पहचान रखता है. बताया गया कि मार्च 1933 से नवंबर 1934 तक उन्होंने यहां स्थित प्राचीन गुफा में 18 माह तक कठिन साधना की थी.

आयोजन को सफल बनाने में जुटे कार्यकर्ता

समारोह की तैयारियों में महासभा के मनु भास्कर, स्वामी पंकज बाबा, स्वामी रमेश बाबा, स्वामी संजय बाबा, स्वामी नाथू बाबा, अमित कुमार, सूरज कुमार और बादल कुमार सहित कई कार्यकर्ता जुटे हुए हैं.

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Bhagalpur : सचिव पद पर भिड़े शिक्षक, एसएम कॉलेज में भुस्टा चुनाव टला, जानिए कब होगी वोटिंग

भागलपुर
भामाशाह जयंती 9 मई को टाउन हॉल में.

Bhagalpur News : भागलपुर के एसएम कॉलेज में शिक्षक संगठन भुस्टा इकाई के चुनाव को लेकर सोमवार को हुई बैठक हंगामेदार रही. सचिव पद को लेकर शिक्षकों के बीच तीखी बहसबाजी हुई, जिसके कारण चुनाव टालना पड़ा. अब सहमति बनी है कि मई के पहले सप्ताह में नियमानुसार चुनाव कराया जाएगा. बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी पर जबरन सचिव नहीं थोपा जाएगा, हालांकि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए नाम लगभग तय कर लिए गए थे.

सचिव पद पर बढ़ा विवाद, बैठक में बनी दो गुट

कॉलेज संघ की उपाध्यक्ष डॉ आशा ओझा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भुस्टा के कार्यकारी प्रधान सचिव प्रो जगधर मंडल और टीएनबी कॉलेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ मुश्फिक आलम भी मौजूद थे. बैठक शुरू होते ही सचिव पद के लिए एक नाम प्रस्तावित किया गया, लेकिन दूसरे शिक्षक ने इसका विरोध कर दिया. इसके बाद दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और शिक्षक दो गुटों में बंट गए. हंगामे के बीच कमेटी गठन पर सहमति नहीं बन सकी.

अब चुनाव के जरिए होगा कमेटी गठन

विवाद बढ़ने के बाद शिक्षकों ने तय किया कि कमेटी का गठन चुनाव के माध्यम से ही किया जाएगा. इसके लिए कॉलेज स्तर पर तीन सदस्यीय चुनाव समिति बनाई गई है. डॉ श्वेता सिंह कोमल को संयोजक बनाया गया है, जबकि डॉ लोकेश कुमार और डॉ रेशम को सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है.

दो पद पर बने रहना नियम के खिलाफ

बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि भुस्टा की केंद्रीय कमेटी में शामिल सदस्य चुनाव नहीं लड़ सकते, क्योंकि एक साथ दो पद पर बने रहना नियमानुसार गलत है. जानकारी के अनुसार, पूर्व प्राचार्य डॉ रमण सिन्हा के समय से ही अध्यक्ष पद खाली पड़ा हुआ है.

11 पदों के लिए होगा चुनाव

भुस्टा इकाई के तहत एसएम कॉलेज में कुल 11 पदों के लिए चुनाव कराया जाएगा. इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव के एक-एक पद, संयुक्त सचिव के दो पद, कोषाध्यक्ष का एक पद और कार्यकारिणी सदस्य के छह पद शामिल हैं.

शिक्षकों ने चुनाव को बताया जरूरी

सीनेट सदस्य डॉ आनंद शंकर ने कहा कि चुनाव होने से संगठन मजबूत होता है और शिक्षकों की समस्याओं को बेहतर तरीके से विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखा जा सकता है. वहीं शिक्षक डॉ दीपक कुमार दिनकर का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सभी पदों पर चुनाव होना चाहिए और इसकी तिथि पहले से घोषित की जानी चाहिए, ताकि सभी शिक्षक भाग ले सकें.

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Bhagalpur : वीडियो कॉल पर पत्नी के सिंदूर धोने के बाद टूट गया युवक, जहर खाकर की आत्महत्या

भागलपुर
भामाशाह जयंती 9 मई को टाउन हॉल में.

Bhagalpur News : भागलपुर के जोगसर थाना क्षेत्र स्थित आदमपुर घाट मोहल्ले में एक 25 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. मृतक की पहचान छोटू यादव के पुत्र शिव यादव के रूप में हुई है, जो टोटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था. रविवार रात जहर खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई. घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

जहर खाने के बाद अस्पताल में हुई मौत

जानकारी के अनुसार, रविवार की रात जहर सेवन करने के बाद शिव यादव को उल्टी होने लगी. परिजन उसे तत्काल जेएलएनएमसीएच, मायागंज लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. हालांकि देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. सोमवार सुबह मायागंज स्थित बरारी कैंप थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया.

मां ने बताया कैसे हुआ घटनाक्रम

मृतक की मां अंजू देवी के मुताबिक, रविवार रात करीब आठ बजे शिव घर लौटा और खाना खाने के बाद अपने कमरे में चला गया. उसने दरवाजा बंद कर लिया था. कुछ देर बाद घर के एक बच्चे ने देखा कि वह पुड़िया से कुछ खा रहा है और बाद में उसे खिड़की से बाहर फेंक दिया. बच्चे ने यह बात अंजू देवी को बताई और बाहर से वह पुड़िया लाकर दी. इसके बाद परिवार को शक हुआ कि उसने जहर खा लिया है. थोड़ी देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया.

पत्नी पर लगाया गया आरोप

मृतक के पिता छोटू यादव ने पुलिस को दिए बयान में शिव की पत्नी ब्यूटी कुमारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि वैवाहिक विवाद के कारण ही उनका बेटा मानसिक तनाव में था. जानकारी के अनुसार, शिव और ब्यूटी ने वर्ष 2020 में परिवार की जानकारी के बिना विवाह किया था. दोनों के दो बच्चे भी हैं. दिसंबर 2025 में दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद ब्यूटी मायके चली गई थी.

वीडियो कॉल के बाद बढ़ा तनाव

छोटू यादव का आरोप है कि फरवरी 2026 में वीडियो कॉल के दौरान ब्यूटी कुमारी ने सिंदूर धो दिया था, जिससे शिव मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगा. इसके बाद उसने नशा करना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे उसकी स्थिति बिगड़ती चली गई. पिता का दावा है कि इसी तनाव में आकर उसने आत्मघाती कदम उठाया.

कर्ज और आर्थिक दबाव की भी चर्चा

परिवार के अनुसार, शिव ने तीन माह पहले किश्त पर नया टोटो खरीदा था, लेकिन वह समय पर किस्त चुकाने में सक्षम नहीं हो पा रहा था. हालांकि उसकी मां का कहना है कि परिवार का पूरा सहयोग मिलने के कारण केवल कर्ज की वजह से उसने यह कदम नहीं उठाया. बावजूद इसके उस पर कुछ आर्थिक दबाव जरूर था.

अस्पताल पहुंची पत्नी, रो-रो कर हुआ बुरा हाल

घटना की जानकारी मिलने के बाद सोमवार दोपहर शिव की पत्नी ब्यूटी कुमारी भी मायागंज अस्पताल पहुंची. वहां उसका रो-रो कर बुरा हाल था. इधर जोगसर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है.

Bihar Crime: आधार सिस्टम में सेंध, भोजपुर में हाई-टेक गैंग का पर्दाफाश, 2 गिरफ्तार

Cyber Fraud
एआई जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर.

Bihar Cyber Crime: भोजपुर में साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने आधार प्रणाली की सुरक्षा को भेदने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है. इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. उनके पास से क्लोन किए गए फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैनिंग उपकरण और कई बायोमेट्रिक मशीनें बरामद हुई हैं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह कोई सामान्य धोखाधड़ी नहीं बल्कि तकनीकी रूप से बेहद उन्नत स्तर पर किया जा रहा ऑपरेशन था.

शिकायत से शुरू हुई जांच

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 25 अप्रैल को आरा स्थित एक अधिकृत आधार केंद्र के संचालक धीरज कुमार महतो ने अपनी आईडी और बायोमेट्रिक डेटा के गलत इस्तेमाल की शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलते ही पुलिस ने कांड संख्या 30/26 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की. शुरुआती जांच में ही यह संकेत मिलने लगे कि मामला सामान्य नहीं है और इसमें संगठित साइबर नेटवर्क की भूमिका हो सकती है.

तीन स्तर की सुरक्षा तोड़कर किया खेल

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ऑपरेटर की डिजिटल पहचान का उपयोग कर राज्य में अवैध तरीके से आधार नामांकन और डाटा संशोधन कर रहे थे. विशेषज्ञों की जांच में सामने आया कि गिरोह ने सुरक्षा के तीन महत्वपूर्ण स्तरों को पार किया, जिसमें ऑपरेटर के लॉगिन क्रेडेंशियल हासिल करना, फिंगरप्रिंट की क्लोनिंग करना और सॉफ्टवेयर प्रोटोकॉल को दरकिनार करना शामिल था. फॉरेंसिक विश्लेषण के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया उच्च तकनीकी दक्षता के साथ अंजाम दी गई.

फर्जी पहचान से बढ़ सकता है खतरा

इस तरह की गतिविधियों से फर्जी पहचान तैयार कर बैंकिंग धोखाधड़ी, सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी, सिम कार्ड जारी कराने और डिजिटल वॉलेट के दुरुपयोग जैसे गंभीर खतरे उत्पन्न हो सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के साइबर अपराध देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकते हैं.

गिरोह का हिस्सा पकड़ में, जांच जारी

पुलिस ने दरभंगा और पीरो से आरोपियों को गिरफ्तार कर इस नेटवर्क के एक हिस्से का खुलासा किया है. हालांकि पूरे गिरोह तक पहुंचना अभी भी जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है. पुलिस लगातार अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है.

रोकथाम के लिए जरूरी कदम

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने ऐसे मामलों को रोकने के लिए कई सुझाव दिए हैं. इनमें मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन लागू करना, बायोमेट्रिक सिस्टम में लाइवनेस डिटेक्शन जोड़ना, संदिग्ध लॉगिन पर तुरंत अलर्ट जारी करना और आधार केंद्रों का नियमित ऑडिट शामिल है. यह मामला डिजिटल पहचान की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आया है.
भोजपुर की यह घटना दिखाती है कि तकनीक के दुरुपयोग से जुड़े खतरे लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करना भी बेहद जरूरी हो गया है.

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