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बंगाल चुनाव नतीजों के बाद हालात बेकाबू, जामुड़िया में टीएमसी कार्यालय आग के हवाले

टीएमसी कार्यालय
जामुड़िया में टीएमसी कार्यालय आग के हवाले.

West Bengal Post Poll Violence 2026: जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को उस समय तनाव का माहौल बन गया जब चुरुलिया इलाके में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े एक स्थानीय कार्यालय में आग लगने की घटना सामने आई. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से पहले चल रही मतगणना के रुझानों के बीच हुई इस घटना ने पूरे इलाके में हलचल पैदा कर दी. आग लगते ही कुछ ही समय में कार्यालय पूरी तरह आग की चपेट में आ गया और भवन को गंभीर नुकसान पहुंचा. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया और सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से मजबूत किया गया.

चुरुलिया में आग लगते ही फैली अफरा-तफरी

स्थानीय लोगों के अनुसार, टीएमसी कार्यालय से अचानक धुआं और आग की लपटें उठती देख आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया. आग इतनी तेजी से फैली कि किसी तरह की शुरुआती रोकथाम संभव नहीं हो सकी. कुछ ही मिनटों में पूरा ढांचा जलकर नष्ट हो गया. घटना के समय क्षेत्र में पहले से ही राजनीतिक माहौल संवेदनशील बना हुआ था, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई.

राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ा विवाद

घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस ने इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए विपक्षी समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं दूसरी ओर, फिलहाल किसी भी अन्य राजनीतिक दल की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करने की बात कही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.

सुरक्षा बलों की तैनाती से हालात पर नजर

स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए जामुड़िया और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. प्रशासन का कहना है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है. फिलहाल क्षेत्र में तनाव के बीच शांति बनी हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं.

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भवानीपुर रिजल्ट LIVE: ममता बनर्जी ने 12वें राउंड में बढ़त बरकरार रखी, 7 हजार से ज्यादा वोटों की लीड

Mamata Banerjee
ममता बनर्जी

Bhabanipur Result 2026 LIVE: कोलकाता की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर विधानसभा सीट पर मतगणना लगातार रोमांचक मोड़ ले रही है. यह सीट इस बार भी पूरे पश्चिम बंगाल की सबसे चर्चित सीटों में से एक बनी हुई है क्योंकि यहां मुकाबला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा और कड़ा माना जा रहा है. 4 मई को शुरू हुई मतगणना के बाद से ही हर राउंड के साथ बढ़त बदलती रही, जिससे राजनीतिक माहौल बेहद गर्म हो गया है.

शुरुआती राउंड में बेहद करीबी मुकाबला

मतगणना के पहले दो से तीन राउंड में दोनों उम्मीदवारों के बीच वोटों का अंतर बेहद कम रहा. शुरुआती आंकड़ों में कभी शुभेंदु अधिकारी आगे दिखे तो कभी ममता बनर्जी ने बढ़त हासिल की. इस दौरान अंतर कुछ सौ से लेकर एक-दो हजार वोटों के बीच ही घूमता रहा, जिससे यह साफ हो गया कि मुकाबला आखिरी राउंड तक जाएगा.

तीसरे से छठे राउंड में ममता ने बनाई बढ़त

तीसरे राउंड के बाद ममता बनर्जी ने धीरे-धीरे बढ़त बनानी शुरू की. चौथे और पांचवें राउंड तक यह अंतर बढ़कर लगभग 8 हजार से 16 हजार वोटों तक पहुंच गया. इस दौरान तृणमूल कांग्रेस खेमे में उत्साह देखा गया और पार्टी कार्यकर्ता बढ़त को निर्णायक मानकर प्रतिक्रिया देने लगे. छठे राउंड तक ममता बनर्जी ने 19 हजार से अधिक वोटों की बढ़त बना ली थी.

सातवें से दसवें राउंड में अंतर घटा

जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, मुकाबला फिर से दिलचस्प हो गया. सातवें से दसवें राउंड के बीच भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने अंतर कम करने की कोशिश की. कई राउंड में वोटों का गैप घटकर 10 हजार के आसपास पहुंच गया. इस दौरान चुनावी माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया क्योंकि हर राउंड में आंकड़े बदलते रहे.

12वें राउंड में ममता फिर मजबूत

12वें राउंड की गिनती के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. ताजा आंकड़ों के अनुसार वह 7 हजार से अधिक वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं. इस राउंड के बाद तृणमूल कांग्रेस खेमे में फिर से राहत और उत्साह देखा जा रहा है, जबकि भाजपा खेमे में अभी भी उम्मीद बरकरार है कि अंतिम राउंड में तस्वीर बदल सकती है.

शुभेंदु अधिकारी की रणनीति पर नजर

भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी लगातार अंतर को कम करने की कोशिश कर रहे हैं. उनके समर्थकों का कहना है कि अंतिम चरण की गिनती में मुकाबला और भी करीबी हो सकता है. हालांकि अभी तक ममता की बढ़त पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई है.

भवानीपुर बनी सबसे हाई-वोल्टेज सीट

भवानीपुर सीट इस चुनाव में सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र नहीं बल्कि बंगाल की राजनीतिक दिशा का प्रतीक बन गई है. विविध मतदाता वर्ग और राजनीतिक महत्व के कारण यहां हर राउंड का परिणाम राज्य की सियासत पर असर डाल रहा है. इसी वजह से पूरे राज्य और देश की नजर इस सीट पर टिकी हुई है.

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Bengal Election Result : बीजेपी की 190+ सीटों पर बढ़त, आसनसोल में हिंसा भड़की, TMC दफ्तर में हालात तनावपूर्ण

Bengal Election Result
Bengal Election Result

Bengal Election Result : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना सोमवार सुबह 8 बजे से जारी है, जिसमें 294 में से 293 सीटों के लिए गिनती हो रही है. जैसे-जैसे शुरुआती रुझान सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे राज्य के कई हिस्सों में तनाव और अशांति की खबरें भी बढ़ती जा रही हैं. मतगणना के बीच सियासी मुकाबला तेज हो गया है और यह साफ होता जा रहा है कि सत्ता की दौड़ बेहद कड़ी होने वाली है.

दुर्गापुर में पार्टी ऑफिस पर हमला, सड़क पर प्रदर्शन

दुर्गापुर के मुचिपारा इलाके में मतगणना के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए. तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना सामने आई, जिसके बाद समर्थकों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को मौके पर पहुंचना पड़ा और इलाके में तनाव काफी बढ़ गया.

आसनसोल और बैरकपुर में भी टकराव

आसनसोल के एक काउंटिंग सेंटर के बाहर भी भीड़ हिंसक हो गई, जिसमें कुर्सियों और कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया. वहीं बैरकपुर में अलग-अलग राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिसके बाद केंद्रीय सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा. कुछ स्थानों पर स्थिति संभालने के लिए बल प्रयोग की भी नौबत आई.

मुर्शिदाबाद में मुकाबला दिलचस्प, शुरुआती बढ़त जारी

मुर्शिदाबाद की नौदा और रेजीनगर सीटों पर काउंटिंग जारी है, जहां शुरुआती रुझानों में AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर बढ़त बनाए हुए हैं. इन सीटों पर मुकाबला लगातार उतार-चढ़ाव वाला बना हुआ है और परिणाम अभी स्पष्ट नहीं हैं.

मालदा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

मालदा के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. बख्तरबंद वाहनों के साथ लगातार गश्त की जा रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है. प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी तरह की अफवाह या हिंसा पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

काउंटिंग प्रक्रिया पर विपक्ष के सवाल

टीएमसी नेताओं महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कई केंद्रों पर गिनती धीमी की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि डेटा अपडेट में अनियमितता दिखाई दे रही है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

पूरे राज्य में बढ़ता तनाव

जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ रही है, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है. कहीं झड़पें हो रही हैं, तो कहीं सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जा रही है. प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.

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ममता बनर्जी का पहला बयान: काउंटिंग सेंटर में रोक का आरोप, घर के बाहर जय श्रीराम नारेबाजी का दावा

ममता बनर्जी
ममता बनर्जी

Mamata Banerjee First Statement : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के दौरान शुरुआती रुझानों में राजनीतिक तस्वीर बदलती नजर आ रही है. इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पहला सार्वजनिक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने मतगणना प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों को काउंटिंग हॉल में जाने से रोका जा रहा है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कई जगहों पर उनके समर्थकों को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है.

वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने जताई नाराजगी

मतगणना के बीच जारी किए गए वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने कहा कि कई विधानसभा क्षेत्रों में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं, लेकिन उनके अनुसार इन सीटों के रुझान पूरी तरह सामने नहीं लाए जा रहे हैं. उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्थिति पर नजर रखना जरूरी है. उन्होंने अपने उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मतगणना केंद्रों पर मौजूद रहें और अंतिम परिणाम आने तक प्रक्रिया न छोड़ें.

पहले ही दी गई थी सतर्क रहने की सलाह

मतगणना से पहले ही पार्टी नेतृत्व ने सभी उम्मीदवारों और पोलिंग एजेंट्स के साथ ऑनलाइन बैठक की थी. इस दौरान उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे मतगणना पूरी होने तक केंद्र से बाहर न जाएं और हर चरण पर नजर बनाए रखें. पार्टी ने इस चुनाव में मतगणना प्रक्रिया को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की रणनीति अपनाई थी.

सीटों के आंकड़ों को लेकर बढ़ी चर्चा

चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस ने 226 सीटों तक पहुंचने का दावा किया था, लेकिन शुरुआती रुझानों में यह स्थिति बदलती नजर आ रही है. कई क्षेत्रों में मुकाबला बीजेपी के पक्ष में जाता दिख रहा है, जबकि टीएमसी की बढ़त पहले की अपेक्षा कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है. इस बदलाव ने राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है.

राजनीतिक माहौल में बढ़ा तनाव

मतगणना के साथ ही राज्य का राजनीतिक माहौल काफी गरम हो गया है. एक तरफ जहां अलग-अलग दल अपनी-अपनी बढ़त का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है. स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हर राउंड के साथ समीकरण बदलते दिख रहे हैं.

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Tamil Nadu Puducherry Election Results : शुरुआती रुझानों पर विजय के घर में जश्न, पिता बोले- राज्य में आएगा बड़ा बदलाव

स्टालिन और विजय
स्टालिन और विजय

Tamil Nadu Puducherry Election Results : तमिलनाडु और पुडुचेरी की सभी 264 विधानसभा सीटों पर जारी मतगणना ने शुरुआती चरण में ही सियासी तस्वीर बदल दी है. तमिलनाडु में जहां बहुमत का आंकड़ा 118 सीटों का है, वहीं शुरुआती रुझानों में एक्टर विजय की नई पार्टी टीवीके सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती दिख रही है. इसके चलते डीएमके को बड़ा झटका लगता नजर आ रहा है और वह तीसरे स्थान पर खिसकती दिख रही है. दूसरी ओर पुडुचेरी में सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन ने बढ़त बनाते हुए वापसी की मजबूत स्थिति हासिल कर ली है.

पार्टीसीटों पर बढ़तजीतेकुल
Tamilaga Vettri Kazhagam (तमिलगा वेत्री कड़गम)106
AIADMK (अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम)55
DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम)53154
Indian National Congress (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)4
Bharatiya Janata Party (भारतीय जनता पार्टी)1
अन्य14
कुल सीटें234
बहुमत का आंकड़ा118

तमिलनाडु में टीवीके का बड़ा उभार, डीएमके को झटका

शुरुआती रुझानों में चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक टीवीके ने कई सीटों पर बढ़त बनाकर सबको चौंका दिया है. विभिन्न चरणों के आंकड़ों में पार्टी 98 से लेकर 108 सीटों तक आगे चलती दिखी है. इसके साथ ही एआईएडीएमके भी मजबूत स्थिति में नजर आ रही है, जबकि डीएमके पिछड़ती हुई दिखाई दे रही है. कुछ रुझानों में डीएमके की सीटें 35 से 41 के बीच सिमटती नजर आईं, जिससे उसके लिए चुनौती बढ़ गई है.

विजय के घर में जश्न, परिवार ने जताया भरोसा

टीवीके के प्रदर्शन के बीच एक्टर विजय के आवास पर जश्न का माहौल देखने को मिला. उनके परिवार ने शुरुआती रुझानों पर खुशी जताते हुए कहा कि जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है. उनके परिजनों ने भरोसा जताया कि विजय युवा नेतृत्व के रूप में राज्य में नई दिशा देंगे. इस दौरान घर में समर्थकों की भीड़ और उत्साह का माहौल बना रहा.

स्टालिन पीछे, कई सीटों पर कड़ा मुकाबला

राज्य के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन कोलाथुर सीट से शुरुआती रुझानों में पीछे चलने की खबर ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी. यहां टीवीके उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं. वहीं कई अन्य सीटों पर भी कांटे का मुकाबला जारी है, जहां रुझान लगातार बदल रहे हैं.

पुडुचेरी में एनडीए की मजबूत वापसी

पुडुचेरी में शुरुआती रुझानों में एनडीए गठबंधन ने बढ़त हासिल कर ली है. AINRC, बीजेपी और एआईएडीएमके मिलकर बहुमत के करीब नजर आ रहे हैं. शुरुआती आंकड़ों में AINRC सबसे आगे चल रही है, जबकि बीजेपी और अन्य सहयोगी दल भी बढ़त बनाए हुए हैं. कांग्रेस फिलहाल पिछड़ती दिखाई दे रही है.

टीवीके, एआईएडीएमके और डीएमके के बीच त्रिकोणीय मुकाबला

कुल रुझानों में तमिलनाडु में त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बनती दिख रही है. टीवीके जहां पहली बार चुनाव लड़ते हुए बड़ी ताकत बनकर उभरी है, वहीं एआईएडीएमके भी मजबूत वापसी करती दिख रही है. डीएमके के लिए यह रुझान चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि वह तीसरे स्थान पर खिसकती नजर आ रही है.

फिल्मी हलचल और राजनीतिक माहौल गर्म

रुझानों के बीच विजय के घर पर उत्सव का माहौल देखा गया, वहीं उनकी सह-कलाकार तृषा कृष्णन के पहुंचने से भी चर्चा तेज हो गई. दूसरी तरफ पूरे राज्य में मतगणना केंद्रों पर राजनीतिक दलों के समर्थकों की हलचल लगातार बढ़ती रही.

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Kerala Elections Result LIVE : केरल चुनाव मतगणना में यूडीएफ की बढ़त से बदला सियासी समीकरण

Kerala Elections Result LIVE
Kerala Elections Result LIVE

Kerala Elections Result LIVE : केरल विधानसभा चुनाव परिणामों की मतगणना सोमवार (4 मई) को शुरू होते ही राज्य की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई. शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने मजबूत बढ़त बनाते हुए लंबे समय बाद सत्ता में वापसी के संकेत दिए, जिससे राजनीतिक माहौल बदलता दिखा. जैसे ही रुझानों में यूडीएफ आगे दिखा, नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार जश्न मनाया और पूरे परिसर में उत्साह का माहौल बन गया. करीब एक दशक बाद सत्ता में वापसी की संभावनाओं ने कांग्रेस खेमे को उत्साहित कर दिया, जबकि अन्य दलों में भी शुरुआती आंकड़ों को लेकर मंथन शुरू हो गया.

शुरुआती रुझानों पर सीपीआई(एम) की प्रतिक्रिया

सीपीआई(एम) महासचिव एम ए बेबी ने शुरुआती रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी जो आंकड़े सामने आए हैं, वे केवल प्रारंभिक हैं और अंतिम तस्वीर इससे अलग हो सकती है. उन्होंने कहा कि भले ही यूडीएफ इस समय आगे दिख रहा हो, लेकिन मतगणना आगे बढ़ने पर स्थिति बदलने की संभावना बनी हुई है. एम ए बेबी ने यह भी दावा किया कि एलडीएफ सरकार के कार्यकाल में केरल ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं और राज्य में चरम गरीबी लगभग समाप्त हो चुकी है.

कितने सीट पर कौन आगे

आगेजीते
LDF380
UDF970
NDA20
OTH30

सीटों पर शुरुआती मुकाबला

शुरुआती रुझानों के बीच कई सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है. उत्तर परवूर सीट पर कांग्रेस नेता वी. डी. सतीशन, माकपा उम्मीदवार ई. टी. टायसन से पीछे चल रहे हैं. वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने धर्मदम सीट पर शुरुआती पिछड़ने के बाद 1,500 से अधिक वोटों की बढ़त हासिल कर ली है, जिससे उनके खेमे में राहत देखी जा रही है.

कांग्रेस की रणनीति और नेतृत्व की प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि इस समय सबसे जरूरी बदलाव सरकार का होना है और नीतियों में सुधार लाकर केरल को आगे बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने आर्थिक स्थिति सुधारने, निवेश बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को ऐसा वातावरण चाहिए जहां युवाओं को बाहर जाने की मजबूरी न हो. इस बीच के. सी. वेणुगोपाल के तिरुवनंतपुरम स्थित घर पर गतिविधियां तेज हो गईं और उनके जल्द ही केपीसीसी कार्यालय जाने की संभावना है, जहां कार्यकर्ताओं की हलचल बढ़ गई है.

एनडीए और अन्य दलों का दावा

एलडीएफ ने भी अपनी जीत को लेकर भरोसा जताया है. संयोजक टीपी रामकृष्णन ने कोझिकोड काउंटिंग सेंटर पर कहा कि वह पेराम्ब्रा सीट से जीत दर्ज करेंगे. वहीं बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पी. के. कृष्णदास ने दावा किया कि इस बार पार्टी को कई सीटों पर सफलता मिल सकती है और केरल में त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बन रही है, जिसमें एनडीए भी महत्वपूर्ण भूमिका में रहेगा.

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Breaking News : विक्रमशिला सेतु हादसे के बाद बड़ी कार्रवाई, NH के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सस्पेंड

विक्रमशिला सेतु का ध्वस्त स्लैब.
विक्रमशिला सेतु का ध्वस्त स्लैब.

Vikramshila Bridge collapses : विक्रमशिला सेतु पर हाल ही में हुए स्लैब गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. एनएच (राष्ट्रीय उच्च पथ, भागलपुर डिविजन) के कार्यपालक अभियंता साकेत कुमार रौशन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई सेतु का एक हिस्सा गंगा नदी में समा जाने की घटना के बाद की गई है. इस संबंध में पथ निर्माण विभाग के उपसचिव की ओर से आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) भी जारी कर दी गई है.

जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रविवार रात करीब 1.15 बजे भागलपुर से उत्तर बिहार को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के ढहने की घटना के कारणों की समीक्षा की गई. समीक्षा के बाद यह पाया गया कि पुल के रखरखाव और मॉनिटरिंग से जुड़े अभियंताओं की भूमिका की जांच आवश्यक है. इसी आधार पर संबंधित अधिकारियों को चिह्नित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.

Breaking News : विक्रमशिला सेतु हादसे के बाद बड़ी कार्रवाई, NH के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सस्पेंड Letter No 3016S Dt 04.05.2026 page 0001

जांच में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की सामने आयी लापरवाही

पथ निर्माण विभाग के आदेश के अनुसार, विक्रमशिला सेतु के रखरखाव और निगरानी की जिम्मेदारी राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर को सौंपी गई थी. इस विभाग के कार्यपालक अभियंता साकेत कुमार रौशन वर्तमान में इस पद पर कार्यरत थे. प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि उनके स्तर पर कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और उदासीनता बरती गई, जिसके कारण यह गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई.

निलंबन के बाद मुख्यालय किया तय

आदेश में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट होता है कि अभियंता साकेत रौशन ने अपने दायित्वों के प्रति अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई. इसी आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अभियंता प्रमुख, पथ निर्माण विभाग, पटना निर्धारित किया गया है.

निलंबन आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि साकेत कुमार रौशन को निलंबन अवधि के दौरान नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा. विभागीय स्तर पर अब पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि सेतु की संरचनात्मक खामियों और रखरखाव में कहां चूक हुई.

तीन महीने पहले जांच में बॉल-बियरिंग पोजिशन से खिसकने की बात आयी थी सामने

विक्रमशिला सेतु में लंबे समय से बॉल-बियरिंग और स्पैन से जुड़ी तकनीकी समस्याओं की आशंका जताई जा रही थी. विशेषज्ञ टीमों ने पहले भी निरीक्षण के दौरान चेतावनी दी थी कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य नहीं कराया गया, तो संरचनात्मक असंतुलन बढ़ सकता है. इसके बावजूद आवश्यक मरम्मत और सुधारात्मक कार्य समय पर नहीं हो सके.

घटना के बाद प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर कई सवाल खड़े हो गए हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सेतु की स्थिति को लेकर पहले से ही संकेत मिल चुके थे, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई. फिलहाल राज्य सरकार और पथ निर्माण विभाग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं.

विक्रमशिला सेतु भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं. ऐसे में इस तरह की घटना ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था बल्कि इंजीनियरिंग निगरानी प्रणाली पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं.

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Bhagalpur : मंजूरी मिली, लेकिन पढ़ाई ठप—टीएमबीयू में नए कोर्स फाइलों में कैद

टीएमबीयू
टीएमबीयू की फाइल फोटो.

Bhagalpur News : तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत की प्रक्रिया फिलहाल ठहराव का शिकार बनी हुई है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की बदलती रुचि को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक कोर्स की तुलना में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया था, लेकिन यह पहल अभी जमीन पर नहीं उतर सकी है.

मंजूरी के बाद भी आगे नहीं बढ़ी प्रक्रिया

विश्वविद्यालय के एकेडमिक काउंसिल, सिंडिकेट और सीनेट से नए कोर्स शुरू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल चुकी है. प्रस्तावित कोर्स में बीएड, नर्सिंग, फिजियोथेरेपी और पीजी स्तर पर पत्रकारिता जैसे कार्यक्रम शामिल हैं. इसके अलावा टीएनबी कॉलेज में कॉमर्स तथा सभी कॉलेजों में अंगिका विषय शुरू करने की योजना है. हालांकि, इन कोर्स को लागू करने से पहले राजभवन की स्वीकृति अनिवार्य बताई जा रही है, जिसके अभाव में प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है.

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डिप्लोमा कोर्स भी अटके

करीब दो दर्जन डिप्लोमा कोर्स को भी मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इनके क्रियान्वयन की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है. प्रस्तावित कोर्स में रिमोट सेंसिंग एंड जीआईएस, जीएसटी सर्टिफिकेट कोर्स, डाटा साइंस, साइबर लॉ, ह्यूमन राइट्स, पर्शियन लैंग्वेज, बीकॉम और बीबीए (सेल्फ फाइनेंस), बी-लिस, पैरामेडिकल एडवांस डिप्लोमा, न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स और कंप्यूटर एप्लीकेशन जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं. ये कोर्स पीजी विभागों के साथ-साथ टीएनबी कॉलेज और एमएमएम कॉलेज नवगछिया में शुरू किए जाने हैं.

फाइल कहां अटकी, हो रही पड़ताल

सीसीडीसी प्रो. एसएन पांडे के अनुसार, उन्हें इस पद पर आए अभी कुछ ही समय हुआ है. नए कोर्स से जुड़ी फाइल किस स्तर पर अटकी है, इसकी जानकारी संबंधित शाखा से जुटाई जा रही है. प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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विक्रमशिला सेतु
गंगा में सर्च ऑपरेशन चलाते एसडीआरएफ.

Bhagalpur News : भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाले गंगा पुल का स्लैब ध्वस्त हो गया. सेतु का एक हिस्सा टूटकर नदी में जा गिरा. घटना के तुरंत बाद इलाके में घबराहट फैल गई और तरह-तरह की बातें फैलने लगीं, जिससे स्थिति कुछ देर के लिए भ्रमपूर्ण हो गई.

अफवाहों के बीच प्रशासन ने संभाला मोर्चा

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई कि पुल से गुजर रहा कोई वाहन या व्यक्ति भी नदी में गिर गया है. स्थिति को गंभीर मानते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत आपात कार्रवाई शुरू की और राहत-बचाव एजेंसियों को मौके पर तैनात कर दिया, ताकि वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके.

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पानी के भीतर चली व्यापक तलाश

सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर नदी के अंदर सघन सर्च अभियान शुरू किया. गोताखोरों ने काफी देर तक अलग-अलग हिस्सों में जांच की, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य नुकसान तो नहीं हुआ है.

प्रशासन ने किया स्थिति स्पष्ट

लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद अधिकारियों ने साफ किया कि नदी में केवल पुल का टूटा हुआ हिस्सा ही पाया गया है. किसी भी व्यक्ति या वाहन के गिरने की पुष्टि नहीं हुई है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें. फिलहाल सेतु की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी कारणों की जांच जारी है.

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टीएमबीयू
टीएमबीयू की फाइल फोटो.

Bhagalpur News : विक्रमशिला सेतु का स्लैब ध्वस्त होने की घटना का असर अब शैक्षणिक गतिविधियों पर भी दिखने लगा है. तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय ने सोमवार को प्रस्तावित सभी परीक्षाओं को तुरंत प्रभाव से स्थगित करने का निर्णय लिया है. इस संबंध में सभी परीक्षा केंद्राधीक्षकों को आधिकारिक सूचना भेज दी गई है, साथ ही कॉलेज प्रशासन को अपने परिसर में नोटिस लगाकर छात्रों को जानकारी देने को कहा गया है.

परीक्षा नियंत्रक प्रो. विनोद कुमार ओझा के अनुसार, सेतु गिरने के कारण छात्रों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है. कई परीक्षार्थियों के समय पर परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पाने की संभावना को देखते हुए यह कदम उठाया गया. उन्होंने बताया कि यह स्थगन केवल सोमवार तक सीमित है और बाकी परीक्षाएं पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार ही होंगी.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथियों पर शेष परीक्षाएं अपने तय समय और केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी. आगे की स्थिति को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन वरिष्ठ अधिकारियों से विचार-विमर्श कर रहा है और आवश्यक होने पर नई जानकारी जारी की जाएगी.

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