Bihar Weather Update : बिहार में मौसम का रुख फिलहाल बेहद गर्म और शुष्क बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक पटना समेत पूरे राज्य में गर्मी का असर जारी रहेगा और तापमान में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक इजाफे की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को और अधिक गर्मी झेलनी पड़ सकती है.
कई जिलों में लू जैसी स्थिति, तेज हवाओं ने बढ़ाई परेशानी
राजधानी पटना में हवा की रफ्तार 52 किमी प्रति घंटे तक दर्ज की गई, लेकिन इससे गर्मी में कोई खास राहत नहीं मिली. वहीं पूर्वी चंपारण के मोतिहारी, बक्सर और शेखपुरा जैसे इलाकों में उष्ण लहर की स्थिति बनी रही. इन क्षेत्रों में दिनभर तपिश का असर साफ महसूस किया गया.
गुरुवार को पटना का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री ज्यादा 41.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि डेहरी में सबसे अधिक 43.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ. इसके अलावा अरवल, कटिहार, राजगीर और सिवान के जीरादेई में भी तापमान में बढ़ोतरी देखी गई, हालांकि कुछ जिलों में मामूली गिरावट भी दर्ज हुई.
सुबह से ही चढ़ रहा पारा, दोपहर में हालात और गंभीर
गुरुवार सुबह नौ बजे तक भागलपुर, गया, अररिया और औरंगाबाद समेत कई जगहों पर तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास था. लेकिन इसके बाद तेजी से बढ़ते हुए दोपहर 11 बजे तक 35 डिग्री और दोपहर 2 बजे तक 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. शाम छह बजे तक भी तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना रहा, जिससे दिनभर गर्मी का असर कायम रहा.
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सूर्य की तीव्रता बढ़ने और वातावरण में नमी की कमी के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. सुबह की ठंडी हवा का असर घटने और पछुआ हवा के प्रभाव बढ़ने से यह स्थिति बनी हुई है. जब हवा में नमी अधिक होती है तो तापमान सामान्य रहता है, लेकिन फिलहाल शुष्क वातावरण के कारण गर्मी ज्यादा महसूस हो रही है.
कई शहरों में 40 डिग्री के पार पहुंचा तापमान
पटना सहित डेहरी, कैमूर, गया, शेखपुरा, सिवान के जीरादेई और छपरा में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे ‘हॉट डे’ जैसी स्थिति बनी रही. कैमूर में 42.7 डिग्री, शेखपुरा में 41.6 डिग्री, जीरादेई में 40.9 डिग्री और छपरा में 40.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया.
पश्चिमी विक्षोभ से बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग का कहना है कि 25 अप्रैल से मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है. पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय होने वाले नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 25 और 26 अप्रैल को राज्य के उत्तरी हिस्सों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है. इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है.
Bengal Election 2026 Voting Percentage: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में मतदाताओं ने अभूतपूर्व भागीदारी दर्ज कराते हुए चुनावी इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है. निर्वाचन आयोग द्वारा रात 9 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार इस चरण में कुल 92.35 प्रतिशत मतदान हुआ, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है. सुबह से ही बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं और दिन बढ़ने के साथ मतदान का प्रतिशत लगातार ऊपर जाता रहा. शाम 5 बजे तक ही करीब 90 प्रतिशत वोटिंग हो चुकी थी, जिससे यह साफ संकेत मिल गया था कि अंतिम आंकड़ा ऐतिहासिक स्तर को छू सकता है. रात तक यह बढ़कर 92.35 प्रतिशत पहुंच गया, जिसने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है.
2021 की तुलना में बड़ा उछाल
अगर पिछले चुनाव से तुलना करें, तो वर्ष 2021 में इन 152 सीटों पर 83.68 प्रतिशत मतदान हुआ था. इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 92.35 प्रतिशत हो गया, यानी कुल 8.67 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इतनी बड़ी छलांग को राजनीतिक विश्लेषक सामान्य नहीं मानते और इसे किसी बड़े जनमत या मुद्दे से जोड़कर देखा जा रहा है. यह उछाल इस बात का संकेत भी माना जा रहा है कि मतदाता इस बार ज्यादा सक्रिय और निर्णायक भूमिका में नजर आए.
2011 का रिकॉर्ड भी पीछे छूटा
अब तक बंगाल के चुनावी इतिहास में वर्ष 2011 सबसे अहम माना जाता था. उस समय 294 सीटों पर 84 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था और इसी चुनाव में 34 साल पुराना वाम शासन समाप्त हुआ था. ममता बनर्जी के नेतृत्व में सत्ता परिवर्तन हुआ और राज्य में नई राजनीतिक दिशा तय हुई. लेकिन 2026 के चुनाव में मतदान प्रतिशत ने उस ऐतिहासिक आंकड़े को भी काफी पीछे छोड़ दिया है, जिससे एक बार फिर बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं.
आजादी के बाद से मतदान का बदलता ग्राफ
राज्य में मतदान प्रतिशत का इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. 1952 के पहले विधानसभा चुनाव में मात्र 42.23 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, जो 1962 तक बढ़कर 55.55 प्रतिशत हो गई. वर्ष 1967 में पहली बार मतदान 60 प्रतिशत के पार पहुंचा और 66.1 प्रतिशत दर्ज किया गया. इसके बाद 1971 से 1977 के बीच गिरावट देखने को मिली और 1977 में यह आंकड़ा घटकर 56.15 प्रतिशत रह गया. यही वह दौर था जब राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया और कांग्रेस का प्रभाव कम होने लगा, जबकि ज्योति बसु के नेतृत्व में वाममोर्चा मजबूत हुआ.
वाम शासन और उसके बाद का दौर
1982 के बाद मतदान प्रतिशत में एक बार फिर तेजी आई और 1996 तक यह 82.94 प्रतिशत तक पहुंच गया. इसके बाद 2001 में गिरावट आई और यह 75.29 प्रतिशत रह गया. हालांकि 2006 के बाद से मतदान लगातार 80 प्रतिशत के ऊपर बना रहा. 2016 और 2021 के चुनावों में भी यह लगभग 82 प्रतिशत के आसपास स्थिर रहा, लेकिन 2026 ने इस पैटर्न को पूरी तरह बदल दिया है और एक नई ऊंचाई स्थापित की है.
21वीं सदी में बदला मतदान का ट्रेंड
2000 के दशक के बाद से बंगाल में मतदाताओं की भागीदारी लगातार मजबूत रही है. हालांकि बीच-बीच में गिरावट आई, लेकिन कुल मिलाकर मतदान प्रतिशत ऊंचे स्तर पर बना रहा. 2026 का चुनाव इस पूरी प्रवृत्ति से अलग नजर आता है, क्योंकि इसमें अचानक बड़ा उछाल देखने को मिला है. इसे कई जानकार ‘लोकतांत्रिक उफान’ के रूप में देख रहे हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब मतदान प्रतिशत में 8 प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि होती है, तो वह अक्सर सत्ता विरोधी रुझान या किसी बड़े मुद्दे पर मतदाताओं के ध्रुवीकरण का परिणाम होती है. बंगाल के इतिहास में 1982 और 2011 जैसे चुनावों में भी ऐसा देखने को मिला था, जब भारी मतदान के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ था. ऐसे में अब नजरें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो इस रिकॉर्ड मतदान के पीछे की असली तस्वीर सामने लाएंगे.
दो चरणों में हो रहा चुनाव
राज्य में इस बार विधानसभा चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं. पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान पूरा हो चुका है. दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी, जिसमें शेष 142 सीटों पर मतदान कराया जाएगा. सभी 294 सीटों की मतगणना 4 मई को होगी और उसी दिन यह तय हो जाएगा कि राज्य में अगली सरकार किसकी बनेगी.
यहां देखें पहले चरण की 152 सीटों पर वोट के आंकड़े
विधानसभा का नाम
वोट प्रतिशत 2026
वोट प्रतिशत 2021
वोट बढ़ा/घटा
मेकलीगंज (एससी)
94.96
87.76
7.2
माथाभांगा (एससी)
95.15
86.36
8.79
कूचबिहार उत्तर (एससी)
95.11
86.19
8.92
कूचबिहार दक्षिण
93.35
83.61
9.74
शीतलकुची (एससी)
96.45
86.23
10.22
सिताई (एससी)
96.43
82.11
14.32
दीनहाटा
95.45
81.45
14
नाटाबाड़ी
94.96
88.63
6.33
तूफानगंज
93.97
89.36
4.61
कुमारग्राम (एसटी)
93.58
85.18
8.4
कालचीनी (एसटी)
88.32
79.14
9.18
अलीपुरडुआर्स
92
85.45
6.55
फाटाकाला (एससी)
94.17
86.62
7.55
मदारीहाट (एसटी)
87.83
78.49
9.34
धूपगुड़ी (एससी)
95.18
87.16
8.02
मयनागुड़ी (एससी)
96.39
89.34
7.05
जलपाईगुड़ी (एससी)
92.36
86.07
6.29
राजगंज (एससी)
95.72
88.37
7.35
डाबग्राम-फूलबाड़ी
92.95
83.44
9.51
माल (एसटी)
93.84
83.44
10.4
नागराकाटा (एसटी)
91.99
80.56
11.43
कलिम्पोंग
82.99
73.08
9.91
दार्जिलिंग
82.12
68.34
13.78
कर्सियोंग
82.18
74.23
7.95
माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी (एससी)
92.15
83.66
8.49
सिलीगुड़ी
90.3
78.22
12.08
फांसीदेवा (एसटी)
94.62
86.32
8.3
चोपड़ा
93.99
82.38
11.61
इस्लामपुर
90.83
77.36
13.47
गोआलपोखर
91.47
71.91
19.56
चाकुलिया
90.26
74.3
15.96
करनदीघी
94.29
81.17
13.12
हेमताबाद (एससी)
95.1
84.16
10.94
कालियागंज (एससी)
95.13
84.84
10.29
रायगंज
91.95
81.87
10.08
ईटाहार
95.68
84.58
11.1
कूष्मांडी (एससी)
95.56
83.7
11.86
कुमारगंज
95.81
83.79
12.02
बालूरघाट
93.3
84.31
8.99
तपन (एसटी)
94.91
84.6
10.31
गंगारामपुर (एससी)
95.4
84.58
10.82
हरिरामपुर
96
82.23
13.77
हबीबपुर (एसटी)
93.75
79.34
14.41
गजोले (एससी)
92.96
82.82
10.14
चांचल
93.99
80.06
13.93
हरिश्चंद्रपुर
93.72
80.46
13.26
मालतीपुर
93.1
79.98
13.12
रतुआ
92.86
77.59
15.27
मानिकचक
94.74
81.7
13.04
मालदा (एससी)
94.43
83.95
10.48
इंगलिशबाजार
89.67
78.34
11.33
मोथाबाड़ी
94.59
83.1
11.49
सूजापुर
92.98
82.64
10.34
वैष्णवनगर
94.68
84.48
10.2
फरक्का
96.05
81.93
14.12
शमशेरगंज
96.04
80.05
15.99
सुती
95.9
81.5
14.4
जंगीपुर
95.33
77.73
17.6
रघुनाथगंज
96.81
76.33
20.48
सागरदीघी
95.21
78.86
16.35
लालगोला
96.2
81.25
14.95
भगवानगोला
96.95
85.68
11.27
रानीनगर
96.03
86.69
9.34
मुर्शिदाबाद
94.82
85.46
9.36
नबग्राम (एससी)
90.44
82.95
7.49
खरग्राम (एससी)
88.21
81.22
6.99
बरवान (एससी)
87.8
81.29
6.51
कांडी
84.89
71.03
13.86
भरतपुर
88.76
77.6
11.16
रेजीनगर
92.02
81.01
11.01
बेलडांगा
92.89
80.85
12.04
बहरमपुर
91.29
75.81
15.48
हरिहरपाड़ा
95.21
87.33
7.88
नोदा
93.41
81.7
11.71
डोमकल
95.73
84.94
10.79
जालंगी
95.01
85.04
9.97
तमलूक
91.82
88.44
3.38
पांंशकुड़ा पूर्व
90.23
83.96
6.27
पांशकुड़ा पश्चिम
91.63
85.42
6.21
मयना
89.88
87.96
1.92
नंदकुमार
92.1
89.54
2.56
महिषादल
89.26
89.44
-0.18
हल्दिया (एससी)
90.66
87.96
2.7
नंदीग्राम
92.06
88.53
3.53
चंडीपुर
89.39
89.65
-0.26
पटाशपुर
92.21
88.33
3.88
कांथी उत्तर
89.96
88.73
1.23
भगवानपुर
92.15
87.59
4.56
खेजुरी (एससी)
90.2
89.1
1.1
कांथी दक्षिण
87.75
86.66
1.09
रामनगर
89.08
83.83
5.25
एगरा
91.21
84.61
6.6
दांतन
91.89
84.59
7.3
केशियारी (एसटी)
90.55
89.05
1.5
खड़गपुर सदर
92.49
73.03
19.46
नारायणगढ़
92.53
89.3
3.23
सबंग
93.05
89.21
3.84
पिंगला
88.42
89.66
-1.24
खड़गपुर
93.13
88.09
5.04
डेबरा
92.64
87.48
5.16
दासपुर
94.21
74.63
19.58
घाटाल (एससी)
94.93
80.52
14.41
चंद्रकोना (एससी)
92.42
89.08
3.34
गड़बेता
84.46
89.5
-5.04
सालबनी
86.46
89.98
-3.52
केशपुर (एससी)
92.99
88.03
4.96
मेदिनीपुर
94.72
85.3
9.42
नयाग्राम (एसटी)
94.7
84.82
9.88
गोपीबल्लभपुर
94.26
87.92
6.34
झारग्राम
92.13
85.49
6.64
बिनपुर (एसटी)
92.58
84.27
8.31
बांदवान (एसटी)
91.27
84.63
6.64
बलरामपुर
92.27
83.14
9.13
बाघमुंडी
90.5
82.65
7.85
जॉयपुर
90.24
81.23
9.01
पुरुलिया
89.26
79.89
9.37
मानबाजार (एसटी)
89.5
84.24
5.26
काशीपुर
86.44
81.59
4.85
पाड़ा (एससी)
91.02
79.55
11.47
रघुनाथपुर (एससी)
91.72
82.75
8.97
सालतोड़ा (एससी)
92.85
87.05
5.8
छातना
89.11
81.25
7.86
रानीबांध (एसटी)
89.68
83.35
6.33
रायपुर (एसटी)
90.68
86.59
4.09
तालडांगड़ा
90.53
87.1
3.43
बांकुड़ा
90.32
80.79
9.53
बरजोड़ा
92.05
87.53
4.52
ओंडा
93.04
87.88
5.16
विष्णुपुर
92.23
87.32
4.91
कोतुलपुर (एससी)
93.29
90.82
2.47
इंडास (एससी)
94.03
89.92
4.11
सोनामुखी (एससी)
93.28
89.14
4.14
पांडवेश्वर
91.2
77.51
13.69
दुर्गापुर पूर्व
89.35
75.11
14.24
दुर्गापुर पश्चिम
89.51
73.12
16.39
रानीगंज
90.24
72.65
17.59
जामुड़िया
91.25
75.29
15.96
आसनसोल दक्षिण
89.54
71.01
18.53
आसनसोल उत्तर
88.13
69.95
18.18
कुल्टी
89.14
69.44
19.7
बाराबनी
90.59
75
15.59
दुबराजपुर (एससी)
94.53
84.64
9.89
सूरी
92.62
82.94
9.68
बोलपुर
93.62
84.07
9.55
नानूर (एससी)
93.43
85.02
8.41
लाभपुर
94.21
88.33
5.88
सैंथिया (एससी)
94.9
86.68
8.22
मयूरेश्वर
93.72
86.45
7.27
रामपुरहाट
93.64
83.33
10.31
हांसन
94.87
84.88
9.99
नलहाटी
95.16
84.83
10.33
मुराराई
95.5
82.8
12.7
कुल
92.35
83.68
8.67
अन्य राज्यों से आगे रहा बंगाल
इस वर्ष पश्चिम बंगाल के साथ ही तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में भी चुनाव हुए. 9 अप्रैल को असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान हुआ, जहां क्रमशः 85.91 प्रतिशत, 78.27 प्रतिशत और 89.87 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई. तमिलनाडु में 84.93 प्रतिशत मतदान हुआ. इन सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की तुलना में पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया है, जिसने इसे देश में सबसे आगे ला खड़ा किया है.
Bihar News: मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र स्थित कंपनी बाग में गुरुवार को मोबाइल चोरी की एक घटना ने लोगों का ध्यान खींच लिया. स्थानीय लोगों ने एक युवक को चोरी करते हुए मौके पर ही पकड़ लिया, जिसके बाद वहां भीड़ जमा हो गई और मामला चर्चा में आ गया. युवक की पहचान छोटू के रूप में हुई, जो जोगिया मठ इलाके का रहने वाला बताया गया है.
पूछताछ में स्वीकारा जुर्म, बोला- मजबूरी में उठाया कदम
पकड़े जाने के बाद युवक काफी घबराया हुआ नजर आया और उसने चोरी की बात मान ली. उसने लोगों से कहा कि वह आदतन चोर नहीं है, बल्कि हालात ने उसे ऐसा करने के लिए मजबूर किया. उसके इस बयान के बाद मौके पर मौजूद लोग भी उससे सवाल-जवाब करने लगे.
पत्नी की गर्भावस्था और पैसों की तंगी बताई वजह
युवक ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती है और परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है. उसके पास कोई स्थायी काम नहीं है, जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है. उसने कहा कि मोबाइल बेचकर वह घर खर्च और इलाज के लिए पैसे जुटाना चाहता था.
पहली बार चोरी का दावा, लोगों को संदेह
छोटू ने दावा किया कि उसने पहली बार इस तरह की हरकत की है और वह किसी तय जगह पर चोरी का सामान नहीं बेचता. हालांकि, मौजूद लोगों को उसकी बातों पर पूरा भरोसा नहीं हुआ और कई लोगों ने उस पर पहले से चोरी में शामिल होने का शक जताया.
बढ़ती घटनाओं से व्यापारी परेशान
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में इलाके में चोरी की वारदातें बढ़ी हैं. कई दुकानों से मोबाइल और नकदी गायब होने की शिकायत सामने आई है, जिससे व्यापारियों में नाराजगी है. इस घटना के बाद लोगों में आक्रोश भी देखा गया.
पुलिस ने हिरासत में लिया, जांच जारी
सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ थाने ले गई. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या किसी गिरोह से जुड़ा हुआ है.
Bihar Politics: बिहार विधानसभा में शुक्रवार को नई सरकार के लिए अहम दिन रहने वाला है, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सदन में विश्वास प्रस्ताव पेश करेंगे. सुबह 11 बजे शुरू होने वाली इस कार्यवाही को उनकी सरकार की पहली बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है. 15 अप्रैल को पदभार संभालने के बाद अब उन्हें सदन का भरोसा हासिल करना है.
कार्यवाही का तय क्रम, अध्यक्ष के संबोधन से शुरुआत
सदन की कार्यवाही की शुरुआत विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार के संबोधन से होगी. इसके बाद मुख्यमंत्री प्रस्ताव रखेंगे, जिसमें मंत्रिपरिषद के प्रति सदन का समर्थन जताने की बात कही जाएगी. प्रस्ताव पेश होने के बाद इस पर चर्चा का दौर शुरू होगा.
विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है. विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव सबसे पहले अपनी बात रखेंगे, जिसके बाद अन्य दलों के प्रतिनिधि भी सरकार पर सवाल उठाएंगे. वहीं, सत्तापक्ष अपनी उपलब्धियों और योजनाओं के जरिए जवाब देने की तैयारी में है.
संख्या बल में एनडीए मजबूत, नतीजा लगभग तय
243 सदस्यीय विधानसभा में फिलहाल एक सीट खाली है, ऐसे में कुल 242 सदस्यों के आधार पर गणित बनेगा. एनडीए के पास 201 विधायकों का समर्थन है, जबकि विपक्ष के खाते में 41 सदस्य हैं. इस स्थिति में सरकार के लिए बहुमत साबित करना मुश्किल नहीं माना जा रहा.
ध्वनि मत से पारित होने के आसार
इतनी स्पष्ट बढ़त के चलते विश्वास प्रस्ताव के लिए औपचारिक मतदान की जरूरत कम नजर आ रही है. संभावना है कि सरकार ध्वनि मत के जरिए ही अपना बहुमत साबित कर लेगी. भाजपा की ओर से व्हीप जारी नहीं किए जाने के बावजूद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है.
आगे का एजेंडा भी होगा स्पष्ट
विश्वास मत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री सदन को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की प्राथमिकताएं और योजनाओं का खाका पेश करेंगे. सरकार इसे नए नेतृत्व के संकेत के रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी में है, साथ ही पूर्व की नीतियों को आगे बढ़ाने का संदेश भी दे सकती है.
Siwan News: सिवान जिले के दरौली थाना क्षेत्र के गड़वार गांव में गुरुवार दोपहर अचानक आग लगने से अफरातफरी मच गई. तेज लपटों ने कुछ ही देर में आसपास की झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कुल 9 घर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए. आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है. धुआं उठता देख ग्रामीणों ने शोर मचाया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे, लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि पास जाना मुश्किल हो गया.
तीन घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू
स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचना देने के साथ ही खुद ही आग बुझाने का प्रयास शुरू किया. मिट्टी, बालू, पानी, झाड़ू और स्थानीय संसाधनों की मदद से ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया. सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया गया.
नौ परिवारों का सब कुछ हुआ तबाह
इस हादसे में योगेंद्र राजभर, हरेंद्र राजभर, राजेंद्र राजभर, भीम राजभर, अर्जुन राजभर, मनोज राजभर, दिलीप राजभर, कोनू राजभर और अंबेश कुमार चौबे के घर पूरी तरह जल गए. पीड़ितों के अनुसार, आग में नकद, आभूषण, कपड़े, बर्तन, अनाज, लकड़ी और जरूरी कागजात समेत करीब 12 लाख रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई.
जान बचाकर भागे लोग, राहत की उम्मीद
आग फैलते ही सभी परिवार किसी तरह घर छोड़कर बाहर निकले और अपनी जान बचाई. घटना के बाद पीड़ित परिवारों में दहशत और मायूसी का माहौल है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे और मदद की मांग की है.
Bihar News : पूर्व मध्य रेल, हाजीपुर मुख्यालय में क्षेत्रीय रेल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 86वीं बैठक आयोजित की गई, जिसमें राजभाषा के प्रयोग को और मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया. बैठक की अध्यक्षता महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने की, जहां अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि हिंदी में कामकाज को प्राथमिकता दी जाए और निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे नोट्स और आदेश भी यदि हिंदी में लिखे जाएं, तो इससे पूरे सिस्टम में सकारात्मक बदलाव आ सकता है.
अधिकारियों को निर्देश: रोजमर्रा के काम में बढ़े हिंदी का उपयोग
बैठक के दौरान यह बात सामने रखी गई कि पूर्व मध्य रेल ‘क’ क्षेत्र में आता है, जहां स्वाभाविक रूप से हिंदी का उपयोग अधिक होना चाहिए. इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में अभी भी सुधार की आवश्यकता है. अधिकारियों से कहा गया कि सरल और सहज भाषा का प्रयोग करते हुए दैनिक कार्यों को हिंदी में करने की आदत विकसित की जाए, ताकि अधीनस्थ कर्मचारियों को भी प्रेरणा मिले.
उत्कृष्ट कार्य पर विद्युत विभाग को सम्मान
राजभाषा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले विभागों को भी इस मौके पर सम्मानित किया गया. विद्युत विभाग को अंतर्विभागीय राजभाषा चल शील्ड प्रदान की गई, जिसे प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर राजीव कुमार वर्णवाल ने ग्रहण किया. इसके साथ ही “पूर्व मध्य रेल दर्पण” राजभाषा बुलेटिन के नवीन अंक का भी लोकार्पण किया गया.
तिमाही समीक्षा में प्रदर्शन का आकलन
यह बैठक दिसंबर 2025 और मार्च 2026 तक की अवधि में राजभाषा के उपयोग और प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी. विभिन्न मंडलों और इकाइयों के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में हिंदी के प्रयोग की स्थिति से समिति को अवगत कराया. साथ ही जहां कमियां सामने आईं, उन्हें दूर करने के लिए सुझाव भी साझा किए गए.
समन्वय और इच्छाशक्ति पर जोर
अपर महाप्रबंधक अमरेन्द्र कुमार ने कहा कि राजभाषा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आपसी तालमेल और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है. उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की बैठकों से न केवल प्रगति का आकलन होता है, बल्कि आगे की दिशा भी तय होती है.
100 प्रतिशत हिंदी में कामकाज का लक्ष्य
मुख्य राजभाषा अधिकारी सविता गेडाम ने कहा कि ‘क’ क्षेत्र में होने के कारण यहां अधिकतम कार्य हिंदी में होना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि लक्ष्य यही है कि सभी कार्यालयी कामकाज पूरी तरह हिंदी में हों, इसके लिए निरंतर प्रयास जरूरी है.
सहयोग से ही संभव है राजभाषा का विस्तार
बैठक का संचालन करते हुए उप महाप्रबंधक (राजभाषा) केशव त्रिपाठी ने कहा कि राजभाषा का विस्तार सामूहिक प्रयास से ही संभव है. अंत में राजभाषा अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
Bihar Train News: गर्मी की छुट्टियों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है. विभिन्न प्रमुख रूटों पर दबाव कम करने के लिए 7 जोड़ी विशेष ट्रेनों के संचालन की घोषणा की गई है. ये ट्रेनें अलग-अलग तिथियों पर चलेंगी और बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश व पश्चिम बंगाल के कई महत्वपूर्ण स्टेशनों को जोड़ेंगी. इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे.
उधना–समस्तीपुर स्पेशल: कई दिनों तक चलेगी सेवा
उधना से समस्तीपुर के बीच अनारक्षित स्पेशल ट्रेन 24, 25, 27, 28, 29 और 30 अप्रैल को सुबह 05:30 बजे रवाना होगी. यह ट्रेन अगले दिन डीडीयू, पाटलिपुत्र, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर जैसे स्टेशनों पर रुकते हुए 16:00 बजे समस्तीपुर पहुंचेगी. वापसी में यह ट्रेन 25 अप्रैल से 1 मई के बीच निर्धारित तिथियों पर समस्तीपुर से शाम 19:00 बजे खुलकर अगले दिनों में उधना पहुंचेगी.
उधना–मधुबनी स्पेशल: एक दिन की विशेष सेवा
उधना से मधुबनी के लिए स्पेशल ट्रेन 26 अप्रैल को सुबह 05:30 बजे रवाना होगी. यह ट्रेन पटना, बरौनी, समस्तीपुर और दरभंगा मार्ग से गुजरते हुए उसी दिन शाम 19:00 बजे मधुबनी पहुंचेगी. वापसी सेवा 27 अप्रैल को रात 22:00 बजे मधुबनी से शुरू होकर निर्धारित स्टेशनों पर रुकते हुए उधना पहुंचेगी.
मालदा टाउन रूट पर यात्रियों की सुविधा के लिए दो अलग-अलग स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा. पहली ट्रेन 27 अप्रैल को उधना से रात 20:15 बजे रवाना होकर डीडीयू, पटना, किऊल और भागलपुर के रास्ते 29 अप्रैल को मालदा टाउन पहुंचेगी. वापसी 29 अप्रैल को होगी.
दूसरी स्पेशल ट्रेन 28 अप्रैल को दोपहर 14:30 बजे उधना से खुलेगी और अलग टाइमिंग के साथ 30 अप्रैल को मालदा टाउन पहुंचेगी. इसकी वापसी यात्रा 30 अप्रैल को शुरू होकर 1 मई तक पूरी होगी.
गांधीधाम–मालदा टाउन स्पेशल भी शामिल
गांधीधाम से मालदा टाउन के बीच भी विशेष ट्रेन चलाई जाएगी. यह ट्रेन 25 अप्रैल को दोपहर 12:30 बजे रवाना होकर डीडीयू, पटना, किऊल और भागलपुर होते हुए 27 अप्रैल को मालदा टाउन पहुंचेगी. वापसी ट्रेन 27 अप्रैल को शाम 17:35 बजे मालदा टाउन से रवाना होगी.
साबरमती–आसनसोल स्पेशल: झारखंड रूट को राहत
साबरमती से आसनसोल के बीच 29 अप्रैल को विशेष ट्रेन चलाई जाएगी. यह ट्रेन डीडीयू, गया, कोडरमा और धनबाद होते हुए 1 मई को आसनसोल पहुंचेगी. वापसी सेवा 1 मई को आसनसोल से शुरू होकर निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए साबरमती पहुंचेगी.
सुलतानपुर–दानकुनी स्पेशल: एक दिन में सफर पूरा
सुलतानपुर से दानकुनी के बीच 24 अप्रैल को स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी, जो डीडीयू, गया, कोडरमा और धनबाद के रास्ते उसी दिन रात 22:00 बजे दानकुनी पहुंचेगी. वापसी यात्रा 25 अप्रैल को रात 00:30 बजे शुरू होकर उसी दिन सुलतानपुर तक पूरी होगी.
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की तिथि, समय और स्टॉपेज की जानकारी अवश्य जांच लें. गर्मी के मौसम में भीड़ अधिक होने की संभावना है, इसलिए अग्रिम योजना बनाकर यात्रा करना बेहतर रहेगा.
Bihar News: बिहार में सरकारी कार्यालयों की कार्यशैली को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी विभागों और जिलों को निर्देश जारी कर साफ कर दिया है कि अब समय पालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कर्मचारियों को तय समय पर कार्यालय पहुंचना होगा और पूरे कार्यकाल के दौरान अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी. आदेश के अनुसार अब औचक निरीक्षण भी होंगे और अनुपस्थित या देर से पहुंचने वालों पर कार्रवाई तय मानी जाएगी.
लेटलतीफी पर सीधा असर सैलरी पर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देर से आने की आदत अब महंगी पड़ेगी. यदि किसी कर्मचारी के अवकाश खाते में छुट्टी उपलब्ध नहीं है और वह निर्धारित समय से देरी करता है, तो उस अवधि का वेतन काटा जाएगा. यानी अब समय की अनदेखी सीधे आर्थिक नुकसान का कारण बनेगी.
उपस्थिति के आधार पर ही बनेगा वेतन
सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कर्मचारियों का वेतन बिल उनकी उपस्थिति के आधार पर ही तैयार किया जाए. अगर इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बरती जाती है, तो जिम्मेदारी संबंधित पदाधिकारी की भी तय होगी. इससे यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि काम के अनुसार ही भुगतान हो.
कार्यालय समय को लेकर साफ गाइडलाइन
सरकार ने विभिन्न कार्यालयों के लिए समय भी तय कर दिया है. पांच दिन वाले कार्य सप्ताह में दफ्तर सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुलेंगे, जिसमें दोपहर 1:00 से 2:00 बजे तक लंच ब्रेक रहेगा. वहीं महिला कर्मचारियों के लिए कार्यालय समय शाम 5:00 बजे तक निर्धारित किया गया है.
क्षेत्रीय दफ्तरों में अलग व्यवस्था
कुछ क्षेत्रीय कार्यालयों जैसे प्रमंडलीय आयुक्त, महाधिवक्ता और मुख्य अभियंता कार्यालयों में छह दिन का कार्य सप्ताह लागू रहेगा. इन दफ्तरों का समय सामान्य दिनों में सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहेगा. सर्दियों में इसमें हल्का बदलाव करते हुए सुबह 10:30 बजे से काम शुरू होगा.
बायोमेट्रिक उपस्थिति पर जोर
सरकार ने बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को पहले से अनिवार्य कर रखा है, लेकिन अब इसके पालन को और सख्त बनाने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों का मानना है कि समय पालन में ढिलाई से कामकाज प्रभावित होता है, इसलिए उपस्थिति प्रणाली को सख्ती से लागू करना जरूरी है.
Bihar Train Update: 26 अप्रैल को जमालपुर और किऊल के बीच रेलवे लाइन पर एक महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य के चलते कई घंटों का ब्लॉक लिया जाएगा, जिसका असर पूरे रूट की ट्रेनों पर पड़ेगा. यह ब्लॉक सुबह 7:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक लागू रहेगा. इस दौरान कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों के समय और संचालन में बदलाव किया गया है. रेलवे के इस फैसले से खासतौर पर दैनिक यात्रियों को दिक्कत हो सकती है.
लेवल क्रॉसिंग हटाकर बनाया जाएगा सबवे
रेलवे इस ब्लॉक का इस्तेमाल अभयपुर और कजरा स्टेशनों के बीच मौजूद दो लेवल क्रॉसिंग को खत्म करने के लिए कर रहा है. इनकी जगह पर अब मजबूत आरसीसी ढांचे वाला सबवे तैयार किया जाएगा. अधिकारियों का मानना है कि इस बदलाव से सड़क और रेल दोनों मार्गों पर यातायात ज्यादा सुरक्षित और सुचारु होगा. अक्सर गेट बंद रहने से लगने वाले जाम की समस्या भी खत्म होने की उम्मीद है.
किन ट्रेनों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
ब्लॉक के कारण सबसे पहले पैसेंजर और मेमू सेवाओं पर असर देखने को मिलेगा. गया-जमालपुर, जमालपुर-सहरसा, जमालपुर-किऊल और सहरसा-जमालपुर जैसी कई लोकल ट्रेनें उस दिन नहीं चलेंगी. इन ट्रेनों पर रोजाना निर्भर रहने वाले लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था तलाशनी पड़ सकती है.
कुछ ट्रेनों का बदला गया रूट और दायरा
रेलवे ने कुछ ट्रेनों के संचालन में आंशिक बदलाव भी किया है. मालदा टाउन से किऊल जाने वाली इंटरसिटी अब अपने तय गंतव्य तक नहीं जाएगी और उसे जमालपुर तक सीमित कर दिया गया है. इसी तरह साहिबगंज से चलने वाली मेमू सेवा को भागलपुर तक ही चलाया जाएगा. इन बदलावों का असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो पूरी दूरी की यात्रा करते हैं.
लंबी दूरी की ट्रेनों में देरी तय
ब्लॉक का असर केवल लोकल ट्रेनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई लंबी दूरी की ट्रेनों की समय-सारिणी भी प्रभावित होगी. कुछ प्रमुख ट्रेनों के चार घंटे तक लेट होने की संभावना जताई गई है. वहीं कई अन्य ट्रेनों में एक से पांच घंटे तक की देरी हो सकती है. इससे यात्रियों की आगे की कनेक्टिंग यात्रा भी प्रभावित हो सकती है.
ब्लॉक के पहले और बाद का संचालन
रेलवे ने यह भी तय किया है कि ब्लॉक शुरू होने से पहले कुछ प्रमुख ट्रेनें सामान्य रूप से गुजरेंगी, ताकि यात्रियों को थोड़ी राहत मिल सके. इसी तरह ब्लॉक खत्म होते ही कुछ ट्रेनों का संचालन प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा. इससे धीरे-धीरे ट्रैफिक को सामान्य किया जाएगा.
सुरक्षा और सुविधा को बताया गया प्राथमिक कारण
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा काम यात्रियों की सुरक्षा और लंबे समय की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जा रहा है. सबवे बनने के बाद बार-बार गेट बंद होने की समस्या खत्म होगी और सड़क पार करने में जोखिम भी कम होगा. इससे स्थानीय लोगों को भी सीधा फायदा मिलेगा.
यात्रियों को दी गई सलाह
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें. इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या स्टेशन पर पूछताछ की जा सकती है. सही जानकारी होने से यात्रा के दौरान होने वाली असुविधा से बचा जा सकता है.
Muzaffarpur Crime News: मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को बीच सड़क हुई गोलीबारी ने इलाके में दहशत फैला दी. बाइक सवार हमलावरों ने एक ई-रिक्शा को रोककर उसमें बैठी 26 वर्षीय महिला को निशाना बनाया और फायरिंग कर फरार हो गए. घायल महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है.
रास्ते में रोका टोटो, पास से चलाई गोली
जानकारी के मुताबिक, मेडिकल ओवरब्रिज से बखरी की ओर जा रही ई-रिक्शा को हमलावरों ने बीच रास्ते में रोक लिया. इसके बाद एक बदमाश वाहन के अंदर घुसा और महिला पर करीब से गोली चला दी. हमले में महिला के हाथ, पेट और फेफड़े में गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई.
धमकी देकर किया हमला
घटना के दौरान हमलावर ने महिला को पहले धमकाया और कहा कि अगर दर्ज केस वापस नहीं लिया गया तो अंजाम और बुरा होगा. इसके बाद फायरिंग की गई. वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए.
पुराने संबंध से जुड़ा मामला
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि घटना के पीछे व्यक्तिगत विवाद और पुराना संबंध कारण हो सकता है. बताया जा रहा है कि महिला का एक युवक से लंबे समय से संपर्क था और इसी दौरान पैसों का लेनदेन भी हुआ था. बाद में विवाद बढ़ने पर मामला थाने तक पहुंच गया था.
पहले भी मिल रही थी धमकी
परिजनों के अनुसार, केस दर्ज होने के बाद से ही महिला को लगातार दबाव और धमकियां मिल रही थीं. पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि हमला उसी विवाद से जुड़ा है या नहीं.
पुलिस जांच में जुटी, CCTV खंगाले जा रहे
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.