Hindi News Blog

Breaking News : विक्रमशिला सेतु हादसे के बाद बड़ी कार्रवाई, NH के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सस्पेंड

विक्रमशिला सेतु का ध्वस्त स्लैब.
विक्रमशिला सेतु का ध्वस्त स्लैब.

Vikramshila Bridge collapses : विक्रमशिला सेतु पर हाल ही में हुए स्लैब गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. एनएच (राष्ट्रीय उच्च पथ, भागलपुर डिविजन) के कार्यपालक अभियंता साकेत कुमार रौशन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई सेतु का एक हिस्सा गंगा नदी में समा जाने की घटना के बाद की गई है. इस संबंध में पथ निर्माण विभाग के उपसचिव की ओर से आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) भी जारी कर दी गई है.

जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रविवार रात करीब 1.15 बजे भागलपुर से उत्तर बिहार को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के ढहने की घटना के कारणों की समीक्षा की गई. समीक्षा के बाद यह पाया गया कि पुल के रखरखाव और मॉनिटरिंग से जुड़े अभियंताओं की भूमिका की जांच आवश्यक है. इसी आधार पर संबंधित अधिकारियों को चिह्नित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.

Breaking News : विक्रमशिला सेतु हादसे के बाद बड़ी कार्रवाई, NH के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सस्पेंड Letter No 3016S Dt 04.05.2026 page 0001

जांच में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की सामने आयी लापरवाही

पथ निर्माण विभाग के आदेश के अनुसार, विक्रमशिला सेतु के रखरखाव और निगरानी की जिम्मेदारी राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर को सौंपी गई थी. इस विभाग के कार्यपालक अभियंता साकेत कुमार रौशन वर्तमान में इस पद पर कार्यरत थे. प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि उनके स्तर पर कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और उदासीनता बरती गई, जिसके कारण यह गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई.

निलंबन के बाद मुख्यालय किया तय

आदेश में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट होता है कि अभियंता साकेत रौशन ने अपने दायित्वों के प्रति अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई. इसी आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अभियंता प्रमुख, पथ निर्माण विभाग, पटना निर्धारित किया गया है.

निलंबन आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि साकेत कुमार रौशन को निलंबन अवधि के दौरान नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा. विभागीय स्तर पर अब पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि सेतु की संरचनात्मक खामियों और रखरखाव में कहां चूक हुई.

तीन महीने पहले जांच में बॉल-बियरिंग पोजिशन से खिसकने की बात आयी थी सामने

विक्रमशिला सेतु में लंबे समय से बॉल-बियरिंग और स्पैन से जुड़ी तकनीकी समस्याओं की आशंका जताई जा रही थी. विशेषज्ञ टीमों ने पहले भी निरीक्षण के दौरान चेतावनी दी थी कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य नहीं कराया गया, तो संरचनात्मक असंतुलन बढ़ सकता है. इसके बावजूद आवश्यक मरम्मत और सुधारात्मक कार्य समय पर नहीं हो सके.

घटना के बाद प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर कई सवाल खड़े हो गए हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सेतु की स्थिति को लेकर पहले से ही संकेत मिल चुके थे, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई. फिलहाल राज्य सरकार और पथ निर्माण विभाग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं.

विक्रमशिला सेतु भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं. ऐसे में इस तरह की घटना ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था बल्कि इंजीनियरिंग निगरानी प्रणाली पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं.

इसे भी पढ़ें-विक्रमशिला सेतु का स्लैब गिरने से ठप हुआ संपर्क, ट्रैफिक डायवर्ट, कई जिलों की आवाजाही प्रभावित

इसे भी पढ़ें-विक्रमशिला सेतु के बीच का हिस्सा आधी रात को ढहा, ट्रैफिक थमा—दोनों हिस्सों का संपर्क कटा

Bhagalpur : मंजूरी मिली, लेकिन पढ़ाई ठप—टीएमबीयू में नए कोर्स फाइलों में कैद

टीएमबीयू
टीएमबीयू की फाइल फोटो.

Bhagalpur News : तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत की प्रक्रिया फिलहाल ठहराव का शिकार बनी हुई है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की बदलती रुचि को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक कोर्स की तुलना में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया था, लेकिन यह पहल अभी जमीन पर नहीं उतर सकी है.

मंजूरी के बाद भी आगे नहीं बढ़ी प्रक्रिया

विश्वविद्यालय के एकेडमिक काउंसिल, सिंडिकेट और सीनेट से नए कोर्स शुरू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल चुकी है. प्रस्तावित कोर्स में बीएड, नर्सिंग, फिजियोथेरेपी और पीजी स्तर पर पत्रकारिता जैसे कार्यक्रम शामिल हैं. इसके अलावा टीएनबी कॉलेज में कॉमर्स तथा सभी कॉलेजों में अंगिका विषय शुरू करने की योजना है. हालांकि, इन कोर्स को लागू करने से पहले राजभवन की स्वीकृति अनिवार्य बताई जा रही है, जिसके अभाव में प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

डिप्लोमा कोर्स भी अटके

करीब दो दर्जन डिप्लोमा कोर्स को भी मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इनके क्रियान्वयन की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है. प्रस्तावित कोर्स में रिमोट सेंसिंग एंड जीआईएस, जीएसटी सर्टिफिकेट कोर्स, डाटा साइंस, साइबर लॉ, ह्यूमन राइट्स, पर्शियन लैंग्वेज, बीकॉम और बीबीए (सेल्फ फाइनेंस), बी-लिस, पैरामेडिकल एडवांस डिप्लोमा, न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स और कंप्यूटर एप्लीकेशन जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं. ये कोर्स पीजी विभागों के साथ-साथ टीएनबी कॉलेज और एमएमएम कॉलेज नवगछिया में शुरू किए जाने हैं.

फाइल कहां अटकी, हो रही पड़ताल

सीसीडीसी प्रो. एसएन पांडे के अनुसार, उन्हें इस पद पर आए अभी कुछ ही समय हुआ है. नए कोर्स से जुड़ी फाइल किस स्तर पर अटकी है, इसकी जानकारी संबंधित शाखा से जुटाई जा रही है. प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

इसे भी पढ़ें-विक्रमशिला सेतु हादसा : अफवाहों के बीच गंगा में चला रेस्क्यू ऑपरेशन, कोई वाहन नहीं गिरा

इसे भी पढ़ें-विक्रमशिला सेतु का स्लैब ढहा, एग्जाम थमा; TMBU ने तुरंत रोकी सोमवार की परीक्षाएं

इसे भी पढ़ें-विक्रमशिला सेतु का स्लैब गिरने से ठप हुआ संपर्क, ट्रैफिक डायवर्ट, कई जिलों की आवाजाही प्रभावित

इसे भी पढ़ें-विक्रमशिला सेतु के बीच का हिस्सा आधी रात को ढहा, ट्रैफिक थमा—दोनों हिस्सों का संपर्क कटा

विक्रमशिला सेतु हादसा : अफवाहों के बीच गंगा में चला रेस्क्यू ऑपरेशन, कोई वाहन नहीं गिरा

विक्रमशिला सेतु
गंगा में सर्च ऑपरेशन चलाते एसडीआरएफ.

Bhagalpur News : भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाले गंगा पुल का स्लैब ध्वस्त हो गया. सेतु का एक हिस्सा टूटकर नदी में जा गिरा. घटना के तुरंत बाद इलाके में घबराहट फैल गई और तरह-तरह की बातें फैलने लगीं, जिससे स्थिति कुछ देर के लिए भ्रमपूर्ण हो गई.

अफवाहों के बीच प्रशासन ने संभाला मोर्चा

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई कि पुल से गुजर रहा कोई वाहन या व्यक्ति भी नदी में गिर गया है. स्थिति को गंभीर मानते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत आपात कार्रवाई शुरू की और राहत-बचाव एजेंसियों को मौके पर तैनात कर दिया, ताकि वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

पानी के भीतर चली व्यापक तलाश

सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर नदी के अंदर सघन सर्च अभियान शुरू किया. गोताखोरों ने काफी देर तक अलग-अलग हिस्सों में जांच की, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य नुकसान तो नहीं हुआ है.

प्रशासन ने किया स्थिति स्पष्ट

लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद अधिकारियों ने साफ किया कि नदी में केवल पुल का टूटा हुआ हिस्सा ही पाया गया है. किसी भी व्यक्ति या वाहन के गिरने की पुष्टि नहीं हुई है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें. फिलहाल सेतु की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी कारणों की जांच जारी है.

इसे भी पढ़ें-विक्रमशिला सेतु का स्लैब ढहा, एग्जाम थमा; TMBU ने तुरंत रोकी सोमवार की परीक्षाएं

इसे भी पढ़ें-विक्रमशिला सेतु का स्लैब गिरने से ठप हुआ संपर्क, ट्रैफिक डायवर्ट, कई जिलों की आवाजाही प्रभावित

इसे भी पढ़ें-विक्रमशिला सेतु के बीच का हिस्सा आधी रात को ढहा, ट्रैफिक थमा—दोनों हिस्सों का संपर्क कटा

विक्रमशिला सेतु का स्लैब ढहा, एग्जाम थमा; TMBU ने तुरंत रोकी सोमवार की परीक्षाएं

टीएमबीयू
टीएमबीयू की फाइल फोटो.

Bhagalpur News : विक्रमशिला सेतु का स्लैब ध्वस्त होने की घटना का असर अब शैक्षणिक गतिविधियों पर भी दिखने लगा है. तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय ने सोमवार को प्रस्तावित सभी परीक्षाओं को तुरंत प्रभाव से स्थगित करने का निर्णय लिया है. इस संबंध में सभी परीक्षा केंद्राधीक्षकों को आधिकारिक सूचना भेज दी गई है, साथ ही कॉलेज प्रशासन को अपने परिसर में नोटिस लगाकर छात्रों को जानकारी देने को कहा गया है.

परीक्षा नियंत्रक प्रो. विनोद कुमार ओझा के अनुसार, सेतु गिरने के कारण छात्रों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है. कई परीक्षार्थियों के समय पर परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पाने की संभावना को देखते हुए यह कदम उठाया गया. उन्होंने बताया कि यह स्थगन केवल सोमवार तक सीमित है और बाकी परीक्षाएं पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार ही होंगी.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथियों पर शेष परीक्षाएं अपने तय समय और केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी. आगे की स्थिति को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन वरिष्ठ अधिकारियों से विचार-विमर्श कर रहा है और आवश्यक होने पर नई जानकारी जारी की जाएगी.

इसे भी पढ़ें-विक्रमशिला सेतु का स्लैब गिरने से ठप हुआ संपर्क, ट्रैफिक डायवर्ट, कई जिलों की आवाजाही प्रभावित

इसे भी पढ़ें-विक्रमशिला सेतु के बीच का हिस्सा आधी रात को ढहा, ट्रैफिक थमा—दोनों हिस्सों का संपर्क कटा

विक्रमशिला सेतु का स्लैब गिरने से ठप हुआ संपर्क, ट्रैफिक डायवर्ट, कई जिलों की आवाजाही प्रभावित

विक्रमशिला सेतु का ध्वस्त स्लैब.
विक्रमशिला सेतु का ध्वस्त स्लैब.

Bhagalpur News : उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गंगा में गिरने के बाद सबसे बड़ा असर आवागमन पर पड़ा है. घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने पुल पर दोनों ओर से वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी. बड़े वाहनों को वापस लौटाया जा रहा है, जबकि छोटे वाहनों को भी पुल से दूर रखा गया है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कुछ दिनों तक इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित रहेगा. सोमवार से ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए वाहनों को सुल्तानगंज के रास्ते मुंगेर की ओर मोड़ दिया गया है. लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का ही उपयोग करें.

आधी रात हुआ हादसा, पहले से मिल रहे थे संकेत

जानकारी के अनुसार विक्रमशिला सेतु के पाया संख्या चार और पांच के बीच का स्लैब रात करीब 12.55 बजे गंगा में समा गया. इससे पहले रात करीब 11 बजे एक्सपेंशन ज्वाइंट में गैप बनने की सूचना एक वाहन चालक ने प्रशासन को दी थी. शुरुआत में यह गैप धीरे-धीरे बढ़ता गया और देर रात स्थिति गंभीर हो गई. अंततः स्लैब टूटकर नदी में गिर गया, जिससे दोनों ओर का संपर्क पूरी तरह समाप्त हो गया. राहत की बात यह रही कि उस समय कोई वाहन उस हिस्से से नहीं गुजर रहा था, इसलिए किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

रात में पहुंचे अधिकारी, मौके पर बढ़ी निगरानी

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया. रात करीब दो बजे डीएम और एसएसपी समेत अन्य वरीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. पुल निर्माण निगम के अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए. क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास एसडीओ, ट्रैफिक डीएसपी और पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है ताकि कोई भी व्यक्ति खतरे वाले हिस्से के पास न जा सके.

बस सेवाएं बंद, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

पुल का संपर्क टूटते ही भागलपुर से नवगछिया, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कोलकाता और खगड़िया जाने वाली बसों का परिचालन सुबह से बंद कर दिया गया. वहीं पूर्णिया से रांची, जमशेदपुर और धनबाद के लिए चलने वाली बस सेवाएं भी प्रभावित रहीं. इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोग बस स्टैंड से ही वापस लौटने को मजबूर हुए.

आपूर्ति और दैनिक जीवन पर असर

गंगा पार से आने वाली सब्जियां, केला और अन्य कृषि उत्पाद भागलपुर नहीं पहुंच सके, जिससे बाजार में आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है. इसके अलावा गंगा पार से पढ़ने आने वाले छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं जा सके. नवगछिया और आसपास के जिलों में काम करने वाले लोगों को भी अपने कार्यस्थल तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

घटना स्थल पर जुटी भीड़, चर्चा का विषय बना पुल

सोमवार सुबह से ही विक्रमशिला सेतु के आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी. पुल के नीचे और पहुंच मार्ग पर बड़ी संख्या में लोग स्थिति देखने पहुंचे. कई लोग मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाते नजर आए. शहर में इस घटना को लेकर लगातार चर्चा होती रही और लोग पुल की स्थिति को लेकर चिंता जताते रहे.

मरम्मत में लगेगा समय, जांच जारी

प्रारंभिक आकलन के अनुसार क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने में करीब 15 दिन लग सकते हैं. हालांकि अंतिम निर्णय तकनीकी जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा. फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.

इसे भी पढ़ें-विक्रमशिला सेतु के बीच का हिस्सा आधी रात को ढहा, ट्रैफिक थमा—दोनों हिस्सों का संपर्क कटा

भागलपुर स्थापना दिवस पर आज से तीन दिवसीय आयोजन, कला-संस्कृति के रंग में सजेगा शहर

भागलपुर
भागलपुर स्थापना दिवस पर आज से तीन दिवसीय आयोजन.

Bhagalpur News : भागलपुर जिले का स्थापना दिवस सोमवार को मनाया जाएगा, जिसके लिए तीन दिन तक चलने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत तैयारी की गई है. इस दौरान शहर में कला, संस्कृति और इतिहास से जुड़े विविध आयोजन होंगे. कार्यक्रम अंग संस्कृति भवन स्थित भागलपुर संग्रहालय परिसर में आयोजित किए जाएंगे, जहां बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी की संभावना जताई जा रही है. इस आयोजन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे. कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन कला एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन, भागलपुर द्वारा किया जा रहा है.

भागलपुर स्थापना दिवस पर आज से तीन दिवसीय आयोजन, कला-संस्कृति के रंग में सजेगा शहर Bhagalpur Foundation Day

उद्घाटन के साथ शुरू होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

सोमवार को उद्घाटन समारोह के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत होगी. पहले दिन मंजूषा कला और फोटोग्राफी प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जिसमें स्थानीय कला और परंपरा की झलक देखने को मिलेगी. इसके अलावा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे, जहां कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे और दर्शकों को अपनी कला से रूबरू कराएंगे.

दूसरे दिन प्रतियोगिताएं और सम्मान समारोह

मंगलवार को कार्यक्रम के दूसरे दिन आर्टिस्ट कैंप का आयोजन किया जाएगा. इसके साथ ही लोक नृत्य और लोक गायन प्रतियोगिताएं भी होंगी, जिनमें प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे. कार्यक्रम के अंत में विजेताओं को सम्मानित करते हुए पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे.

समापन दिन गोष्ठी और धरोहर भ्रमण

6 मई को अंतिम दिन भागलपुर की कला, संस्कृति और इतिहास पर आधारित विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी. इसके साथ ही शहर की ऐतिहासिक धरोहरों का भ्रमण कराया जाएगा, जिसके बाद तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन होगा.

इसे भी पढ़ें-विक्रमशिला सेतु के बीच का हिस्सा आधी रात को ढहा, ट्रैफिक थमा—दोनों हिस्सों का संपर्क कटा

विक्रमशिला सेतु के बीच का हिस्सा आधी रात को ढहा, ट्रैफिक थमा—दोनों हिस्सों का संपर्क कटा

Vikramshila Bridge
भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के बीच का हिस्सा गंगा में समाया.

Bhagalpur News : बिहार के भागलपुर में रविवार देर रात विक्रमशिला सेतु के बीच का हिस्सा ढह गया. पोल संख्या 133 के पास पिलर 4 और 5 के बीच स्थित स्लैब ताश के पत्ते की तरह भरभरा कर गंगा में समा गया. यह घटना करीब 12.55 बजे के आसपास की बतायी जा रही है. इससे पहले रात लगभग 11 बजे एक वाहन चालक ने पुल के एक्सपेंशन जॉइंट में असामान्य गैप दिखने की जानकारी प्रशासन को दी थी. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत दोनों दिशाओं से यातायात रोक दिया गया. अब तक इस घटना में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है.

धीरे-धीरे बढ़ी दरार, अचानक हुआ नुकसान

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, शाम से ही भागलपुर से नवगछिया जाने वाले हिस्से में पोल 133 के पास संरचना में बदलाव महसूस किया जा रहा था. रात होते-होते पिलर 4 और 5 के बीच का गैप स्पष्ट रूप से दिखने लगा. कुछ ही देर बाद आधी रात के करीब पुल का संबंधित हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया. घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए पुल के दोनों छोरों को बंद कर दिया और किसी भी वाहन को आगे बढ़ने से रोक दिया.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल को तैनात कर दिया गया. देर रात करीब 2 बजे जिलाधिकारी, एसएसपी और अन्य वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया. पुल निर्माण निगम के इंजीनियरों की टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है. बड़े वाहनों को रास्ते से वापस भेजा जा रहा है और सोमवार से यातायात के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है.

पुल को सील कर वाहनों को मुंगेर मार्ग से भेजा जा रहा है : डीएम

एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि पोल 133 के पास स्लैब टूटने के कारण पुल पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गयी है. सोमवार से ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया जायेगा.
जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने कहा कि देर रात गैप बनने की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुल को खाली कराया. कुछ ही समय बाद संबंधित हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. फिलहाल पुल को दोनों तरफ से सील कर दिया गया है और वाहनों को मुंगेर मार्ग से भेजा जा रहा है. अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है.

पहले से मिल रहे थे चेतावनी संकेत

पिछले कुछ समय से विक्रमशिला सेतु की स्थिति को लेकर चिंता जतायी जा रही थी. पिलरों के चारों ओर बनी सुरक्षा संरचना के कमजोर होने और बाहरी दीवारों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी पहले सामने आ चुकी थी. मार्च 2026 में कई स्थानों पर सुरक्षा दीवारों के टूटने की बात सामने आयी थी. इसके अलावा अलग-अलग हिस्सों में एक्सपेंशन जॉइंट में बढ़ते गैप और कंपन की शिकायतें भी लगातार मिलती रही थीं.

भारी दबाव में चल रहा था पुल

बरारी को नवगछिया से जोड़ने वाला यह पुल प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों का भार वहन करता है. अनुमान के अनुसार रोजाना 20 से 25 हजार वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं. भारी ट्रकों के लगातार दबाव के कारण इसकी संरचना पर असर पड़ रहा था. वर्ष 2016 के बाद से इसकी कोई बड़ी तकनीकी मरम्मत नहीं होने से स्थिति और गंभीर होती गयी.

मरम्मत का पिछला रिकॉर्ड

वर्ष 2017 में लगभग 16 करोड़ रुपये खर्च कर पुल का जीर्णोद्धार कराया गया था. इसके बाद 2018 में एक एजेंसी द्वारा बॉल-बेयरिंग बदलने का कार्य किया गया, जिसके लिए पुल के स्पैन को उठाया गया था. उस समय कई दिनों तक यातायात बाधित रहा. एक्सपेंशन जॉइंट और सड़क से जुड़े अन्य कार्य भी लंबे समय तक चलते रहे.

सेतु की अहमियत

करीब 4.7 किलोमीटर लंबा विक्रमशिला सेतु भागलपुर के बरारी क्षेत्र को नवगछिया से जोड़ता है. 15 नवंबर 1990 को इसकी आधारशिला रखी गयी थी और वर्ष 2001 में इसे चालू किया गया. यह एनएच-80 और एनएच-31 को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन हजारों वाहन आवाजाही करते हैं. यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ता है.

इसे भी पढ़ें-ठग ने पुलिस बनकर रचा जाल, बेटे को गंभीर केस में फंसाने का डर दिखाकर अधिवक्ता से मांगे रुपये

इसे भी पढ़ें-परीक्षा में मोबाइल नकल पर लगेगी लगाम, प्रशासन ने कसी कमर

इसे भी पढ़ें-भागलपुर में DTO जनार्दन कुमार सेवानिवृत्त, जिला परिवहन पदाधिकारी का पद हुआ रिक्त

इसे भी पढ़ें-प्रवीण सिंह का पार्थिव शरीर रात आठ बजे पहुंचेगा भागलपुर

इसे भी पढ़ें-प्रवीण सिंह कुशवाहा के निधन पर राहुल गांधी ने जताया दुख, समर्पण और सेवा को किया याद

इसे भी पढ़ें-कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा नहीं रहे, 40 साल का राजनीतिक सफर थमा

कपिल शर्मा के रेस्टोरेंट पर दोबारा फायरिंग, बिश्नोई गैंग की कथित धमकी से बढ़ी चिंता

कपिल शर्मा
कपिल शर्मा की फाइल फाेटो.

Kapil Sharma: कॉमेडियन कपिल शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार चर्चा उनके काम को लेकर नहीं बल्कि कनाडा में स्थित उनके रेस्टोरेंट ‘कैप्स कैफे’ के आसपास हुई एक ताजा फायरिंग घटना को लेकर है. बताया जा रहा है कि कैफे के नजदीक एक अन्य रेस्टोरेंट के बाहर गोलीबारी हुई, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं. घटना के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक कथित धमकी भरा संदेश सामने आने से मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है.

कैप्स कैफे के पास फिर फायरिंग से मचा हड़कंप

कनाडा में कपिल शर्मा के रेस्टोरेंट के आसपास एक बार फिर फायरिंग की घटना ने लोगों को चौंका दिया. जानकारी के अनुसार गोलीबारी कैफे के ठीक बाहर नहीं बल्कि पास के एक अन्य रेस्टोरेंट के बाहर की गई, लेकिन इसका असर पूरे इलाके में देखने को मिला. घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है और हालात पर नजर रखी जा रही है.

कपिल शर्मा के रेस्टोरेंट पर दोबारा फायरिंग, बिश्नोई गैंग की कथित धमकी से बढ़ी चिंता Kapil Sharma 1

सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी चिंता

फायरिंग के कुछ ही समय बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने लगी, जिसे टायसन बिश्नोई जोरा सिद्धू नाम के अकाउंट से साझा किया गया बताया जा रहा है. इस पोस्ट को कथित तौर पर एक गैंग से जोड़कर देखा जा रहा है. पोस्ट में कपिल शर्मा और उनके कैफे को लेकर संदेश जैसी बातें लिखी गई हैं, जिसे लोग धमकी के रूप में देख रहे हैं.

आगे और निशाने की आशंका का दावा

वायरल पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि भविष्य में कपिल शर्मा के मुंबई स्थित आवास या उनके व्यवसाय को भी निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है और फैंस के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है.

पहले भी हो चुकी हैं कई फायरिंग घटनाएं

यह पहला मामला नहीं है जब ‘कैप्स कैफे’ को लेकर ऐसी घटना सामने आई हो. इससे पहले भी अलग-अलग समय पर तीन बार फायरिंग की खबरें दर्ज की जा चुकी हैं. इनमें पिछले वर्ष जुलाई और अगस्त की घटनाएं शामिल हैं, जबकि दिवाली से ठीक पहले भी इसी तरह की घटना की सूचना मिली थी. इन मामलों को लेकर अलग-अलग समय पर कुछ संगठनों के नाम भी चर्चा में आते रहे हैं.

ओटीटी पर सक्रिय हैं कपिल शर्मा

वर्कफ्रंट की बात करें तो कपिल शर्मा इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपने कॉमेडी शो के चौथे सीजन में नजर आ रहे हैं. उनका शो दर्शकों के बीच अच्छा रिस्पॉन्स हासिल कर रहा है. हालांकि हाल ही में रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘किस किसको प्यार करूं 2’ बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी.

इसे भी पढ़ें-माइकल ने बॉक्स ऑफिस को हिला डाला, थिएटरों में धमाल, छठे दिन भी करोड़ों में कमाई जारी

इसे भी पढ़ें- इंटरनेशनल लेवल पर छाने की तैयारी में ‘टॉक्सिक’, रिलीज डेट में हुआ बदलाव

इसे भी पढ़ें-अक्षय कुमार के बेटे आरव भाटिया की अलग राह; फिल्मों से दूरी, इस फील्ड में बना रहे करियर

इसे भी पढ़ें-Satua Jawaniya Ke के क्रेज के बाद फिल्म देखना क्यों है जरूरी? OTT पर देखें पूरा मजा

इसे भी पढ़ें-रिलीज होते ही छा गया समर गुप्ता का नया भोजपुरी गाना, दबंग स्टाइल ने मचाया धमाल

इसे भी पढ़ें-संजय दत्त फिर नए अंदाज में लौटे, ‘आखिरी सवाल’ से बढ़ी हलचल; कब रिलीज होगी फिल्म?

सम्राट कैबिनेट की हाेगी 6 मई को तीसरी बैठक, बड़े फैसलों की तैयारी तेज

Samrat Cabinet
बिहार कैबिनेट की तीसरी बैठक 6 मई को

Bihar Cabinet: बिहार में नई सरकार बनने के बाद प्रशासनिक सक्रियता तेज दिखाई दे रही है. 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले सम्राट चौधरी लगातार फैसलों की रफ्तार बढ़ाए हुए हैं. इसी क्रम में अब तीसरी कैबिनेट बैठक 6 मई को मुख्यमंत्री सचिवालय में बुलाई गई है. इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कई नई योजनाओं और नीतिगत प्रस्तावों को हरी झंडी मिलने की संभावना है. इससे पहले हुई दो कैबिनेट बैठकों में भी बड़े स्तर पर निर्णय लिए जा चुके हैं.

29 अप्रैल की बैठक में बड़े फैसले

29 अप्रैल को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 63 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी. इनमें राज्य की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई अंतरराज्यीय ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण प्रमुख रहा. इसके अलावा पटना के मैंगल्स रोड पर साइबर अपराध इकाई और विशेष शाखा के लिए करीब 51 करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण को स्वीकृति दी गई. साथ ही कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर भी सरकार ने सहमति जताई.

पहली बैठक में विकास योजनाओं पर फोकस

22 अप्रैल को हुई पहली कैबिनेट बैठक में 22 एजेंडों पर निर्णय लिया गया था. इसमें नगर विकास विभाग की ओर से 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का फैसला लिया गया. महिला पुलिसकर्मियों को 1500 स्कूटी और 3200 पुलिसकर्मियों को मोटरसाइकिल देने की योजना को भी मंजूरी मिली. इसके अलावा सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने और मुंगेर के तारापुर में पर्यटन व धार्मिक सुविधाओं के विस्तार पर सहमति बनी.

दिल्ली में लगातार बैठकें

इधर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली दौरे पर हैं, जहां उन्होंने कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की. इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, अश्विनी वैष्णव, ललन सिंह और नित्यानंद राय शामिल रहे. संभावना है कि वे आज शाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर सकते हैं.

इसे भी पढ़ें-बिहार में 37 अफसरों को बड़ी जिम्मेदारी, पंचायत-पंचायत पहुंचेगा प्रशासन, 3 महीने तक चलेंगे स्पेशल कैंप

इसे भी पढ़ें-बिहार कैबिनेट के 63 फैसले, आरा में केंद्रीय विद्यालय और पश्चिम चंपारण में डिग्री कॉलेज को मंजूरी

Bhagalpur : शोक में डूबा भागलपुर, कांग्रेस नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा को दी अंतिम विदाई

प्रवीण सिंह कुशवाहा
प्रवीण सिंह कुशवाहा की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़.

Bhagalpur News : भागलपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह कुशवाहा का पार्थिव शरीर सुबह पटल बाबू रोड स्थित आवास से उनके जिच्छो स्थित पैतृक आवास पहुंचा. इसके बाद अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी. पूरे रास्ते लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और माहौल गमगीन रहा.

सुबह जैसे ही पार्थिव शरीर आवास परिसर पहुंचा, परिजन भावुक होकर रो पड़े. परिवार के सदस्यों का हाल बेहद खराब था और कई लोग शोक में बेसुध हो गए. पत्नी, बेटा, बेटी, दामाद, भाई और मां सहित पूरा परिवार गहरे दुख में डूबा रहा. इस दौरान पटना से भी कांग्रेस के कई नेता भागलपुर पहुंचे और अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी.

जिलेभर से उमड़ा जनसैलाब

प्रवीण सिंह कुशवाहा के अंतिम दर्शन के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. जिच्छो स्थित आवास और आसपास के इलाके में सुबह से ही भारी भीड़ जुटी रही. विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. परिजन लगातार उन्हें निहारते रहे और इस क्षति को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे.

बरारी श्मशान घाट के लिए निकली अंतिम यात्रा

आवास से बरारी श्मशान घाट के लिए अंतिम यात्रा निकाली गई. इस दौरान पूरे मार्ग में शोक और सन्नाटा पसरा रहा. बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए और नम आंखों से कांग्रेस नेता को विदाई दी.

इसे भी पढ़ें-प्रवीण सिंह कुशवाहा के निधन पर राहुल गांधी ने जताया दुख, समर्पण और सेवा को किया याद

इसे भी पढ़ें-कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा नहीं रहे, 40 साल का राजनीतिक सफर थमा

इसे भी पढ़ें-कांग्रेस नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा की रोड एक्सीडेंट में मौत, दिल्ली से लौटते वक्त हुआ हादसा

Patna
haze
32 ° C
32 °
32 °
66 %
5.7kmh
40 %
Mon
39 °
Tue
36 °
Wed
37 °
Thu
38 °
Fri
35 °

जरूर पढ़ें

बंगाल में अंतिम जंग का इंतजार, 4 मई को होगा फैसला—दीदी...

रिकॉर्ड मतदान ने तोड़े पुराने आंकड़े2011 का भी रिकॉर्ड पीछे छूटाममता बनर्जी के लिए सबसे बड़ी चुनौतीभाजपा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाईमतगणना के लिए...