Bhagalpur News : सोमवार शाम हुई बारिश ने शहर का मौसम तो ठंडा कर दिया, लेकिन इसके साथ ही कई इलाकों में अव्यवस्था भी बढ़ गई. करीब तीन घंटे तक रुक-रुक कर हुई बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलजमाव और गंदगी की समस्या सामने आई. नालों की सफाई नहीं होने और सड़कों पर पड़े कचरे के कारण हालात और खराब हो गए.
सड़कों पर गंदगी और बदबू से लोग परेशान
भीखनपुर-मुंदीचक मुख्य मार्ग पर फैले कूड़े-कचरे से तेज बदबू उठने लगी, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी हुई. भीखनपुर 12 नंबर गुमटी के पास सड़क पर नाले का पानी बहने लगा, जिससे जलजमाव की स्थिति बन गई. हुसैनपुर, महेशपुर, कर्णगढ़, सलाटर और आबीर मिश्र लेन जैसे इलाकों में भी सड़कों पर गंदा पानी फैल गया.
वीआईपी इलाकों में भी हालात खराब, यातायात प्रभावित
मानिक सरकार चौक, आदमपुर मुख्य मार्ग और विवेकानंद पथ जैसे प्रमुख इलाकों में भी कूड़ा-कचरा सड़कों पर फैल गया. बारिश के साथ ही मिरजानहाट और इशाकचक मार्ग पर भोलानाथ पुल के पास फिर से जलजमाव हो गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ. लोगों को मोजाहिदपुर के रास्ते होकर घूमकर जाना पड़ रहा है.
बारिश के बाद शहर में जलजमाव और गंदगी की समस्या ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है जहां कई इलाकों में नालों की सफाई नहीं होने से हालात बिगड़ गए हैं. प्रमुख सड़कों से लेकर मोहल्लों तक गंदा पानी और कचरा फैलने से आवागमन प्रभावित हो रहा है. बार-बार सामने आ रही इस समस्या ने नगर व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
Bhagalpur News : भागलपुर में जिला स्थापना दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत सोमवार को की गई. कला एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त आयोजन में अंग संस्कृति भवन स्थित भागलपुर संग्रहालय में उद्घाटन समारोह आयोजित हुआ. कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम डॉ नवलकिशोर चौधरी ने किया. इस दौरान उन्होंने भागलपुर को अंग संस्कृति का प्रमुख केंद्र बताते हुए यहां की सांस्कृतिक विविधता और स्वच्छ वातावरण की सराहना की. आयोजन में विभिन्न शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की शुरुआत भी की गई.
प्रभात फेरी से हुई शुरुआत, छात्रों और कलाकारों की भागीदारी
स्थापना दिवस के पहले दिन प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं, स्काउट-गाइड और कलाकारों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया. प्रभात फेरी को जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसका समापन भागलपुर संग्रहालय परिसर में हुआ, जहां बच्चों के साथ कला, संस्कृति और इतिहास को लेकर चर्चा भी की गई. कार्यक्रम में कई जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे.
तीन दिनों तक चलेगी प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक आयोजन
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी के अनुसार, इस तीन दिवसीय आयोजन में फोटोग्राफी प्रतियोगिता, मंजूषा कला प्रदर्शनी, महात्मा गांधी आधारित आर्टिस्ट कैंप, स्कूली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और अंग वंदन जैसे कार्यक्रम शामिल हैं. पहले दिन समूह लोक नृत्य की प्रस्तुति हुई. मंगलवार को समूह लोक गायन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जबकि कला प्रदर्शनी और कलाकार कैंप लगातार जारी रहेंगे.
ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण का भी रहेगा कार्यक्रम
समारोह के तीसरे दिन चयनित प्रतिभागियों को भागलपुर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों बटेश्वर स्थान और विक्रमशिला महाविहार का भ्रमण कराया जाएगा. इस आयोजन का उद्देश्य जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना और नई पीढ़ी को इससे जोड़ना है.
भागलपुर जिला स्थापना दिवस समारोह के तहत तीन दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन की शुरुआत हो चुकी है जिसमें छात्रों, कलाकारों और प्रशासन की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है. विभिन्न प्रतियोगिताओं और प्रदर्शनी के जरिए स्थानीय कला और परंपरा को मंच दिया जा रहा है. आयोजन के अंत में प्रतिभागियों को ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण का अवसर भी मिलेगा.
Muzaffarpur News : मुजफ्फरपुर जिले में साइबर अपराध का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. कटरा थाना क्षेत्र के धनौर गांव निवासी 62 वर्षीय किसान रामाशंकर प्रसाद सिंह को ठगों ने निशाना बनाते हुए उनके बैंक खातों से बड़ी रकम निकाल ली. पीड़ित ने इस मामले में साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. घटना के बाद इलाके में दहशत और चिंता का माहौल है.
सिम पोर्ट कर काटा संपर्क, फिर किया खेल
पीड़ित के अनुसार अज्ञात अपराधियों ने पहले उनका मोबाइल नंबर हैक किया और उसके बाद सिम को पोर्ट करवा लिया. इस प्रक्रिया के बाद उनका अपने ही नंबर से संपर्क पूरी तरह टूट गया. इसी का फायदा उठाकर ठगों ने बैंकिंग सिस्टम तक पहुंच बनाई और खाते से पैसे निकालने की साजिश को अंजाम दिया.
कुछ दिनों में 33 बार ट्रांजैक्शन, खाते से उड़ाए 2.34 लाख
मामले का खुलासा तब हुआ जब 27 अप्रैल को किसान पासबुक अपडेट कराने सेंट्रल बैंक की धनौर शाखा पहुंचे. बैंक स्टेटमेंट में सामने आया कि 23 अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच अपराधियों ने उनके दो खातों से 33 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 2,34,000 रुपये निकाल लिए.
मुजफ्फरपुर में बढ़ते साइबर अपराध ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है जहां ठग नई-नई तकनीकों के जरिए आम लोगों को निशाना बना रहे हैं. सिम पोर्ट जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर बैंक खातों तक पहुंच बनाना अब बड़ा खतरा बनता जा रहा है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं.
Patna News : पटना के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह अपराधियों ने बेखौफ अंदाज में चेन स्नैचिंग की वारदात को अंजाम दिया. पारस अस्पताल के पीछे समनपुरा इलाके में बाइक सवार तीन बदमाशों ने एक दंपती को निशाना बनाते हुए सोने की चेन छीन ली. घटना करीब 11 बजे की बतायी जा रही है. पीड़ित दामोदरन केपी, जो समनपुरा स्थित अलय फातिमा हाई कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड टेक्नोलॉजी में प्रोफेसर कम प्रिंसिपल हैं, अपनी पत्नी के साथ कॉलेज जा रहे थे. दोनों मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले हैं और यहीं रहते हैं.
कॉलेज के पास रोके, विरोध करने पर पिस्टल दिखाकर लूटी चेन
दंपती कॉलेज गेट से कुछ दूरी पर रुके ही थे कि पीछे से एक बाइक पर सवार तीन युवक पहुंचे. दो ने हेलमेट पहन रखा था, जबकि एक ने गमछे से चेहरा ढका हुआ था. एक बदमाश नीचे उतरकर महिला के गले से चेन छीनने लगा, लेकिन उन्होंने विरोध करते हुए चेन पकड़ ली. इस दौरान दामोदरन ने भी बदमाश का सामना किया, जिससे अफरा-तफरी में बाइक गिर गयी और महिला का पैर उसमें फंस गया.
तभी एक आरोपी ने पिस्टल निकालकर दंपती को धमकाया. दबाव में आने के बाद बदमाशों ने जबरन चेन छीन ली और हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गये. आसपास मौजूद लोग भी खड़े रहे, लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया.
CCTV से मिली सुराग, एक आरोपी की पहचान के करीब पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले. जांच में एक आरोपी की तस्वीर साफ मिली है, क्योंकि वारदात के दौरान उसका चेहरा आंशिक रूप से खुल गया था. बाइक के नंबर के आधार पर भी बदमाशों की पहचान की कोशिश की जा रही है. सचिवालय डीएसपी-2 साकेत कुमार ने बताया कि तीन अपराधियों द्वारा चेन स्नैचिंग की पुष्टि हुई है और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है.
शहर में बढ़ी चेन स्नैचिंग की घटनाएं, पुलिस के लिए चुनौती
अप्रैल महीने में पटना के कई इलाकों जैसे राजीव नगर, शास्त्रीनगर, दीघा, पत्रकार नगर, कदमकुआं, गांधी मैदान और एयरपोर्ट क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक चेन स्नैचिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. कई मामलों में सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों की तस्वीरें भी मिलीं, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. सिटी एसपी मध्य दीक्षा ने इन घटनाओं की समीक्षा कर जांच भी की, इसके बावजूद बदमाशों तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है.
पटना में बढ़ती चेन स्नैचिंग की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं जहां दिनदहाड़े हथियार के बल पर वारदातें हो रही हैं. समनपुरा की घटना में दंपती से लूट और अपराधियों का बेखौफ अंदाज शहर में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति को उजागर करता है. लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है.
West Bengal Post Poll Violence 2026: जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को उस समय तनाव का माहौल बन गया जब चुरुलिया इलाके में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े एक स्थानीय कार्यालय में आग लगने की घटना सामने आई. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से पहले चल रही मतगणना के रुझानों के बीच हुई इस घटना ने पूरे इलाके में हलचल पैदा कर दी. आग लगते ही कुछ ही समय में कार्यालय पूरी तरह आग की चपेट में आ गया और भवन को गंभीर नुकसान पहुंचा. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया और सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से मजबूत किया गया.
चुरुलिया में आग लगते ही फैली अफरा-तफरी
स्थानीय लोगों के अनुसार, टीएमसी कार्यालय से अचानक धुआं और आग की लपटें उठती देख आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया. आग इतनी तेजी से फैली कि किसी तरह की शुरुआती रोकथाम संभव नहीं हो सकी. कुछ ही मिनटों में पूरा ढांचा जलकर नष्ट हो गया. घटना के समय क्षेत्र में पहले से ही राजनीतिक माहौल संवेदनशील बना हुआ था, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई.
राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ा विवाद
घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस ने इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए विपक्षी समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं दूसरी ओर, फिलहाल किसी भी अन्य राजनीतिक दल की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करने की बात कही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.
सुरक्षा बलों की तैनाती से हालात पर नजर
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए जामुड़िया और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. प्रशासन का कहना है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है. फिलहाल क्षेत्र में तनाव के बीच शांति बनी हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं.
Bhabanipur Result 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दर्ज कराया है. भाजपा के वरिष्ठ नेता Suvendu Adhikari ने भवानीपुर सीट पर अप्रत्याशित जीत हासिल करते हुए मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को पराजित कर दिया. देर रात आए अंतिम आंकड़ों के मुताबिक अधिकारी ने 15,105 मतों के अंतर से जीत दर्ज की. यह दूसरा अवसर है जब उन्होंने ममता बनर्जी को चुनाव में शिकस्त दी है.
नंदीग्राम के बाद भवानीपुर में भी जीत, चुनौती को किया सच साबित
चुनाव से पहले ही शुभेंदु अधिकारी ने सार्वजनिक मंचों से भवानीपुर में मुकाबले की बात कही थी. उन्होंने न केवल नंदीग्राम सीट पर अपनी पकड़ बरकरार रखी, बल्कि भवानीपुर में भी जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की. उनके समर्थन में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी प्रचार किया था. चुनावी रैलियों और रोड शो का असर अंतिम नतीजों में साफ तौर पर दिखाई दिया.
चौथी बार सत्ता में वापसी का सपना टूटा, रिकॉर्ड अब भी कायम
ममता बनर्जी इस चुनाव में लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लक्ष्य के साथ उतरी थीं. हालांकि भवानीपुर में हार के साथ उनका यह प्रयास सफल नहीं हो सका. पश्चिम बंगाल के इतिहास में लगातार पांच बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड अब भी Jyoti Basu के नाम दर्ज है. वहीं Bidhan Chandra Roy भी अपने कार्यकाल के दौरान चुनाव नहीं हारे थे.
दो सीटों पर जीत दर्ज करने वाले नेताओं में शुभेंदु और हुमायूं शामिल
इस चुनाव में दो सीटों पर जीत हासिल करने वाले नेताओं में शुभेंदु अधिकारी का नाम प्रमुख रहा. उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं Humayun Kabir ने अपनी पार्टी AJUP के टिकट पर दो सीटों से जीत हासिल कर राज्य की राजनीति में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई.
पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव के नतीजों ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया, जहां शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराकर सबको चौंका दिया. इस जीत के साथ भाजपा को निर्णायक बढ़त मिली और राज्य की सत्ता का समीकरण बदल गया. नंदीग्राम के बाद भवानीपुर में जीत दर्ज कर शुभेंदु ने अपनी राजनीतिक ताकत साबित की, जबकि ममता बनर्जी का चौथी बार मुख्यमंत्री बनने का सपना अधूरा रह गया.
शुरुआती राउंड में बेहद करीबी मुकाबला
मतगणना के पहले दो से तीन राउंड में दोनों उम्मीदवारों के बीच वोटों का अंतर बेहद कम रहा. शुरुआती आंकड़ों में कभी शुभेंदु अधिकारी आगे दिखे तो कभी ममता बनर्जी ने बढ़त हासिल की. इस दौरान अंतर कुछ सौ से लेकर एक-दो हजार वोटों के बीच ही घूमता रहा, जिससे यह साफ हो गया कि मुकाबला आखिरी राउंड तक जाएगा.
तीसरे से छठे राउंड में ममता ने बनाई बढ़त
तीसरे राउंड के बाद ममता बनर्जी ने धीरे-धीरे बढ़त बनानी शुरू की. चौथे और पांचवें राउंड तक यह अंतर बढ़कर लगभग 8 हजार से 16 हजार वोटों तक पहुंच गया. इस दौरान तृणमूल कांग्रेस खेमे में उत्साह देखा गया और पार्टी कार्यकर्ता बढ़त को निर्णायक मानकर प्रतिक्रिया देने लगे. छठे राउंड तक ममता बनर्जी ने 19 हजार से अधिक वोटों की बढ़त बना ली थी.
सातवें से दसवें राउंड में अंतर घटा
जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, मुकाबला फिर से दिलचस्प हो गया. सातवें से दसवें राउंड के बीच भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने अंतर कम करने की कोशिश की. कई राउंड में वोटों का गैप घटकर 10 हजार के आसपास पहुंच गया. इस दौरान चुनावी माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया क्योंकि हर राउंड में आंकड़े बदलते रहे.
12वें राउंड में ममता फिर मजबूत
12वें राउंड की गिनती के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. ताजा आंकड़ों के अनुसार वह 7 हजार से अधिक वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं. इस राउंड के बाद तृणमूल कांग्रेस खेमे में फिर से राहत और उत्साह देखा जा रहा है, जबकि भाजपा खेमे में अभी भी उम्मीद बरकरार है कि अंतिम राउंड में तस्वीर बदल सकती है.
शुभेंदु अधिकारी की रणनीति पर नजर
भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी लगातार अंतर को कम करने की कोशिश कर रहे हैं. उनके समर्थकों का कहना है कि अंतिम चरण की गिनती में मुकाबला और भी करीबी हो सकता है. हालांकि अभी तक ममता की बढ़त पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई है.
भवानीपुर बनी सबसे हाई-वोल्टेज सीट
भवानीपुर सीट इस चुनाव में सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र नहीं बल्कि बंगाल की राजनीतिक दिशा का प्रतीक बन गई है. विविध मतदाता वर्ग और राजनीतिक महत्व के कारण यहां हर राउंड का परिणाम राज्य की सियासत पर असर डाल रहा है. इसी वजह से पूरे राज्य और देश की नजर इस सीट पर टिकी हुई है.
Bengal Election Result : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना सोमवार सुबह 8 बजे से जारी है, जिसमें 294 में से 293 सीटों के लिए गिनती हो रही है. जैसे-जैसे शुरुआती रुझान सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे राज्य के कई हिस्सों में तनाव और अशांति की खबरें भी बढ़ती जा रही हैं. मतगणना के बीच सियासी मुकाबला तेज हो गया है और यह साफ होता जा रहा है कि सत्ता की दौड़ बेहद कड़ी होने वाली है.
दुर्गापुर में पार्टी ऑफिस पर हमला, सड़क पर प्रदर्शन
दुर्गापुर के मुचिपारा इलाके में मतगणना के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए. तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना सामने आई, जिसके बाद समर्थकों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को मौके पर पहुंचना पड़ा और इलाके में तनाव काफी बढ़ गया.
आसनसोल और बैरकपुर में भी टकराव
आसनसोल के एक काउंटिंग सेंटर के बाहर भी भीड़ हिंसक हो गई, जिसमें कुर्सियों और कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया. वहीं बैरकपुर में अलग-अलग राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिसके बाद केंद्रीय सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा. कुछ स्थानों पर स्थिति संभालने के लिए बल प्रयोग की भी नौबत आई.
मुर्शिदाबाद में मुकाबला दिलचस्प, शुरुआती बढ़त जारी
मुर्शिदाबाद की नौदा और रेजीनगर सीटों पर काउंटिंग जारी है, जहां शुरुआती रुझानों में AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर बढ़त बनाए हुए हैं. इन सीटों पर मुकाबला लगातार उतार-चढ़ाव वाला बना हुआ है और परिणाम अभी स्पष्ट नहीं हैं.
मालदा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
मालदा के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. बख्तरबंद वाहनों के साथ लगातार गश्त की जा रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है. प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी तरह की अफवाह या हिंसा पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
काउंटिंग प्रक्रिया पर विपक्ष के सवाल
टीएमसी नेताओं महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कई केंद्रों पर गिनती धीमी की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि डेटा अपडेट में अनियमितता दिखाई दे रही है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
पूरे राज्य में बढ़ता तनाव
जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ रही है, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है. कहीं झड़पें हो रही हैं, तो कहीं सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जा रही है. प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.
Mamata Banerjee First Statement : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के दौरान शुरुआती रुझानों में राजनीतिक तस्वीर बदलती नजर आ रही है. इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पहला सार्वजनिक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने मतगणना प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों को काउंटिंग हॉल में जाने से रोका जा रहा है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कई जगहों पर उनके समर्थकों को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है.
वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने जताई नाराजगी
मतगणना के बीच जारी किए गए वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने कहा कि कई विधानसभा क्षेत्रों में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं, लेकिन उनके अनुसार इन सीटों के रुझान पूरी तरह सामने नहीं लाए जा रहे हैं. उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्थिति पर नजर रखना जरूरी है. उन्होंने अपने उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मतगणना केंद्रों पर मौजूद रहें और अंतिम परिणाम आने तक प्रक्रिया न छोड़ें.
पहले ही दी गई थी सतर्क रहने की सलाह
मतगणना से पहले ही पार्टी नेतृत्व ने सभी उम्मीदवारों और पोलिंग एजेंट्स के साथ ऑनलाइन बैठक की थी. इस दौरान उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे मतगणना पूरी होने तक केंद्र से बाहर न जाएं और हर चरण पर नजर बनाए रखें. पार्टी ने इस चुनाव में मतगणना प्रक्रिया को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की रणनीति अपनाई थी.
सीटों के आंकड़ों को लेकर बढ़ी चर्चा
चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस ने 226 सीटों तक पहुंचने का दावा किया था, लेकिन शुरुआती रुझानों में यह स्थिति बदलती नजर आ रही है. कई क्षेत्रों में मुकाबला बीजेपी के पक्ष में जाता दिख रहा है, जबकि टीएमसी की बढ़त पहले की अपेक्षा कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है. इस बदलाव ने राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है.
राजनीतिक माहौल में बढ़ा तनाव
मतगणना के साथ ही राज्य का राजनीतिक माहौल काफी गरम हो गया है. एक तरफ जहां अलग-अलग दल अपनी-अपनी बढ़त का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है. स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हर राउंड के साथ समीकरण बदलते दिख रहे हैं.
Tamil Nadu Puducherry Election Results : तमिलनाडु और पुडुचेरी की सभी 264 विधानसभा सीटों पर जारी मतगणना ने शुरुआती चरण में ही सियासी तस्वीर बदल दी है. तमिलनाडु में जहां बहुमत का आंकड़ा 118 सीटों का है, वहीं शुरुआती रुझानों में एक्टर विजय की नई पार्टी टीवीके सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती दिख रही है. इसके चलते डीएमके को बड़ा झटका लगता नजर आ रहा है और वह तीसरे स्थान पर खिसकती दिख रही है. दूसरी ओर पुडुचेरी में सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन ने बढ़त बनाते हुए वापसी की मजबूत स्थिति हासिल कर ली है.
पार्टी
सीटों पर बढ़त
जीते
कुल
Tamilaga Vettri Kazhagam (तमिलगा वेत्री कड़गम)
106
AIADMK (अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम)
55
DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम)
53
1
54
Indian National Congress (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)
4
Bharatiya Janata Party (भारतीय जनता पार्टी)
1
अन्य
14
कुल सीटें
234
बहुमत का आंकड़ा
118
तमिलनाडु में टीवीके का बड़ा उभार, डीएमके को झटका
शुरुआती रुझानों में चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक टीवीके ने कई सीटों पर बढ़त बनाकर सबको चौंका दिया है. विभिन्न चरणों के आंकड़ों में पार्टी 98 से लेकर 108 सीटों तक आगे चलती दिखी है. इसके साथ ही एआईएडीएमके भी मजबूत स्थिति में नजर आ रही है, जबकि डीएमके पिछड़ती हुई दिखाई दे रही है. कुछ रुझानों में डीएमके की सीटें 35 से 41 के बीच सिमटती नजर आईं, जिससे उसके लिए चुनौती बढ़ गई है.
विजय के घर में जश्न, परिवार ने जताया भरोसा
टीवीके के प्रदर्शन के बीच एक्टर विजय के आवास पर जश्न का माहौल देखने को मिला. उनके परिवार ने शुरुआती रुझानों पर खुशी जताते हुए कहा कि जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है. उनके परिजनों ने भरोसा जताया कि विजय युवा नेतृत्व के रूप में राज्य में नई दिशा देंगे. इस दौरान घर में समर्थकों की भीड़ और उत्साह का माहौल बना रहा.
स्टालिन पीछे, कई सीटों पर कड़ा मुकाबला
राज्य के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन कोलाथुर सीट से शुरुआती रुझानों में पीछे चलने की खबर ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी. यहां टीवीके उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं. वहीं कई अन्य सीटों पर भी कांटे का मुकाबला जारी है, जहां रुझान लगातार बदल रहे हैं.
पुडुचेरी में एनडीए की मजबूत वापसी
पुडुचेरी में शुरुआती रुझानों में एनडीए गठबंधन ने बढ़त हासिल कर ली है. AINRC, बीजेपी और एआईएडीएमके मिलकर बहुमत के करीब नजर आ रहे हैं. शुरुआती आंकड़ों में AINRC सबसे आगे चल रही है, जबकि बीजेपी और अन्य सहयोगी दल भी बढ़त बनाए हुए हैं. कांग्रेस फिलहाल पिछड़ती दिखाई दे रही है.
टीवीके, एआईएडीएमके और डीएमके के बीच त्रिकोणीय मुकाबला
कुल रुझानों में तमिलनाडु में त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बनती दिख रही है. टीवीके जहां पहली बार चुनाव लड़ते हुए बड़ी ताकत बनकर उभरी है, वहीं एआईएडीएमके भी मजबूत वापसी करती दिख रही है. डीएमके के लिए यह रुझान चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि वह तीसरे स्थान पर खिसकती नजर आ रही है.
फिल्मी हलचल और राजनीतिक माहौल गर्म
रुझानों के बीच विजय के घर पर उत्सव का माहौल देखा गया, वहीं उनकी सह-कलाकार तृषा कृष्णन के पहुंचने से भी चर्चा तेज हो गई. दूसरी तरफ पूरे राज्य में मतगणना केंद्रों पर राजनीतिक दलों के समर्थकों की हलचल लगातार बढ़ती रही.
Kerala Elections Result : केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है. वाम लोकतांत्रिक मोर्चा की हार के बाद मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे उनका लगभग दस साल का कार्यकाल समाप्त हो गया. राजभवन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar ने इस्तीफा स्वीकार करते हुए नई व्यवस्था बनने तक उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार 140 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 102 सीटें हासिल कीं, जबकि एलडीएफ 35 सीटों तक सिमट गया.
एलडीएफ कैबिनेट को बड़ा झटका, कई मंत्री हारे चुनाव
चुनाव परिणामों में पिनरायी विजयन सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा. 21 सदस्यीय कैबिनेट में से केवल कुछ ही मंत्री अपनी सीट बचा सके. स्वास्थ्य मंत्री Veena George अरनमुला सीट से कांग्रेस उम्मीदवार Abin Varkey के हाथों 18,985 वोटों से हार गईं. इस मुकाबले में विजेता को 70,083 वोट मिले, जबकि वीना जॉर्ज को 51,098 वोट हासिल हुए. भाजपा नेता Kummanam Rajasekharan तीसरे स्थान पर रहे.
कई दिग्गजों को शिकस्त, मुकाबले में करीबी अंतर
देवस्वोम मंत्री V N Vasavan को एट्टुमानूर में कांग्रेस उम्मीदवार Nattakom Suresh ने 19,752 वोटों से हराया. शिक्षा मंत्री V Sivankutty ने नेमोम सीट पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष Rajeev Chandrasekhar को कड़ी टक्कर दी, लेकिन 3,500 से अधिक मतों से हार गए. परिवहन मंत्री K B Ganesh Kumar को कांग्रेस उम्मीदवार Jyoti Kumar Chamakala ने 8,310 वोट से पराजित किया. वहीं एलडीएफ के मंत्री Roshy Augustine इडुक्की सीट पर कांग्रेस के Roy K Paulose से 23,822 वोटों से हार गए.
यूडीएफ की वापसी, कांग्रेस ने जताया आभार
कांग्रेस ने चुनाव परिणामों को जनता का समर्थन बताते हुए कहा कि वह इस भरोसे पर खरा उतरने का प्रयास करेगी. पार्टी के वरिष्ठ नेता Jairam Ramesh ने कहा कि अन्य राज्यों के परिणाम अलग हो सकते हैं, लेकिन केरल में मिली सफलता महत्वपूर्ण है. उन्होंने संगठन को और मजबूत करने की बात कही.
धर्मदम से जीते विजयन, बीजेपी ने भी दर्ज की मौजूदगी
मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने धर्मदम सीट से 19,247 वोटों से जीत दर्ज की. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने दावा किया कि उनकी पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए के दो उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है.
पुथुपल्ली में चांडी ओमन की बड़ी जीत
पुथुपल्ली सीट से कांग्रेस नेता Chandy Oommen ने 52,907 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की. उन्होंने माकपा उम्मीदवार K M Radhakrishnan को हराया. चुनाव आयोग के अनुसार ओमन को 84,031 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 31,124 मत प्राप्त हुए.
केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य में बड़ा राजनीतिक बदलाव तय कर दिया है जहां यूडीएफ ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया और एलडीएफ को करारी हार का सामना करना पड़ा. पिनरायी विजयन के इस्तीफे के साथ एक दशक लंबा शासन समाप्त हो गया और कई दिग्गज मंत्रियों की हार ने चुनावी तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया. कांग्रेस ने इस जीत को जनता के भरोसे का परिणाम बताते हुए नई सरकार के जरिए अपेक्षाओं पर खरा उतरने की बात कही.
शुरुआती रुझानों पर सीपीआई(एम) की प्रतिक्रिया
सीपीआई(एम) महासचिव एम ए बेबी ने शुरुआती रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी जो आंकड़े सामने आए हैं, वे केवल प्रारंभिक हैं और अंतिम तस्वीर इससे अलग हो सकती है. उन्होंने कहा कि भले ही यूडीएफ इस समय आगे दिख रहा हो, लेकिन मतगणना आगे बढ़ने पर स्थिति बदलने की संभावना बनी हुई है. एम ए बेबी ने यह भी दावा किया कि एलडीएफ सरकार के कार्यकाल में केरल ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं और राज्य में चरम गरीबी लगभग समाप्त हो चुकी है.
कितने सीट पर कौन आगे
आगे
जीते
LDF
42
0
UDF
94
1
NDA
1
0
OTH
2
0
सीटों पर शुरुआती मुकाबला
शुरुआती रुझानों के बीच कई सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है. उत्तर परवूर सीट पर कांग्रेस नेता वी. डी. सतीशन, माकपा उम्मीदवार ई. टी. टायसन से पीछे चल रहे हैं. वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने धर्मदम सीट पर शुरुआती पिछड़ने के बाद 1,500 से अधिक वोटों की बढ़त हासिल कर ली है, जिससे उनके खेमे में राहत देखी जा रही है.
कांग्रेस की रणनीति और नेतृत्व की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि इस समय सबसे जरूरी बदलाव सरकार का होना है और नीतियों में सुधार लाकर केरल को आगे बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने आर्थिक स्थिति सुधारने, निवेश बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को ऐसा वातावरण चाहिए जहां युवाओं को बाहर जाने की मजबूरी न हो. इस बीच के. सी. वेणुगोपाल के तिरुवनंतपुरम स्थित घर पर गतिविधियां तेज हो गईं और उनके जल्द ही केपीसीसी कार्यालय जाने की संभावना है, जहां कार्यकर्ताओं की हलचल बढ़ गई है.
एनडीए और अन्य दलों का दावा
एलडीएफ ने भी अपनी जीत को लेकर भरोसा जताया है. संयोजक टीपी रामकृष्णन ने कोझिकोड काउंटिंग सेंटर पर कहा कि वह पेराम्ब्रा सीट से जीत दर्ज करेंगे. वहीं बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पी. के. कृष्णदास ने दावा किया कि इस बार पार्टी को कई सीटों पर सफलता मिल सकती है और केरल में त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बन रही है, जिसमें एनडीए भी महत्वपूर्ण भूमिका में रहेगा.
#WATCH | Delhi: On early trends of election results, CPI(M) General Secretary MA Baby says, “These are just early trends. Even though UDF has an edge right now, we hope this will be reversed in the ensuing rounds. Because, under LDF, Keralam became the only Indian state from… pic.twitter.com/6LFX2l4O3d