इस खबर में क्या है?
Dhanbad News : धनबाद के मुनीडीह इलाके में स्थित बीसीसीएल की कोल वाशरी में शनिवार शाम एक गंभीर औद्योगिक हादसा हो गया, जब स्लरी (वाश कोल डस्ट) की लोडिंग के दौरान अचानक ऊपर से भारी मलबा गिर पड़ा. इस घटना में चार दिहाड़ी मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई. हादसा करीब शाम सवा पांच बजे हुआ, जब मजदूर ट्रकों में स्लरी भरने के काम में जुटे थे. मृतकों की पहचान गोपीनाथडीह निवासी माणिक बाउरी (45) और दिनेश बाउरी (52), समशिखरा के दीपक बाउरी (50) तथा रुदी कपूरिया के मोड़ा गोप (59) के रूप में हुई है. वहीं गोपीनाथडीह की सुनीता देवी इस दुर्घटना में मलबे के नीचे दबने से बच गईं और सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहीं.
एक साथ काम कर रहे थे कई मजदूर, अचानक टूटी आफत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय लोडिंग प्वाइंट पर लगभग 7 से 10 मजदूर मौजूद थे. सभी मजदूर मैन्युअल तरीके से स्लरी को ट्रकों में लोड कर रहे थे. इसी दौरान अचानक ऊपर से मलबा भरभराकर नीचे आ गिरा, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए. हादसे के तुरंत बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया. आसपास मौजूद अन्य मजदूरों ने अपने साथियों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन चार लोगों को नहीं बचाया जा सका. घटना की सूचना मिलते ही मुनीडीह और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए. मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया और माहौल बेहद गमगीन हो गया. वाशरी प्रबंधन ने एहतियातन पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है. बताया जाता है कि मुनीडीह कोल वाशरी की स्थापना वर्ष 1983 में हुई थी और इसकी उत्पादन क्षमता करीब 1.6 मिलियन टन प्रतिवर्ष है.
सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे के बाद वाशरी में लागू सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. स्लरी लोडिंग जैसे जोखिमपूर्ण कार्य के दौरान मलबा गिरने की घटना ने प्रबंधन की तैयारियों पर संदेह पैदा किया है. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मौके पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और निगरानी का अभाव दिखा. सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और सीआइएसएफ की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया. मुनीडीह ओपी के साथ-साथ पुटकी और भागाबांध थाना के पुलिसकर्मी भी वहां विधि-व्यवस्था संभालने में जुटे रहे.
पहले भी सामने आ चुकी हैं इस तरह की घटनाएं
मुनीडीह कोल वाशरी में दुर्घटनाओं का यह पहला मामला नहीं है.
करीब पांच वर्ष पहले वेस्टर्न वाशरी जोन के अंतर्गत यहां मेंटेनेंस कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ था. उस समय मजदूर गियर बॉक्स और ड्रम बदल रहे थे, तभी अचानक चेन टूट गई और 704 बेल्ट का चौथा तल गिर गया, जिससे कई ठेका मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए थे.
सितंबर 2025 में बीसीसीएल के ब्लॉक-2 क्षेत्र की न्यू मधुबन वाशरी में लगभग 100 फीट ऊंचा साइलो प्लांट ढह गया था. इस घटना में करीब 5,000 टन कोयले का मलबा नीचे गिरा था और एक मजदूर धर्मेंद्र ठाकुर उसमें फंस गया था, जिसे करीब 12 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया.
अब 2 मई को मुनीडीह वाशरी में स्लरी लोडिंग के दौरान मलबा गिरने से चार मजदूरों की मौत ने एक बार फिर सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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