विक्रमशिला सेतु पर इमरजेंसी प्लान, सात मीटर पीछे बेली ब्रिज से 10 दिन में राहत संभव

विक्रमशिला सेतु
विक्रमशिला सेतु

Vikramshila Setu In Bhagalpur : भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से के बाद यातायात बहाली को लेकर इंजीनियरिंग स्तर पर काम तेज हो गया है. सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम अब स्थायी मरम्मत के साथ-साथ अस्थायी वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की दिशा में सक्रिय है. प्रस्ताव के तहत टूटे हिस्से से कुछ दूरी पीछे एक बेली ब्रिज तैयार कर सीमित वाहनों की आवाजाही शुरू करने की योजना बनाई जा रही है. टीम लगातार दूसरे दिन मौके पर पहुंची और पुल की ऊपरी संरचना से लेकर नदी के अंदरूनी हिस्से तक विस्तृत जांच की.

मशीनों और तकनीकी उपकरणों के जरिए दोनों छोर की स्थिति का आकलन किया गया. शुरुआती रिपोर्ट में यह संकेत मिले हैं कि कुछ हिस्सों में ढांचा अभी भी अपेक्षाकृत सुरक्षित है, जबकि क्षतिग्रस्त भाग पूरी तरह अलग कर नया समाधान तैयार करना होगा.

क्षतिग्रस्त होने के बाद अब तक की स्थिति

03 मई:
विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा स्लैब देर रात गंगा नदी में गिर गया, जिसके बाद पुल पर पूरी तरह से यातायात बंद हो गया और दोनों तरफ लंबा जाम लग गया.

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04 मई:
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने प्रारंभिक अनुमान में तीन महीने का समय मरम्मत के लिए बताया. इसी दिन मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्रालय से संपर्क कर सहयोग मांगा. इंजीनियरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर शुरुआती जांच में संरचनात्मक दरारों की बात कही.

05 मई:
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम पहली बार स्थल पर पहुंची और पूरे सेतु का प्राथमिक निरीक्षण शुरू किया.

06 मई:
बीआरओ की तकनीकी टीम ने विस्तृत असेसमेंट पूरा किया और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की.

बीआरओ की वर्तमान रणनीति

बीआरओ अब सीधे क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के बजाय वैकल्पिक संरचना पर काम कर रहा है. इसमें अस्थायी बेली ब्रिज को मुख्य विकल्प माना जा रहा है.

संभावित योजना:

  • क्षतिग्रस्त हिस्से से लगभग 7 मीटर पीछे बेली ब्रिज निर्माण
  • हल्के और नियंत्रित वाहनों के लिए सीमित आवागमन
  • मॉड्यूलर स्टील ढांचे का उपयोग
  • जरूरत पड़ने पर सेक्शन वाइज इंस्टॉलेशन

जनजीवन पर असर

  • कोसी और सीमांचल क्षेत्र का संपर्क बाधित
  • नेपाल और पश्चिम बंगाल मार्ग पर लंबा चक्कर
  • सब्जी और केला किसानों को भारी नुकसान
  • स्कूल और कॉलेज आने-जाने में दिक्कत
  • मरीजों को अस्पताल पहुंचने में देरी
  • नौकरीपेशा लोगों का रोजाना सफर प्रभावित

प्रशासनिक व्यवस्था (लिस्ट)

  • गंगा घाट पर स्टीमर और नाव सेवा शुरू
  • यात्रियों के लिए पेयजल सुविधा
  • प्राथमिक स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था
  • सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात
  • नाव किराया निर्धारित
  • 24 घंटे एंबुलेंस सेवा उपलब्ध

तकनीकी जांच में सामने आए बिंदु

  • पुल का ऊपरी ढांचा आंशिक रूप से सुरक्षित
  • कुछ हिस्सों में संरचनात्मक मजबूती बरकरार
  • क्षतिग्रस्त स्लैब पूरी तरह अस्थिर
  • नदी के अंदरूनी हिस्से में भी जांच जारी
  • भारी दबाव वाले हिस्सों की पहचान की जा रही है

अधिकारियों की राय

जिला प्रशासन के अनुसार बीआरओ की तकनीकी रिपोर्ट के बाद आगे की अंतिम योजना तय की जाएगी. अधिकारियों ने कहा है कि प्राथमिकता जल्द से जल्द सुरक्षित आवागमन बहाल करना है.

बीआरओ क्या है?

बीआरओ रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाला संगठन है, जो सीमावर्ती और कठिन इलाकों में सड़क, पुल और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण का काम करता है.

बेली ब्रिज क्या है

यह एक अस्थायी स्टील पुल होता है जिसे कम समय में जोड़कर तैयार किया जा सकता है और आपदा या पुल टूटने की स्थिति में अस्थायी आवागमन के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

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बिहार कैबिनेट विस्तार, गांधी मैदान में 7 नए मंत्रियों ने ली शपथ, निशांत समेत कई नए चेहरे शामिल

Bihar Cabinet
गांधी मैदान में 7 नए मंत्रियों ने ली शपथ.

Bihar Cabinet Expansion : पटना के गांधी मैदान में शनिवार को सम्राट कैबिनेट का विस्तार किया गया, जिसमें कुल 7 नए मंत्रियों को शामिल किया गया. इन नए मंत्रियों में निशांत कुमार, बुलो मंडल, श्वेता गुप्ता, मिथिलेश तिवारी, रामचंद्र प्रसाद, नंद किशोर राम और कुमार शैलेंद्र का नाम शामिल है. सभी ने राज्यपाल के समक्ष पद और गोपनीयता की शपथ ली. इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे. गांधी मैदान में भारी भीड़ और राजनीतिक हलचल के बीच यह शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ. नए मंत्रियों के शामिल होने से राज्य मंत्रिमंडल का राजनीतिक संतुलन और शक्ति समीकरण दोनों में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है.

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निशांत कुमार

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र और जदयू नेता निशांत कुमार को पहली बार मंत्री बनाया गया है. 44 वर्षीय निशांत ने बीआईटी मेसरा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. लंबे समय तक वे राजनीति से दूर रहे और लो-प्रोफाइल जीवन जीते रहे. हाल के वर्षों में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और अब सीधे कैबिनेट में जगह मिली है. उनका मंत्री बनना इस विस्तार का सबसे चर्चित राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है.

बुलो मंडल

गोपालपुर विधानसभा सीट से विधायक बुलो मंडल उर्फ शैलेश कुमार को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है. वे 49 वर्ष के हैं और इससे पहले भागलपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुके हैं. दो वर्ष पहले उन्होंने राजद छोड़कर जदयू का दामन थामा था. संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद अब उन्हें कैबिनेट में जगह दी गई है.

श्वेता गुप्ता

शिवहर से पहली बार विधायक बनीं श्वेता गुप्ता पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर हैं. 45 वर्षीय श्वेता वैश्य समाज से आती हैं और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रही हैं. उनके पति भी डॉक्टर हैं. मूल रूप से सीतामढ़ी जिले की रहने वाली श्वेता गुप्ता को पहली बार मंत्री बनाकर महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने की कोशिश मानी जा रही है.

मिथिलेश तिवारी

भाजपा के वरिष्ठ नेता मिथिलेश तिवारी गोपालगंज जिले की बैकुंठपुर सीट से विधायक हैं. वे 2015 से विधानसभा में सक्रिय हैं और लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े हैं. मजबूत संगठनात्मक पकड़ के कारण उन्हें पहली बार कैबिनेट में जगह मिली है.

रामचंद्र प्रसाद

दरभंगा जिले की हायाघाट सीट से विधायक रामचंद्र प्रसाद लगातार दूसरी बार विधानसभा पहुंचे हैं. उन्होंने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है और जिला परिषद से राजनीति की शुरुआत की थी. वे भाजपा के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं और संगठन स्तर पर लंबे समय से सक्रिय हैं.

नंद किशोर राम

पश्चिम चंपारण के रामनगर (सुरक्षित) सीट से विधायक नंद किशोर राम को पहली बार मंत्री बनाया गया है. उन्होंने 2025 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर बड़ी जीत दर्ज की. पार्टी ने मौजूदा विधायक का टिकट काटकर उन्हें उम्मीदवार बनाया था. उन्होंने राजद प्रत्याशी को बड़े अंतर से हराकर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की.

कुमार शैलेंद्र

भागलपुर जिले की बिहपुर सीट से भाजपा विधायक कुमार शैलेंद्र को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है. 60 वर्षीय शैलेंद्र पेशे से इंजीनियर हैं और 1991 में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. वे लगातार तीसरी बार इस सीट से विधायक बने हैं और क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखते हैं.

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गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ, निशांत कुमार और दीपक प्रकाश भी बने मंत्री

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गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ.

Bihar Cabinet Expansion: पटना के गांधी मैदान में शनिवार को सम्राट कैबिनेट का भव्य विस्तार किया गया, जिसमें कुल 32 मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई. समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और जदयू अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद रहे. राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने सभी नव नियुक्त मंत्रियों को शपथ दिलाई. यह कार्यक्रम गांधी मैदान में बड़े स्तर पर आयोजित हुआ, जहां एनडीए के कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे. मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज रही और सभी दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इसे खास बना दिया. पूरा कार्यक्रम सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ.

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पार्टीवार मंत्री संख्या

कैबिनेट विस्तार में भारतीय जनता पार्टी के 16 मंत्रियों को शामिल किया गया, जबकि जनता दल यूनाइटेड के 13 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली. इसके अलावा एनडीए की सहयोगी लोजपा (रामविलास) से दो मंत्री बनाए गए. वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा से एक मंत्री उनके पुत्र दीपक प्रकाश को स्थान मिला. जदयू के नेता निशांत कुमार, जो पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र हैं, ने भी मंत्री पद की शपथ ली, जिससे राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई.

इन नेताओं को मंत्री पद की दिलाई गई शपथ

  1. श्रवण कुमार
  2. विजय कुमार सिन्हा
  3. दिलीप कुमार जायसवाल
  4. निशांत कुमार
  5. लेशी सिंह
  6. रामकृपाल यादव
  7. नीतीश मिश्रा
  8. दामोदर रावत
  9. संजय सिंह टाइगर
  10. अशोक चौधरी
  11. भगवान सिंह कुशवाहा
  12. अरुण शंकर प्रसाद
  13. मदन सहनी
  14. संतोष कुमार सुमन
  15. रमा निषाद
  16. रत्नेश सदा
  17. कुमार शैलेंद्र
  18. शीला कुमारी
  19. केदार प्रसाद गुप्ता
  20. लखेंद्र कुमार रौशन
  21. सुनील कुमार
  22. श्रेयसी सिंह
  23. जमा खान
  24. नंद किशोर राम
  25. शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल
  26. प्रमोद कुमार
  27. श्वेता गुप्ता
  28. मिथिलेश तिवारी
  29. रामचंद्र प्रसाद
  30. संजय कुमार सिंह
  31. संजय कुमार
  32. दीपक प्रकाश

विशेष चेहरे और राजनीतिक संकेत

इस शपथ ग्रहण समारोह में कई ऐसे चेहरे भी सामने आए जिन्होंने राजनीतिक रूप से विशेष ध्यान खींचा. जदयू नेता निशांत कुमार का मंत्री बनना सबसे चर्चित घटनाओं में रहा. इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी अहम बना दिया. भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार की उपस्थिति ने भी इसे एनडीए की एकजुटता के रूप में देखा गया.

सरकार का नया समीकरण

नए मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री के साथ दो उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद भी सरकार का कामकाज संभालेंगे. कुल मिलाकर सरकार में 14 मंत्री प्रमुख जिम्मेदारियों को देखेंगे. इस विस्तार के बाद भाजपा के 16 मंत्री, जदयू के 13 और अन्य सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों के साथ एनडीए सरकार का नया समीकरण तैयार हुआ है, जिससे प्रशासनिक संतुलन और राजनीतिक रणनीति दोनों को मजबूती मिलने का दावा किया जा रहा है.

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TVK सरकार गठन की दौड़ तेज, विजय की राज्यपाल से दूसरी मुलाकात के बाद बढ़ी सियासी हलचल

विजय
विजय की राज्यपाल से दूसरी मुलाकात.

TVK : तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर जारी खींचतान के बीच टीवीके प्रमुख विजय ने एक बार फिर राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से गुरुवार (7 मई) को मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया. यह उनकी राज्यपाल से दूसरी मुलाकात है, जिसके बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं. राज्य में बहुमत के आंकड़े को लेकर दलों के बीच लगातार जोड़-तोड़ और समर्थन जुटाने की कवायद जारी है. सत्ता की दौड़ में टीवीके की कोशिशों ने राजनीतिक समीकरणों को और जटिल बना दिया है.

विधायकों की अहम बैठक बुलाकर रणनीति पर मंथन

सरकार गठन को लेकर बढ़ते दबाव के बीच टीवीके प्रमुख विजय ने 7 मई को अपनी पार्टी के सभी निर्वाचित विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि पार्टी फिलहाल बहुमत के आंकड़े से पीछे चल रही है. ऐसे में आगे की रणनीति, गठबंधन संभावनाओं और विधायी फैसलों पर चर्चा की संभावना है. सूत्रों के अनुसार इस बैठक में विधायक दल के नेता के चयन पर भी फैसला हो सकता है. कांग्रेस के पांच विजयी उम्मीदवारों द्वारा टीवीके को समर्थन देने की पेशकश के बाद राजनीतिक स्थिति और अधिक बदलती नजर आ रही है.

बहुमत का गणित और सत्ता की जद्दोजहद

234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है. टीवीके ने हालिया विधानसभा चुनाव में 108 सीटों पर जीत दर्ज की है, जिससे वह बहुमत से कुछ सीटें पीछे रह गई है. पार्टी को सत्ता तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत है. इसी बीच कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन के संकेत ने टीवीके के लिए नई उम्मीदें पैदा की हैं. हालांकि राजनीतिक समीकरण अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं और विभिन्न दलों के बीच बातचीत का दौर जारी है.

दोहरी सीट जीत और इस्तीफे की स्थिति

चुनाव परिणामों में टीवीके प्रमुख विजय ने दो सीटों से जीत दर्ज की है. नियमों के अनुसार उन्हें इनमें से एक सीट से इस्तीफा देना होगा. यह फैसला पार्टी की रणनीति और आगे के राजनीतिक कदमों को भी प्रभावित कर सकता है. पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर भी चर्चा चल रही है कि किस सीट को बरकरार रखा जाए और किससे इस्तीफा दिया जाए.

राज्यपाल से दूसरी मुलाकात और सरकार गठन की मांग

इससे पहले 6 मई को भी विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की थी और सरकार गठन का दावा पेश किया था. हालांकि राजभवन की ओर से अभी तक इस पर कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है कि टीवीके को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा या नहीं. सूत्रों के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, जिससे राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है.

कांग्रेस का समर्थन और गठबंधन में बदलाव

इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए टीवीके को समर्थन देने की घोषणा की है. साथ ही पार्टी ने अपने पूर्व सहयोगी डीएमके से नाता तोड़ने का भी फैसला किया है. इस बदलाव ने तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर दिए हैं. हालांकि टीवीके के नेतृत्व में सरकार गठन को लेकर अभी भी स्पष्टता नहीं है.

कांग्रेस सांसद ज्योतिमणि ने इस पूरी प्रक्रिया में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि बहुमत साबित करने का सही मंच विधानसभा है, न कि राजभवन. उन्होंने राज्यपाल पर भाजपा के पक्ष में राजनीति करने का आरोप लगाते हुए मांग की कि टीवीके नेता विजय को तुरंत सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए.

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बिहार में मौसम का कहर जारी, 24 जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

मौसम
बिहार में मौसम का कहर जारी

Bihar Rain Alert: बिहार में मौसम का मिजाज इन दिनों पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है. मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटे के दौरान रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है. उत्तर बिहार और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में आज आंधी, बिजली चमकने के साथ ओलावृष्टि की भी प्रबल आशंका जताई गई है. बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवा और ठनका जनजीवन पर असर डाल सकता है.

24 जिलों में येलो अलर्ट जारी, कई क्षेत्रों में खतरे के आसार

मौसम विभाग की ओर से आज राज्य के 24 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, खगड़िया, कटिहार, मुंगेर, भागलपुर, जमुई और बांका शामिल हैं. इन जिलों में तेज हवा के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना के चलते प्रशासन ने लोगों से खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है.

बिहार में मौसम का कहर जारी, 24 जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी Bihar Rain Alert 8
Bihar Rain Alert

मौसम में कब मिलेगा राहत का संकेत

पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में आंधी और बारिश का दौर अभी जारी रह सकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि 8 मई के बाद ही राज्य के अधिकतर हिस्सों में मौसम साफ होने की संभावना है. इस दौरान तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा. अगले तीन से चार दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि रात के तापमान में भी दो से चार डिग्री की वृद्धि का अनुमान है.

तापमान में उतार-चढ़ाव जारी, कई जिलों में रिकॉर्ड

राज्य में हाल के दिनों में तापमान में लगातार बदलाव देखा जा रहा है. कैमूर में अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि अधिकांश जिलों में यह 29.8 से 33.7 डिग्री के बीच बना हुआ है. न्यूनतम तापमान की बात करें तो गयाजी, फारबिसगंज (अररिया) और डेहरी (रोहतास) में 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. तापमान में इस तरह के उतार-चढ़ाव से मौसम अस्थिर बना हुआ है.

पटना में अचानक बदला मौसम, ओलावृष्टि से राहत और परेशानी दोनों

राजधानी पटना में बुधवार को मौसम अचानक बदल गया. दोपहर के बाद तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई और कई इलाकों में ओले भी गिरे. करीब आधे से एक घंटे तक हुई इस बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम ठंडा हो गया. देर रात भी बादल छाए रहे और तेज बारिश ने शहर की रफ्तार पर असर डाला. कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

गांधी मैदान में शपथ ग्रहण की तैयारी, बारिश बनी चुनौती

गुरुवार को गांधी मैदान में कैबिनेट का शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाना है. बारिश के कारण मैदान में पानी जमा हो गया, जिसे निकालने के लिए देर रात तक प्रशासन सक्रिय रहा. सुपर सकर मशीनों की मदद से पानी निकासी की व्यवस्था की गई और कई जगहों पर बालू डालकर सतह को समतल किया गया. आयोजन स्थल पर बैठने और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था भी दुरुस्त की जा रही है, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके.

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SRH vs PBKS: 235 रन का लक्ष्य रहा भारी, कोनोली का शतक भी नहीं दिला सका जीत

कोनोली
कोनोली का शतक भी नहीं दिला सका जीत.

SRH vs PBKS: आईपीएल मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने दमदार बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स के खिलाफ बड़ा स्कोर खड़ा किया और मैच अपने नाम कर लिया. पहले बैटिंग करते हुए हैदराबाद ने 4 विकेट पर 235 रन बनाए. जवाब में पंजाब किंग्स की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 7 विकेट पर 202 रन ही बना सकी. कूपर कोनोली के शतक के बावजूद टीम जीत से दूर रह गई. इस हार के साथ पंजाब को लगातार तीसरी बार शिकस्त झेलनी पड़ी, जबकि हैदराबाद अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई.

हैदराबाद की तेज शुरुआत और मजबूत साझेदारियां

टॉस जीतकर पंजाब ने गेंदबाजी चुनी, लेकिन हैदराबाद के ओपनरों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड ने पहले विकेट के लिए 54 रन जोड़े. अभिषेक 35 रन बनाकर आउट हुए, जबकि हेड ने 38 रन की पारी खेली. इसके बाद टीम की रनगति और तेज हो गई.

ईशान और क्लासेन ने संभाली कमान

तीसरे विकेट के लिए ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन ने तेजी से रन जोड़े. दोनों के बीच 48 गेंदों में 88 रन की साझेदारी हुई. ईशान ने 55 रन बनाए, जिसमें चार छक्के और दो चौके शामिल रहे. वहीं क्लासेन ने आक्रामक अंदाज में 69 रन बनाए. अंतिम ओवरों में नीतीश रेड्डी के साथ उनकी 63 रन की साझेदारी ने टीम को 235 के बड़े स्कोर तक पहुंचा दिया. रेड्डी 29 रन बनाकर नाबाद रहे. पंजाब की ओर से अर्शदीप, फर्ग्यूसन, चहल और वैशाख को एक-एक विकेट मिला.

पंजाब की शुरुआत रही निराशाजनक

लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत बेहद कमजोर रही. शुरुआती बल्लेबाज जल्दी-जल्दी पवेलियन लौट गए. प्रियांश आर्या ने 1, प्रभसिमरन सिंह ने 3 और श्रेयस अय्यर ने 5 रन बनाए. टीम ने 23 रन तक तीन विकेट गंवा दिए, जिससे दबाव बढ़ गया.

कोनोली का शतक भी नहीं दिला सका जीत

इसके बाद कूपर कोनोली ने मोर्चा संभाला और टीम को संभालने की कोशिश की. उन्होंने मार्कस स्टोइनिस के साथ 40 रन की साझेदारी की. स्टोइनिस 28 रन बनाकर आउट हुए. आगे सूर्यांश शेडगे (25) और मार्को यानसेन (19) ने थोड़ा साथ दिया, लेकिन जीत तक टीम नहीं पहुंच सकी. कोनोली ने 59 गेंदों में नाबाद 107 रन बनाए, जिससे पंजाब 200 के पार पहुंचा, लेकिन लक्ष्य से दूर रह गया. हैदराबाद के लिए पैट कमिंस और शिवांग कुमार ने 2-2 विकेट लिए, जबकि अन्य गेंदबाजों को भी सफलता मिली.

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बंगाल में खूनी वारदात: शुभेंदु अधिकारी के PA की गोली मारकर हत्या, मध्यमग्राम में देर रात दहशत

चंद्रनाथ
शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ की फाइल फोटो.

Suvendu Adhikari PA murdered: पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी आपराधिक घटना सामने आई है, जिसने राजनीतिक माहौल को और संवेदनशील बना दिया है. भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की बुधवार देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई. घटना उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में रात करीब 11:15 बजे हुई. बताया जा रहा है कि हमलावरों ने सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया. सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया. शुभेंदु अधिकारी भी घटना की जानकारी मिलने के बाद तुरंत मध्यमग्राम के लिए रवाना हो गए.

सड़क पर रोककर की गई ताबड़तोड़ फायरिंग

पुलिस और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, चंद्रनाथ रथ अपनी कार से कहीं जा रहे थे. मध्यमग्राम के पास कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी को बीच रास्ते में रोक लिया. जैसे ही वाहन रुका, हमलावरों ने बेहद नजदीक से लगातार गोलियां चलानी शुरू कर दीं. अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरातफरी मच गई. बताया गया है कि चंद्रनाथ को सीने में तीन गोलियां लगीं, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई. यह पूरी घटना बेहद तेजी से हुई, जिससे उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिल पाया.

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अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत, ड्राइवर घायल

हमले के तुरंत बाद चंद्रनाथ रथ को खून से लथपथ हालत में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस हमले में कार चला रहे ड्राइवर बुद्धदेव बेड़ा भी घायल हो गए. उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अस्पताल सूत्रों के मुताबिक उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है.

शुभेंदु अधिकारी के करीबी थे चंद्रनाथ

चंद्रनाथ रथ को शुभेंदु अधिकारी का बेहद विश्वस्त सहयोगी माना जाता था. वे लंबे समय से उनके साथ जुड़े हुए थे और राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ संगठनात्मक कामकाज में भी सक्रिय भूमिका निभाते थे. भाजपा नेताओं ने इस हत्या को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी का कहना है कि यह कोई सामान्य आपराधिक घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश हो सकती है. पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया.

इलाके में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात

घटना के बाद मध्यमग्राम और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बन गया. पुलिस ने तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. हमलावरों की तलाश में कई टीमें बनाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके.

भाजपा कार्यकर्ताओं का विरोध, जांच जारी

घटना के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है. पार्टी ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है. वहीं पुलिस इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमलावर पेशेवर अपराधी थे या इस घटना के पीछे किसी राजनीतिक साजिश का हाथ है.

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इस्तीफे पर अड़ी ममता और दी खुली चुनौती; हार के बाद बोलीं- लड़ाई कोर्ट तक जाएगी

ममता बनर्जी.
इस्तीफे पर अड़ी ममता बनर्जी.

Mamata Banerjee Kalighat Meeting: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद तृणमूल कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है, लेकिन पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने पद से पीछे हटने वाली नहीं हैं. बुधवार शाम कालीघाट स्थित आवास पर हुई अहम बैठक में उन्होंने नवनिर्वाचित विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ स्थिति की समीक्षा की और सख्त रुख अपनाया. उन्होंने साफ कहा कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी और राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगी.

चुनाव परिणामों पर उठाए सवाल

बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने चुनावी नतीजों को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि परिणाम निष्पक्ष नहीं रहे और कई सीटों पर गड़बड़ी हुई है. उन्होंने इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने की बात कही और जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चुनौती देने का संकेत दिया.

कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय होने का संदेश

उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से हार को पीछे छोड़कर दोबारा सक्रिय होने का आह्वान किया. ममता बनर्जी ने दावा किया कि कई सीटों पर परिणाम प्रभावित किए गए हैं और इसमें चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि मुकाबला सिर्फ राजनीतिक दलों से नहीं, बल्कि व्यवस्था से था.

जांच के लिए टीमें होंगी तैनात

तृणमूल नेतृत्व ने राज्यभर में फैक्ट फाइंडिंग टीम भेजने का निर्णय लिया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में जाकर स्थिति का आकलन करेगी. इन टीमों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी. पार्टी के भीतर अनुशासन को लेकर भी सख्ती दिखाते हुए उन नेताओं की पहचान करने को कहा गया है, जिन पर संगठन के खिलाफ काम करने का संदेह है.

विरोध का अलग तरीका

भाजपा के शपथ ग्रहण समारोह के दिन तृणमूल ने अलग अंदाज में विरोध दर्ज कराने की योजना बनाई है. पार्टी कार्यालयों में उस दिन रवींद्र संगीत बजाने का निर्णय लिया गया है, जिसे सांस्कृतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है.

अभिषेक बनर्जी की भूमिका पर चर्चा

बैठक में अभिषेक बनर्जी की सक्रियता की सराहना की गई. उन्होंने भी साफ किया कि पार्टी नेतृत्व ममता बनर्जी के हाथ में रहेगा और वे उनके साथ मिलकर काम करेंगे.

11 विधायकों की गैरहाजिरी से बढ़ी चर्चा

इस अहम बैठक में 11 नवनिर्वाचित विधायक शामिल नहीं हुए, जिससे राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं. पार्टी के भीतर इसे लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. वहीं कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि यदि किसी तरह की समस्या हो तो वे ऑनलाइन माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं.

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विजय के दावे पर बहुमत का पेच, राज्यपाल ने भंग की विधानसभा; शपथ ग्रहण पर संशय

Vijay
विजय के दावे पर बहुमत का पेच.

Vijay Oath Ceremony: तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है. टीवीके प्रमुख विजय ने बुधवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के समर्थन के साथ कुल 112 विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा. हालांकि राज्यपाल ने उनसे बहुमत का स्पष्ट आंकड़ा पेश करने को कहा है और 118 विधायकों के समर्थन के साथ दोबारा आने का संकेत दिया है.

विजय के दावे पर बहुमत का पेच, राज्यपाल ने भंग की विधानसभा; शपथ ग्रहण पर संशय Vijay Oath Ceremony 1

विधानसभा भंग, सियासी हलचल तेज

शपथ ग्रहण को लेकर चल रहे असमंजस के बीच राज्यपाल ने 16वीं तमिलनाडु विधानसभा को भंग कर दिया है. इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अगली सरकार का गठन किस तरह होगा.

बहुमत को लेकर स्थिति साफ नहीं

विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं मानी जा रही है. 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके ने 108 सीटें हासिल की हैं. वहीं विजय के एक सीट छोड़ने के बाद पार्टी की संख्या घटकर 107 रह जाएगी, जिससे बहुमत का आंकड़ा जुटाना चुनौती बना हुआ है.

विजय के दावे पर बहुमत का पेच, राज्यपाल ने भंग की विधानसभा; शपथ ग्रहण पर संशय Vijay Oath Ceremony 3

शपथ ग्रहण की तैयारी जारी

इसी बीच पार्टी सूत्रों का कहना है कि 7 मई को ही शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है. चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में इसके लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं, जिससे संकेत मिलते हैं कि पार्टी कार्यक्रम को तय समय पर कराने की कोशिश में है.

अन्य दलों का समर्थन समीकरण

कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने की घोषणा कर दी है, लेकिन अन्य दलों की स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. विधानसभा चुनाव में DMK को 59, AIADMK को 47, कांग्रेस को 4, PMK को 4, IUML को 2, CPI को 2, VCK को 2 और CPI(M) को 2 सीटें मिली हैं. इसके अलावा BJP, DMDK और AMMK को एक-एक सीट हासिल हुई है.

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IRCTC Scam : मनी लॉन्ड्रिंग केस में कोर्ट का फैसला टला, जानिए फिर कब होगी सुनवाई

Lalu Yadav And Tejashwi Yadav
लालू-तेजस्वी की फाइल फोटो

IRCTC Scam: राउज एवेन्यू कोर्ट में चल रहे IRCTC मामले में बुधवार को अहम फैसला टल गया है. कोर्ट की ओर से अब इस केस में 22 मई की नई तारीख तय की गई है. पहले उम्मीद की जा रही थी कि अदालत इस दिन मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में अपना निर्णय सुना सकती है, लेकिन अंतिम समय में सुनवाई को आगे बढ़ा दिया गया.

कोर्ट में चल रही है अहम कानूनी प्रक्रिया

इस केस में आरोप तय करने की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है और अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था. लेकिन अब सुनवाई टलने के बाद मामला एक बार फिर से चर्चा में आ गया है. इस प्रकरण पर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर नजरें टिकी हुई हैं.

ईडी की चार्जशीट और आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इसमें पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित अन्य नाम शामिल हैं. एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं.

हाईकोर्ट में भी चुनौती दी गई

सूत्रों के अनुसार, लालू परिवार की ओर से निचली अदालत के अक्टूबर 2025 के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. उस आदेश में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप तय किए गए थे. दूसरी ओर ईडी ने अदालत में दलील दी है कि उनके पास इस पूरे मामले से जुड़े ठोस सबूत मौजूद हैं.

मामला कैसे जुड़ा है IRCTC टेंडर से

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद रेल मंत्री थे. आरोप है कि उस दौरान आईआरसीटीसी के तहत रांची और पुरी स्थित दो होटलों के संचालन और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई थीं. इन होटलों और संबंधित जमीनों को नियमों के विपरीत निजी कंपनियों को पट्टे पर दिए जाने का आरोप है, जिससे कुछ लोगों को लाभ पहुंचा.

ईडी का कहना है कि इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की कड़ियां भी जुड़ी हो सकती हैं, जबकि आरोपियों की ओर से इन सभी दावों को लगातार खारिज किया जाता रहा है. अब सभी की नजरें 22 मई की अगली सुनवाई पर टिकी हैं.

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