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बीएयू सबौर का भव्य दीक्षांत, 443 छात्रों को डिग्री—महामहिम ने कृषि और तकनीक पर दिया बड़ा विजन

बीएयू सबौर
बीएयू सबौर का भव्य दीक्षांत समारोह.

Bihar News : भागलपुर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर में 9वां दीक्षांत समारोह अत्यंत भव्य, अनुशासित और गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने की. करपुरी सभागार में सुबह 11 बजे शुरू हुए इस समारोह में राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं को शपथ दिलाते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया. कार्यक्रम की शुरुआत से पहले स्विमिंग पूल का उद्घाटन किया गया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए रुद्राक्ष के पौधे का पौधारोपण भी किया गया.

बड़ी संख्या में पहुंचे अतिथि और शिक्षाविद

समारोह में भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल, राज्यपाल के प्रधान सचिव गोपाल मीणा, बिहार सरकार के विशेष सचिव शैलेन्द्र कुमार, पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विवेकानंद सिंह, बीएयू के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह और कुलसचिव डॉ. मिजानुल हक सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे. इसके अलावा विश्वविद्यालय के वरिष्ठ सदस्य, बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्य, विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, डीन, निदेशक, विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, छात्र-छात्राएं, उनके अभिभावक और प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए.

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443 छात्रों को उपाधि, 6 को मिला स्वर्ण पदक

इस अवसर पर कुल 443 छात्र-छात्राओं को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की डिग्रियां प्रदान की गईं. इनमें 13 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई. एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग और एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट जैसे विभिन्न पाठ्यक्रमों के छात्रों को सम्मानित किया गया. साथ ही 6 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया.

समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की स्मारिका और वार्षिक प्रतिवेदन 2025-26 का विमोचन किया गया. इसके अलावा सबौर पेयजल संयंत्र का उद्घाटन, नीरा पाउच (अनार और ऑरेंज फ्लेवर) का शुभारंभ और समर्थ ई-गवर्नेंस पोर्टल का लोकार्पण भी किया गया. कार्यक्रम में ग्रीन कैंपस और कृषि अनुसंधान से जुड़ी एआई आधारित फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया.

राज्यपाल ने की जमकर तारीफ, दिया ‘वर्क इज वर्शिप’ का संदेश

राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने अपने विस्तृत संबोधन में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि सबौर में बेहतरीन बुनियादी ढांचा विकसित हो रहा है. उन्होंने कार्यक्रम के अनुशासन और प्रस्तुति को भारतीय सेना के स्तर के अनुरूप बताया और इसकी विशेष प्रशंसा की.

उन्होंने परिसर की स्वच्छता, हरियाली और सुव्यवस्थित व्यवस्था को आदर्श बताते हुए इसे एक उत्कृष्ट ग्रीन कैंपस कहा. राज्यपाल ने “वर्क इज वर्शिप” को जीवन का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़े छात्र और वैज्ञानिक देश की खाद्य सुरक्षा के सबसे बड़े आधार हैं और यही ताकत भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में मदद करेगी.

चीन मॉडल का जिक्र, कृषि और तकनीक पर जोर

राज्यपाल ने अपने संबोधन में चीन के विकास मॉडल और देंग शियाओपिंग के चार आधुनिकीकरण—कृषि, तकनीकी शिक्षा, उद्योग और सशस्त्र बल—का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को भी इन क्षेत्रों में संतुलित विकास पर ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा कि कृषि केवल एक क्षेत्र नहीं बल्कि हर नागरिक के जीवन से जुड़ा विषय है, इसलिए इसमें नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देना जरूरी है.

मखाना उत्कृष्टता केंद्र पर जोर, सामाजिक संदेश भी दिया

उन्होंने विश्वविद्यालय में “मखाना उत्कृष्टता केंद्र” स्थापित करने की जरूरत पर बल देते हुए इसे समयानुकूल पहल बताया और इसके लिए सहयोग का आश्वासन दिया. उन्होंने ग्रीन कैंपस और प्लास्टिक फ्री कैंपस की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और “प्लास्टिक मुक्त बिहार”, नशा मुक्ति और टीबी उन्मूलन के लिए जागरूकता बढ़ाने की अपील की.

उन्होंने विश्वविद्यालय के मीडिया सेंटर द्वारा बनाई गई शैक्षणिक फिल्मों की भी सराहना की और कहा कि ऐसी फिल्में किसानों और छात्रों तक नई तकनीक पहुंचाने में बेहद उपयोगी हैं. उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इन फिल्मों को और व्यापक स्तर पर तैयार किया जाएगा.

सांसद और कुलपति ने गिनाईं उपलब्धियां

सांसद अजय कुमार मंडल ने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का उत्सव होता है. उन्होंने छात्रों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और देश के विकास में करने की अपील की.

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कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि बीएयू “वर्क इज वर्शिप” और “वर्क विद स्माइल” के सिद्धांत पर लगातार आगे बढ़ रहा है. उन्होंने मखाना-1, मखाना हार्वेस्टर, नई फसल किस्मों, स्टार्टअप, पेटेंट और अंतरराष्ट्रीय शोध परियोजनाओं जैसी उपलब्धियों का जिक्र किया.

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को NAAC A-ग्रेड मिला है और आईसीएआर से उच्च मान्यता प्राप्त है. साथ ही नीति आयोग ने भी इसे नोडल एजेंसी के रूप में मान्यता दी है. “एक वैज्ञानिक–एक उत्पाद”, जीआई उत्पाद, पलमायरा पाउडर, सिंदूर, ब्लूबेरी और ब्लैकबेरी जैसे नवाचारों की जानकारी भी दी गई.

शिक्षा सुधार और भविष्य की योजना

कुलपति ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शैक्षणिक सुधार लागू किए गए हैं और पुस्तकालय समय को बढ़ाया गया है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य छात्रों और किसानों की समृद्धि के माध्यम से देश के विकास में योगदान देना है. साथ ही 2027-28 तक QS वर्ल्ड रैंकिंग में स्थान बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है.

समारोह के दौरान यह भी बताया गया कि विश्वविद्यालय से प्रशिक्षित किसान आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर बेहतर उत्पादन कर रहे हैं और देशभर में अपनी पहचान बना रहे हैं.

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं. अंततः यह दीक्षांत समारोह शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.

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विधानसभा में सम्राट की ‘जोरदार जीत’, विश्वास मत पास—विपक्ष के आरोप रह गए पीछे

विधानसभा
विधानसभा में सम्राट की 'जोरदार जीत'

Samrat Chaudhary: बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में अपनी सरकार के पक्ष में विश्वास मत हासिल कर लिया. विशेष सत्र के दौरान एनडीए विधायकों के समर्थन से सरकार ने बहुमत साबित किया. सदन में प्रवेश करते समय मुख्यमंत्री ने विजय संकेत भी दिखाया, जबकि पहले से ही एनडीए खेमे में इसे आसान जीत माना जा रहा था.

स्पीकर ने दी नई सरकार को बधाई

विधानसभा में मतदान और चर्चा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पीकर डॉ. प्रेम कुमार ने नई सरकार को विश्वास मत हासिल करने पर बधाई दी. सदन में पूरी कार्यवाही के दौरान राजनीतिक बयानबाजी और तीखी बहस देखने को मिली.

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‘3C’ को लेकर सीएम का बड़ा बयान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में पिछले दो दशकों से एनडीए की सरकार काम कर रही है और इस दौरान महिलाओं, किसानों और सुशासन पर लगातार फोकस किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार को विकास की दिशा में आगे ले जाना है.

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसी भी हालत में “3C” यानी भ्रष्टाचार, अपराध और कम्युनिज्म से समझौता नहीं करेगी. उनके अनुसार, नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सुशासन की नीति को मजबूत किया गया है और आगे भी यही रुख जारी रहेगा.

तेजस्वी यादव के आरोपों पर तीखा पलटवार

सदन में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं होती. उन्होंने कहा कि वे सभी विधायकों के समर्थन से इस पद पर हैं और लोकतंत्र में जनसमर्थन ही सबसे बड़ा आधार होता है.

सीएम ने यह भी कहा कि अतीत में उनके परिवार को लेकर राजनीतिक विवाद हुए, लेकिन समय के साथ कई चीजें स्पष्ट भी हुईं. उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में कोई किसी की स्थायी राजनीतिक “पाठशाला” नहीं होता.

तेजस्वी यादव ने क्या कहा था?

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सदन में सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि चुनाव से पहले ही भाजपा ने अपनी रणनीति तय कर ली होती तो विश्वास मत की स्थिति ही नहीं आती. उन्होंने दावा किया कि चुनावी नारे और राजनीतिक समीकरणों ने सत्ता समीकरण बदल दिए.

तेजस्वी यादव ने यह भी टिप्पणी की थी कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राजनीतिक रूप से पुराने संबंधों से जुड़े रहे हैं, जिस पर सत्ता पक्ष की ओर से कड़ा जवाब दिया गया.

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धनबाद में फिर धरती ने दिया धोखा, टंडाबाड़ी बस्ती में तीसरी बार भू-धंसान, 20 घर क्षतिग्रस्त

Dhanbad
टंडाबाड़ी बस्ती में फिर धंसी जमीन.

Dhanbad News: धनबाद जिले के बीसीसीएल गोविंदपुर एरिया-3 के सोनारडीह स्थित टंडाबाड़ी बस्ती में एक बार फिर गंभीर भू-धंसान की घटना हुई है. देर रात अचानक जोरदार आवाज के साथ जमीन करीब 15 फीट तक नीचे धंस गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. इस घटना में लगभग 20 मकान बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं और कई घरों के भीतर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं.

अचानक हुई घटना से दहशत, लोग घर छोड़कर भागे

स्थानीय लोगों के अनुसार रात के समय अचानक तेज आवाज सुनाई दी और कुछ ही पलों में जमीन धंसने लगी. इससे आसपास के घरों में रह रहे लोग घबरा गए और जान बचाने के लिए बाहर निकल आए. कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका अफरा-तफरी की स्थिति में पहुंच गया.

धंसान के कारण एक घर के भीतर खड़ी मोटरसाइकिल और एक कार जमीन के अंदर चली गई. कई मकानों में दरारें पड़ गईं और कुछ हिस्से पूरी तरह धंस गए.

कई लोग फंसे, रेस्क्यू कर निकाला गया

घटना के दौरान कुछ लोग अपने घरों के अंदर फंस गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया. इस दौरान कुछ लोगों के घायल होने की भी सूचना मिली है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है. स्थिति को देखते हुए प्रभावित लोगों ने NH-32 को जाम कर विरोध जताया.

प्रशासन और बीसीसीएल की टीम मौके पर

घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन और बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. बाघमारा विधायक, एरिया-3 के जीएम, सुरक्षा अधिकारी, एसडीपीओ और सीओ ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की. हालांकि रात और अंधेरे के कारण तत्काल बड़े स्तर पर राहत कार्य शुरू नहीं हो सका.

पहले भी दरक चुकी है यह बस्ती

टंडाबाड़ी बस्ती पहले भी भू-धंसान की चपेट में आ चुकी है. 31 मार्च को यहां तीन मकान धंस गए थे, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद 22 अप्रैल को भी कई घरों में दरारें आई थीं और कुछ मकान क्षतिग्रस्त हुए थे. लेकिन इस बार की घटना को अब तक की सबसे व्यापक और गंभीर धंसान माना जा रहा है.

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भागलपुर में आग का तांडव: बैंक के पास भड़की लपटों में तीन दुकानें खाक, लाखों का नुकसान

भागलपुर में आग
भागलपुर में आग का तांडव.

Bhagalpur News : भागलपुर के तिलकामांझी थाना क्षेत्र में देर रात अचानक लगी भीषण आग ने इलाके में हड़कंप मचा दिया. यूको बैंक के पास लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और आसपास की कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया. इस घटना में तीन दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जबकि एक गैराज और एक टोटो भी आग की भेंट चढ़ गए. शुरुआती अनुमान के मुताबिक लाखों रुपये का नुकसान हुआ है.

अचानक उठी लपटों से मचा हड़कंप

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग जवारीपुर क्षेत्र के महादलित टोला के पास शुरू हुई. यूको बैंक के बगल में स्थित दुकानों से अचानक धुआं और लपटें उठने लगीं, जिससे देखते ही देखते पूरा इलाका आग की चपेट में आ गया. आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे.

स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज लपटों और फैलती आग के कारण स्थिति पर काबू नहीं पाया जा सका.

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किराना दुकान समेत कई प्रतिष्ठान जलकर खाक

इस हादसे में शंकर यादव की किराना दुकान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई. दुकान में रखा खाद्य सामान, दैनिक उपयोग की वस्तुएं और अन्य सभी सामग्री आग में खाक हो गई. इसके अलावा आसपास की दो अन्य दुकानें और एक गैराज भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए.

आग लगने को लेकर अलग-अलग दावे

स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि कुछ संदिग्ध लोगों ने घटना से पहले दुकानदारों से माचिस मांगी थी और मना करने पर जलती तीली फेंक दी, जिससे आग भड़क गई. हालांकि पुलिस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच शुरू कर दी है.

दमकल की तत्परता से टला बड़ा हादसा

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो बड़ी और दो छोटी गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. राहत की बात यह रही कि समय रहते आग बुझा ली गई, जिससे पास स्थित यूको बैंक और अन्य इमारतें सुरक्षित बच गईं.

जांच में जुटा प्रशासन, मुआवजे की मांग

घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल रहा. तिलकामांझी-जवारीपुर मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ. पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है.

स्थानीय लोगों और पीड़ित दुकानदारों ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है. फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच जारी है.

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बिहार में जमीन विवाद ने ली जान: छोटे भाई पर बड़े भाई की हत्या का आरोप, शव टंकी से बरामद

छोटे भाई पर बड़े भाई की हत्या का आरोप
एआई जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर.

Bihar Crime News : बिहार के भागलपुर में नवगछिया के रंगरा थाना क्षेत्र के सधुआ गांव में जमीन विवाद ने एक परिवार को खून के रिश्ते से मौत तक पहुंचा दिया. यहां छोटे भाई पर अपने ही बड़े भाई की गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगा है. घटना के बाद शव को छिपाने की कोशिश भी की गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई.

घर लौटा भाई, लेकिन नहीं बची जान

मृतक की पहचान स्व. गनौरी सिंह के पुत्र फुलेश्वर यादव के रूप में हुई है. वह चंडीगढ़ में रहकर राजमिस्त्री का काम करते थे. परिवार के अनुसार, चार दिन पहले मां के घायल होने की सूचना मिलने पर वे गांव लौटे थे, लेकिन इसी दौरान पुराना जमीन विवाद और गहरा गया.

डेढ़ बीघा जमीन को लेकर बढ़ा विवाद

परिजनों के मुताबिक, दोनों भाइयों के बीच डेढ़-डेढ़ बीघा जमीन का बंटवारा पहले ही हो चुका था. आरोप है कि छोटा भाई रुदल सिंह अपनी हिस्से की जमीन पहले ही बेच चुका था और अब बड़े भाई की जमीन पर कब्जा कर उस पर लोन लेने की कोशिश कर रहा था. इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ता गया.

रात में वारदात, शव छिपाने की कोशिश

आरोप है कि बुधवार रात विवाद के दौरान रुदल सिंह ने अपनी पत्नी और एक अन्य परिजन के साथ मिलकर छत पर सो रहे फुलेश्वर यादव की गला दबाकर हत्या कर दी. इसके बाद शव को छिपाने के लिए उसे पानी की टंकी में डाल दिया गया.

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घटना के बाद आरोपी परिवार मौके से फरार हो गया. गुरुवार शाम ग्रामीणों को शक हुआ तो टंकी की जांच की गई, जहां से शव बरामद हुआ. इसके बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया.

परिवार में कोहराम, पुलिस जांच में जुटी

मृतक अपने पीछे पत्नी और चार बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनमें तीन बेटे और एक बेटी शामिल हैं. घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम का माहौल है.

सूचना मिलते ही रंगरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल भेज दिया गया.

पुलिस का बयान

थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक जमीन विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है.

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पंचायत चुनाव 2026 : हाजीपुर में चुनावी खाका तैयार, डेटा से तय होगा आरक्षण—पूरी प्रक्रिया होगी हाईटेक

बिहार पंचायत चुनाव
बिहार पंचायत चुनाव 2026

Bihar Panchayat Elections 2026 : हाजीपुर में पंचायत आम निर्वाचन 2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. पूरे जिले में चुनावी प्रक्रिया को व्यवस्थित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है. जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी वर्षा सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से और शून्य त्रुटि के साथ पूरा किया जाए.

उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसी क्रम में प्रपत्र-1 के प्रकाशन और अद्यतन की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी गई है, जिसके तहत वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर मूल आंकड़ों का संकलन किया जा रहा है और उन्हें अपडेट किया जा रहा है, ताकि एक सटीक और वास्तविक डेटाबेस तैयार किया जा सके.

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इसके साथ ही वर्ष 2015 के बाद हुए क्षेत्रीय बदलावों और जनसंख्या में आए परिवर्तनों को भी शामिल किया जा रहा है, ताकि आरक्षण की व्यवस्था जमीनी स्थिति के अनुरूप तय हो सके और किसी तरह की विसंगति न रहे.

डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता पर जोर

पूरी चुनावी प्रक्रिया को इस बार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित किया जा रहा है. सभी आवश्यक प्रपत्र और आंकड़ों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित होगी बल्कि आम नागरिकों को भी आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी. प्रशासन ने यह भी तय किया है कि प्रारूप प्रकाशन के बाद प्राप्त होने वाली आपत्तियों का निष्पादन 14 दिनों के भीतर किया जाएगा. इसके लिए प्रखंड स्तर से लेकर जिला स्तर तक अधिकारियों की स्पष्ट जिम्मेदारी तय की गई है, ताकि हर स्तर पर जवाबदेही बनी रहे और प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो.

जिले के सभी प्रखंडों में संबंधित पदाधिकारियों की तैनाती कर दी गई है, जो पूरी चुनावी प्रक्रिया की लगातार निगरानी करेंगे. साथ ही बीएसडब्ल्यूएएन नेटवर्क के माध्यम से अधिकारियों और कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि डिजिटल प्रणाली के संचालन में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो और सभी कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें.

तय कैलेंडर के अनुसार आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 27 अप्रैल को प्रारूप प्रकाशन किया जाएगा. इसके बाद 11 मई तक आम जनता से आपत्तियां ली जाएंगी. प्राप्त आपत्तियों का निष्पादन 14 मई तक कर दिया जाएगा, जबकि 22 मई तक अपीलों का निपटारा किया जाएगा.

इसके बाद 25 मई को अंतिम प्रकाशन किया जाएगा और 29 मई तक इसे जिला गजट में प्रकाशित कर दिया जाएगा. इस पूरे शेड्यूल को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि समय सीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी हो सकें.

जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाए. उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, इसलिए इसकी हर अवस्था पर विशेष निगरानी जरूरी है.

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पटना सिटी में सनसनी; लापता छात्रा का शव कंबल में बंधा मिला—इलाके में आक्रोश

मौत
सांकेतिक तस्वीर.

Bihar Crime News : पटना सिटी के बाईपास थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा की हत्या से इलाके में दहशत फैल गई. बाहरी बेगमपुर की रहने वाली 10 वर्षीय रोशनी कुमारी, जो बुधवार सुबह घर से निकली थी, उसका शव गुरुवार सुबह घर से करीब 200 मीटर दूर संकरी गली में बरामद हुआ. शव कंबल में लिपटा और रस्सी से बंधा मिला, जिसे देखकर लोगों में आक्रोश फैल गया.

शरीर पर गंभीर चोटें, उंगलियों तक पर जख्म

जब स्थानीय लोगों ने कंबल खोला तो छात्रा के सिर, चेहरे, आंख और मुंह पर गहरे जख्म पाए गए. शरीर से खून रिस रहा था और हाथ-पैर की उंगलियों पर भी चोट और नोचे जाने के निशान मिले. दोनों पैरों को एक लाल कपड़े में बांधकर रखा गया था, जो घटना की भयावहता को दर्शाता है.

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सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पूर्वी एसपी परिचय कुमार और डीएसपी डॉ. गौरव कुमार ने घटनास्थल का जायजा लिया. डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

दूध देने निकली थी, फिर नहीं लौटी घर

परिजनों के अनुसार रोशनी सती चौरा कन्या मध्य विद्यालय में चौथी कक्षा की छात्रा थी. वह बुधवार सुबह करीब छह बजे स्कूल ड्रेस में ही दूध देने के लिए घर से निकली थी. इसके बाद वह वापस नहीं लौटी. दिनभर खोजबीन के बाद रात में परिजनों ने बाईपास थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

पुलिस के मुताबिक गुरुवार सुबह करीब आठ बजे उसका शव बरामद हुआ. डीएसपी ने बताया कि मौत के कारणों का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल पाएगा. पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और लोगों से पूछताछ कर रही है.

इलाके में सीसीटीवी का अभाव, जांच में चुनौती

घटना स्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरों की कमी के कारण जांच में दिक्कत आ रही है. हालांकि पुलिस ने खोजी कुत्तों की मदद से कुछ सुराग जुटाने का दावा किया है और जल्द मामले के खुलासे की बात कही है.

स्थानीय लोगों में आक्रोश, नशे के कारोबार पर उठे सवाल

घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी नाराजगी है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सती चौरा और आसपास के इलाकों में अवैध नशे का कारोबार लंबे समय से चल रहा है और पुलिस गश्त की कमी के कारण स्थिति बिगड़ती जा रही है. महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है.

जनप्रतिनिधियों का पहुंचना, सख्त कार्रवाई की मांग

घटना की जानकारी मिलते ही सांसद पप्पू यादव, विधायक रत्नेश कुशवाहा समेत कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की. उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की.

पप्पू यादव ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं और न्याय मिलने तक आवाज उठाई जाएगी. वहीं विधायक ने कहा कि इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

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बिहार में बीच रास्ते खत्म हुआ एंबुलेंस का तेल, सिस्टम फेल—मरीज ने तड़पकर तोड़ा दम

Bihar Ambulance
Bihar Ambulance (सांकेतिक तस्वीर)

Bihar Ambulance Issue : जमुई में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाली घटना सामने आई है, जहां मरीज को हायर सेंटर ले जा रही 102 एंबुलेंस बीच रास्ते में ही ठप पड़ गई. महज 25 किलोमीटर चलने के बाद एंबुलेंस का ईंधन खत्म हो गया, जिससे मरीज को समय पर इलाज नहीं मिल सका और उसने वाहन के भीतर ही दम तोड़ दिया. भीषण गर्मी और लू जैसे हालात ने स्थिति को और भयावह बना दिया.

सड़क किनारे खड़ी रही एंबुलेंस, दो घंटे तक तड़पता रहा मरीज

घटना सिकंदरा-शेखपुरा मार्ग पर मतासी के पास की है. झाझा प्रखंड के बाबू बांक गांव निवासी 75 वर्षीय धीरज रविदास को गंभीर हालत में पटना रेफर किया गया था. दोपहर 1:11 बजे एंबुलेंस सदर अस्पताल से रवाना हुई, लेकिन रास्ते में सिकंदरा के बाद कुछ दूरी पर ही 1:40 बजे ईंधन खत्म हो गया और एंबुलेंस सुनसान इलाके में खड़ी हो गई.

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परिजनों के अनुसार चालक ने पहले थोड़ी देर में तेल लाने की बात कही, लेकिन करीब दो घंटे तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं हो सकी. इस दौरान 42-43 डिग्री तापमान के बीच मरीज की हालत बिगड़ती गई और आखिरकार शाम 3:31 बजे उसने दम तोड़ दिया.

परिजनों का आरोप: न इलाज मिला, न वैकल्पिक व्यवस्था

मृतक के पुत्र अजीत रविदास ने एंबुलेंस चालक और जेन प्लस कंपनी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि न तो मरीज को बचाने की कोई कोशिश की गई और न ही दूसरी एंबुलेंस या अन्य व्यवस्था समय पर कराई गई. बाद में दूसरी 102 एंबुलेंस से शव को सदर अस्पताल लाया गया और फिर शव वाहन से घर भेजा गया.

उन्होंने बताया कि उनके पास पैसे मौजूद थे, जिससे रास्ते में ईंधन भरवाया जा सकता था, लेकिन चालक टालमटोल करता रहा और स्थिति को संभालने में विफल रहा. इस मामले को लेकर उन्होंने सिविल सर्जन, एसपी और डीएम से शिकायत करने और एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है.

इलाज के लिए पटना किया गया था रेफर

परिजनों के अनुसार धीरज रविदास की तबीयत दो दिन पहले बिगड़ी थी. झाझा में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सदर अस्पताल लाया गया, जहां जांच में सिर में ब्लड जमने की बात सामने आई. इसके बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया था.

ईंधन खत्म होते ही बंद हो गई सभी सुविधाएं

एंबुलेंस में ईंधन खत्म होने के साथ ही उसमें लगे सभी उपकरण और सुविधाएं काम करना बंद कर गईं. एसी भी ठप हो गया, जिससे भीषण गर्मी में मरीज को राहत नहीं मिल सकी. इलाज की कोई सुविधा न होने से स्थिति और गंभीर होती चली गई.

कंपनी और प्रशासन ने दिए जांच के संकेत

जेन प्लस कंपनी के जिला क्लस्टर लीडर नीतीश कुमार ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि चालक के पास एक विशेष कंपनी का कार्ड था और उसी पेट्रोल पंप से ईंधन लेने का प्रावधान है, लेकिन वहां ईंधन उपलब्ध नहीं था. उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा.

वहीं सिविल सर्जन अशोक कुमार सिंह के अनुसार उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी, लेकिन एंबुलेंस में ईंधन खत्म होना गंभीर लापरवाही है. उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही है.

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सत्ता की ‘अग्निपरीक्षा’ आज, सम्राट सरकार का विश्वास मत—संख्या बल भारी, विपक्ष तैयार हमले को

Samrat Chaudhary
Samrat Chaudhary

Samrat Chaudhary : बिहार की राजनीति में शुक्रवार का दिन अहम होने जा रहा है, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विधानसभा में अपनी सरकार की मजबूती साबित करने के लिए विश्वास मत पेश करेंगे. 15 अप्रैल को शपथ लेने के बाद यह उनका पहला बड़ा संसदीय परीक्षण होगा. खास बात यह है कि वे राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री हैं, जिससे इस प्रक्रिया पर राजनीतिक नजरें और भी टिकी हुई हैं.

सदन की कार्यवाही और प्रस्ताव की प्रक्रिया

विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी, जिसकी शुरुआत विस अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार के संबोधन से होगी. इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सदन के समक्ष एक संक्षिप्त प्रस्ताव रखेंगे, जिसमें वर्तमान मंत्रिपरिषद पर विश्वास जताने की बात कही जाएगी. इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सदन में विस्तृत विमर्श का दौर चलेगा.

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चर्चा की शुरुआत विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव करेंगे, जो सरकार के खिलाफ अपना पक्ष रखेंगे. उनके बाद अलग-अलग दलों के प्रतिनिधि अपने विचार प्रस्तुत करेंगे. 243 सदस्यीय विधानसभा में फिलहाल एक सीट खाली है, ऐसे में गणना 242 सदस्यों के आधार पर की जाएगी.

संख्या बल के चलते आसान दिख रहा रास्ता

विधानसभा में सत्तारूढ़ राजग के पास कुल 201 विधायकों का समर्थन है, जबकि विपक्षी दलों की संख्या 41 पर सिमटी हुई है. ऐसे में विश्वास मत को लेकर किसी बड़े उलटफेर की संभावना बेहद कम मानी जा रही है. यह भी संभावना जताई जा रही है कि मतदान की जरूरत ही नहीं पड़े और ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित हो जाए.

विश्वास मत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सदन को संबोधित करेंगे, जिसमें सरकार की आगे की प्राथमिकताओं और योजनाओं की रूपरेखा पेश की जाएगी.

व्हीप नहीं, फिर भी विधायकों की वापसी

आमतौर पर ऐसे मौकों पर दल अपने विधायकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए व्हीप जारी करते हैं, लेकिन इस बार भाजपा ने ऐसा नहीं किया है. इसके बावजूद पार्टी के 40 से अधिक विधायक, जो पश्चिम बंगाल चुनाव में व्यस्त थे, उन्हें फोन कर वापस बुलाया गया है.

सूत्रों के अनुसार, विश्वास मत के बाद एनडीए विधायक किसी तरह का उत्सव या शक्ति प्रदर्शन नहीं करेंगे. भाजपा इस पूरी प्रक्रिया को सादगी के साथ पूरा करना चाहती है और इसे राजनीतिक उत्सव का रूप देने से बच रही है.

विधानसभा में दलों की स्थिति

सत्तारूढ़ गठबंधन में भाजपा के 88, जदयू के 85, लोजपा (रा) के 19, हम के 5 और रालोमो के 4 विधायक शामिल हैं, जिससे कुल संख्या 201 होती है. वहीं विपक्ष में राजद के 25, कांग्रेस के 6, एआइएमआइएम के 5, वाम दलों के 3, आइपीपी और बसपा के एक-एक विधायक हैं, जिससे कुल संख्या 41 बनती है.

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फिर गर्मी अपना असर दिखाएगी
सांकेतिक तस्वीर.

Bihar Weather Update : बिहार में मौसम का रुख फिलहाल बेहद गर्म और शुष्क बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक पटना समेत पूरे राज्य में गर्मी का असर जारी रहेगा और तापमान में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक इजाफे की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को और अधिक गर्मी झेलनी पड़ सकती है.

कई जिलों में लू जैसी स्थिति, तेज हवाओं ने बढ़ाई परेशानी

राजधानी पटना में हवा की रफ्तार 52 किमी प्रति घंटे तक दर्ज की गई, लेकिन इससे गर्मी में कोई खास राहत नहीं मिली. वहीं पूर्वी चंपारण के मोतिहारी, बक्सर और शेखपुरा जैसे इलाकों में उष्ण लहर की स्थिति बनी रही. इन क्षेत्रों में दिनभर तपिश का असर साफ महसूस किया गया.

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गुरुवार को पटना का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री ज्यादा 41.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि डेहरी में सबसे अधिक 43.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ. इसके अलावा अरवल, कटिहार, राजगीर और सिवान के जीरादेई में भी तापमान में बढ़ोतरी देखी गई, हालांकि कुछ जिलों में मामूली गिरावट भी दर्ज हुई.

सुबह से ही चढ़ रहा पारा, दोपहर में हालात और गंभीर

गुरुवार सुबह नौ बजे तक भागलपुर, गया, अररिया और औरंगाबाद समेत कई जगहों पर तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास था. लेकिन इसके बाद तेजी से बढ़ते हुए दोपहर 11 बजे तक 35 डिग्री और दोपहर 2 बजे तक 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. शाम छह बजे तक भी तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना रहा, जिससे दिनभर गर्मी का असर कायम रहा.

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सूर्य की तीव्रता बढ़ने और वातावरण में नमी की कमी के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. सुबह की ठंडी हवा का असर घटने और पछुआ हवा के प्रभाव बढ़ने से यह स्थिति बनी हुई है. जब हवा में नमी अधिक होती है तो तापमान सामान्य रहता है, लेकिन फिलहाल शुष्क वातावरण के कारण गर्मी ज्यादा महसूस हो रही है.

कई शहरों में 40 डिग्री के पार पहुंचा तापमान

पटना सहित डेहरी, कैमूर, गया, शेखपुरा, सिवान के जीरादेई और छपरा में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे ‘हॉट डे’ जैसी स्थिति बनी रही. कैमूर में 42.7 डिग्री, शेखपुरा में 41.6 डिग्री, जीरादेई में 40.9 डिग्री और छपरा में 40.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया.

पश्चिमी विक्षोभ से बदल सकता है मौसम

मौसम विभाग का कहना है कि 25 अप्रैल से मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है. पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय होने वाले नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 25 और 26 अप्रैल को राज्य के उत्तरी हिस्सों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है. इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है.

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