तमिलनाडु में TVK के लिए बहुमत का रास्ता खुला, कांग्रेस के बाद वाम दलों ने दिया समर्थन

टीवीके
टीवीके सुप्रीमो थलपति विजय, फोटो-X

TVK Government Formation: तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) को कांग्रेस के बाद अब वामपंथी दलों का भी समर्थन मिल गया है, जिससे राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल गए हैं. सीपीआई और सीपीएम ने शुक्रवार को बैठक के बाद TVK को बिना शर्त समर्थन देने का फैसला किया है. पार्टी की ओर से औपचारिक समर्थन पत्र भी सौंप दिया गया है. इसके साथ ही वीसीके के समर्थन ने भी TVK के बहुमत के दावे को और मजबूत कर दिया है. अब राज्य में सरकार गठन को लेकर सभी दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं और राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है.

वाम दलों के समर्थन से TVK के पक्ष में बदला समीकरण

टीवीके नेता कामराज ने जानकारी दी है कि पार्टी को अब सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का समर्थन मिल चुका है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी के पास बहुमत से अधिक संख्या हो गई है और जल्द ही थलपति विजय राज्यपाल से मिलकर सरकार गठन का दावा पेश करेंगे. कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन के बाद TVK का आधार और मजबूत हुआ है. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वाम दलों के जुड़ने से TVK की स्थिति निर्णायक बन गई है और सरकार गठन की प्रक्रिया लगभग तय दिशा में आगे बढ़ रही है.

बहुमत के आंकड़े में TVK ने हासिल की बढ़त

वर्तमान समीकरणों के अनुसार TVK के पास 108 विधायक हैं. कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन के बाद यह संख्या 113 तक पहुंच जाती है. सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है. सीपीआई के दो, सीपीएम के दो और वीसीके के दो विधायकों के जुड़ने के बाद कुल समर्थन 119 तक पहुंच गया है, जो बहुमत के आंकड़े से अधिक है. इस बदलाव ने तमिलनाडु की राजनीति में नए गठबंधन की संभावनाओं को मजबूती दी है.

विपक्ष और गठबंधन राजनीति में नई हलचल

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पहले ही सीपीआई महासचिव डी राजा से बातचीत कर धर्मनिरपेक्ष सरकार के गठन में सहयोग की अपील की थी. इसके बाद वाम दलों ने TVK के समर्थन में निर्णय लिया. चुनाव परिणामों में TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि DMK को 59 और AIADMK को 47 सीटें मिलीं थीं. अन्य दलों में कांग्रेस, पीएमके, वीसीके, भाकपा और माकपा ने भी सीमित लेकिन महत्वपूर्ण सीटें हासिल की थीं. इस नए गठबंधन से तमिलनाडु में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं.

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मायागंज अस्पताल में नशे में कर्मी का हंगामा, सुरक्षा गार्ड से भिड़ंत के बाद फरार

भागलपुर
मायागंज अस्पताल में हंगामा.

Bhagalpur News : भागलपुर के मायागंज स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक कर्मचारी पर नशे की हालत में हंगामा करने का आरोप लगा. बताया जा रहा है कि अस्पताल परिसर में वह अलग-अलग जगहों पर जाकर शोर-शराबा कर रहा था, जिससे मरीजों और परिजनों को परेशानी होने लगी. स्थिति बिगड़ती देख सुरक्षा गार्डों ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद मामला और बढ़ गया और विवाद की स्थिति बन गई. इसके बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा.

अलग-अलग वार्डों में हंगामा

सूचना के अनुसार संबंधित कर्मचारी पहले ईएनटी विभाग पहुंचा और वहां हंगामा करने लगा. वहां से हटाए जाने के बाद वह इमरजेंसी वार्ड की ओर चला गया और वहां भी इसी तरह का व्यवहार करने लगा. लगातार शिकायत मिलने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की.

गार्ड और कर्मचारी के बीच विवाद

इमरजेंसी गेट के पास जब सुरक्षा गार्ड ने उसे नियंत्रित करने का प्रयास किया तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई. स्थिति बिगड़ने पर गार्ड ने उसे पकड़ लिया, लेकिन इसी दौरान वह मौके से निकलने में सफल रहा. इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी.

पुलिस की मौजूदगी में भी भागा आरोपी

सूचना पर बरारी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और कर्मचारी की तलाश शुरू की. पुलिस ने कुछ दूरी तक पीछा भी किया, लेकिन वह अस्पताल परिसर से बाहर निकलकर फरार हो गया. घटना के बाद पूरे परिसर में कुछ देर तक हलचल बनी रही.

कार्रवाई की मांग

घटना को लेकर अस्पताल में मौजूद लोगों और स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि अस्पताल का माहौल प्रभावित न हो और मरीजों को परेशानी न झेलनी पड़े.

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पटना में BPSC TRE-4 विज्ञापन को लेकर अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन, भारी पुलिस तैनाती

पटना न्यूज
पटना में अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन.

BPSC TRE-4: पटना में BPSC TRE-4 विज्ञापन जारी न होने को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध तेज हो गया है. बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र पटना कॉलेज से एकजुट होकर बीपीएससी कार्यालय की ओर मार्च करते हुए सड़क पर उतर आए. इस दौरान छात्रों ने अशोक राजपथ, बिखना पहाड़ी, मछुआ टोली और खेतान मार्केट से गुजरते हुए सरकार और आयोग के खिलाफ नारेबाजी की. अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से केवल आश्वासन दिया जा रहा है जबकि भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है और सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है.

भर्ती में देरी से बढ़ा आक्रोश

अभ्यर्थियों का कहना है कि BPSC TRE-4 के तहत करीब 46,595 पदों पर भर्ती होनी है लेकिन विज्ञापन जारी न होने से भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. इसी कारण छात्रों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है.

नए शिक्षा मंत्री पर नजर

बिहार के नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के कार्यभार संभालने के बाद यह मामला उनके लिए पहली बड़ी चुनौती बन गया है. अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार बदलने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया गया है.

छात्र नेता का बयान

छात्र नेता दिलीप ने कहा कि 16 अप्रैल को बीपीएससी की ओर से संकेत दिया गया था कि TRE-4 का विज्ञापन जल्द जारी होगा लेकिन अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. उनका कहना है कि छात्रों को सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है.

प्रशासन अलर्ट पर

स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए एसएसपी कार्तिकेय शर्मा खुद मौके पर मौजूद रहे. पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन भी तैयार रखा गया है.

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पूर्णिया में रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी, मोबाइल बहस के बाद हुआ था लापता

मौत
सांकेतिक तस्वीर.

Purnia News : पूर्णिया शहर में एक दर्दनाक और संदिग्ध मामला सामने आया है, जहां रेलवे ट्रैक के पास एक युवक का शव कई टुकड़ों में बरामद किया गया. घटना सदर थाना क्षेत्र के कालीबाड़ी रेलवे गुमटी के पास की बताई जा रही है. सुबह जब स्थानीय लोगों ने ट्रैक के अलग-अलग हिस्सों पर शव के टुकड़े देखे तो इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी.

मोबाइल पर बहस के बाद घर से निकला था युवक

मृतक की पहचान 30 वर्षीय जितेंद्र उरांव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कटिहार जिले का रहने वाला था और फिलहाल पूर्णिया के रामबाग मोहल्ले में परिवार के साथ रह रहा था. परिजनों के अनुसार गुरुवार शाम वह मोबाइल पर किसी से बातचीत के दौरान बहस कर रहा था. इसके बाद वह घर से निकल गया, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा.

सुबह रेलवे ट्रैक पर मिला शव

परिजनों ने रातभर उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. अगली सुबह सूचना मिली कि सौरा बांध और कालीबाड़ी गुमटी के बीच रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा है. मौके पर पहुंचने पर परिजनों ने शव की पहचान जितेंद्र उरांव के रूप में की. शव कई हिस्सों में बंटा हुआ था, जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया.

परिजनों ने जताई संदेह, जांच की मांग

परिजनों का कहना है कि जितेंद्र की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, ऐसे में इस तरह का दर्दनाक हादसा सवाल खड़े करता है. उन्होंने मामले की गहराई से जांच की मांग की है ताकि घटना की असली वजह सामने आ सके.

तीन दिन पहले मनाया था बेटी का जन्मदिन

परिवार ने बताया कि जितेंद्र ने मात्र तीन दिन पहले अपनी बेटी का जन्मदिन धूमधाम से मनाया था. घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है. परिजन लगातार रो-रोकर बेहाल हैं.

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस और जीआरपी मौके पर पहुंची. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है, जिसमें मोबाइल कॉल डिटेल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की भी पड़ताल की जा रही है.

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मधेपुरा में विद्यालय स्थानांतरण पर बवाल, सड़क जाम कर ग्रामीणों और छात्रों ने किया जोरदार विरोध

मधेपुरा
मधेपुरा में विद्यालय स्थानांतरण पर बवाल.

Madhepura News : मधेपुरा कुमारखंड प्रखंड के रामनगर महेश पंचायत स्थित वार्ड संख्या-12 में शुक्रवार की सुबह उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब कन्या प्राथमिक विद्यालय को मध्य विद्यालय बेला सदी में स्थानांतरित किए जाने की जानकारी सामने आई. इस निर्णय के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण और छात्र सड़क पर उतर आए. लोगों ने बांस-बल्ला लगाकर मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया और बच्चों के साथ सड़क पर बैठकर शिक्षा विभाग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. अचानक हुए इस आंदोलन से इलाके में आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

बिना सहमति स्थानांतरण पर नाराजगी

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय को स्थानांतरित करने से पहले स्थानीय स्तर पर कोई सहमति नहीं ली गई. आरोप है कि विभागीय स्तर पर अचानक लिए गए इस फैसले से छोटे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. ग्रामीणों ने कहा कि रामनगर में विद्यालय भवन उपलब्ध होने के बावजूद बच्चों को दूसरे गांव भेजा जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है.

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जर्जर सड़क और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने यह भी बताया कि दोनों गांवों के बीच की सड़क काफी खराब स्थिति में है. बारिश के दिनों में यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है. कई बार बच्चे गिरकर घायल भी हो चुके हैं. ऐसे में छोटे बच्चों का रोजाना इस रास्ते से विद्यालय जाना उनके लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है.

आंदोलन के बाद प्रशासन सक्रिय

सड़क जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलने पर प्राथमिक शिक्षक संघ के अंचल सचिव संजीव कुमार सुमन मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया. काफी समझाने के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया. इस दौरान पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा और स्थिति पर नजर बनाए रखी.

शिक्षा विभाग का त्वरित निरीक्षण और निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी किशोर भास्कर ने विद्यालय का निरीक्षण किया. निरीक्षण के बाद उन्होंने तत्काल प्रभाव से जवाहर उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर के पश्चिम भवन में विद्यालय संचालन शुरू करने का निर्देश दिया. इस निर्णय के बाद ग्रामीणों में कुछ हद तक संतोष देखा गया.

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और विद्यालय का स्थायी संचालन स्थानीय स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए, ताकि छात्राओं को सुरक्षित और सुगम शिक्षा वातावरण मिल सके.

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मंगल पांडे का नाम सम्राट कैबिनेट से बाहर, सामने आईं 2 संभावित वजहें

मंगल पांडे
मंगल पांडे की फाइल फोटो.

Mangal Pandey: बिहार में सम्राट कैबिनेट के गठन के बाद नई मंत्रिमंडल सूची जारी होने के साथ ही राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. सबसे ज्यादा ध्यान उन नेताओं पर है जिनका नाम इस बार सूची से बाहर रह गया है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता मंगल पांडे का नाम इनमें प्रमुखता से सामने आ रहा है. लंबे समय तक राज्य सरकार में स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके मंगल पांडे संगठन में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं. ऐसे में कैबिनेट से उनका नाम हटना कई तरह की राजनीतिक अटकलों को जन्म दे रहा है.

संगठनात्मक जिम्मेदारी को लेकर संभावनाएं

राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि मंगल पांडे को सरकार की बजाय संगठन में बड़ी भूमिका दी जा सकती है. माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक जिम्मेदारियों में शामिल कर सकती है और पश्चिम बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्य में उनकी भूमिका को और मजबूत किया जा सकता है. बंगाल चुनाव में उनकी सक्रिय भूमिका को पार्टी पहले भी अहम मान चुकी है.

सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन की रणनीति

पार्टी के अंदर इस फैसले को सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन से जोड़कर भी देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि इस बार मंत्रिमंडल गठन में अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रों को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की रणनीति अपनाई गई है. इसी कारण कुछ पुराने चेहरों की जगह नए नेताओं को मौका दिया गया है ताकि संगठन का दायरा और मजबूत किया जा सके.

संगठन में लंबे समय से सक्रिय भूमिका

मंगल पांडे का संगठनात्मक अनुभव लंबा रहा है. उन्हें पहले भी बंगाल, हिमाचल और उत्तराखंड जैसे राज्यों में चुनावी और संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी गई हैं. पार्टी के भीतर यह माना जाता है कि जहां भी उन्हें जिम्मेदारी मिली, उन्होंने उसे सक्रियता के साथ निभाया और संगठन को मजबूत करने में योगदान दिया.

राजनीतिक संकेतों के रूप में देखा जा रहा फैसला

मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने के फैसले को केवल बदलाव के रूप में नहीं देखा जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम संगठनात्मक पुनर्गठन और आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि मंगल पांडे की भूमिका आने वाले समय में सरकार से हटकर संगठन में और अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है.

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प्रॉपर्टी टैक्स से नक्शा पास तक सब ऑनलाइन, 120 करोड़ की डिजिटल योजना मंजूर

Muzaffarpur Municipal Corporation
Muzaffarpur Municipal Corporation

Muzaffarpur News: बिहार सरकार ने शहरी प्रशासन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के सभी नगर निकायों में राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन लागू करने की मंजूरी दे दी है. इस योजना को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में स्वीकृति मिली है, जिसके लिए लगभग 120 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है. इसका उद्देश्य नागरिकों को सरल, तेज और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है.

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सरकारी सेवाएं अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर

इस मिशन के तहत एक ऐसा एकीकृत ऑनलाइन सिस्टम तैयार किया जाएगा, जहां नागरिकों को कई जरूरी सेवाएं एक ही जगह मिलेंगी. इनमें शामिल हैं:

  • जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र की सुविधा
  • संपत्ति कर का ऑनलाइन भुगतान और मूल्यांकन
  • ट्रेड लाइसेंस के लिए आवेदन प्रक्रिया
  • भवन निर्माण नक्शा स्वीकृति
  • जल और सीवरेज कनेक्शन की सुविधा
  • सार्वजनिक शिकायतों का निवारण
  • स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं

शहरी प्रशासन में आएगी पारदर्शिता

योजना के तहत नगर निकायों में वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डबल एंट्री अकाउंटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा. इसके संचालन के लिए विशेषज्ञों और कर्मचारियों की टीम तैयार की जाएगी. साथ ही सभी कर्मचारियों को डिजिटल कार्य प्रणाली का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.

चरणबद्ध तरीके से होगा लागू

इस परियोजना को अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है. सरकार का मानना है कि इस पहल से नागरिकों को सुविधा मिलेगी और शहरी प्रशासन अधिक तेज और जवाबदेह बनेगा.

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धनबाद में अवैध कोयला कारोबार पर शिकंजा, संयुक्त कार्रवाई में ट्रक-हाइवा जब्त

धनबाद
धनबाद में अवैध कोयला कारोबार पर शिकंजा.

Dhanbad News: धनबाद जिले के बाघमारा थाना क्षेत्र में अवैध कोयला खनन और तस्करी का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है. जमुनिया नदी और आसपास के इलाकों में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन को लेकर अब सख्ती शुरू कर दी गई है. संयुक्त टीम ने छापेमारी कर अवैध कोयला लदे दो वाहनों को जब्त किया है.

जमुनिया नदी क्षेत्र में चल रहा था अवैध खनन का नेटवर्क

सूत्रों के अनुसार बाघमारा क्षेत्र में जमुनिया नदी के किनारे और जंगल से सटे कई हिस्सों में अवैध तरीके से कोयला निकाला जा रहा था. इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा था, बल्कि नदी क्षेत्र की स्थिति भी लगातार बिगड़ती जा रही थी. स्थानीय स्तर पर इस गतिविधि के खिलाफ विरोध और आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी.

सूचना के आधार पर हुई संयुक्त टीम की कार्रवाई

गुप्त सूचना मिलने के बाद बीसीसीएल प्रबंधन, बाघमारा पुलिस और सीआईएसएफ की टीम ने माटीगढ़ा डैम कॉलोनी के पास स्थित क्षेत्र में छापेमारी की. इस दौरान मौके से एक ट्रक और एक मिनी हाइवा पकड़ा गया, जिनमें अवैध कोयला भरा हुआ था. कार्रवाई के दौरान अफरातफरी का माहौल बन गया.

चालक फरार, एक गिरफ्तार

छापेमारी के दौरान वाहन चालक भागने लगे. इस दौरान मिनी हाइवा का चालक पकड़ लिया गया, जिसे पुलिस के हवाले कर दिया गया. वहीं ट्रक चालक मौके से फरार हो गया. भागने के दौरान ट्रक सड़क किनारे फंस गया, जिसे बाद में निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई.

आगे की कार्रवाई शुरू

मामले को लेकर संबंधित एजेंसियां अब बाघमारा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में जुटी हैं. पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी और इसमें शामिल अन्य लोगों की भी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी.

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सीवान में छात्र से सोने का लॉकेट छीना, विरोध करने पर चाकू से हमला, एक आरोपी अरेस्ट

बिहार क्राइम
सांकेतिक तस्वीर.

Bihar News : सीवान जिले में अपराधियों का दुस्साहस एक बार फिर सामने आया है. बसंतपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर को खोड़ीपाकर–सोहिलपट्टी मार्ग पर धरिक्षणा बाबा मंदिर के पास एक छात्र पर बदमाशों ने हमला कर दिया. स्कूटी सवार तीन युवकों ने पहले छात्र से सोने का लॉकेट छीन लिया और विरोध करने पर चाकू से वार कर उसे घायल कर दिया.

कोचिंग से लौटते समय हुआ हमला

घटना में घायल छात्र की पहचान लकड़ी नबीगंज प्रखंड के उज्जैना गांव निवासी वकील राय के पुत्र मिंटू कुमार के रूप में हुई है. बताया जाता है कि वह कोचिंग से पढ़ाई कर घर लौट रहा था, तभी रास्ते में पहले से घात लगाए बदमाशों ने उसे रोक लिया और लूटपाट की घटना को अंजाम दिया.

परिजन पहुंचे मौके पर, अस्पताल में हुआ इलाज

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल छात्र को बसंतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया. होश में आने के बाद छात्र ने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा.

तीन नामजद आरोपी, एक गिरफ्तार

छात्र के पिता के बयान के आधार पर बसंतपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. इस मामले में तीन लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें बसंतपुर निवासी राजू सिंह का पुत्र अमन कुमार (18) भी शामिल है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अमन कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

अन्य आरोपियों की तलाश तेज

पुलिस के अनुसार घटना में शामिल बाकी दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा और मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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पटना जंक्शन पर 100 करोड़ से बनेगा विशाल वेटिंग हॉल, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

पटना जंक्शन
पटना जंक्शन पर बनेगा विशाल वेटिंग हॉल.

Patna Junction: पटना जंक्शन को यात्रियों की सुविधा के लिहाज से बड़ा अपग्रेड मिलने जा रहा है. पूर्व मध्य रेलवे यहां 100 करोड़ रुपये की लागत से दो मंजिला अत्याधुनिक पैसेंजर वेटिंग सह होल्डिंग हॉल बनाने की योजना पर काम कर रहा है. रेलवे बोर्ड ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है और इसके लिए संभावित जगहों का चयन भी शुरू हो चुका है. हाल ही में रेलवे की एक टीम ने स्टेशन परिसर का निरीक्षण कर निर्माण से जुड़ी संभावनाओं का आकलन किया.

तीन स्थानों का हुआ निरीक्षण, निर्माण की तैयारी तेज

रेलवे अधिकारियों की टीम ने पटना जंक्शन परिसर में रिजर्वेशन काउंटर, बाइक स्टैंड और सर्कुलेटिंग एरिया सहित तीन प्रमुख स्थानों का जायजा लिया. इस परियोजना के तहत लगभग 10,000 स्क्वायर फीट क्षेत्र में स्थायी मॉड्यूलर वेटिंग सह होल्डिंग एरिया तैयार किया जाएगा. इसकी क्षमता करीब 5000 यात्रियों की होगी. योजना के अनुसार इसे गोरखपुर स्टेशन की तर्ज पर विकसित किया जाएगा ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके.

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया वेटिंग हॉल

नए वेटिंग हॉल में यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इसमें आरामदायक बैठने की व्यवस्था, डिजिटल ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड, स्वच्छ टॉयलेट और अन्य जरूरी सुविधाएं शामिल होंगी. भवन को तीन हिस्सों में बांटा जाएगा. ग्राउंड फ्लोर पर रिजर्वेशन और यूटीएस टिकट काउंटर होंगे. पहले तल पर बड़ा वेटिंग एरिया और दूसरे तल पर डॉरमेट्री व रिटायरिंग रूम बनाए जाएंगे.

यात्री दबाव को देखते हुए विस्तार की योजना

पटना जंक्शन से रोजाना 210 से 225 ट्रेनें संचालित होती हैं और सामान्य दिनों में करीब 1.25 लाख यात्री यहां से गुजरते हैं. त्योहारों के समय, खासकर छठ और होली के दौरान यह संख्या बढ़कर 2.5 लाख से भी अधिक हो जाती है. बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए प्लेटफॉर्म की लंबाई 80 से 100 फीट तक बढ़ाने और सीढ़ियों के चौड़ीकरण की योजना भी तैयार की गई है.

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार यह परियोजना यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है. उनका कहना है कि नया वेटिंग हॉल पटना जंक्शन पर यात्रियों के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा और स्टेशन को आधुनिक स्वरूप देगा.

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